04/12/2024
दरभंगा: इसमाद फाउंडेशन द्वारा गोविंद चौधरी की स्मृति में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन रामपुरडीह में किया गया। “ग्रामीण परिवेश में स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता को देखते हुए इसमादव ने ‘12 माह 12 कैम्प’ पहल के अंतर्गत यह तीसरा कैम्प आयोजित किया। शिविर में अप्रत्याशित भीड़ रही और सभी लाभार्थियों को उचित चिकित्सा सेवाएं एवं दवाइयाँ प्रदान की गईं।
07/11/2024
आप सबो को लोक आस्था के महापर्व छठ का हार्दिक शुभकामनाएँ॥
जय छठी मैया 🙏🏼
31/10/2024
🪔 आप सबो को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ 🪔
28/10/2024
दरभंगा: इसमाद फाउंडेशन द्वारा शशि भूषण कुमार सिन्हा की स्मृति में निःशुल्क दंत चेकअप शिविर का आयोजन शिशो पंचायत भवन में किया गया।
शिविर का उद्घाटन करते हुए प्रसिद्ध दंत चिकित्सक डॉ. अंजु ने मरीजों की जांच की। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने अपने दांतों की जांच कराई और सभी को मुफ्त दवाइयाँ भी दी गईं।
डॉ. अंजु ने मरीजों के दांतों की समस्याओं का गंभीरता से निरीक्षण करते हुए जागरूकता की कमी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कैम्प में आए सभी लोगों को दांतों की देखभाल में लापरवाही के संभावित परिणामों से अवगत कराया, और नियमित दंत स्वास्थ्य की महत्ता पर जोर दिया।
शिशो पंचायत के मुखिया, अजय कुमार ठाकुर ने फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी होती है। इस प्रकार के शिविर से न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ती है, बल्कि लोगों को सस्ती और प्रभावी चिकित्सा सेवाएं भी मिलती हैं।”
कार्यक्रम के संयोजक, अभिनव सिन्हा ने कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वस्थ मुस्कान प्रदान करना था और इस दिशा में यह शिविर एक महत्वपूर्ण कदम है।
राहुल कुमार ने बताया कि इस तरह के शिविरों से गरीब और जरूरतमंदों को अत्यधिक लाभ मिलता है, और वे अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं।
अभिमन्यु कुमार ने शिविर में आए डॉक्टरों और अतिथियों का स्वागत पौधा देकर किया, जो पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश था।
कार्यक्रम समन्वयक, संतोष चौधरी ने बताया कि “ग्रामीण परिवेश में स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता को देखते हुए हमने ‘12 माह 12 कैम्प’ पहल के अंतर्गत दूसरा कैम्प आयोजित किया। शिविर में अप्रत्याशित भीड़ रही और सभी लाभार्थियों को उचित चिकित्सा सेवाएं एवं दवाइयाँ प्रदान की गईं।”
04/10/2024
इसमाद की मुहिम का असर, दरभंगा के विंटेज स्टीम रोड रोलर का जल्द होगा संरक्षण: प्रेम कुमार
दरभंगा के गंगासागर तालाब के पास वर्षों से उपेक्षित अवस्था में पड़े ऐतिहासिक विंटेज रोड रोलर को जल्द ही संरक्षित किया जायेगा। दरभंगा सड़क निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रेम कुमार ने यह आश्वासन इसमाद फांडेशन के प्रतिनिधिमंडल को दिया है। "सेव दरभंगा विंटेज रोड रोलर" मुहिम के तहत इसमाद फाउंडेशन की ओर से संतोष चौधरी के नेतृत्व में रवि प्रकाश और अभिनव सिन्हा ने गुरुवार को विभागीय सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में इस ऐतिहासिक रोड रोलर के संरक्षण की मांग की गई थी, जिसे "जॉन फाउलर" कंपनी द्वारा ब्रिटिश काल में निर्मित बताया गया है। ज्ञापन में कहा गया कि यह धरोहर वर्तमान में अत्यंत खराब स्थिति में है, और इसके कई महत्वपूर्ण पुर्जे पहले ही गायब हो चुके हैं। यदि इसका जल्द संरक्षण नहीं किया गया, तो इसके अन्य हिस्सों के चोरी होने का भी खतरा है।
इसमाद फाउंडेशन ने विभाग को पटना में स्थित एक अन्य विंटेज रोड रोलर के सफल संरक्षण की जानकारी भी दी, जिसे अब एक प्रमुख धरोहर के रूप में देखा जाता है। उसी तर्ज पर दरभंगा के इस विंटेज रोड रोलर को संरक्षित करने का आग्रह किया गया।
ज्ञापन स्वीकार करते हुए कार्यपालक अभियंता प्रेम कुमार ने कहा, "हम इस महत्वपूर्ण धरोहर के संरक्षण के लिए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएंगे। विभागीय आदेश के अनुसार कार्यवाही जल्द शुरू की जाएगी, ताकि इस रोड रोलर को सुरक्षित रखा जा सके।"
