23/09/2026
क्या आप इस दुबले-पतले से दिखने वाले इस व्यक्ति को पहचानते हो ?
ये यूकेडी-डी(डेमोक्रेटिक) का केंद्रीय अध्यक्ष बलविंदर नेगी है ? ये काम-धंधा क्या करता है ? कहाँ का है ? किसी को शायद ही पता होगा ?
पार्टी में उपाध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद मडिया से जुड़े एक मालदार शख्स के घर पर आशुतोष, बलविंदर और अन्य छूट-पुट की मीटिंग होती है जिसमे तय होता है आशुतोष यूकेडी-डी(डेमोक्रेटिक) में जायेगा, आशुतोष अध्यक्ष बनाने की बात करता है लेकिन बल्लू भाई मानता नहीं ही तो ले-देकर आशुतोष को केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने पर तय होती है I अपने फेसबुक में बलविंद्र कई बार भाजपा के नेताओं और विधायकों के साथ फोटो खींचकर डालता दिखता है, जिसे अब यह डिलीट कर रहा है कि कहीं इसकी भाजपा नेताओं के साथ नजदीकी की चोरी पकड़ी ना जाए I
अब इतने वर्षों में कहीं आपने यूकेडी-डी(डेमोक्रेटिक) और इसके अध्यक्ष बलवेंद्र को कहीं देखा है, भू-कानून, मूल-निवास, गैरसैंण राजधानी, अंकिता भंडारी के लिए आंदोलन में कहीं ये ना इसकी पार्टी यूकेडी-डी(डेमोक्रेटिक) दिखी, जबकि साधारण से साधारण उत्तराखंड का आदमी इन आंदोलनों में दिखा है I ये बलवेंद्र और यूकेडी-डी(डेमोक्रेटिक) सिर्फ चुनाव के समय सुनाई पड़ता है, इसका काम था चुनाव के समय भाजपा के नेताओं से पैसे लेना उत्तराखंड क्रांति दल के नाम से भ्रम फ़ैलाने का काम करता है I
1996 में यूकेडी से जुड़े कुछ लोगों ने अलग होकर यूकेडी-डी बनाई जिसका 2017 में स्व. दिवाकर भट्ट जी यूकेडी में विलय करा दिया था, लेकिन भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने चुपचाप यूकेडी-डी नाम का रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण करा दिया था I
जब मीडिया से जुड़े के एक शख्स को स्व. दिवाकर भट्ट जी ने 2022 से पहले यूकेडी में आने नहीं दिया था लेकिन वो यूकेडी में तोड़-फोड़ करवाने की कोशिश करने की कोशिश में लगा रहता है, जिसे पीछे से पुष्कर धामी और भाजपा के नेताओं का सहयोग मिलता है I इसी शख्स के घर पर बलवेंद्र, आशुतोष और कुछ छुट-पुट राजनीतिक लोगों की मीटिंग होती है और तय होता है कि आशुतोष पहले उत्तराखंड क्रांति दल के अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती खिलाफ बयानबाज़ी करेगा और फिर यूकेडी-दी में जायेगा जिसे पीछे से वो मीडिया से जुड़ा वो शख्स फंड करेगा I
दरसअल यूकेडी-डी के नाम पर आशुतोष को पैसा उगाही करने का लाइसेंस मिल जायेगा, पहले भी अंकिता के नाम पर चंदा लेकर उसने काफी पैसों का हेर-फेर किया और आजतक हिसाब नहीं दिया है I
नाम कॉपी करने से कोई उत्तराखंड क्रांति दल नहीं हो जायेगा, आशुतोष जैसे ब्लैकमेलर और उसके ब्लैकमेलर साथी उत्तराखंड क्रांति दल का नाम तो चुरा सकते हैं लेकिन चरित्र उनका वही ब्लैकमेलिंग वाला ही रहेगा I