13/06/2025
Annual_Meeting_SIEMAT_Directors
Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Siemat- State Institute of Educational management & Training Uttarakhand, Government Organization, Nanoorkhera, Tapowan Rad, Dehra Dun.
The SIEMAT has been established in the state to support the educational planning management, and research and evaluation studies, and to provide professional support through various capacity-building programmes.
13/06/2025
Annual_Meeting_SIEMAT_Directors
10/06/2025
देश में एन.ई.पी.-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में सीमैट की भूमिका तथा विजन-2047 के लक्ष्यों में से प्रमुख शैक्षिक लक्ष्य शैक्षिक प्रशासकों व विद्यालय प्रमुखों की क्षमता संवर्द्वन हेतु कार्ययोजना तैयार करने के लिए राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीमैट), उत्तराखंड के द्वारा राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान, नीपा, भारत सरकार नई दिल्ली के तत्वाधान में 03 दिवसीय सीमैट निदेशकों की राष्ट्र स्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है। राज्य में प्रथम बार सीमैट उत्तराखण्ड को राष्ट्र स्तरीय बैठक हेतु नीपा द्वारा सहयोगी संस्था के रूप में चयनित किया गया है। इस बैठक में देश भर के विभिन्न राज्यों के 30 सीमैट निदेशक प्रतिभाग कर रहे है। बैठक का शुभारंभ राजस्थान सरकार के संयुक्त सचिव एवं निदेशक सीमैट श्री मनीष गोयल (आई.ए.एस.) के द्वारा किया गया। बैठक के शुभारंभ के अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान के प्रोफेसर के. विश्वाल के द्वारा प्रशिक्षण व क्षमता संवर्धन की महत्ता पर अपने विचार रखे गये, शुभारंभ के अवसर पर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा श्री अजय कुमार नौड़ियाल के द्वारा बताया गया की संस्थाओं की प्रभावशीलता संस्थान के मानवीय संसाधनों की क्षमता संवर्द्वन पर निर्भर करती है। इस बैठक के शुभारंभ के अवसर पर बैठक के समन्वयक प्रोफेसर एन.के.मोहन्ती जी के द्वारा संपूर्ण बैठक की जानकारी दी गई। नीपा के प्रोफेसर एन.के. मोहन्ती द्वारा बताया गया कि एन.ई.पी. 2020 की सिफारिसों को लागू करने में सीमैट की प्रभावी भूमिका है। बैठक में नीपा की विभागाध्यक्ष प्रो. गीता रानी, प्रोफेसर सुमन नेगी, राजस्थान सरकार के संयुक्त सचिव श्री मनीष गोयल, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा श्री अजय कुमार नौड़ियाल निदेशक माध्यमिक शिक्षा डां मुकुल कुमार सती, समग्र शिक्षा के अपर राज्य परियोजना निदेशक श्री कुलदीप गैरोला, अपर निदेशक एस.सी.ई.आर.टी. श्री पद्मेंद्र सकलानी, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून श्री विनोद कुमार ढौंडियाल, सीमेंट संकाय के डॉ मोहन बिष्ट, डॉ मदन मोहन उनियाल, डॉ जगमोहन विष्ट, डॉ विनोद ध्यानी, विनीत त्रिपाठी, राजेन्द्र प्रसाद बडोला आदि उपस्थित रहे। बैठक में आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, हिमांचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, झारखण्ड, कर्नाटका, केरला, महाराष्ट्र, नागालैण्ड, राजस्थान, तेलांगना आदि प्रान्तों के सीमैट निदेशक प्रतिभाग कर रहें है।
