उलझनों से डरना क्यों, दिक्कतें आये तो रास्ता बदलना क्यों ।
ज़िन्दगी का नाम है
जीना तो,
रोज़ मरने का सोचना क्यों ।
System Sudhar Party
New movement for better future of India. Because without the improvement of the existing system of the country, development is not possible.
This is the political party of an Indian youth who, by changing the old political system, want to strengthen India by making social, political, economic and educational changes.
एक जमाना था, तन ढकने को कपड़े न थे ,
फिर भी लोग तन ढकने का प्रयास करते थे।
आज कपड़ों के भंडार हैं, फिर भी तन दिखाने का प्रयास करते है
*हम सभ्य जो हो रहे है।*
एक जमाना था, आवागमन के साधन कम थे।
फिर भी लोग परिजनों से मिला करते थे।
आज आवागमन के साधनों की भरमार है।
फिर भी लोग न मिलने के बहाने बताते है।
*हम सभ्य जो हो रहे है।*
एक जमाना था, गाँव की बेटी का सब ख्याल रखते थे।
आज पड़ौसी की बेटी को भी उठा ले जाते है।
*हम सभ्य जो हो रहे है।*
एक जमाना था, लोग नगर-मौहल्ले के बुजुर्गों का हालचाल पूछते थे।
आज माँ-बाप तक को वृद्धाश्रम मे डाल देते है।
*हम सभ्य जो हो रहे है।*
एक जमाना था, खिलौनों की कमी थी।
फिर भी मौहल्ले भर के बच्चे साथ खेला करते थे।
आज खिलौनों की भरमार है, पर घर-द्वार तक बंद हैं।
*हम सभ्य जो हो रहे है।*
एक जमाना था, गली-मौहल्ले के जानवर तक को रोटी दी जाती थी ।
आज पड़ौसी के बच्चे भी भूखे सो जाते है।
*हम सभ्य जो हो रहे है।*
एक जमाना था, नगर-मौहल्ले मे आए अनजान का पूरा परिचय पूछ लेते थे।
आज पड़ोसी के घर आए मेहमान का नाम भी नहीं पूछते
*हम सभ्य जो हो रहे हैं।*
वाह री सभ्यता ! वाह री सभ्यता ! वाह री सभ्यता !
13/06/2019
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यह सुविधा पूरे भारत मे लागू होनी चाहिए ।
दोस्तो
सबकी बेटी प्यारी हो,
हमारी हो या तुम्हारी हो,
बलात्कारी को गोली मारो, चाहे मौलवी हो या पुजारी हो 😠
08/06/2019
#अलीगढ़ में मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की जानकारियां रौंगटे खड़े करने वाली हैं। इन दरिंदों को जानवर कहना जानवरों की बेइज़्ज़ती है।
हत्यारों के खिलाफ इतनी सख्त कार्यवाई हो कि दुनिया में मिशाल बने!
चाकू से पेड़ पर जानू का नाम ना गोदे !
एक पेड़ जानू के घर के सामने लगाए ,
पानी देने के बहाने उसे देख भी आएं !!
खराब रिजल्ट को देख कर
कोई गलत कदम मत उठाना बच्चो, मार्कशीट बस एक कागज का टुकड़ा है,
पर आप किसी के जिगर के टुकड़े हो l
B Positive
एक मर्द की 'कन्याएं'
*******************
😔😔
मुहल्ले की औरतें कन्या पूजन के लिए तैयार थी,
मिली नहीं कोई लड़की, उन्होंने हार अपनी मान ली !
फिर किसी ने बताया, अपने मोहल्ले के है बाहर जी,
बारह बेटियों का बाप, है !
सुन कर उसकी बात, हँस कर मैंने यह कह दिया,
बेटे के चक्कर में उसने, बेटियां बारह कर के बैठ गया !
पड़ोसियों को साथ लेकर, जा पहुँचा उसके घर पे,
, मैंने प्रणाम उसे कर के !
कन्या पूजन के लिए आपकी बेटियां घर लेकर जानी है,
आपकी पत्नी ने कन्या बिठा ली, या बिठानी है ?
सुन के मेरी बात बोला, आपको कोई गलतफहमी हुई है,
किसकी पत्नी जी ? मेरी तो अभी शादी भी नहीं हुई है !
सुन के उसकी बात, मैं तो चकरा गया,
बातों-बातों में वो मुझे क्या-क्या बता गया !
मत पूछो इनके बारे में, जो बातें मैंने छुपाई है,
क्या बताऊँ आपको, कि मैंने कहाँ-कहाँ से उठाई हैं !
माँ-बाप इनके हैवानियत की हदें सब तोड़ गए,
मन्दिर, मस्ज़िद और कई हस्पतालों में थे छोड़ गए !
बड़े-बड़े दरिंदे है, अपने इस जहान में,
यह जो दो छोटियां है, मिली थी मुझेे कूड़ेदान में !
इसका बाप कितना निर्दयी होगा, जिसे दया ना आई नन्ही सी जान पे,
हम मुर्दों को लेकर जाते हैं, वो जिन्दा ही छोड़ गया इसे श्मशान में !
यह जो बड़ी प्यारी सी है, थोड़ा लंगड़ा के चल रही है,
मैंने देखा के तलाब के पास एक गाड़ी खड़ी थी !
बैग फेंक कर भगा ली गाड़ी, जैसे उसे जल्दी बड़ी थी,
शायद उसके पीछे कोई बड़ी आफ़त पड़ी थी !
बैग था आकर्षित, मैंने लालच में उठाया था,
देखा जब खोल के, आंसू रोक नहीं पाया था !
जबरन बैग में डालने के लिए, उसने पैर इसके मोड़ दिये थे,
शायद उसे पता नहीं चला, कि उसने कब पैर इसके तोड़ दिये थे !
सात साल हो गए इस बात को, ये दिल पे लगा कर बैठी है,
बस गुमसुम सी रहती हैं, दर्द सीने में छुपा कर बैठी है !
सुन के बात श्री जी की, सामने आया सब पाप था,
लड़की के सामने जो खड़ा था कोई और नहीं, वो उसका बाप था !
देखा जब पडोसियों के तरफ़, उनके चेहरे के रंग बताते थे,
वो भी किसी ना किसी लड़की के, मुझे माँ-बाप नजर आते थे !
दिल पे पत्थर रख कर, लड़कियों को घर लेकर आ गया,
बारी-बारी से सब को हमने पूजा के लिए बिठा दिया !
जिन हाथों ने अपने हाथ से, तोड़े थे जो पैर जी,
टूटे हुए पैरों को छू कर, मांग रहे थे ख़ैर जी !
क्यों लोग खुद की बेटी मार कर, दूसरों की पूजना चाहते हैं ?
कुछ लोग कन्या पूजन ऐसे ही मनाते हैं !
आदरणीय मित्रो,
रचना मेरी नही है, किन्तु दिल को छू गयी, साझा करने से रोक नही पाया, साझा करने योग्य लगे तो आप भी करें
और सच्ची कन्या पूजन क्या है उसे जरूर जाने
,🙏 #बेटी_बचाओ
जिंदगी तो अपने ही हिसाब से ही जीनी चाहिए...
लोगों को खुश रखने के चक्कर में तो "शेर" को भी सर्कस में नाचना पड़ता है...
30/03/2019
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