महिलाओं के नाम पर राजनीति… और सवालों से बचते लोग!
राहुल गांधी पर हमला करते-करते महिलाओं को बीच में क्यों घसीटा जा रहा है? उत्तराखंड सवाल पूछ रहा है — राजनीति मुद्दों पर होगी या घटिया इशारों पर?
जिस व्यक्ति का नाम अंकिता भंडारी मामले के ‘VIP’ विवाद में सार्वजनिक सवालों के बीच आया, वही आज राहुल गांधी पर महिलाओं को बीच में लाकर घटिया टिप्पणी कर रहा है? उत्तराखंड पूछ रहा है — जांच कब तक अधूरी रहेगी?
Sujata Paul
National Media Panelist
Former Educator, Welham Girls' School
हर सरकार में लोग कहते हैं दुनिया हमें seriously लेने लगे हैं...
कभी मोहल्ले की सड़क, बेरोज़गारी, महंगाई भी हमे seriously ले ले...
GenZ को hero नही patch update चाहिए system में
Cockroach को lightly मत लो bro....
पहाड़ का आदमी बड़ा सहनशील है..
इसीलिए अब चुप्पी भी सह लेता है...
Anjana जी… ये भारी पड़ गया! Teacher को ‘दो कौड़ी’? | Prime Time vs Teachers
Teacher को “दो कौड़ी” कह देना आसान है…
लेकिन लाखों युवाओं तक शिक्षा पहुँचाने वालों का सम्मान कम नहीं होता।
सवाल teacher से नहीं… सोच से है।
सड़कें खाली हैं, इसलिए अन्याय बेखौफ़ है
जब न्याय पुकार रहा था, तब हम कहाँ थे?
आज सवाल अंकिता का नहीं है।
सवाल हमारी खामोशी का है।
जब अन्याय दूर था, हम चुप रहे।
जब वह करीब आया, तब भी हम चुप रहे।
लेकिन इतिहास गवाह है, बदलाव कभी बंद कमरों में नहीं आया।
बदलाव तब आया, जब आम लोग अपनी सुविधाओं से बाहर निकले और सच के साथ खड़े हुए।
यदि हम चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियाँ एक बेहतर समाज देखें, तो आज हमें अपनी आवाज़, अपनी उपस्थिति और अपनी जिम्मेदारी का एहसास करना होगा।
न्याय सिर्फ अदालतों में नहीं मिलता, समाज की जागी हुई चेतना भी न्याय की राह बनाती है।
मुख्यमंत्री जी, कौन सा चक्रव्यूह भेदा?
अंकिता भंडारी का VIP... पेपर लीक माफिया... भ्रष्टाचार... जंगलों की कटाई... युवाओं का भविष्य...
अगर चक्रव्यूह भेद दिया है, तो उत्तराखंड को जवाब भी दीजिए।
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