24/02/2026
आज पूरे दृढ़ संकल्प और जिम्मेदारी के साथ यह कहना चाहता हूँ कि मैं बिहार सरकार के उस निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ, जिसमें डीजे के साथ-साथ आर्केस्ट्रा को भी पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया गया है।
यह फैसला केवल मनोरंजन पर रोक नहीं है,
बल्कि यह उन हजारों गरीब, मेहनतकश कलाकारों, वाद्ययंत्र बजाने वालों, गायक-वादकों और उनके परिवारों के रोज़गार पर सीधा हमला है।
जो लोग कला और संगीत के सहारे अपनी आजीविका चलाते हैं,
उनकी आवाज़ को बिना सुने लिया गया ऐसा निर्णय अन्यायपूर्ण और असंवेदनशील है।
हम कानून, शांति और सामाजिक मर्यादा के पक्षधर हैं,
लेकिन पूरे समुदाय को दंडित करना समाधान नहीं हो सकता।
यदि कहीं गलतियाँ हो रही हैं, तो उन्हें सुधारने का रास्ता निकाला जाए,
न कि गरीबों की थाली छीन ली जाए।
मैं स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूँ —
समाज जो भी सामूहिक और लोकतांत्रिक निर्णय लेगा,
मैं उसके साथ पूरी तत्परता, मजबूती और ईमानदारी से खड़ा रहूँगा।
हमारा संघर्ष संविधान, इंसानियत और न्याय के रास्ते पर होगा।
हम झुकेंगे नहीं, डरेंगे नहीं,
बल्कि शांति, एकता और संगठन के साथ
अपने हक़ और सम्मान की लड़ाई लड़ेंगे।
रविदास एकता मिशन
01/02/2026
🌸 प्रभात फेरी – सफल आयोजन की झलकियाँ 🌸
परमज्ञानी, सामाजिक परिवर्तन के महानायक
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी
की पावन जयंती के अवसर पर आयोजित
प्रभात फेरी
आप सभी के सहयोग, सहभागिता और अनुशासन से
🙏 भव्य, शांतिपूर्ण एवं ऐतिहासिक रूप से सफल रही। 🙏
गुरु वाणी, जयकारों और भाईचारे की भावना से
पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
यह आयोजन समाज में समता, एकता और मानवता
का सशक्त संदेश देने में सफल रहा।
इस पावन अवसर पर
सभी सम्मानित ग्रामवासियों,
युवा साथियों, माताओं-बहनों,
कार्यकर्ताओं एवं आयोजन समिति के
समस्त सदस्यों को
हृदय से कोटि-कोटि धन्यवाद व आभार।
✨ मन चंगा तो कठौती में गंगा ✨
🙏 जय गुरु रविदास जी 🙏
आयोजक :
रविदास एकता मिशन
01/02/2026
रविदास जयंती के पावन अवसर पर संदेश! 🙏✨प्रिय रविदास एकता मिशन परिवार और समस्त भाइयों-बहनों,
आज संत गुरु रविदास जयंती का यह पावन पर्व हमें एक बार फिर उनके अमर संदेश की याद दिलाता है—"मन चंगा तो कठौती में गंगा"! रविदास जी ने जाति-धर्म की सीमाओं को तोड़कर समानता, भक्ति और सेवा का संदेश दिया। वे चमड़े के जूते बनाने वाले एक साधारण कारीगर थे, लेकिन उनके विचारों ने राजाओं को झुकाया और दुनिया को प्रेरित किया।हमारा रविदास एकता मिशन संगठन इसी संदेश को आगे बढ़ा रहा है। हम एकजुट होकर समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्यरत हैं—शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक न्याय के लिए। इस जयंती पर संकल्प लें:जातिवाद उन्मूलन के लिए संघर्ष करें।गरीब-वंचितों की सेवा करें।एकता की मशाल जलाए रखें!रविदास जी के वचनों से प्रेरित होकर, आइए हम सब मिलकर एक समरस समाज का निर्माण करें। जय रविदास! जय एकता मिशन! जय भारत! 🇮🇳 #संतरविदास #जयरविदास(रविदास एकता मिशन संगठन - एकता में शक्ति!)
26/01/2026
गणतंत्र दिवस की शुभ अवसर पर सभी सम्मानित साथियों का हार्दिक शुभकामनाएं।
17/01/2026
समाज टूटता नहीं है, तोड़ा जाता है।
क्या आप भी यह महसूस करते हैं?
