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10/01/2026
06/10/2024

जलेबी बनाने वाली मशीन तो मिल गई लेकिन नाले की गैस से चाय बना ने वाली और 12 के बाद इंटर करा ने वाली मशीन अभी भी नहीं मिली

27/08/2024

UPS पेंशन योजना के साइड इफेक्ट्स NPS से भी खतरनाक:

अपने पोलैंड और यूक्रेन के दौरे से लौटते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट की बैठक कर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत होने के बाद एक नए पेंशन स्कीम को मंजूरी दे दी। अभी तो इस बारे में चर्चा ही चल रही थी कि सरकार जल्द ही एनपीएस स्कीम पर पुनर्विचार कर रही है, लेकिन किसी ने भी उम्मीद नहीं की थी कि एनडीए सरकार इस बार आम लोगों के बीच बढ़ते असंतोष को इतनी जल्दी से निपटाने के लिए व्याकुल है। इसलिए, पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस), नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) के बाद अब केंद्र सरकार एकीकृत पेंशन स्कीम (यूपीएस) के साथ नमूदार हुई है, जिसे देख कर्मचारी वर्ग के एक हिस्से में ख़ुशी की लहर दौड़ रही थी, लेकिन अब जैसे-जैसे इसके विस्तार में जा रहे हैं, तो कई लोगों को तो एनपीएस स्कीम ही बेहतर जान पड़ रही है।

हम यहाँ पर ओपीएस, एनपीएस और यूपीएस का तुलनात्मक अध्ययन करने के बजाय फिलहाल यही समझते हैं कि वे कौन से प्रमुख झटके यूपीएस में केंद्र सरकार और राज्य सरकार के कर्मचारियों को लगने वाले हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि उनके सामने जो पेश किया गया है वह देखने में तो ओपीएस जैसा नजर आता है, लेकिन वास्तविकता में यह कर्मचारियों की जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई पर लूट योजना कहीं अधिक है। इसलिए हम सिर्फ ग्रेच्युटी और रिटायरमेंट के बाद पेंशन फंड से मिलने वाली एकमुश्त राशि पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

ग्रेच्युटी पर डाका

सबसे पहले ग्रेच्युटी के मुद्दे पर गौर करते हैं। इसके तहत अभी तक 35 वर्ष सेवाकाल पूरा करने वाले व्यक्ति को सेवानिवृत्त होने पर 20 लाख रूपये की रकम (25 लाख रूपये तक) एकमुश्त मिला करती थी। यूपीएस में इसमें तगड़ी गिरावट देखने को मिलने वाली है। उदाहरण के लिए, यदि सेवानिवृत्त के समय किसी कर्मचारी का अंतिम वेतन 1 लाख रूपये है, और उसने 35 वर्षों तक अपनी सेवाएं प्रदान की हैं तो ग्रेच्युटी के तौर पर इसकी गणना इस प्रकार से की जाएगी।

अंतिम वेतन 100000 रुपए / 10 = 10,000x 70 = 7,00,000 रुपये। इसमें आपके समूचे 35 वर्षीय कार्यकाल को छमाही में बांटा गया है, जिसके कारण ग्रेच्युटी को हर छमाही के हिसाब से 70 आँका गया है। यदि कार्यकाल 25 वर्ष का होता है तो उस केस में यह रकम 50 छमाही के हिसाब से 5 लाख रुपये रह जाएगी। इस प्रकार कह सकते हैं कि हर कर्मचारी से सरकार ने ग्रेच्युटी में 15 लाख रुपये तो हजम ही कर लिए।

सेवानिवृत्त होने के बाद मिलने वाली एकमुश्त रकम सफाचट है

यह दूसरा मामला है, जिस पर लोगों का ध्यान पहले गया है, और यह तो एनपीएस के मुकाबले भी बेहद भयावह है। एनपीएस स्कीम के तहत कर्मचारी को अपने वेतन का 10% अंशदान पेंशन फंड में देना पड़ता था, जिस पर सरकार भी बराबर का अंशदान जमा कराती थी, जिसे 2019 में सरकार ने बढ़ाकर 14% कर दिया था। यूपीएस में तो इसे और भी बढ़ाकर सरकार ने 18.5% कर दिया है।

