BSF BOY Prashant

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Bharat Mata ki Jai, Jai Hind

Indian Army, Commandos, Special Forces, Training, Weapons, Operations, Technology, Aircraft, Missile, I Would like to Welcome all Peoples Who are Joining This Page and like it.

04/01/2026

#फौजी जब #यूनिफॉर्म पहनता है ना
उसी पल से उसकी #धड़कन उसकी नहीं
बल्कि #देश की धड़कन बन जाती है
और फौजी कभी फौज में मरने के लिए नहीं जाता
बल्कि वो फौज में #जीने के लिए जाता है
और वो भी खुद के लिए नहीं सिर्फ़
पूरे देश के लिए जीने जाता है
दूसरों के लिए जीने जाता है

04/01/2026

जयपुर के महल रोड पर 1 जनवरी से आर्मी डे परेड का अभ्यास शुरू हो चुका है।
भारतीय सेना के शौर्य, अनुशासन और गौरव का प्रतीक आर्मी डे हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है, जिस दिन मुख्य परेड का आयोजन किया जाएगा।

इससे पहले सेना की तैयारियों को परखने के लिए 9 जनवरी से रिहर्सल शुरू होगी।
👉 9, 11 और 13 जनवरी को होने वाली इन रिहर्सल्स को आम नागरिक भी देख सकेंगे, जहां सेना की ड्रिल, मार्च-पास्ट और अनुशासन की झलक देखने को मिलेगी।

महल रोड पर चल रहा यह अभ्यास न केवल सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है, बल्कि देशभक्ति और सेना के सम्मान का जीवंत दृश्य भी प्रस्तुत कर रहा है।

04/01/2026

अरब सागर की लहरें उस रात कुछ ज़्यादा ही बेचैन थीं। अंधेरा घना था, और आसमान में चाँद बादलों के पीछे छिपा हुआ। INS विक्रम के डेक पर छह साये बिना आवाज़ के खड़े थे—ये थे MARCOS, भारतीय नौसेना के सबसे ख़ामोश और सबसे ख़तरनाक योद्धा।

कमांडो अर्जुन ने अपनी घड़ी देखी।
“तीन मिनट,” उसने धीमी आवाज़ में कहा।

मिशन साफ़ था—एक अपहृत भारतीय रिसर्च जहाज़ को दुश्मन आतंकियों से मुक्त कराना। दुश्मन को पता भी नहीं चलना चाहिए कि मौत पानी के नीचे से आ रही है।

छहों कमांडो एक-एक कर समुद्र में उतर गए। ठंडा पानी, भारी गियर, और दिल की धड़कनों की गिनती—सब कुछ अभ्यास जैसा था। MARCOS को समंदर घर जैसा लगता है।

जहाज़ के नीचे पहुँचते ही अर्जुन ने हाथ के इशारे से टीम को बाँटा।
कमांडो वीर ने चुपचाप जहाज़ की साइड पर मैग्नेटिक क्लाइंबर लगाया। ऊपर डेक पर दो आतंकी गश्त कर रहे थे।

एक पल।
फिर एक तेज़ लेकिन दबा हुआ एक्शन।

बिना गोली चले, बिना शोर—दोनों आतंकी बेहोश थे।

जहाज़ के अंदर बंधे वैज्ञानिक डर से सहमे बैठे थे। जब उन्होंने नीली वर्दी और आँखों में भरोसा देखा, तो एक बूढ़े वैज्ञानिक की आँखों में आँसू आ गए।

“आप लोग…?”
अर्जुन मुस्कुराया, “भारतीय नौसेना। अब आप सुरक्षित हैं।”

मिशन 22 मिनट में पूरा हुआ।

जब सूरज उगा, तो समुद्र फिर शांत था—जैसे कुछ हुआ ही न हो।
लेकिन देश के लिए, एक और अनकही जीत दर्ज हो चुकी थी।

क्योंकि MARCOS शोर नहीं मचाते—काम करके लौट जाते हैं।जय हिंद जय भारत 🇮🇳 पोस्ट को शेयर और लाइक जरूर करे नए लोग पेज को फॉलो कर लें!!