बैठक के प्रथम सत्र में प्रोफेसर के विश्वाल के द्वारा क्षमता सवंर्द्वन पर प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया गया, उनके द्वारा क्षमता संवर्द्वन की आवश्यकता, विभिन्न प्रकार के क्षमता संवर्द्वन कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की गई। प्रो. विश्वाल के द्वारा क्षमता संवर्द्वन के कार्मिक विकास व शिक्षा के क्षेत्र में क्षमता संवर्द्वन की आवश्यकता के बारे में भी जानकारी दी गई। समग्र रूप से प्रो. विश्वाल द्वारा किया गया प्रस्तुतीकरण अत्यधिक प्रभावी रहा।
07/03/2025
आज दिनांक 7 मार्च 2025 को सीमेट संस्थान में एक माह के विभागीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे उप शिक्षा अधिकारियों को संबोधित करते हुए मा. शिक्षा मंत्री श्री धन सिंह रावत द्वारा द्वारा प्रशिक्षु अधिकारियों को उनके भावी कार्यस्थल विकासखण्ड मुख्यालयों में जाने पर शिक्षा के विभिन्न हितधारकों शिक्षक, प्रधानाचार्य अभिभावक जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर, छात्र हित में गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान किए जाने हेतु सकारात्मक प्रयास किए जाने हेतु कहा गया । विद्यालयों में विद्यालयों, शिक्षकों एवं छात्रों हेतु संसाधन व्यवस्था किए जाने पर विशेष ध्यान दिया जाना अनिवार्य बताया। विद्यालय में भवन, पानी ,विद्युत,शौचालय,फ़र्नीचर, किताबें एवं शिक्षक जैसे 7 महत्वपूर्ण संसाधन उपलब्ध कराते हुए , मनोयोग से काम करना होगा। लोकतंत्र में जन प्रतिनिधियों को सर्वोपरि मानते हुए उनसे सहयोग प्राप्त करते हुए ही शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है। राज्य के नौनिहालों को नशा वृत्ति से बचाने एवं नशा उन्मूलन हेतु अभियान चलाने की आवश्यकता है । शिक्षा अधिकारियों को भविष्य में उच्च स्तरीय पदों पर कार्य करने की संकल्पना को लेकर अभी से काम करने की आवश्यकता है ।शिक्षा विभाग के सभी पद सम्मान और प्रतिष्ठा के पद होते हैं ।अतः ईमानदारी से काम करने की ज़रूरत है । मा.शिक्षामंत्री ने अवगत कराया कि प्रति विकास खंड एक-एक आवासीय विद्यालय खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं । शिक्षा में सतत विकास हेतु वास्कोडिगामा एवं राहुल सांस्कृत्यायन जैसे खोजी एवं महात्मा गांधी जैसे विलक्षण प्रतिभा के धनी महापुरुषों के जीवन से सीख लेने की ज़रूरत है। इस अवसर पर प्रशिक्षु अधिकारियों द्वारा मा. शिक्षा मंत्री से अपनी समस्याओं के समाधान एवं मार्गदर्शन हेतु जिज्ञासा प्रश्न भी रखे ।इस अवसर पर निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ मुकुल सती, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा अजय कुमार नौड़ियाल , अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा कुलदीप गैरोला, उपराज्य परियोजना निदेशक अजीत भंडारी, सीमेट संकाय सदस्य डॉ मोहन बिष्ट, डॉ मदन मोहन उनियाल,डॉ विनोद ध्यानी, रघुवीर बिष्ट, विनीत त्रिपाठी, सुनील पुरोहित,प्रमोद कुमार, अनुराग आदि उपस्थित रहे ।
18/02/2025
दिनांक 17 फरवरी 2025 को राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीमैट) उत्तराखंड द्वारा लोक सेवा आयोग से चयनित नवीन उप शिक्षा अधिकारियों के प्रशिक्षण का शुभारंभ सीमैट सभागार में किया गया।
