11/11/2024
आप सभी को सूचित किया जाता है कि आगामी 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती चन्दौली स्थित पूर्व चेयरमैन अध्यक्ष रविंद्र गोंड जी के लाल में आयोजित किया गया है आप सभी सगा जनों से अनुरोध है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भगवान बिरसा मुंडा को अपना श्रद्धा सुमन समर्पित करते हुए जयंती को सफल बनाएं।
जय सेवा जय जोहार जय आदिवासी
06/10/2024
प्रकाशनार्थ
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काशी 5 अक्टूबर अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ वाराणसी की ओर से गोंड धर्मशाला लल्लापुरा मै गोंड वीरांगना महारानी दुर्गावती की जयंती गोंड जनजाति समाज के लोगो ने बहुत धूम धाम से मनाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भा ज पा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप सिंह पटेल ने गोंड वीरांगना के समक्ष दीप प्रज्वलित करके और पुष्प अर्पित करके कार्यक्रम की शुरुवात किया। तत्पश्चात उन्होनें,आदिवासी संघ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामजी सिंह नेताम,राष्ट्रीय सचीव रामनगीना गोंड,गोंड समाज के प्रबुद्ध जन राजेश गोंड महादेव मुर्ति भण्डार समाज सेवी जयपुर मूर्ति भण्डार संजय गोंड,कमलेश गोंड और पूर्व अध्यक्ष बजरंग गोंड को अंग वस्त्रम व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया और श्री पटेल जी मुख्य अतिथि पद बोलते हुवे कहा कि गोंड समाज का स्वर्णिम इतिहास रहा है। इस समाज के लोगो ने लंबे समय तक गोंडवाना भूभाग पर कुशलता से शासन किया और सदा राष्ट्र के प्रति समर्पित रहे , गोंड समाज ने कभी किसी को अधीनता स्वीकार नहीं किया। इस परम्परा की वीरांगना महारानी दुर्गावती ने भ्रष्ट दुराचारी अकबर को मुंहतोड़ जवाब देते हुवे उसकी सेना को बार बार पराजित किया धोखेबाज अकबर ने धोखे से रात के समय चोरी से गोंडवाना सेना पर आक्रमण किया और इस युद्ध में विरांगना ने अपने हाथो से अपनी जिगर में कटार भोक कर वीरगति प्राप्त कर ली किंतु अपने शरीर को मुगल सेना को हाथ लगने नहीं दिया।इतना ही नहीं गोंड समाज ने देश को आजादी में भी काफी योगदान दिया है। इस परम्परा मै अपना देश पिता पुत्र शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। समारोह के प्रारंभ में अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ वाराणसी के अध्यक्ष और कार्यक्रम के संयोजक मनोज कुमार गोंड ने मुख्य अतिथि भा ज पा काशी प्रांत के अध्यक्ष को अंग वस्त्रम व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया और गोंड समाज के इष्टदेव बड़ा देव का आदिवासी रीति से पूजन आदिवासी भूमको द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में सूर्य कुमार गोंड,राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य शोभनाथ गोंड, अवधेश गोंड, एडवोकेट अमरनाथ गोंड,श्याम आसरे गोंड, भूमक सुक्खू सिंह मराबी ,राकेश सिंह मराबी, अमरजीत गोंड,संध्या गोंड,बरखा गोंड, आदि ने विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार गोंड ने किया।
15/09/2024
आज दिनांक _15/09/024 को पेनवासी लालमुनी नेताम पत्नी रामजी नेताम ग्राम व पोस्ट -धीना स्टेशन जनपद चन्दौली, का पेनकरण संस्कार गोंडी रिती -रिवाज से सकुशल भुमक बिजय सिंह धुर्वे एवं इं,छविले धुर्वा के कर -कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ, श्रद्धांजली सभा पधारे केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने सभा को संबोधित करते सगा समाज के लोंगो का आह्वान किया कि हम सभी को अपने संस्कार गोंडी धर्माचार्य के द्वारा ही कराना चाहिए, कार्यक्रम में प्रमुख रुप से नथुनी प्रसाद, मनोज गोंड, रामनगीना गोंड,रमापति गोंड, रामशिश गोंड, रविंद्र गोंड, बिजय गोंड, कल्लू गोंड, रामदुलारे,कमलेश, महेन्द्र गोंडसे काशीनाथ गोंड विजय गोंड आदि लोग मौजूद रहे।