लेकिन ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है! यही तो असली कैच है। रिटायरमेंट पर आपको इस फंड में से मात्र 10% रकम ही एकमुश्त मिलने जा रही है, बाकी 90% फंड सरकार के ही कब्जे में रहने वाला है। इसे ऐसे समझते हैं।

मान लेते हैं कि आपका औसत वेतन 1 लाख रुपये प्रति माह है। पेंशन फंड के लिए आपके वेतन से 10% अर्थात 10 हजार रुपये का अंशदान होगा और सरकार की ओर से 18,500 रुपये का योगदान किया जाएगा। 35 वर्ष की सर्विस पूरी करने के बाद (बिना ब्याज के भी) यह रकम 1 करोड़ 19 लाख 70 हजार रुपये होती है। एनपीएस स्कीम के तहत कर्मचारी को 60% हिस्सा रिटायरमेंट के वक्त एकमुश्त दे दिया जाता था, मतलब कि 71 लाख 82 हजार रुपये आपको पेंशन फंड से एकमुश्त मिल जाते, और बाकी 40% से आपको शेयर बाजार में निवेश से जो कुछ भी मिलता, वह मासिक पेंशन के तहत मिलता रहता, जो कि ओपीएस की तुलना में बेहद नाकाफी था।

लेकिन यूपीएस स्कीम के तहत इतनी बड़ी धनराशि में से कर्मचारी को मात्र 12 लाख रुपये ही एकमुश्त रकम हाथ आएगी। आपके संचित धन का 90% हिस्सा, अर्थात 1।20 करोड़ रुपये अब आप भूल जायें। इतनी बड़ी रकम को गंवाकर अब आपको एनपीएस की तुलना में एक सम्मानजनक मासिक पेंशन मिलने वाली है। यह रकम क्या होगी? यदि आपकी बेसिक सैलरी आखिरी सेवाकाल में औसत 50 हजार रुपये है तो आपको 50% अर्थात 25,000 रुपये मासिक पेंशन पाने का हकदार बना दिया गया है। लेकिन आपने गंवाया कितना?

मान लेते हैं कि देश में जीवन प्रत्याशा दर सरकारी कर्मचारियों को हासिल बेहतर भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते 67 के बजाय 75 वर्ष है। ऐसे में अगले 15 वर्षों तक 25000+DA की रकम 45-50 लाख रुपये से अधिक नहीं होती। इसका अर्थ हुआ कि बाजार से मिलने वाले लाभ की तो बात ही छोड़ दें, आप सरकार से पेंशन फंड में जमा अपनी मूल रकम का भी 50% इस्तेमाल करने से पहले इस दुनिया से विदा हो सकते हैं। इसके अलावा, पेंशनधारक की मृत्यु हो गई तो परिवार को मिलने वाली राशि घटकर 60% अर्थात 15 हजार रुपये हो जाएगी।

ओपीएस में न तो कर्मचारी कोई कोई अंशदान देना होता था, और ऊपर से उसे अंतिम तनख्वाह की आधी रकम के बराबर का पेंशन मिला करता था, जिसे भाजपा राज में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने 2004 से खत्म कर एनपीएस स्कीम के तहत नए कर्मचारियों को डाल दिया था। धीरे-धीरे एनपीएस को सभी राज्य सरकारों ने भी अपना लिया, सिवाय पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और केरल के, क्योंकि इन राज्यों में वामपंथी सरकारें थीं। बाद में त्रिपुरा में वाम मोर्चा सरकार के पतन के बाद भाजपा ने आते ही एनपीएस स्कीम को लागू कर दिया था।

2014 तक कांग्रेस ने भी एनपीएस के खिलाफ कोई आवाज नहीं उठाई थी, लेकिन 2014 और 2019 में दो-दो बार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हिन्दुत्ववादी विचारधारा की लहर की काट के लिए कांग्रेस ने कुछ राज्यों राजस्थान, हिमाचल और आप पार्टी ने पंजाब में ओपीएस स्कीम को बहाल कर दिया है, लेकिन केंद्रीय वित्त मंत्रालय जब तक कर्मचारियों की पुरानी जमा राशि को इन राज्यों को वापस कराने के लिए कदम नहीं उठाती, यह मामला उलझा रहेगा।