प्रशिक्षण का शुभारंभ सचिव विद्यालय शिक्षा श्री रविनाथ रमन द्वारा किया गया। वर्तमान समय में राज्य के 25 नवनियुक्त उप शिक्षा अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सीमैट द्वारा इन शिक्षा अधिकारियों के लिए दिनांक 17 फरवरी 2025 से 18 मार्च 2025 तक सैद्धांतिक प्रशिक्षण आरंभ किया गया है। प्रशिक्षण के शुभारंभ के अवसर पर सचिव विद्यालयी शिक्षा उत्तराखंड के द्वारा प्रतिभागियों का आवाहन किया गया कि वह पूर्ण मनोयोग से प्रशिक्षण में प्रतिभाग करें तथा विभाग व विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करें ताकि नियुक्ति के उपरांत उन्हें कार्य क्षेत्र में समस्याओं का समाधान करने में सहायता मिले। सचिव महोदय के द्वारा सभी प्रतिभागियों को विभाग की अच्छाइयों से अवगत कराया कराया गया।
शुभारंभ के अवसर पर निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण श्रीमती वंदना गर्ब्याल के द्वारा भी प्रतिभागियों को संबोधित किया गया। इस अवसर पर निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा श्री अजय कुमार नौडियाल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, अपर निदेशक एस.सी.ई.आर.टी श्री प्रदीप रावत आदि उपस्थित रहे।
20/11/2024
आज दिनाँक 20 नवम्बर,2024 को स्कूल लीडरशिप एकेडमी राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीमेट) उत्तराखंड एवं नेशनल सेंटर फॉर स्कूल लीडरशिप (NCSL), NIEPA , नई दिल्ली के तत्वावधान में तीन दिवसीय सेमीनार एससीईआरटी उत्तराखंड ऑडिटोरियम, देहरादून में प्रारंभ हुआ। सेमीनार "स्कूल नेतृत्व में नवाचार: प्रभावी विद्यालय प्रबंधन।" पर आयोजित किया गया । इस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, लद्दाख और उत्तराखंड सहित उत्तरी भारत के विभिन्न राज्यों के शिक्षाविद , प्रधानाचार्य, शिक्षक और और शैक्षिक सरोकारों से संबंधित प्रतिभागी शामिल हुए। उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक विकास से संबंधित अपने शोध पत्र, केस स्टडी, सफलता की कहानी और विभिन्न नवाचारी प्रयास प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर सचिव विद्यालयी शिक्षा, रविनाथ रामन ने शिक्षकों की भूमिका को केवल स्कूलों तक सीमित न रखते हुए समृद्ध समाज के निर्माण तक विस्तारित करने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षक को समुदाय का लीडर सम्बोधन करते हुए कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी छात्रों के साथ समाज के समग्र विकास और स्कूलों में नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने की है।
अपर सचिव , विद्यालयी शिक्षा रंजना राज गुरु ने प्रधानाचार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि नेतृत्व केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को पोषित करने की जिम्मेदारी भी निभाता है।
महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा झरना कमठान ने इस संगोष्ठी को उत्तराखंड के लिए एक उल्लेखनीय अवसर बताया। उन्होंने एन.सी.एस. एल. का धन्यवाद किया कि उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के आयोजन के लिए SIEMAT उत्तराखंड को चुना, जिससे अन्य राज्यों के नवाचारी प्रयासों को अपनाने का मौका मिला।
अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण निदेशक, बंदना गर्ब्याल ने इस संगोष्ठी को उत्तराखंड और अन्य उत्तरी राज्यों के बीच विचारों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान का एक माध्यम बताया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस संगोष्ठी से प्राप्त अंतर्दृष्टि, स्कूल प्रशासकों को शैक्षणिक रणनीतियों को सुव्यवस्थित करने और उनकी प्रभावशीलता में सुधार करने में मदद करेगी।
