13/03/2026
Good Morning Friends
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"खुद पर भरोसा रखो, यही सबसे बड़ी ताकत है।”
अपनी प्रोफाइल पर वीडियो और फोटो या रील डालते रहें. अपने फॉलोअर्स का वीडियो पर लाइक, कमेंट करें
धन्यवाद, सबका साथ सबका विकास 🙏🙏🙏🙏
13/03/2026
Good Morning Friends
12/03/2026
Good Evening Friends
12/03/2026
Good Morning Friends
11/03/2026
Good Afternoon Friends
02/03/2026
Happy Birthday Dear Ashwin
26/02/2026
GOOD MORNING 🌞
26/02/2026
🎉 Facebook recognized me for starting engaging conversations and producing inspiring content among my audience and peers!
25/02/2026
Good Morning 🌞
24/02/2026
अपनों का साथ और उनका विश्वास
गांव की छोटी-सी पगडंडी पर चलते हुए विवेक अक्सर सोचता था कि उसके पास आखिर है ही क्या?
न बड़ा घर, न ज़्यादा पैसे, न कोई पहचान।
लेकिन एक चीज़ थी, जो हर मुश्किल में उसके साथ खड़ी रहती थी— अपनों का साथ और उनका विश्वास।
विवेक के पिता किसान थे। मौसम की मार कभी फसल पर पड़ती, तो कभी हालात पर। मां घर संभालतीं और हर रात भगवान से बस एक ही दुआ मांगतीं—
"मेरे बेटे के सपने पूरे हों।"
विवेक का सपना था— अपने गांव में एक अच्छी स्कूल खोलना, ताकि बच्चों को शहर न जाना पड़े। लोग हंसते थे—
"अरे, खुद की हालत देखो और स्कूल खोलने चले हैं!"
कभी-कभी वह भी टूट जाता था।
एक रात उसने पिताजी से कहा,
"शायद ये सपना मेरे बस का नहीं। पैसे नहीं हैं, मदद करने वाला कोई नहीं है।"
पिताजी ने उसके कंधे पर हाथ रखा और मुस्कुराकर बोले—
"बेटा, जब अपने साथ हों ना, तो इंसान कभी अकेला नहीं होता। तू बस कोशिश कर। हमारा विश्वास तेरे साथ है।"
मां ने अपनी छोटी-सी बचत उसके हाथ में रख दी।
बहन ने अपनी पढ़ाई के लिए रखे पैसे दे दिए।
दोस्तों ने गांव में जाकर लोगों से बात की।
धीरे-धीरे एक छोटा-सा कमरा किराए पर लिया गया। टूटी कुर्सियां थीं, पुराना ब्लैकबोर्ड था, लेकिन उम्मीद नई थी। पहले दिन सिर्फ पाँच बच्चे आए।
लोग फिर हंसे—
"यही है तुम्हारा बड़ा सपना?"
विवेक ने हार नहीं मानी।
वह हर बच्चे को दिल से पढ़ाता। बच्चों के अच्छे नतीजे आने लगे। गांव वालों का नजरिया बदलने लगा।
एक साल में वही छोटा कमरा एक बड़े स्कूल में बदल गया।
आज गांव के बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर बनने के सपने देख रहे थे।
उद्घाटन के दिन विवेक मंच पर खड़ा था। भीड़ तालियां बजा रही थी।
उसकी नजर सामने बैठे मां-पिताजी पर पड़ी। उनकी आंखों में गर्व था, आशीर्वाद था, और सबसे बढ़कर— विश्वास था।
विवेक ने माइक पर कहा—
"अगर मेरे अपने मेरा साथ न देते, तो ये सपना कभी पूरा नहीं होता। इंसान अकेले सफल नहीं होता, उसके पीछे अपनों का विश्वास खड़ा होता है।"
24/02/2026
नाम और पहचान छोटी हो सकती है,
पर खुद की होनी चाहिए।