04/01/2026

इन #मासूमों पर भले ही #विश्वास कर लेना लेकिन
इंसानों पर कभी नहीं क्योंकि अक्सर इंसानों की आदत
होती है #धोखा देने की इन मासूमों की नहीं 🐕

04/01/2026

संदेसे आते हैं, हमें तड़पाते हैं
जो चिट्ठी आती है, वो पूछे जाती है
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये घर सूना सूना है 🏠

Photos from BSF BOY Prashant 's post 03/01/2026

फौजी देश की धड़कन हैं,
फौजी गाड़ी देश की जान हैं।
वे सरहद पर खड़े, देश की रक्षा में,
अपने प्राणों को भी, न्यौछावर करते हैं।

वे देश के लिए, हर समय तैयार हैं,
फौजी गाड़ी की आवाज़, देश की शान है।
वे रात-दिन खड़े, देश की रक्षा में,
अपने परिवार को छोड़, देश के लिए लड़ते हैं।

वे देश की सुरक्षा के लिए, अपना जीवन देते हैं,
फौजी गाड़ी की धड़कन, देश की पहचान है।
वे देश के लिए, हर चुनौती का सामना करते हैं,
फौजी गाड़ी की धड़कन, देश की सुरक्षा का आधार है।

वे देश के लिए, हर पल तैयार हैं,
फौजी गाड़ी की धड़कन, देश की शान है।
वे देश की रक्षा में, कभी पीछे नहीं हटते,
फौजी गाड़ी की धड़कन, देश की पहचान है।

वे देश के लिए, अपना सब कुछ देते हैं,
फौजी गाड़ी की धड़कन, देश की सुरक्षा का प्रतीक है।
वे देश के लिए, हर समय खड़े रहते हैं,
फौजी गाड़ी की धड़कन, देश की शान है।

वे देश की सुरक्षा के लिए, अपना जीवन समर्पित करते हैं,
फौजी गाड़ी की धड़कन, देश की पहचान है।
वे देश के लिए, हर समय तैयार रहते हैं,
फौजी गाड़ी की धड़कन, देश की शान है।

वे देश की रक्षा के लिए, हर कदम उठाते हैं,
फौजी गाड़ी की धड़कन, देश की सुरक्षा का आधार है।
वे देश के लिए, अपना सब कुछ न्यौछावर करते हैं,...
फौजी गाड़ी की धड़कन, देश की पहचान है।
जय हिंद 🇮🇳🪖
Komal Sharma

Photos from BSF BOY Prashant 's post 03/01/2026

सो जाइए, फौजी सरहद सम्भाले हुए हैं ,..
आपकी सुरक्षा के लिए, वे रात-दिन हैं।
निडर और निश्चिंत, वे देश की सेवा में,
आपकी रक्षा का वचन, उनकी जिंदगी में।

फौजी की जिंदगी, देश की रक्षा है,
अपनों से दूर, देश की सेवा है।
वे सरहद पर खड़े, देश की पहचान हैं,
आपकी सुरक्षा के लिए, वे अपना जीवन देंगे।
फौजी की जिंदगी, देश की शान है,
वे सरहद पर खड़े, आपकी रक्षा में हैं।

देश की रक्षा में, वे अपना सब कुछ न्यौछावर कर देते हैं 🙏,
आपकी सुरक्षा के लिए, वे हमेशा तैयार हैं।
फौजी की जिंदगी, देश की पहचान है,
वे सरहद पर खड़े, आपकी रक्षा में हैं। 🇮🇳😊
सोने से पहले,, फौजी भाइयों के लिए एक जय हिंद हो जाए.
जय हिंद 🪖🇮🇳

23/12/2025

सेना के फिटनेस टेस्ट में बदलाव
अभी इंडियन आर्मी के जवानों को हर तिमाही में दो तरह के फिजिकल टेस्ट से गुजरना होता है। बैटल प्रेपेयर्डनेस एफिशिएंसी टेस्ट (BPET) और फिजिकल प्रोफिशिएंसी टेस्ट (PPT)। इसकी जगह 2026-27 ट्रेनिंग ईयर से साल में दो बार एक ही कंबाइंड फिजिकल टेस्ट (CFT) की व्यवस्था की जा रही है। सेना मुख्यालय ने फिजिकल टेस्ट में इस बदलाव का प्रस्ताव अक्टूबर महीने में ही भेजा था और देश भर के सैन्यकर्मियों से दिसंबर तक अपनी प्रतिक्रिया देने को कहा था। माना जा रहा है कि 1 जनवरी, 2026 से तीन महीने तक इसपर ट्रायल का काम होगा और 1 अप्रैल से इसे विधिवत लागू करने की नई गाइडलाइंस जारी हो जाएगी।