संगोष्ठी का संचालन डॉ. मोहन सिंह बिष्ट द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने उत्साह और व्यावसायिकता से कार्यक्रम को कुशलतापूर्वक संचालित किया। उनके प्रभावी संचालन से कार्यक्रम पूरे समय प्रभावी और गतिशील बना रहा ।
सीमेट,अपर निदेशक सीमेट , अजय नौड़ियाल ने रेखांकित किया कि विभिन्न राज्य अकादमियों के बीच सहयोग उत्तराखंड की शिक्षा प्रणाली को समृद्ध करेगा और समावेशी एवं नवाचारी शैक्षणिक नीतियों को बढ़ावा देगा। उनके प्रेरणादायक भाषण ने स्कूल नेताओं को ऐसा वातावरण बनाने के लिए प्रेरित किया जो समग्र छात्र विकास और समावेशी शिक्षा को प्रोत्साहित करे। उन्होंने स्कूल नेतृत्व अकादमियों के प्रयासों की सराहना की और प्रतिभागियों से साझा ज्ञान का उपयोग करके अपने संस्थानों में परिवर्तनकारी रणनीतियों को लागू करने का आग्रह किया।
संगोष्ठी के प्रथम सत्र पर विभागाध्यक्ष सीमेट दिनेश चंद्र गौड़ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन कर सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजन-टीम सदस्यों का आभार व्यक्त किया। दिनेश चंद्र गौड़ ने संगोष्ठी को सफल बनाने के लिए सभी के अमूल्य योगदान की सराहना की और इसके दूरगामी सकारात्मक प्रभावों की आशा व्यक्त की।
आज के प्रस्तुतीकरण में सुनील जोशी व प्रदीप सती का प्रस्तुतीकरण छात्र विकास कार्यक्रम, बबली सजवान का नामांकन वृद्धि , ममता गुप्ता प्राथमिक विद्यालय गिनती गांव नैनीताल की प्रस्तुति विद्यालय व्यवस्था एवं नामांकन एवं लद्दाख राज्य के प्रधानाचार्य कंचूक फाँदे की महत्वपूर्ण प्रस्तुति शिक्षक समाज का दर्पण विषय पर विस्तृत जानकारी दी गई । इसके अलावा आज जम्मू कश्मीर से पुरुषोत्तम सिंह , लद्धाख से किमचोक फाँदे,हरिद्वार के इंटर कॉलेज कसमपुर से राजेंद्र कुमार चौधरी संसाधन विकास और बदलाव , इंटर कॉलेज रुड़की और संघीपुर, से डॉ नंदी शर्मा और डॉ आराधना गुप्ता ने अल्पसंख्यक बालिकाओं में माध्यमिक शिक्षा पर अपनी प्रस्तुतियाँ दी । इस अवसर पर विभाग के शिक्षाविद् एवं अधिकारियों द्वारा पैनलिस्ट की भूमिका निभाई गई जिसमें मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी सेमवाल , प्राचार्य डाइट रुद्रप्रयाग, चंडी प्रसाद रतूड़ी, उपनिदेशक मंजू भारती एवं एन.सी.सी.एल. की प्रो. ज्ञानेश्वरी उपस्थित रहीं। उनके द्वारा इन प्रस्तुतीकरण अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये प्रदान किए गए। इस अवसर पर डॉ मुक़ुल कुमार सती , आर के उनियाल, डी सी गौड़, डॉ. विनोद ध्यानी, अम्बरीश बिष्ट, डॉ जगमोहन बिष्ट , रघुबीर बिष्ट, डॉ. विपिन चौहान आदि उपस्थित थे।
18/10/2024
राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीमेट) उत्तराखंड द्वारा दिनांक 14 अक्टूबर से दिनांक 16 अक्टूबर 2024 के मध्य पी.एम. श्री. विद्यालयों के प्रधानाचार्यों हेतु तीन दिवसीय प्रशिक्षण मॉड्यूल विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस मॉड्यूल विकास कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण उत्तराखण्ड श्रीमती बन्दना गर्ब्याल द्वारा पी.एम.