31/05/2025
Azeem khan
AIMIM worker
31/05/2025
आ जाओगे हालात की ज़द में जो किसी दिन
हो जाएगा मालूम ,,, खुदा اللّٰہُ है के नहीं है !!
फजर की नमाज बा-जमाअत पढ़ने वाले जब हश्र के मैदान में पुल-सीरत को जाएंगे और एक-एक कदम रखेंगे अल्लाह ﷻ उनकी क़दमों में रोशनी अदा करेगा
:- बैरिस्टर Asaduddin Owaisi साहब!?
07/01/2025
दो चार जीत गये कहने वालों यह होता देख लो हुकूमते वक्त से अपनी बात मनवाने के लिये ख़ुद का सियासी प्लेटफार्म होना ज़रूरी है वरना विधायक तो यूपी में भी मुसलमान दर्जन से ज़्यादा हैं लेकिन औक़ात सिर्फ़ उदघाटन दावत इसके इलावा कुछ नहीं बहुत आगे निकले तो किसी मुशायरा में मुख्य अतिथि
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