Ramesh kumar bishnoi

Ramesh kumar bishnoi

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पर्यावरण प्रेमी (जीव रक्षा)

15/04/2026

खामोशी में ही सुकून का ठिकाना मिलता है,
भीड़ में भी खुद से मिल जाना मिलता है।
हर शोर थम जाता है इसके आगे,
यहीं दिल को असली बहाना मिलता है।

04/04/2026

Yarana 😍❤️

01/04/2026

हम न बदलेंगे वक्त की रफ़्तार के साथ..

ए दोस्त' जब भी मिलेंगे अंदाज़ वही पुराना होगा !🫵

30/03/2026
22/02/2026

बीकानेर से बङी खबर
रणजीतपुरा बालिका हत्याकांड में बड़ा अपडेट,
ग्रामीण और परिजन ने घटनास्थल से शव उठाने की दी सहमति,
पुलिस शव को लेकर बज्जू मोर्चरी के लिए हुई रवाना,
ग्रामीणों ने किया स्पष्ट - केवल शव मोर्चरी में किया गया है शिफ्ट, आगे की प्रक्रिया पर किया जाएगा विचार।

07/07/2025

सोच(Think)‘ खूबसूरत हो तो सब कुछ अच्छा नज़र आता हैं🥰

Photos from Ramesh kumar bishnoi's post 27/04/2025

खुशहाली और समृद्धि की कामना के साथ सभी अन्नदाताओ किसान भाइयों को #हाली_अमावस्या #किसानबीज #अखातीज की बधाई व शुभकामनाएं।

आने वाला वर्ष आप के लिए धन-धान्य, सुख व स्वास्थ्य से भरपूर रहे ऐसी ईश्वर से प्रार्थना है।
#भगवान के बाद इस संसार मे कोई विधाता है तो वो #किसान।
प्यारे किसान भाइयों गर्मी ने इस बार सारा रिकॉर्ड तोड दिया है
इस #धूप में बार-बार प्यास लगना स्वाभाविक है।कई पक्षी तो केवल गर्मी और प्यास के चलते अपना ोड़ देते हैं।गर्मी के मौसम में #घर के बाहर, #छत पर या #बालकनी में पक्षियों के लिए #दाना_पानी जरूर #रखना चाहिए, ताकि उन बेजुबान पक्षियों को भी दाना, पानी मिल सके इस से बेहतर कोई पुण्य नहीं हो सकता है ओर ऐसा अवसर हमेशा नहीं मिलता है

#हाली_अमावस्या
#किसानबीज
#अखातीज
#पक्षियों के लिए #पानी
*रमेश बिश्नोई (पर्यावरण प्रेमी)*
8769941250

27/03/2025

एक नौजवान, एक किसान की बेटी से शादी करने की इच्छा लेकर किसान के पास पहुँचा।

किसान ने गौर से उसकी ओर देखा और मुस्कुराते हुए कहा,

"शादी हो सकती है, लेकिन एक शर्त है। अगर तुम इसे पूरा कर सको, तो मेरी बेटी तुम्हारी होगी।"

युवक ने उत्सुकता से पूछा, "क्या शर्त है?"

किसान ने समझाया,

"तुम मेरे खेत में जाओ। मैं तीन बैल छोड़ूँगा—अगर तुम इनमें से किसी भी एक की पूँछ पकड़ लो, तो मेरी बेटी से तुम्हारी शादी पक्की!"

युवक को चुनौती रोमांचक लगी, और वह खुशी-खुशी खेत में जा खड़ा हुआ।

पहला दरवाजा खुला…

जैसे ही किसान ने दरवाजा खोला, एक बेहद विशाल और खतरनाक बैल गरजता हुआ बाहर आया। युवक डर के मारे एक ओर हट गया और सोचने लगा, "चलो, अगला बैल सही रहेगा!"

दूसरा दरवाजा खुला…

इस बार पहले से भी ज़्यादा भयंकर बैल निकला। युवक के पसीने छूट गए! उसने फिर फैसला किया, "इससे भी बचना ही बेहतर है। तीसरे बैल का इंतज़ार करता हूँ!"

तीसरा दरवाजा खुला…

अब युवक के चेहरे पर मुस्कान आ गई। इस बार एक कमजोर, मरियल सा बैल निकला। उसने खुशी-खुशी अपनी मुद्रा बनाई, कमर कसी और पूँछ पकड़ने को तैयार हो गया।

लेकिन… इस बैल की पूँछ ही नहीं थी!

युवक ने अपना सिर पकड़ लिया। अब पछताने के अलावा कोई चारा नहीं था। खाली हाथ उसे लौटना पड़ा।

सीख :-

ज़िन्दगी अवसरों से भरी हुई है—कुछ आसान, कुछ कठिन। लेकिन अगर आप पहला अवसर गँवा देते हैं, तो जरूरी नहीं कि दूसरा या तीसरा आपके लिए सही हो। इसलिए, जो भी मौका मिले, उसे तुरंत पकड़ने की कोशिश करें!

बाकी आपकी समझदारी।।

#हिंदी
#कहानियां
#कहानी
#साहित्य

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