06/09/2024
बड़े दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा हैं की आज सुबह करीब 4 बजे माननीय अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम जी नेताम धीना कि धर्म पत्नी लालमुनि जी का अचानक स्वर्गवास हो गया है बड़ा देव पेन वासी आत्मा को अपने में समाहित करते हुए परिवार को असहनीय दु:ख को सहने की क्षमता प्रदान करें ।👏👏
23/08/2024
वाराणसी=22/08/2024 दिन (गुरूवार) को प्रातः 11 बजे गोेंड वीरांगना महारानी दुर्गावती स्मृति भवन न्यास, चक्का एवं जनजातीय शोध एवं विकास संस्थान, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में आदिवासी बाहुल्य ग्राम सभा-चक्का, वि0ख0-हरहुआ, वाराणसी में आयोजन किया गया। छठवां वर्ष भोजली जनपद वाराणसी के गोंड समुदाय द्वारा अपने घरों से लाये गये भोजली (जरई) को आदिवसी भुमक द्वारा पूजन किया गया उसके पश्चात गोणउ नृत्य ,भोजली गीत गाते हुए गांव के चारो तरफ जात्रा प्रारम्भ किया गया और वरूणा पदी के तट पर भोजली घाट पर भोजली का विर्सजन कर किया गया तथा बड़ोदव का समुरिन कर महिलाओं ने जरई को अपने भाई एवं पिता के कान पर सम्मान पूर्वक रख कर अपने बड़ों से आशीर्वाद प्राप्त किये।
इस अवसर पर तिरूमाल दिनेश कुमार गोंड-वीरांगना महारानी दुर्गावती स्मृति भवन न्यास ने कहा कि आदिवासी समाज के मुख्य पर्व में भोजली जात्रा का विशेष महत्व है। साथ ही कहा कि भोजली जात्रा पर्व में गोंड आदिवासी समाज की आस्था एवं मान्यता है कि भोजली पंडूम (पर्व) मानव उत्पत्ति के समय से ही गोंड कोयावंशियांे ने खेती प्रक्रिया प्रारम्भ किया साथ ही अपने फसलो को और उन्नत बनाने के लिए एवं अपने परिवार को खुशहाली तथा विकास के लिए करते हैं। इसके साथ ही दिनेश कुमार गोंड ने कहा कि हम अपनी संस्कृति के रक्षा कर ही अपने आप को भविष्य में विकास कर सकते हैं।
इस अवसर पर जनजातीय शोध एवं विकास संस्थान, वाराणसी के सचिव-तिरूमाल बृजभान मरावी ने कहा कि आदिवासी समाज का पहचान उनकी आदिम संस्कृति से है। क्यों की आदिवासी समाज की आज खत्म होती संस्कृति का संरक्षण के लिए सरकार को भी इनके संरक्षण हेतु आगे आना होगा तभी देश के आदिवासी समाज की विलुप्त होती अनोखी संस्कृति को सहेजा जा सकता है।
भोजली जात्रा के समापन पर भुमक सुक्खू मरावी ने कहा कि वर्षा ऋतु के पोरा (सावन) माह में साफ-सुथरा मिट्टी की पिण्डी तैयार कर उसमें सात प्रकार के अनाजों के बीज को बोने के पश्चात अंकुरित होने के लिए एक पाख तक स्वच्छ जल देकर पौधे तैयार करते है, तैयार पौधे को भोजली पर्व के दिन फसल एवं उपज में वृद्धि के साथ ही परिवार के सुख समृद्धी के साथ ही जल-जंगल-जमीन की रक्षा हेतु भोजली दाईना (देवी) की सुमिरन कर महोत्सव/जात्रा में सम्मिलित होते है जो हमारे एकता का प्रतिक है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में दीना नाथ गोंड, विनोद कुमार, राकेश कुमार, अनील कुमार, सुनिल कुमार, अरविन्द कुमार, गब्बर गोंड, रानी देवी, पूजा, प्रियंका गोंड, महेन्द्र प्रताप गोडसे, दिनेश प्रधान, मनोज कुमार गोंड, बनवारी गोंड,संदीप कुमार, रामदयाल, भैया लाल, हीरालाल, लौटन, डाक्टर गोंड, अशोक भुमक, कमल गोंड, मनोज कुमार गोंड के साथ ही चन्दौली, गाजीपुर, मीरजापुर आदि जनपदों से सैकड़ों आदिवासी समुदाय उपस्थित रहे।
09/08/2024
कुछ ही समझ में विश्व आदिवासी दिवस का लाइव प्रसारण अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ के फेसबुक पेज से लाइव होगा ।