दो दिन पहले जब यूपीएस स्कीम की घोषणा की गई तो अधिकांश को लगा कि मोदी सरकार आगामी चार राज्यों में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यह फैसला लेने को मजबूर हुई है। लेकिन अब जैसे-जैसे धुंध साफ़ हो रही है, ऐसा लगता है कि असल में यह सारा खेल तो लाखों करोड़ रुपयों को कॉर्पोरेट के लिए दबाकर रखने का खेला हो रहा है।

सीटू के राष्ट्रीय महासचिव तपन सेन ने यूपीएस स्कीम को ख़ारिज करते हुए खुलासा किया है कि इस नई स्कीम के माध्यम से मोदी सरकार का मकसद सिर्फ बड़े पूंजीपतियों के हितों को साधने से अधिक कुछ नहीं है। उनके मुताबिक, एनपीएस के तहत कुल 31 जुलाई 2024 तक देश के कुल 99,77,165 कर्मचारियों की 10 लाख 53 हजार 850 करोड़ रुपये के पेंशन फंड को Asset under Management (AUM) के तहत डाला गया है।

दसियों लाख करोड़ रुपये की रकम को पिछले 20 वर्षों के दौरान शेयर बाजार में बढ़कर 8-10 गुना तो हो ही जाना चाहिए था। हमारा शेयर बाजार तो कोविड-19 के बाद से कई गुना बढ़ चुका है, लेकिन एनपीएस के तहत सरकारी बाबुओं को 1200 रुपये से लेकर 5000 रुपये मासिक पेंशन से तो यही समझ आता है कि शेयर बाजार में पैसा डालकर करोड़ों आम भारतीयों की रकम बड़ी पूंजी के हित में डुबाने का ही काम हो रहा है।

पेंशन फंड को विभिन्न फंड्स में डालने का काम सरकार द्वारा नियुक्त नियामक संस्था द्वारा ही किया जाता है, फिर भी दिन प्रतिदिन रिकॉर्ड तोड़ते सेंसेक्स से जब कर्मचारियों को इतनी बुरी तरह से छला गया तो वे ओपीएस के मुद्दे पर भाजपा के खिलाफ होते जा रहे थे, जिसे रोकने के लिए अब जिस नई स्कीम को एक बार फिर से भाजपा के द्वारा ही लांच किया जा रहा है, वह तो और भी ज्यादा भयावह और क्रोनी-लूट को अंजाम देने वाला है।

Ravindra Patwal

---जनचौक में 26 August 2024 को प्रकाशित

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26/08/2024

*_🙏🙏🌹🌹समझने की कोशिश कीजिए : पेंशन का मतलब आखिरी वेतन का 50 % + DA इतना ही नहीं है........_*

*_पेंशन यानि पुरानी पेंशन यानि OPS में 👇_*

*_वेतन आयोग भी है, हर 10 साल में पेंशन बेसिक का रिवीजन भी है ।_*
*_जिससे पेंशन का बेसिक लगभग 2 गुणा होता है । यदि आप 20 साल भी जी लिए तो पेंशन का बेसिक 4 गुना हो जाता है ।_*

*_OPS में 40 % की पेंशन की बिक्री यानि commutationभी है ।_*

*_OPS में 80 साल की उम्र के बाद 20% पेंशन वृद्धि है । 85 के बाद 30% , 90 बाद 40% और 95 के बाद 50% और 100 साल के बाद 100 % वृद्धि है ।_*

*_OPS में मेडिकल सुविधा भी है ।_*

*_OPS में VRS भी है ।_*

*_OPS में डिसेबिलिटी पेंशन के अलावा विशेष अस्थायी पेंशन भी है, जो कुछ समय मिलने के बाद नौकरी ज्वाइन करने का प्रावधान भी है ।_*

*_OPS में GPF की सेविंग भी है, जिसे निकालने के लिए NPS जैसे बंधन नहीं हैं और न ही GPF कटवाने के लिए 10% की अनिवार्यता........_*