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16/01/2026
रविदास एकता मिशन की सामाजिक बैठक संपन्न💐💐
रविदास एकता मिशन की एक महत्वपूर्ण सामाजिक बैठक आयोजित की गई। जिसमे धनकौल पंचायत अंतर्गत आलापुर वार्ड संख्या 11 , 05 और पकठौल पंचायत वार्ड संख्या 07 में शुक्रवार 16/01/2026 को बैठक में समाज की एकता, संगठन और उत्थान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
वक्ताओं ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए समाज को संगठित होकर
अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
बैठक की अध्यक्षता आलापुर निवासी आदरणीय सुरेन्द्र जी ने की।
उनके मार्गदर्शन में बैठक शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती के लिए
शिक्षा, संगठन और संघर्ष ही सबसे बड़ा माध्यम है।
इस अवसर पर रविदास समाज के अनेक सम्मानित लोग उपस्थित रहे।
सभी ने एकजुट होकर समाज को आगे बढ़ाने और
रविदास एकता मिशन को मजबूत करने का संकल्प लिया।
15/01/2026
🌺 श्रद्धांजलि : दशरथ मांझी — संघर्ष का संविधानिक प्रतीक 🌺
(रविदास एकता मिशन)
दशरथ मांझी जी केवल एक व्यक्ति नहीं थे,
वे बहुजन समाज की अस्मिता, आत्मसम्मान और अदम्य साहस का जीवंत उदाहरण थे।
जहाँ व्यवस्था ने रास्ता नहीं दिया,
वहाँ उन्होंने पहाड़ काटकर रास्ता बनाया।
यह सिर्फ एक सड़क नहीं थी—
यह संविधान में निहित न्याय, समानता और मानव गरिमा की घोषणा थी।
डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को
दशरथ मांझी जी ने किताबों में नहीं,
अपने खून-पसीने से जमीन पर उतारा।
रविदास एकता मिशन ऐसे महापुरुष को
नमन करता है,
जिन्होंने सिखाया कि
संघर्ष व्यक्तिगत नहीं, सामाजिक मुक्ति का माध्यम होता है।
हमारी सच्ची श्रद्धांजलि यही है—
शिक्षित बनें • संगठित रहें • संघर्ष करें
और संविधान के रास्ते पर अडिग रहें।
🙏 विनम्र श्रद्धांजलि
जय संविधान ✊
जय बहुजन ✊
जय रविदास एकता मिशन
#श्रद्धांजलि
#संविधान_की_ताकत
#बहुजन_गौरव
13/01/2026
रविदास एकता मिशन – संगठन की ओर एक मजबूत कदम ✊
आज रविदास एकता मिशन की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें गेन्हरपूर पंचायत से आए दो जागरूक साथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। रतनपुर बेगूसराय
बैठक में समाज को शिक्षा, संगठन और संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ाने हेतु रविदास एकता मिशन का सशक्त संगठन निर्माण कैसे किया जाए, इस पर गहन और सार्थक चर्चा हुई।
यह बैठक सिर्फ चर्चा नहीं थी,
यह समाज की एकता, चेतना और भविष्य की नींव रखने का संकल्प था।
👉 जब समाज संगठित होगा, तभी अधिकार सुनिश्चित होंगे।
शिक्षित बनो | संगठित रहो | संघर्ष करो
03/01/2026
🌺 सावित्रीबाई फुले: संघर्ष, शिक्षा और समानता की अमर ज्योति 🌺
जब समाज अंधकार में डूबा था,
जब बेटियों के हाथ में किताब नहीं,
और पैरों में बेड़ियाँ थीं —
तब एक नारी उठी…
जिसका नाम था सावित्रीबाई फुले।
सावित्रीबाई फुले केवल एक शिक्षिका नहीं थीं,
वह शोषित, वंचित, दलित और स्त्रियों की आवाज़ थीं।
पत्थर मारे गए, गालियाँ दी गईं,
लेकिन उन्होंने कलम नहीं छोड़ी,
क्योंकि उन्हें पता था —
शिक्षा ही मुक्ति का रास्ता है।
उन्होंने बेटियों को पढ़ाया,
विधवाओं को सम्मान दिया,
दलितों को इंसान होने का हक़ दिलाने के लिए
समाज से अकेले टकराईं।
जिस दौर में नारी को
घर की चार दीवारों में कैद किया जाता था,
उस दौर में सावित्रीबाई फुले
ज्ञान की मशाल लेकर
सड़कों पर निकलीं।
👉 रविदास एकता मिशन संगठन
उनके विचारों को नमन करता है —
क्योंकि गुरु रविदास जी और सावित्रीबाई फुले
दोनों का सपना एक ही था —
जाति-विहीन, शोषण-मुक्त और समान समाज।
आज अगर हम पढ़ पा रहे हैं,
आवाज़ उठा पा रहे हैं,
तो उसमें सावित्रीबाई फुले के
त्याग, संघर्ष और साहस की छाया है।
🙏 नमन है उस माँ को
जिसने समाज को नई सोच दी,
नई दिशा दी
और समानता का रास्ता दिखाया।
सावित्रीबाई फुले अमर रहें ✊
रविदास एकता मिशन ज़िंदाबाद ✊