रामकुमार भारद्वाज फैन क्लब

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30/05/2025

कोल जन संवाद कार्यक्रम
माननीय सांसद श्री सतीश गौतम जी के जनता चौपाल के दिनांक 1जून रविवार के कार्यक्रम निम्नानुसार रहेंगे

1जून रविवार
सुबह 11बजे ईसनपुर
व्यवस्था दायित्व में तुलसीराम सिसोदिया ओर गुलशन सिसोदिया ओर विजय दुबे जी,सुधीर दुबे जी
सत्यदेव दुबे जी

1जून रविवार
सुबह 11.30बजे पानखानी
व्यवस्था में श्याम सारस्वत, पंकज सारस्वत सीनियर ,पंकज जूनियर

1जून रविवार
सुबह 12बजे रुस्तमपुर
व्यवस्था में सत्यवीर सिंह
जयवीर सिंह, संदीप सिंह

1जून रविवार
दोपहर 1बजे गजनीपुर
व्यवस्था में डॉ अशोक सिंह, श्री देवराज सिंह, भानुप्रताप चिंटू

1जून रविवार
दोपहर 1.30बजे मूसेपुर
व्यवस्था में अमित सिंह ,जितेंद्र सिंह, रजनीश सिंह चौहान

1जून रविवार
दोपहर 2 बजे गडराना
व्यवस्था में फौजी मानपाल सिंह, सत्यवीर सिंह, डॉ प्रमोद शर्मा ,सतीश सिंह

1जून रविवार
दोपहर 2.30बजे कमालपुर
व्यवस्था में युधिष्ठिर सिंह और श्यौराज सिंह जी

सभी व्यवस्थापकों से निवेदन है कि निज ग्रामों में जन सूचना जन उद्देश्यों हेतु जनता का संवाद सुनिश्चित करें और जनता की समस्याओं सुझावों से अवगत कराएं

साभार सहित
सांसद कार्यालय अलीगढ़ से
रामकुमार भारद्वाज
कोल विधान सभा क्षेत्र
#राजनाथसिंह

06/09/2024

चुनावी चक्कलस में मेरा मत है कि प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में स्थानीय को ही टिकट मिले , दुसरी विधान सभाओं के लोगों को अन्य में लड़ना निसंदेह स्थानीय लोगों को कष्ट देता है और समस्याएं यथावत रहती हैं।
पैराशूट प्रत्यासी सदैव जनता की मूल समस्याओं से अनभिज्ञ रहते हैं जिसका खामियाजा संगठन और पार्टी को भुगतना पड़ता है

सभी विधान सभा में स्थानीय ही लड़ें चुनाव , पैराशूट प्रत्यासी घातक सिद्ध होंगे।
मूल निवासी को प्राथमिकता मिलनी ही चाहिए ।

02/09/2024

Namaskar 🙏🏻
I have become a primary member under the BJP's Primary Membership Campaign. You can also join through my referral link.

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Thank you🪷🪷

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01/09/2024

तीखी मिर्ची अलीगढ़ से

मित्रों लोकसभा चुनावों की समाप्ति के साथ ही उप चुनाव की आहट में भी हमारी पार्टी भाजपा में खैर में खटपट सुनाई दे रही है!!

निष्ठावान जिताने के लिए तो खुन्नस वाले हराने के मूक मिशन में होंगे!!

एक सवाल तो है कि अलीगढ़ भाजपा में गुटबाजी है जिसे संगठन भी देख समझ रहा है लेकिन कठोर निर्णय दिखाई नहीं देता!!

कहीं यह कद्दावर और दद्दावर की कहानी में गुगली गुत्थी में उलझी मिस्ठी तो नहीं!!!