सेना में मौजूदा फिटनेस टेस्ट
कंबाइंड फिजिकल टेस्ट (CFT) क्या है
अभी सेना में जो बीपीईटी होता है, उसमें 5 किलोमीटर की दौड़, रस्सियों से सीधे, तिरछे चढ़ना, 9 फीट गड्ढे में कूदना और 60 मीटर स्प्रिंट शामिल है। यह सारे टेस्ट युद्ध की तरह सारे हथियारों के साथ होते हैं। वहीं पीपीटी के तहत अलग से 3.2 किलोमीटर की दौड़, चिन-अप्स, सिट-अप्स, 5 मीटर की शटल और 100 मीटर की स्प्रिंट का टेस्ट भी पास करना होता है। बीपीईटी में मात्र 45 साल तक के सैन्यकर्मी शामिल होते हैं। वहीं पीपीटी में 60 साल तक के सैन्यकर्मियों को शामिल किया जाता है। यह दोनों ही टेस्ट हर तीन में आयोजित किए जाते हैं। मतलब, एक टेस्ट पास करने के साथ ही सैन्यकर्मियों का ध्यान अगले टेस्ट को लेकर घूमना शुरू हो जाता है। मौजूदा प्रक्रिया में उम्र के साथ दौड़ की लंबाई और परिभाषा (वॉक) भी बदल जाती है।
अब सेना में फिजिकल फिटनेस के लिए जिस नए तरह का कंबाइंड फिजिकल टेस्ट प्रस्तावित है, उसमें बीपीईटी और पीपीटी के तहत होने वाले कई तरह के टेस्ट को जोड़ दिया जाएगा। इसका नतीजा ये होगा कि कुल टेस्ट की संख्या कम हो जाएगी। यही नहीं, अब साल में 4 बार की जगह सिर्फ 2 बार ही फिटनेस टेस्ट लिए जाएंगे। इनमें 45 साल से कम के सैन्यकर्मियों के लिए 3.2 किलोमीटर की दौड़, रस्सियों पर खड़ी और तिरछी चढ़ाई, पुश-अप और सिट-अप टेस्ट आयोजित होंगे। 45 साल से ऊपर के सैन्यकर्मियों को इसके तहत 3.2 किलोमीटर की दौड़ या वॉकिंग,वो भी हथियारों के साथ या बिना उसके करना होगा। 55 से 60 साल के आयु वर्ग के अफसरों को टेस्ट के दौरान सुपरवाइज भी नहीं किया जाएगा और वे अपनी फिटनेस के लिए खुद ही जिम्मेदार होंगे। प्रत्येक टेस्ट के बाद सैन्यकर्मियों को संतोषजनक, अच्छा, शानदार और बहुत शानदार का ग्रेड दिया जाएगा। अगर नंबर की बात करें तो इस सिस्टम के तहत अधिकतम 60 नंबर और न्यूनतम 38 नंबर दिए जाने का प्रावधान होगा। यह प्रक्रिया कमोवेश महिला सैन्यकर्मियों पर भी लागू होगी।

फिटनेस टेस्ट में बदलाव की वजह
सेना में मौजूदा फिटनेस टेस्ट का तरीका ऐसा है कि सैन्यकर्मियों को हर तीन महीने पर इससे गुजरना होता है। सैन्य अधिकारियों का कहना है कि इसमें बदलाव से अब सैन्यकर्मियों को लगातार होने वाले टेस्ट के बजाए अपने फिटनेस पर ध्यान देने का मौका मिलेगा। अब बिना फिजिकल स्टैंडर्ड कम हुए, सिर्फ टेस्ट की संख्या कम होगी। माना जा रहा है कि आंतरिक अध्ययनों के आधार पर इस तरह के बदलाव पर विचार हुआ है। इससे सैन्यकर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार गतिविधियों पर फोकस करने का ज्यादा समय मिलेगा, बजाए इसके कि वह हर तिमाही में फिटनेस टेस्ट पास करने को लेकर सोचते रहें।

17/12/2025

वर्दी की शान से बड़ी कोई शान नहीं होती है और फौजी के रुतबे से बड़ा कोई रुतबा नहीं है और देश के धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
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14/12/2025

जिसे सही लगा.. वो जय हिंद लिख सकते हैं 🪖🇮🇳
एक गोली, एक दुश्मन,
फौजी की यही पहचान।
देश की रक्षा में सदैव तैयार,
बुलंद है उनका इमान।... जय हिंद 🪖🇮🇳

14/12/2025

जैसे सूरज 🌞 सबका होता है
ऐसे ही फौजी किसी धर्म, जात, राज्य का नहीं ,
बल्कि राष्ट्र 🇮🇳का होता है....
वंदे मातरम् 🫡

13/12/2025
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