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hl7843278 संघर्ष ही जीवन हैं और जीना एक कला है HLenglishlearn teacher

08/10/2026

🦚08 अक्टूबर 2026 🦚
🎍 सबका मंगल होय 🎍
🪷आज का सुविचार 🪷
⬇️
🌹मुझे गिरते हुए पत्तों ने यही
सिखाया है,-------------!
🌹कि जिन्दगी में जब बोझ
वन जाओगे,------------!
🌹तब तुम्हें अपने ही गिरा
देंगे,--------------------!!

🌻क्योंकि🌻
जो समझते थे सहरा हैं हमी हैं राहबर,
लोग सब ऐसे हमी से आज कतराने लगे।
है जरूरी जिंदगी भर का मुसल्सल हो सफर,
रुक गए तो हर तरफ लोग धकियाने लगे।।

🌺इसीलिए🌺
वक्त ने अक्सर कहा साथ मेरे चल गौतम,
हम पिछड़ते ही गए हैं और पछताने लगे।
कल उंगली पड़कर चलना सिखाया था जिन्हें,
वही बच्चे अब बड़े होकर राह दिखाने लगे।।

🌷लेकिन🌷
आदमी गिर कर भी चाहे तो सम्हल सकता है,
हर कठिन राह में भी झुक के चल सकता है।
बिगड़े हालात सुधर जाते हैं हिम्मत हो अगर,
आदमी चाहे तो दुनियां को बदल सकता है।।

🌻क्योंकि🌻
यह कैसा हुआ है दुर्योग,
लगा लोगों को स्वार्थ का रोग।
अब रही नहीं कहीं सद्भावना,
अभिनय करते देखे गए लोग।।

आपका आज का दिन
गुरुवार तथागत की दया से मंगलमय हो।
🙏🙏
🌹प्रातःवंदन🌹
जी. पी. गौतम
Mob.639348795

07/10/2026

🦚06 अक्टूबर 2026 🦚
🎍 सबका मंगल होय 🎍
🪷आज का सुविचार 🪷
⬇️
🌹रिश्ते कभी नहीं टूटते गलत
फहमीयां और घमंड,-------!
🌹उन पर हावी होकर उन्हें छोड़
देता है,------------------!!

🌻क्योंकि🌻
हजारों कोशिशें नाकाम यूं ही तो नहीं होतीं,
खुशी हो या गम हो तबीयत खुद को जुवां देगी।
सियासत का कोई रिश्ता पक्का नहीं होता,
करारों बेकरारों की जमीं को आसमा देगी।।

🌷लेकिन🌷
भरोसा ही अगर उठ जाए खुद पर से कभी यारो,
कभी होने न होने का कभी शायद गुमां देगी।
यहां कुछ लोग खुदको इस कदर मशहूर करते हैं,
कमी उनकी न जाने वक्त को ठहरा कहां देगी।।

🌺इसीलिए🌺
हमी ने वक्त से लड़ना सिखाया है जमाने को,
हमारी जिंदगी अब और कितने इम्तहां देगी।
लहजा असर करता नहीं है बात कहने का,
स्वार्थ में लिखा पढ़िए बुलंदी का गुमां देगी।।

🌻क्योंकि🌻
लक्ष्य बड़ा हो जीवन का तो,
तकलीफ भी प्यारी लगती है।
संकुचित विचार और छोटी सोच,
स्वयं में बीमारी लगती है।।

🌺इसीलिए🌺
तपा हो आग में जो वही स्वर्ण चोखा है,
वक्त जो पहचाने वह नर अनोखा है।
समय रहते कर लो मेरे दोस्त,
वरना यहां सांस का धोखा है।।

आपका आज का दिन
मंगलवार तथागत की दया से मंगलमय हो।
🙏🙏
🌹प्रातःवंदन🌹
जी. पी. गौतम
Mob.639348795

05/10/2026

🦚 05 अक्टूबर 2026 🦚
🎍 सबका मंगल होय 🎍
🪷आज का सुविचार 🪷
⬇️
🌹रिश्तों से अपेक्षा रखना
स्वार्थ नहीं है,-----------!

🌹मगर अपेक्षा के लिए रिश्ता
रखना स्वार्थ है,--------!!