उप चुनाव खैर से बहुत कुछ विधान सभा चुनाव 2027 की पटकथा लिखी जाएगी,संगठन को चाहिए वर्षों से विभिन्न पदों पर जमे बैठे अथवा घुमफिर कर पुनः पुनः आसन ग्रहण करने वाले चुनिंदा लोगों के बजाय अनुभव के साथ जोशीले कार्यकर्ताओं को संगठन में समायोजित करें जिससे असंतोष की छाया से निकलकर संतोष की माया संगठन प्राप्त करे।

एक बात और प्रत्येक विधान सभा में स्थानीय लोगों को टिकिट का दावेदार बनाया जाय क्योंकि उनका हक बनता है, इस बार बाहरी या अन्य विधान सभा क्षेत्र के लोगों को टिकिट देना भारी पड़ सकता है।

कोल विधान सभा एक ऐसी विधान सभा है जिस पर आज तक किसी स्थानीय को अपवाद स्वरूप ही टिकिट मिली!!

लेकिन इस बार स्थितियां अलग हैं और कोल के स्थानीय दावेदार भी कई लोग हैं अतः बाहरी लोग अपना सिर और पैर न फसाएं क्योंकि अब जनता संगठन की नही अपनी मंशा से चलती दिख रही है!!

परिवर्तन की स्थिति में जिस विधान सभा का चुनाव है उसी से प्रत्यासी दिए जाएं यदि ऐसा नही होता है तब स्थानीय लोगों का असंतोष कहीं न कहीं समर्थकों को शांति और मोन की तरफ ले जायेगा और ऐसा लोकसभा चुनाव में देख चुके हैं।

स्थानीय लाओ, बाहरी भगाओ

08/08/2024

भारत में हिंदुओं के लिए एकमात्र विकल्प भाजपा और यह सिर्फमोदी के वश की बात है।

01/08/2024

उस पांच सितारा ऑडिटोरियम के बाहर प्रोफेसर साहब की आलीशान कार आकर रुकी , प्रोफेसर बैठने को हुए ही थे कि एक सभ्य सा युगल याचक दृष्टि से उन्हें देखता हुआ पास आया और बोला ," साहब , यहां से मुख्य सड़क तक कोई साधन उपलब्ध नही है , मेहरबानी करके वहां तक लिफ्ट दे दीजिए आगे हम बस पकड़ लेंगे । "

रात के साढ़े ग्यारह बजे प्रोफेसर साहब ने गोद मे बच्चा उठाये इस युगल को देख अपने "तात्कालिक कालजयी" भाषण के प्रभाव में उन्हें अपनी कार में बिठा लिया । ड्राइवर कार दौड़ाने लगा ।

याचक जैसा वह कपल अब कुटिलतापूर्ण मुस्कुराहट से एक दूसरे की आंखों में देख अपना प्लान एक्सीक्यूट करने लगा । पुरुष ने सीट के पॉकेट मे रखे मूंगफली के पाउच निकालकर खाना शुरू कर दिया बिना प्रोफेसर से पूछे /मांगे ।
लड़की भी बच्चे को छोड़ कार की तलाशी लेने लगी ।एक शानदार ड्रेस दिखी तो उसने झट से उठा ली और अपने पर लगा कर देखने लगी ।
प्रोफेसर साहब अब सहन नही कर सकते थे ड्राइवर से बोले गाड़ी रोको ,लेकिन ड्राइवर ने गाड़ी नही रोकी बस एक बार पीछे पलटकर देखा , प्रोफेसर को झटका लगा ,अरे ये कौन है उनके ड्राइवर के वेश में ?? वे तीनों वहशियाना तरीके से हंसने लगे , प्रोफेसर साहब को अपने इष्टदेव याद आने लगे ,थोड़ा साहस एकत्रित करके प्रोफेसर साहब ने शक्ति प्रयोग का "अभ्यासहीन " प्रयास करने का विचार किया लेकिन तब तक वह पुरुष अपनी जेब से एक लाइटर जैसा पदार्थ निकाल चुका था और उसका एक बटन दबाते ही 4 इंच का धारदार चाकू बाहर आ चुका था प्रोफेसर साहब की क्रांति समयपूर्व ही गर्भपात को प्राप्त हुई ।

