13/12/2024
मैं एक बेटे के लिए करोड़ों बेटों को नहीं मार सकता।
#सत्ताईस_में_सत्ता_में #बसपा
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13/12/2024
मैं एक बेटे के लिए करोड़ों बेटों को नहीं मार सकता।
#सत्ताईस_में_सत्ता_में #बसपा
12/12/2024
महाराष्ट्र राज्य के परभणी में स्थित भारतरत्न बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा एवं संविधान का किया गया अपमान अति-निन्दनीय व शर्मनाक। इस घटना से पार्टी काफी दुःखी व चिन्तित भी है।
वहाँ की राज्य सरकार, ऐसे जातिवादी व असामाजिक तत्वों के विरुद्ध तुरन्त सख़्त क़ानूनी कार्रवाई करे, वरना वहाँ हालात् काफी बिगड़ सकते हैं। सभी से शान्ति-व्यवस्था बनाये रखने की अपील।
Mayawati
#बसपा #शासन_प्रशासन_अनुशासन #बहनजी #बाबा_साहेब #सत्ताईस_में_सत्ता_में Akash Anand
ये होता है असली नेता की पहचान।
बहन जी के आदेश पर आकाश आनंद जी ने 8 महिना पहले फ्री की रेवड़ी पर सवाल उठाया था।
आज उनकी बात को सुप्रीम कोर्ट भी दुहरा रहा है।
#बसपा #शासन_प्रशासन_अनुशासन #बहनजी
शासन - प्रशासन - अनुशासन का मतलब बहन जी और बसपा है।
#सत्ताईस_में_सत्ता_में #बाबा_साहेब #बसपा #बुद्ध_इंटरनेशनल_सर्किट #शासन_प्रशासन_अनुशासन #बहनजी
दलित उत्पीड़न पर ऐसी मुखरता, दलित अस्मिता और दलित अस्तित्व पर ऐसी बेबाक़ी, क्या किसी और से मुमकिन है?
आदरणीय बहनजी ने दलित हित-ओ-अधिकार पर जैसा पहरा दिया है, ऐसा भारतीय राजनीति और लोकतंत्र में कोई नहीं दे सकता……..
आदरणीय बहनजी शोषितों और वंचितों की वो बुलंद आवाज़ हैं, जिसके शीर्ष तक पहुँचना तो दूर, कोई आस-पास तक नहीं ठहरता।
Mayawati Akash Anand Bahujan Samaj Party
#बहनजी #शासन_प्रशासन_अनुशासन #बसपा #बुद्ध_इंटरनेशनल_सर्किट #बाबा_साहेब
""बीएसपी से मनुवादी मीडिया और सोशल मीडिया की नफरत""
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बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने मीडिया,प्रिन्ट मीडिया और सोशल मीडिया पर साफ तौर पर कहा था कि किसी भी पार्टी के किसी भी प्रत्याशी ने उनसे वोट नहीं मांगा, उन्होंने कहा कि संजय सेठ को इसलिए वोट दिया क्योंकि उन्होंने उनसे बार-बार वोट देने लिए कहा। संजय सेठ व उमाशंकर सिंह के बीच राजनीति में आने से पहले सम्बन्ध हैं।
आये दिन जातिवादी, बीएसपी विरोधी व सामंतवादी लोग कहते हैं कि बीससपी ने उमाशंकर सिंह को पार्टी से नहीं निकाला, जबकि प्रशान्त गौतम,मुनकाद अली,सुरेन्द्र सागर आदि को निकाल दिया।
राज्यसभा चुनाव 2024 में सपा के 11 विधायकों ने भाजपा को वोट दिया, तो इस लिहाज से अखिलेश यादव ने ही उन्हें भाजपा को वोट करने के लिए कहा होगा, फिर तो सपा और अखिलेश यादव ही भाजपा की मदद कर रहे हैं।
क्या अखिलेश यादव ने अपने इन विधायकों को सपा से निकाला? क्या अखिलेश यादव ने विधानसभा अध्यक्ष को कोई पत्र लिखा इन बागियों की सदस्यता रद्द करवाने के लिए? नहीं,अखिलेश यादव ने ऐसा कुछ नहीं किया।
राज्यसभा चुनाव 2024 में हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में कांग्रेस के कुछ विधायकों ने भाजपा को वोट दिया,तो इससे साबित होता है कि कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे,राहुल गांधी और सोनिया गांधी के कहने पर उन विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी को वोट दिया था।
क्या कांग्रेस ने अपने इन विधायकों को पार्टी से निकाला? क्या कांग्रेस ने इनकी सदस्यता रद्द करवाने के लिए हिमाचल व कर्नाटक की विधान सभा में कोई लिखित पत्र दिया या कार्यवाही करने का मौखिक बयान दिया? नहीं,कुछ नहीं किया। कांग्रेस ने कोई कार्यवाही नहीं की।
