27/08/2025
Always Memorable Debate Moment on Dehradun Smart City with Anchor HNN 24x7 Reena Jha Baliyaan, Ex C.M Harish Rawat Ji, Ex Cabinet Minister Congress Maatbar Singh Kandari Ji, BJP Spoke Person Present Uttarakhand Waqf Board Chairman Shadab Shams Bhai,Political Anayst Dr.Sushil Rai Ji.
28/09/2021
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25/03/2020
The effect of Coronavirus's fear on a cat : Wild Life In Real
The effect of Coronavirus's fear on a cat. एक बिल्ली पर कोरोनोवायरस के डर का प्रभाव
10/03/2020
UG / PG COURSES FROM UGC DEB (GOVT) APPROVED UNIVERSITY – My City My Job
BA GEN – 3 years = 10000 per year BA (H) – 3 years = 11000 per year MA – 2 years = 15000 per year BA EDU – 3 years = 15000 per year MA EDU – 2 years = 18000 per year BA SW – 3 years = 15000 per year MA SW – 2 years = 20000 per year BSW – 3 years = 16000 per year MSW – 2 years = 200...
18/11/2019
जेएनयू पर हमला देश पर हमला।आर्किटेक्ट आतिफ
पीस एम्बेसडर आर्किटेक्ट मोहम्मद आतिफ ने जेएनयू के छात्रों द्वारा किये जा रहे आंदोलन को सही ठहराते हुए कहा कि जेएनयू के छात्रों की मांगे जायज़ है और उसपर ध्यान दिया जाना चाहिए।
आतिफ ने कहा कि जेएनयू की हास्टल फीस में हुई बढ़ोतरी के साथ साथ सीबीएसई, आईआईटी,नवोदय विद्यालय और उत्तराखंड में मेडिकल कॉलेज में बढ़ायी गयी फीस को खारिज़ किया जाना चाहिए व भारत के अन्य विश्विद्यालय में भी फीस कम की जानी चाहिए।
आतिफ ने साथ ही कहा कि देश मे विदेशी विश्विद्यालय नही खुलने चाहिए और पब्लिक फंडेड यूनिवर्सिटी पर प्रहार नही होना चाहिए।
आतिफ ने बताया कि जेएनयू मुक्त विचारधारा के लिये देश मे विख्यात है
जब लेफ्ट के नेता सीताराम येचुरी जेएनयू में पढ़ते थे तब उन्होंने इंदिरा गांधी का विरोध किया था।
वहाँ पर सत्ता के खिलाफ सवाल उठाने की परिपाटी रही है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के कार्यकाल में भी जब वह जेएनयू केम्पस में आये उनके खिलाफ प्रदर्शन हुए।लेकिन 2014 के बाद से जब नरेंद्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने देशभक्ति की ऐसी नयी भावना जागृत हुई कि सवाल उठाने वाले देशद्रोही नज़र आने लगें।
2016 में अफ़ज़ल गुरु की फांसी की बरसी पर प्रदर्शन के दौरान ऐसी घटना हुई जिसकी सत्यता की जांच कोई नही कर पाया।
और जेएनयू के छात्रों पर चेनलो ने टुकड़े टुकड़े गैंग होने का तमगा ही लगा दिया।
आतिफ ने इसे एक साजिश करार देते हुए कहा कि जेएनयू को कमज़ोर करने का मतलब देश को कमज़ोर करना है।क्योंकि जेएनयू को कमज़ोर करने का सीधा मतलब है सेंस ऑफ इक्वलिटी को कमज़ोर करना है,सेंस ऑफ जस्टिस को कमज़ोर करना,लोकतंत्र को कमज़ोर करना,देश का सेक्युलर क्रेडेंशियल है उसे कमज़ोर करना है क्योंकि जेएनयू के छात्रों के अंदर ही वोह ताकत है जो सादे चप्पल पहनकर भी कई लाख का सूट पहने व्यक्ति पर उंगली उठाकर सवाल कर सकते है।
कुछ ही सालो में सोशल मीडिया पर इस तरह का दुष्प्रचार किया गया जिसने जेएनयू के कल्चर पर ही प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए।और बची कसर व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी ने पूरी कर दी बरसो तक हास्टल में पड़े रहते है,सेक्स और ड्रग्स में डूबे रहते है,जनता के पैसे पर पढ़ते है जैसी मनगढ़ंत बातो ने ये भूला दिया कि यहाँ से कितने सरकारी अधिकारी और रिसर्चर निकले तमाम रैकिंग में नम्बर वन आने की बाते भी दब गई।
हद तो यह है कि अब जेएनयू कहते ही लोगो की जुबान पर कुछ ही शब्द आते है जिनका ईमानदारी,आधुनिकता से कोई लेना देना नही है,जेएनयू से पढ़े छात्रों का नोबल प्राइज़ लाना वर्तमान में जेएनयू के ही प्रोडक्ट का वित्तमंत्री रहना भी लोगो की कल्पना को लगाम नही दे पा रहा।
जेएनयू की इमेज को तथाकथित लोगो ने पोर्न साइट सी बना दी है।
जिसको सुधारना अब स्वाभाविक हो गए है अन्यथा जेएनयू की तरह ही देश के उच्च संस्थानों को इसी तरह बरबाद करने की नाकाम साजिश की जाएगी।
10/11/2019
आर्किटेक्ट मोहम्मद आतिफ बने भारत के शांतिदूत।
शांति और मध्यस्थता में मिली डॉक्टरेट की उपाधि।
आर्किटेक्ट मोहम्मद आतिफ को डायनामिक पीस रेस्क्यू मिशन इंटरनेशनल (पीस कीपिंग एकेडमी)लागोस,नाइजीरिया द्वारा मानव जाति के लिए उनकी सेवा के लिए भारत में शांति दूत नियुक्त किया गया, अपने द्वारा देश मे मानवता के लिए किये जा रहे कार्यो के लिए
शेरकोट बिजनौर में जन्मे, और देहरादून में बस गए वरिष्ठ अधिवक्ता नसीमुद्दीन के पुत्र मोहम्मद आतिफ को यह सम्मान मिलना बड़े गर्व की बात है।
इसके अलावा आतिफ को शांति और मध्यस्थता में डॉक्टरेट की उपाधि भी दी गई।
इस सम्मान के लिए ग्लोबल कमांडेंट जनरल / संस्थापक डीपीआरएमआई एम्बेसेडर प्रोफेसर डॉ0 जनरल एडमिरल इबहोरिया उशीहोलो चार्ल्स का शुक्रिया अदा किया।
और भारत मे उन्हें शांतिदूत चुने जाने पर उनका आभार व्यक्त किया।
यह खबर मिलते ही शहर में खुशी की लहर दौड़ गयी,और आतिफ को बधाई देने की एक अटूट श्रृंखला शुरू हो गयी।
21/09/2019
दिनांक 23 सितम्बर 2019 को एम के पी कालेज में स्वदेशी ही समाधान कार्यक्रम में प्रितिभाग रहेगा।।
मेरे अज़ीज़ दोस्त कार्यक्रम के सहसंयोजक प्रिंस यादव जी का बहुत बहुत आभार।