श्री. स्कूल संकल्पना के अंतर्गत हो रहे विद्यालयों का विकास इस ढंग से किया जा रहा है कि बच्चों को नितांत सहज एवं नैसर्गिक ढंग से सीखने एवं चिंतन के अवसर प्रदान किये जा सके तथा इन विद्यालयों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक प्रणाली आधारित शिक्षण प्रक्रियायें सम्पन्न हों । अपर निदेशक अजय कुमार नौडियाल द्वारा प्रशिक्षण मॉड्यूल के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए स्थानीय आवश्यकता एवं परिवेशीय विविधता को मॉड्यूल सामग्री में स्थान प्रदान करने की बात कही गई । पी.एम.श्री. मॉड्यूल के महवपूर्ण विषय पी.एम.श्री. स्कूल परिचय, भूमिकाएं, उद्देश्य, वितीय प्राविधान, विद्यालय विकास योजना, लीडरशिप, शिक्षण अधिगम तकनीकी, गाइडेंस काउंसलिंग आदि महत्वपूर्ण विषय थे ।
दिनांक 16 अक्टूबर 2024 को विद्यालय विकास एवं प्रबंधन पर राज्य संदर्भ समूह की बैठक संपन्न हुई । इस बैठक का उद्देश्य वर्ष 2024-25 हेतु लीडरशीप कार्यक्रम की कार्ययोजना पर व्यापक चर्चा कर क्रियान्वयन की रूपरेखा का निर्माण करना था । इस अवसर पर नीपा फैकल्टी डॉ. चारु स्मिता मालिक, डॉ. सादमा, डॉ. विनीता,डॉ. निवेदिता, डॉ. शिवकुमार आदि द्वारा ऑनलाइन मोड में कार्ययोजना प्रस्तुत की गई । तत्पश्चात राज्य संदर्भ समूह के सदस्यों द्वारा अपने-अपने कार्य क्षेत्र में किये जा रहे पर प्रयासों को बताया गया । एस.एल.ए.सीमेट उत्तराखंड द्वारा केस स्टडी,वीडियो फिल्म, अधिगम मॉडयूल ,शोध अध्ययन, नवेदित प्रयासों से अवगत कराया गया ।समापन के अवसर पर निदेशक श्रीमती बन्दना गर्ब्याल एवं अपर निदेशक अजय कुमार नौडियाल द्वारा प्रतिभागियों को उनके कार्य क्षेत्र में रोल मॉडल स्थापित करने हेतु प्रयास करने को कहा गया । कार्यक्रम संचालन एवं सहयोग सीमेट प्रोफेशनल डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, डॉ. मदन उनियाल, डॉ. जगमोहन सिंह बिष्ट, डॉ. विनोद ध्यानी द्वारा किया गया । विनीत त्रिपाठी, रघुवीर बिष्ट,चतर सिंह नेगी, सुनील पुरोहित एवं राजेंद्र बडोला द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया । इस कार्यशाला में पूर्व निदेशक राज्य संसाधन समूह प्रौढ़ शिक्षा श्रीमती प्रिया जाडू , डॉ. के.एन.बिजल्वान, डॉ. शैलेश कुमार, श्री अरुण नौटियाल आदि उपस्थित थे ।
02/10/2024
सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती और 'जय जवान जय किसान' के प्रणेता, सादगी और सदाचार के प्रतीक, भारत रत्न से अलंकृत पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर शत्-शत् नमन।
28/09/2024
दिनांक 23 सितम्बर, 2024 से दिनांक 27, सितम्बर 2024 तक राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीमेट) में राज्य के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्यों हेतु सतत व्यवसायिक विकास विषय प्रशिक्षण आयोजित किया गया । संस्थान के द्वारा माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्यों के प्रशिक्षण हेतु यह चौथा चक्र था । प्रशिक्षण का शुभारंभ विद्यालय शिक्षा विभाग की महानिदेशक झरना कमठान के द्वारा किया गया । महानिदेशक महोदय के द्वारा शुभारंभ के अवसर पर प्रधानाचार्यों से आह्वान किया गया कि वे छात्र-छात्राओं की समग्र विकास को मध्य नजर रखते हुए गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करने हेतु विद्यालयों में कार्य करें । महानिदेशक महोदय के द्वारा भारत सरकार द्वारा अंगीकृत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विभिन्न पहलुओं के बारे में भी अपने संबोधन में प्रधानाचार्य को जानकारी दी गई ।