🌻क्योंकि🌻
दफन थी जो अस्थियां खो गईं,
नाम जिन पर लिखा पट्टियां खो गईं।
बन गई क्या जरा सी सड़क गांव की,
फिर कहां सारी पगडंडियां खो गईं।।

🌷लेकिन🌷
हौसले ने दिखाईं सही मंजिलें,
अज्म था इल्म बैसाखियां खो गईं।
एक परचम फकत् रह गया हाथ में,
चंद नारे लिखीं तख्तियां खो गईं।।

🌻क्योंकि🌻
आज बौने हुए बरगदों की दशा,
छांव में धूप की चिड़ियां खो गईं।
उठ गया हाकिमों से भरोसा दोस्तो,
सारी फरियाद की अर्जियां खो गईं।।

🌺इसीलिए🌺
फूलों से दोस्ती क्या करना,
कुछ पल बाद मुरझा जाते हैं।
दोस्ती करना है तो कांटों से करो,
चुभने के बाद भी याद आते हैं।।

आपका आज का दिन
सोमवार तथागत की दया से मंगलमय हो।
🙏🙏
🌹प्रातःवंदन🌹
जी. पी. गौतम
Mob.639348795

04/10/2026

🦚 04 अक्टूबर 2026 🦚
🎍 सबका मंगल होय 🎍
🪷आज का सुविचार 🪷
⬇️
🌹जरूरत पड़ने पर बहाना
और बुरे बक्त में ताना,---!

🌹कोई कितना भी अपना हो
अक्सर मार ही जाता है,-!!

🌺इसीलिए🌺
मै मंदिर औ मस्जिद सब क्या जानूं,
मेरे तो बस मात पिता चारो धाम हैं।
कोई कुछ कहे फिक्र नहीं है गौतम,
लव्ज प्यार का बोले उसे सलाम है।।

🌷लेकिन🌷
भरोसा रखो सदा हमारी दोस्ती पर,
हम किसी का दिल दुखाया नहीं करते।
आप और आपका अंदाज हमें अच्छा लगा,
वरना हम किसी को दोस्त बनाया नहीं करते।।

🌺 इसीलिए🌺
खुद को खुदा कहा और खुदा ही हो गए,
रिश्तो की कसम कश खुद से जुदा हो गए।
बांचते रहे ता- उम्र आईने में सूरत अपनी,
तन्हा रहे जिंदगी में और भीड़ में ही खो गए।।

🌻क्योंकि🌻
ये दुनिया है यहां दिल लगाना किसको आता है,
हजारों प्यार करते हैं निभाना किसको आता है।
ये दुनिया है यहां दिल में समाना किसको आता है,
मिटाने वाले लाखों हैं बनाना किसको आता है।।

आपका आज का दिन
रविवार तथागत की दया से मंगलमय हो।
🙏🙏
🌹प्रातःवंदन🌹
जी. पी. गौतम
Mob.639348795

03/10/2026

🦚 03 अक्टूबर 2026 🦚
🎍 सबका मंगल होय 🎍
🪷आज का सुविचार 🪷
⬇️
🌹सुखमय जीवन जीना है तो
दो का पालन करो,------!

🌹न किसी से अपेक्षा करो न
किसी की उपेक्षा करो,--!!

🌻क्योंकि🌻
कौन अब सच में प्यार करता है,
बात मतलब से यार करता है।
जिसको समझा था प्यार की मूरत,
वो ही दिल तार- तार करता है।।

🌺इसीलिए🌺
मेरे सीने में एक ही गम है,
इसीलिए आंख मेरी कुछ नम है।
जान और दिल लुटा दिए फिर भी,
मेरा ही ऐतबार क्यों कम है।।

🌻क्योंकि🌻
पहले जैसा रंग नहीं है,
जीवन की रंगोली में।
जाने कितना जहर भरा है,
अब लोगों की बोली में।।

🌷लेकिन🌷
चुभ जाती हैं बातें कभी,
तो कभी लहजे मार जाते हैं।
जिंदगी है जनाब यहां हम,
गैरों से नहीं अपनों से हार जाते हैं।।

आपका आज का दिन
शनिवार तथागत की दया से मंगलमय हो।
🙏🙏
🌹प्रातःवंदन🌹
जी. पी. गौतम
Mob.639348795

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