राज्यसभा चुनाव 2024 में रालोद के सभी विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी को वोट दिए,तो इसे क्यों न बता रही मनु मीडिया। आखिर जयन्त चौधरी को क्यों बदनाम नहीं कर रही मीडिया और सोशल मीडिया। भाजपा को वोट करवाने का इनाम जयन्त चौधरी को भाजपा ने दिया और उनके दादा पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किया। वैसे जयंत चौधरी इसके बाद भाजपा से गठबंधन भी कर लिए थे और भाजपा की कैबिनेट में मंत्री हैं।
ये सब मीडिया और जातिवादी लोग क्यों नहीं बताते? इसका कारण है कि बसपा की कमान एक दलित के हाथ में है और वो भी ऊपर से महिला के हाथ में। बसपा उद्योगपतियों से चंदा नहीं लेती,उन्हें सपोर्ट नहीं करती।
फिर भी आपको मीडिया,प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया,जातिवादी लोग और बसपा विरोधी यह झूठ एवं भ्रम फैला रहे हैं कि बसपा ने दिया,भाजपा का साथ।
वैसे बसपा के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह का संजय सेठ को वोट देना,उनका व्यक्तिगत मामला था क्योंकि इस राज्यसभा चुनाव में बसपा के पास इतने विधायक नहीं थे, जो वो उसे राज्यसभा चुनाव लड़ाती और उमाशंकर सिंह उसे वोट करते।
#बहनजी #बाबा_साहेब #शासन_प्रशासन_अनुशासन #बसपा #रामगढ़ #बिहार
06/12/2024
बहन_मायावती_जी का वह शानदार काम #बुद्ध_इंटरनेशनल_सर्किट जिसके लिए कहा जाता था।
कि भारत जैसा देश में इंटरनेशनल रेसिंग सर्किट दसियों सालों तक नहीं बन सकता।
#बहनजी ने एक झटके में बनवाकर दिखा दिया।
लेकिन अफ़सोस मीडिया में कहीं भूले से भी इसका जिक्र तक नहीं होता है।
चित्र की अपार भीड़ इसकी लोकप्रियता बयां करने के लिए काफी है।
Mayawati Mayawati को पसंद करने वाले मित्र Bahujan Samaj Party Akash Anand
जाति और धर्म से संबंधित पूर्वाग्रहों से मुक्त आधुनिक भारतीय समाज के लिए एक जीवन बिताया। सभी के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने के लिए एक जीवन बिताया।
भारतीय संविधान के निर्माता, करोड़ों दलितों, शोषितों, वंचितों, पिछड़ों, महिलाओं एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों के मसीहा भारत रत्न बाबासाहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी को उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि।
#बाबा_साहेब #भीमराव_अंबेडकर
बहन जी मतलब कानून का राज, अपराधी मतलब अपराधी, जिसने भी कानून को हाथ में लिया जेल की सलाखों में होता था
#शासन_प्रशासन_अनुशासन
04/12/2024
बसपा में हो रही साजिशों का पर्दाफाश
राजस्थान के विधानसभा चुनाव से 3 महीने पहले माननीय आकाश आनंद जी का कार्यकम निर्धारित किया गया। संकल्प यात्रा का आरंभ हुआ, कई बार नेशनल कॉर्डिनेटर आनंद जी ने दिन भर में 5 या 6 सभाएं व संबोधन तक किए कार्यक्रम रात्रि के 12 बजे के बाद तक हुए।
समाज और मीडिया सभी तक आकाश आनंद के कारवां की मजबूत आवाज दस्तक दे रही थी, लेकिन इस यात्रा का समापन हो उसके पहले ही कुछ जिम्मेदार प्रभारी और राज्य इकाई के नेतृत्व ने डीलिंग की शुरुवात कर दी। बीच यात्रा में भी कई कार्यक्रम टिकट की फेरबदल को लेकर बदले गए।
कई अन्य तरह के राजनैतिक खेल हुए अंत में जो कार्यक्रम सबसे भव्य होना था राजस्थान के केंद्र जयपुर में उस पूरे कार्यक्रम को विफल होने के कगार पर लेकर गई वहां की राज्य इकाई। किसी तरह से वहां का कार्यक्रम हुआ। माननीय आकाश आनंद जी की रैलियां छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में भी करके ...