महानिदेशक महोदय ने सीमेंट द्वारा प्रशिक्षण हेतु निर्धारित विषयों की समीक्षा की तथा संस्थान को प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने हेतु निर्देशित किया ।महानिदेशक द्वारा सभी प्रतिभागियों को जानकारी दी गई कि प्रशिक्षण का प्रत्येक कार्मिक की सरकारी सेवा में महत्वपूर्ण स्थान है ।प्रशिक्षण के द्वारा कार्मिक नये-नये कौशलों में दक्ष होते हैं, वहीं वे नई जानकारीयों से अपनी कार्यक्षमता का विकास करते हैं । प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण श्रीमती बन्दना गर्ब्याल, अपर निदेशक अजय कुमार नौडियाल, विभागाध्यक्ष दिनेश चंद्र गौड़, प्रोफेशनल डा. मदन मोहन उनियाल, डा. मोहन सिंह बिष्ट, डा. जगमोहन सिंह बिष्ट, डा. विनोद ध्यानी आदि उपस्थित थे । इस प्रशिक्षण चक्र में राज्य के 32 प्रधानाचार्यों द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रशिक्षण का पांचवा चक्र दिनांक 30 सितम्बर, 2024 से दिनांक 04 अक्टूबर, 2024 तक प्रस्तावित है ।
28/05/2024
निदेशालय अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण द्वारा 9 दिवसीय समर कैंप का आयोजन राजीव गांधी नवोदय विद्यालय ननूरखेड़ा देहरादून में किया गया है। इस कैंप का उद्घाटन महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान नहीं अपितु बच्चे स्वयं करके सीखें और एक अच्छे नागरिक की भूमिका को निभाएं। इस हेतु इस तरह के समर कैंप बच्चों को उनकी प्रतिभा को उभारने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने बच्चों से समर कैंप में आयोजित हो रही गतिविधियों में अपनी इच्छा के अनुसार प्रतिभाग करने को कहा। श्री तिवारी ने कहा कि यह कैंप मलिन बस्तियों तथा ग्रामीण परिवेश के राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को उभारने का भी अवसर प्रदान करता है। महानिदेशक ने बताया कि यह समर कैंप बच्चों में ग्रीष्मकालीन अवकाश में सीखने की ललक जीवित रखेगा।
इस अवसर पर श्रीमती वंदना गर्बयाल निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण ने अवगत कराया कि इस कैंप में बच्चों को खेलकूद, गणित एवं विज्ञान की गतिविधियां, अबेकस के द्वारा गणित की समझ विकसित करना, कहानी, कविता लिखना एवं उन्हें पढ़ना, बच्चों में सुलेख की प्रतिभा को विकसित करना, नृत्य, गायन, कठपुतली नृत्य, नाटक, आनंदम गतिविधियां तथा क्राफ्ट की गतिविधियों के साथ-साथ प्रत्येक बच्चे का दून मेडिकल कॉलेज एवं महंत इंद्रेश मेडिकल कॉलेज की ओर से स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कैंप में बच्चों को प्रतिदिन योग, व्यायाम एवं प्रार्थना के साथ-साथ नेतृत्व विकास हेतु एक नई विधा समाचार लेखन तथा वाचन को भी विकसित किया जा रहा है ।
इस अवसर पर डॉक्टर मुकुल कुमार सती अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा ने सभी बच्चों से उनकी प्रतिभा को अपने अनुरूप विकसित करने के लिए विभिन्न गतिविधियों में प्रतिभाग करने का सुझाव दिया। अपर निदेशक सीमेट व एससीईआरटी श्री अजय नौडियाल ने कहा कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बच्चों को समर कैंप में स्कूल बैग, स्टेशनरी, पानी की बोतल तथा नाश्ता विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि 5 जून पर्यावरण दिवस के अवसर पर बच्चों के द्वारा इस समर कैंप में पर्यावरण बचाओ-अपनी धरती सजाओ विषय पर कहानी, कविताएं, गायन तथा नाट्य प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