प्रोफेसर साहब समझ चुके थे कि आज कोई बड़ी अनहोनी निश्चित है उन्होंने खुद ही अपना पर्स निकालकर सारे पैसे उस व्यक्ति के हाथ में थमा दिये लेकिन वह व्यक्ति अब उनके आभूषणों की तरफ देखने लगा, दुखी मन से प्रोफेसर साहब ने अपनी अंगूठियां ,ब्रेसलेट और सोने के चेन उतार के उसके हाथ में धर दिए , अब वह व्यक्ति उनके गले में एक और लॉकेट युक्त चैन की तरफ हाथ बढ़ाने लगा । प्रोफेसर साहब याचना पूर्वक बोले - इसे छोड़ दो प्लीज यह मेरे "पुरुखों की निशानी " है जो कुल परंपरा से मुझ तक आई है , इसकी मेरे लिए अत्यंत भावनात्मक महत्ता है । लेकिन वह लुटेरा कहां मानने वाला था उसने आखिर वह निशानी भी उतार ही ली ।
बिना प्रोफ़ेसर साहब के पता बताएं वे लोग उनके आलीशान बंगले के बाहर तक पहुंच गए थे ।
युवक बोला ," लो आ गया घर , ऐसे ढेर सूखे मेवे , कपड़े , पैसा और प्रोफेसर साहब की ल.......
उसकी आँखों मे आई धूर्ततापूर्ण बेशर्म चमक ने शब्द के अधूरेपन को पूर्णता दे दी ।

प्रोफेसर साहब अब पूरे परिवार की सुरक्षा एवं घर पर पड़े अथाह धन-धान्य को लेकर भी चिंतित हो गये उनका रक्तचाप उछाले मारने लगा लेकिन करें भी तो क्या ??
लगे गिड़गिड़ाने ," भैया मैंने आपको आपत्ती में देखकर शरण दी और आप मेरा ही इस तरह शोषण कर रहे हैं यह अनुचित है । ईश्वर का भय मानिए यह निर्दयता की पराकाष्ठा है ।अब तो छोड़ दीजिए मुझे भगवान के लिए ।
प्रोफेसर फूट फूट कर रोने लगे ।।

वे पति पत्नी अपना बच्चा लेकर कार से उतर गये और वह ड्राइवर भी , उनके द्वारा लिया गया सारा सामान उन्होंने वापस प्रोफेसर साहब के हाथ में पकड़ाया और बोले

" क्षमा कीजिएगा सर ! रोहिंग्या मुसलमानों के विषय मे शरणागत वत्सलता पर आज आपके द्वारा उस ऑडिटोरियम मे दिए गए "अति भावुक व्याख्यान" का तर्कसंगत शास्त्रीय निराकरण करने की योग्यता हममें नहीं थी अतः हमें यह स्वांग रचना पड़ा ।
"आप जरा खुद को भारतवर्ष और हमें रोहिंग्या समझ कर इस पूरी घटना पर विचार कीजिए और सोचिये की आपको अब क्या करना चाहिए इस विषय पर । "

वो मूंगफली नही इस देश का अथाह प्राकृतिक संसाधन है जिसकी रक्षार्थ यंहा के सैनिक अपना उष्ण लाल लहू बहाकर करते है सर , मुफ्त नही है यह ।
वो आपकी बेटी/बेटे की ड्रेस मात्र कपड़ा नही है इस देश के नागरिकों के स्वप्न है भविष्य के जिसके लिए यंहा के युवा परिश्रम का पुरुषार्थ करते है ,मुफ्त नही है यह ।
आपकी बेटी / पत्नी मात्र नारी नही है देश की अस्मिता है सर जिसे हमारे पुरुखों ने खून के सागर बहा के सुरक्षित रखा है , खैरात में बांटने के लिए नही है यह ।
आपका ये पर्स अर्थव्यवस्था है सर इस देश की जिसे करोड़ो लोग अपने पसीने से सींचते है , मुफ्त नही है यह ।