दरभंगा की जनता और धरोहर संरक्षण में रुचि रखने वाले सभी लोगों ने इस कदम का स्वागत किया है। इसमाद फाउंडेशन को उम्मीद है कि इस रोड रोलर का संरक्षण कर इसे दरभंगा की ऐतिहासिक धरोहरों की सूची में सम्मिलित किया जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ इससे प्रेरणा ले सकेंगी।
उल्लेखनीय है कि धरोहर के संरक्षण के लिए काम करनेवाली संस्था इसमाद फाउंडेशन के अथक प्रयास से ही लोहट चीनी मिल में उपेक्षित पड़े रेल इंजन को भी दरभंगा रेलवे स्टेशन पर संरक्षित किया जा चुका है।
27/09/2024
निशुल्क चिकित्सा शिविर में सैकड़ों ग्रामीणों ने कराया फ्री हेल्थ चेकअप।
Esamaad Foundation के तत्वावधान और Aditi Nursing Home & Hospital - Darbhanga के सहयोग में आयोजित लक्ष्मीश्वर सिंह स्मृति निशुल्क चिकित्सा शिविर में डीलाही गाँव के सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और अपने स्वास्थ्य का परीक्षण कराया।
इस आयोजन में अदिति नर्सिंग होम एंड अस्पताल की मेडिकल टीम ने सहयोग किया, जिसमें मेडिसिन के विशेषज्ञ डॉ. झुनझुन,डॉ. कुंदन कश्यप, और डॉ. पार्वती ने मरीजों का स्वास्थ्य जांचकर उन्हें महत्वपूर्ण परामर्श प्रदान किया।
27/09/2024
सम्पूर्ण देश में दरभंगा के धरोहरों का अस्तित्व ही महाराजा लक्ष्मीश्वर सिंह के कार्यों की गौरवगाथा का प्रमाण है: कुलपति, कार्यक्रम में राज हाई स्कूल के द्वितीय टॉपर अमन कुमार को डॉ सुधीर झा मेमोरियल स्कॉलरशिप दिया गया।
दरभंगा। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डा लक्ष्मी निवास पांडेय ने कहा है कि सम्पूर्ण देश में दरभंगा के धरोहरों का अस्तित्व ही महाराजा लक्ष्मीश्वर सिंह के कार्यों की गौरवगाथा का प्रमाण है। श्री पांडेय महाराजा लक्ष्मीश्वर सिंह की 166वीं जयंती पर इसमाद फाउंडेशन की ओर से कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय के दरबार हॉल में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित महाराजा की प्रतिमा के पास उनकी जीवनी का शिलापट्टा लगाया जायेगा. फाउंडेशन की ओर से हुए इस आग्रह पर उन्होंने आश्वास दिया कि अगली सिनेट बैठक में वो ये प्रस्ताव रखेंगे, जिससे आम लोगों को महाराजा लक्ष्मीश्वर सिंह के किये कार्यों की जानकारी मिलेगी। कुलपति ने कहा कि लक्ष्मीश्वर सिंह के कृत्यों की चर्चा तो समूचे भारत में है. उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक,धार्मिक, सामजिक परंपरा के मजबूत स्तम्भ के रूप में देश उनको याद करता है। समस्त दरभंगा राज परिवार का शैक्षणिक आर्थिक सामाजिक और बौद्धिक विकास सही मायने में अद्भुत रहा है। मैं यहां का नहीं हूं, परंतु इस कार्यक्रम ने मेरा शैक्षिक रूप से भरपूर मार्गदर्शन किया है।
लक्ष्मीश्वर सिंह पुस्तकालय के सचिव तरुण मिश्रा ने महाराज के अवदानों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अंग्रेजी शिक्षा ग्रहण कर भारत के लोगों को फायदा पहुंचाया और उन्होंने अंग्रेजी शिक्षा को भारतीय तक पहुंचाने के लिए कई स्कूल खोले ।प्रख्यात इतिहासकार अविनिन्द्र झा ने कहा कि महाराज ने भारत के राजनीतिक व्यवस्थाओं के लिए आर्थिक सहयोग दिया था जिसमें कई अधिवेशनों हेतु उनके दिए हुए सहयोग का दस्तावेज आज भी मौजूद हैं। डॉ मित्रनाथ झा ने कहा कि गौ रक्षा आंदोलन के जन्मदाता रहे महाराजा लक्ष्मीश्वर सिंह सामाजिक सुधार के लिए भी याद किए जाते हैं। उनकी राष्ट्रभक्ति अनुपम थी। अफ्रीका में शुरू हुए आंदोलन को आर्थिक मदद करने के लिए साउथ अफ्रीका इंडियन एसोसिएशन की स्थापना की थी। इस संस्था के माध्यम से वहां के लोगों और आंदोलन को कई प्रकार की मदद मिलती थी।
शोधकर्ता सुशान्त भास्कर ने महाराजा और गांधी के संबंधों पर कई शोधपूर्ण बातें रखी।
कार्यक्रम के दौरान राज हाई स्कूल के द्वितीय टॉपर अमन कुमार को डॉ सुधीर झा मेमोरियल स्कॉलरशिप दिया गया। पुरस्कार के रूप मोमेंटो, प्रमाण पत्र, और राशि दी गई। राशि डॉ सुधीर झा की पत्नी छाया झा ने उनके स्मृति में प्रदान की। अतिथियों का स्वागत फॉउंडेशन के न्यासी डॉ संतोष कुमार ने किया. मंच संचालन संतोष चौधरी ने और धन्यवाद ज्ञापन राहुल कुमार ने किया।
इस कार्यक्रम में अभिनव सिन्हा, रवि प्रकाश, अभिषेक कुमार, अभिमन्यु कुमार,कुलदीप यादव,सुबोध यादव, सूर्यप्रकाश सिंह,उज्ज्वल कुमार, सहित अन्य लोगों ने अपनी सहभागिता दी।
21/03/2024
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