आज समर कैंप में बच्चों ने अपनी इच्छा के अनुरूप अपना नामांकन करवाया। बच्चों ने विज्ञान प्रोजेक्ट तैयार करने, अबेकस के द्वारा गणित सीखने, गायन प्रतियोगिता, नाट्य प्रतियोगिता, नृत्य प्रतियोगिता, आर्ट एंड क्राफ्ट, क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, कठपुतली निर्माण, आनंदम गतिविधि तथा मीडिया कार्यशाला में विशेष रुचि दिखाई । आज समर कैंप में राजकीय इंटर कॉलेज नालापानी, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वाणी बिहार, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय वाणी विहार, लाडपुर, सुंदर वाला, रायपुर , राजकीय प्राथमिक विद्यालय ननूरखेड़ा, सुंदर वाला, लाडपुर, नालापानी, वाणी बिहार, भगत सिंह कॉलोनी आदि विद्यालयों के 414 बच्चों द्वारा नामांकन करवाया गया।
इस समर कैंप में स्वैच्छिक रूप से बच्चों को सिखाने हेतु एस सी ई आर टी, सीमेट तथा विभिन्न विद्यालयों के 80 शिक्षकों द्वारा शैक्षिक योगदान दिया जा रहा है। इस अवसर पर श्रीमती आशा रानी पैन्यूली, कंचन देवराडी, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून श्री प्रदीप रावत, प्राचार्य राजीव गांधी नवोदय विद्यालय श्रीमती सुनीता भट्ट, डॉ मोहन सिंह बिष्ट, डॉ मदन मोहन उनियाल, रविंद्र रावत, डॉ उषा कटियार, ज्योति सुमन, मनोज बहुगुणा, रवि दर्शन तोपाल, डॉ के. एन. बिजलवान, सुनील भट्ट, डॉ विनोद ध्यानी, रमेश पंत आदि उपस्थित थे
15/05/2024
दिनांक 14-05-2024 को राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीमेट) उत्तराखंड के द्वारा माध्यमिक शिक्षा निदेशालय उत्तराखण्ड में कार्यरत मिनिस्ट्रीयल संवर्गीय कार्मिकों हेतु एक दिवसीय कार्यालय प्रबन्धन पर प्रशिक्षण आयोजित किया।
प्रशिक्षण के शुभारम्भ के अवसर पर निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, श्रीमती बंदना गर्ब्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री महावीर सिंह बिष्ट, अपर निदेशक सीमेट श्री अजय नौडियाल व प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ मोहन सिंह बिष्ट उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण में विद्यालयी शिक्षा विभाग से सेवानिवृत उपनिदेशक श्री चेतन प्रसाद नौटियाल के द्वारा सन्दर्भदाता के रूप में प्रशिक्षण दिया गया।
11/03/2024
दिनांक 11 मार्च 2024 को सीमेट उत्तराखंड में अन्तराष्ट्रीय डिप्लोमा इन एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन के प्रशिक्षुओं के द्वारा शैक्षिक भ्रमण किया गया । राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (नीपा) नई दिल्ली के द्वारा विभिन्न देशों के शिक्षा अधिकारियों के लिए यह एक वर्षीय कोर्स (IDEPA) करवाया जाता है ।भ्रमणकारी अध्ययन दल में नीपा संकाय प्रोफेसर मोना सेदवाल के साथ 29 सदस्य हैं , एक सप्ताह के इस अध्ययन कार्यक्रम का समन्वयन सीमेट उत्तराखंड द्वारा करवाया जा रहा है ।आज सीमेट, एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखंड, समग्र शिक्षा तथा विद्यालय शिक्षा विभाग उत्तराखंड के द्वारा संचालित क्रियाकलापों की जानकारी अध्ययन दल के साथ साझा की गयी। यह अध्ययन दल सप्ताह राज्य के विद्यालय, डायट, हिम ज्योति विद्यालय, सुभाष चंद्र बोस छात्रावास, दून स्कूल , ग्राफ़िक एरा विश्वविद्यालय, राजकीय माध्यमिक विद्यालय तथा शासकीय व अशासकीय संस्थानों का भ्रमण करेगा।