और आपके पुरुखों की निशानी यह चैन मात्र सोने का टुकड़ा नही है सर , अस्तित्व है हमारा , इतिहास है इस महान राष्ट्र का जिसे असंख्य योद्धाओ ने मृत्यु की बलिवेदी पर ढेर लगाकर जीवित रखा है , मुफ्त तो छोड़िए इसे किसी ग्रह पर कोई वैज्ञानिक भी उत्पन्न नही कर सकते ।

कुछ विचार कीजिये सर ! कौन है जो खून चूसने वाली जोंक को अपने शरीर पर रहने की अनुमति देता है , एक बुद्धिहीन चौपाया भी तत्काल उसे पेड़ के तने से रगड़ कर उससे मुक्ति पा लेता है ।

उस युवक ने वह लाइटर जैसा रामपुरी चाकू प्रोफेसर साहब के हाथ में देते हुए कहा यह मेरी प्यारी बहन जो आपकी पुत्री है उसे दे दीजिएगा सर क्योंकि अगर आप जैसे लोग रोहिंग्या को सपोर्ट देकर इस देश में बसाते रहे तो किसी न किसी दिन ऐसी ही किसी कार में आपकी बेटी को इसकी आवश्यकता जरूर पड़ेगी

#बांग्लादेशीऔर रोहिंग्या को देश से निकालो....!!

25/07/2024

एक विश्लेषण चुनावी 2024का कटु सत्य
मित्रों भाजपा 2024में यूपी राजस्थान और बंगाल में चुनाव हारी ही है बल्कि निचले स्तर पर पहुंच गई है।

विधान सभा क्षेत्र वार देखें तो यूपी में सरकार बनाने लायक बहुमत नही मिला है !!

सबसे ज्यादा भीतरघात विधायकों और पार्टी के बड़े पदाधिकारियों ने ही की है।

जातीय समीकरण में देखें तो पार्टी द्वारा दलित पिछड़े समाजों की अति चिंता से सवर्ण जातियों में हीनता उत्पन्न हुई है जिसने 30%वोट सपा कांग्रेस को ट्रांसफर किया है!

लेकिन फिर भी पार्टी सवर्णों की समस्याओं पर ध्यान न देकर पुरानी परिपाटी पर दौड़ती नजर आ रही है !!
किसी भी बड़े नेता ने नैतिक जिम्मेदारी नही ली और न पद छोड़ा है!!

सब चिपके हुए हैं अपने अपने लाभ में!!
कैसी होगी विसात 2027 की
बदलाव होंगे या पुराने आयेंगे और फिर धड़ाम सेंसेक्स की तरह बरसात !!

अभी कार्यकर्ता मुखर बोल रहा है फिर तौल भी देगा बिना बांट के!!

25/07/2024

तीखी मिर्ची अलीगढ़ से
वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता यदि किसी विधान सभा क्षेत्र में सक्रिय हो जाय बस वर्तमान जन प्रतिनिधि उसको ही आगामी दावेदार समझकर हिल जाते हैं
शायद उनका आत्मविश्वास खुद का नही बल्कि पार्टी की नाव पर सवार होकर कायम है!!

इस बार नाव नही खुद की पतवार ही काम आयेगी और इसमें कार्यकर्ता पार भी लगाएंगे और डुबो भी देंगे !!

इसलिए कार्यकर्ताओं का अपमान मत करो उनका सम्मान करो नही तो धुल जाओगे वोट की ताकत से !!

विजय अभियान में खुद के काम और कार्यकर्ता की मेहनत ही गुगली है नही तो सूखे पेड़ की मुगोली बनकर भुला दिए जाओगे!

कार्यकर्ताओं से हिंसा करवाने वाले जन प्रतिनिधिगण तो अब रिपीट होने के ख्वाब ही देखें क्योंकि उनकी खतरे की घंटी टांग दी गई है !

जितना कार्यकर्ताओ से करोगे द्वेष उतना बडेगा विद्वेष!!
जय श्री राम
जय भाजपा तय भाजपा
चुनाव 2027

24/07/2024

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