वहां भी समाज खासकर युवाओं में उम्मीद की किरण जगाई गई और जब इलेक्शन आया तब फिर से धंधे बाजी हुई। इन राज्यों में जो भी धांधलियां हो रही थी माननीय आकाश आनंद जी ने उसे सुधारने का प्रयास भी किया लेकिन जिम्मेदार प्रभारी और पदाधिकारियों ने इसे विफल कर दिया।
माननीय आकाश आनंद जी ने ऑनलाइन सदस्यता अभियान शुरू किया बसपा का पोर्टल बनाया उसे बंद करा दिया प्रभारियों और कॉर्डिनेटर ने मिलकर, बहन जी को समझाया हम बहुत मजबूत है हमें जरूरत नहीं है....
#बसपा #शासन_प्रशासन_अनुशासन
03/12/2024
सोची समझी साज़िश और रणनीति के तहत एक नैरेटिव चलाया जा रहा है, कि बसपा ख़त्म हो जाएगी।और बसपा के स्थान पर आसपा विकल्प बनेगी।
आसपा दलित और मुस्लिम समीकरण साधेगी। आसपा, बसपा के दलित वोटों में सेंधमारी करेगी।
यही सब बातें सुनी हैं न आपने? ये सब सोची समझी साज़िश और रणनीति के तहत फैलाया जा रहा है।
अगर तथ्यों पर गौर करें, तो सच्चाई कुछ और ही है।
तथ्यों पर गौर करें——
-चंद्रशेखर आज़ाद 2022 विधानसभा चुनाव में गोरखपुर सदर सीट से चुनाव लड़े। वहाँ उन्हें सिर्फ़ 7640 वोट 3.21% वोट मिले, फिर अचानक 2024 में नगीना सीट पर 512552 51.19% वोट शेयर कैसे हासिल हो गया?
नगीना लोकसभा मुस्लिम बहुल आरक्षित सीट है, इस आरक्षित सीट पर कोई मुस्लिम तो चुनाव लड़ा नहीं? सब दलित प्रत्याशी ही मैदान में थे मुस्लिम समाज ने इनमें से चंद्रशेखर को चुना। कई अन्य राजनैतिक दलों का वोट ट्रांसफ़र हुआ।
-लोकसभा चुनाव में बसपा को 0 सीट मिली, लेकिन पूरे देश में दयनीय स्थिति के बाद भी वोट शेयर छठे नंबर पर था। जबकि कई राजनैतिक दल ज़्यादा सीटें जीतने के बाद भी वोट शेयर में बहुत नीचे पायदान पर थे। आज़ाद समाज पार्टी का वोट शेयर बहुत नीचे था।
-लोकसभा चुनाव के बाद हरियाणा विधानसभा चुनाव हुआ, जहां बसपा को वोट शेयर बढ़ा और तीन सीटों पर बसपा उपविजेता रही। जबकि आसपा को कहीं 4-5 हज़ार से अधिक वोट नहीं मिले।
-झारखंड और महाराष्ट्र में भी वोट शेयर के मामले में बसपा आगे है।
अब बात उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव की—
9 में 8 सीट आज़ाद समाज पार्टी लड़ी, जिसमें सीसामऊ नहीं लड़ी। जिन 8 सीटों पर चुनाव लड़ी। उसमें फूलपुर, मीरापुर और कुंदरकी में आसपा से मुस्लिम प्रत्याशी थे।
पश्चिम की दोनों मुस्लिम बहुल सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी होने के कारण बसपा से अधिक वोट मिले हैं, जबकि पूर्व की फूलपुर सीट पर सपा और आसपा दोनों से मुस्लिम प्रत्याशी थे। तो आसपा को 4000 वोट जबकि बसपा के ठाकुर प्रत्याशी को 20000 वोट मिले।
ख़ैर और ग़ाज़ियाबाद में जाटव बहुलता के बाद भी आज़ाद समाज पार्टी को कोई ख़ास वोट नहीं मिले, ख़ैर में 10000 और ग़ाज़ियाबाद में तो और भी बहुत कम वोट मिले।
सिर्फ़ कुंदरकी और मीरापुर के नाम पर हवा बनाई जा रही है। जबकि मुस्लिम बहुल दोनों सीटों पर मुस्लिम ही प्रत्याशी थे। इन दोनों सीटों पर अन्य पाँच सीटों की तरह अगर ग़ैर मुस्लिम प्रत्याशी होते तो सही लोकप्रियता समझ में आती?
दूसरी बात चंद्रशेखर का झुकाव मुस्लिम समाज की तरफ़ है। कुंदरकी और मीरापुर में मुस्लिम वोटों के बँटवारे ने ये साबित भी कर दिया है कि भविष्य में आसपा और मजलिस दोनों समाजवादी पार्टी का विकल्प भी बनेंगे और सपा के मुस्लिम वोटों का ज़बरदस्त नुक़सान भी करेंगे।
तो दलाल पत्रकारों को सही विश्लेषण करते हुए समाजवादी पार्टी के नुक़सान की परवाह करनी चाहिए, बसपा तो ऑलरेडी नुक़सान में है उसका और कोई क्या ही नुक़सान करेगा?
लोकसभा चुनाव, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा आम चुनावों और उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनावों ने ये सिद्ध कर दिया है कि बहुजन समाज की आस्था फ़िलहाल तो बसपा में ही है।
#शासन_प्रशासन_अनुशासन #बसपा
14/11/2024
क्या आप जानते हैं कि झारखंड की बिश्रामपुर विधानसभा सीट पर क्या चल रहा है? नहीं? तो फिर पोस्ट पढ़िए——
झारखंड के पलामू ज़िले में बिश्रामपुर विधानसभा सीट है। ये सीट बसपा का मज़बूत गढ़ है। इस सीट पर बसपा 2019 विधानसभा चुनाव में दूसरे नंबर पर रही थी।
2019 में बसपा के राजेश मेहता को 32122 वोट मिले थे। भाजपा के रामचंद्र चंद्रवंशी 40635 वोट लाकर इलेक्शन जीते थे।
बसपा का अब तक का चुनावी प्रदर्शन——
2019- 32122 दूसरा स्थान
2014- 19145 तीसरा स्थान
2009- 12062 चौथा स्थान
2005- 12501 पाँचवा स्थान
2000- 6642 चौथा स्थान
2000-2019 तक चुनाव दर चुनाव बसपा को वोट शेयर इस सीट पर निरंतर बढ़ता रहा।
अरे! अब असली मुद्दे की बात पढ़िए—
बसपा की इस मज़बूत सीट पर इंडिया गठबंधन के तमाम दलों ने गठबंधन में होते हुए भी प्रत्याशी उतार दिए हैं। साथ ही साथ आज़ाद समाज पार्टी ने भी प्रत्याशी उतारा है। आज़ाद समाज पार्टी ने मुस्लिम समाज के सिराजुद्दीन खान को टिकट दिया है। इस सीट पर मजलिस ने कैंडिडेट नहीं दिया है।
इस बार के प्रत्याशी
बसपा- राजेश मेहता
राष्ट्रीय जनता दल राजद- नरेश प्रसाद सिंह
कांग्रेस- सुधीर कुमार
समाजवादी पार्टी- अंजू सिंह
आज़ाद समाज पार्टी- सिराजुद्दीन खान
-गठबंधन में होते हुए भी सपा-राजद-कांग्रेस ने प्रत्याशी क्यों उतारे?
-आज़ाद समाज पार्टी ने मुस्लिम प्रत्याशी क्यों दिया?
अब आप लोग बताइए कौन किसकी बी टीम है? और सबसे असली बी टीम कौन है?
#बसपा #रामगढ़ #बिहार #शासन_प्रशासन_अनुशासन