*_OPS में आपकी GPF कटौती वापस करने की गारंटी है ।_*

*_और भी बहुत कुछ हैं OPS में......._*

*_इसलिए जागरूक बनें, जानकार बनें, समझदार बनें......._*
*_जहाँ तक नाम बदलने की बात है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है । सरकार जो चाहे नाम दे । हमें OPS यानि जो लाभ हमें OPS में मिलते हैं, उससे कम हमें कुछ भी नहीं चाहिए । फिर भी, सरकार को यदि OPS से नफरत है तो UPS ही सही लेकिन इसमें यह प्रावधान होने चाहिए -_*
*_1-पेंशन की गणना के लिए कर्मचारी की सेवानिवृत्ति वाले महीने में जो मूल वेतन उसे मिलता है, उसके आधार पर पेंशन का निर्धारण होना चाहिए। 12 महीने के औसत वेतन की गणना की आवश्यकता नहीं है ।_*
*_2- ग्रेच्युटी जिस तरह से OPS में मिलती है, उसी तरह UPS में भी दी जाए और उस पर अधिकतम सीमा का cap न लगाया जाए ।_*
*_3- पूरी पेंशन के लिए Qualifying service को 25 साल से घटाकर 15 साल किया जाए क्योंकि बहुत सी सरकारी नौकरियों में अधिकतम आयु सीमा सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 40 वर्ष है, OBC के लिए 43 वर्ष और SC, ST के लिए 45 वर्ष। अब मान लीजिए कि किसी व्यक्ति की भर्ती के समय उम्र 45 साल है और जब वह 60 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होगा तो उसकी नौकरी केवल 15 साल ही होगी । ऐसी स्थिति में, उसे महज 10,000/- की ही पेंशन मिलेगी ।_*
*_हर 10 साल पर वेतन आयोग का गठन होता है ।जिसके आधार पर कर्मचारियों और पेंशनर्स के मूल वेतन निर्धारित होते हैं । दिनांक 01.01.2026 से आठवां वेतन आयोग ड्यू है लेकिन अभी इसका गठन नहीं किया गया है, हमारी सरकार को अविलम्ब आठवें वेतन आयोग का गठन करना चाहिए जिससे कि 01.01.2026 से उसे लागू किया जा सके ।_*

*_OPS से कम हमें भी मंजूर नहीं......सभी केन्द्रीय कर्मचारियों की ओर से भारत के यशस्वी प्रधानमन्त्री माननीय श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी जी, उनकी मंत्रिपरिषद के सभी माननीय सदस्यों, सभी माननीय संसद सदस्यों, सभी राजनैतिक दलों के प्रमुख और सभी ट्रेड यूनियनों के सभी सम्मानित पदाधिकारियों से विनम्र निवेदन के साथ अपील है ।🙏🙏🌹🌹_*

25/08/2024

Comparison table of all three👇👇


Old Pension Scheme (OPS)

1. *_Pension Calculation_*: Employees receive 50% of their last drawn salary as a pension.
2. *Provident Fund*: Includes the General Provident Fund (GPF).
3. *Gratuity*: Employees are eligible for a gratuity of up to ₹20 lakhs.
4. _*Payment Source*_: Payments are made directly from the government's treasury.
5. *_Family Pension_*: In case of an employee’s death, their family receives the pension.
6. *~Contribution~*: Employees do not contribute any part of their salary towards the pension.
7. *_Dearness Allowance (DA)_*: DA is provided every six months.

*New Pension Scheme (NPS)*

1. *_Employee Contribution_*: Employees contribute 10% of their Basic Salary + DA towards the pension fund.
2. *_Market-Linked_*: The NPS is based on market performance, making it less secure and subject to taxes.
3. *_Pension upon Retirement_*: 40% of the NPS fund needs to be invested to receive a pension after retirement.
4. *_Pension Guarantee_*: There is no guarantee of a fixed pension amount after retirement.
5. *~Dearness Allowance (DA)~*: There is no provision for DA every six months.

*Unified Pension Scheme (UPS)*

1. *_No Employee Contribution_*: Employees do not bear the pension burden; the scheme ensures a fixed pension.
2. *_Pension Calculation_*: Employees who served 25 year receive 50% of the average Basic Pay from the last 12 months before retirement as a pension and those sc, st, obc taken age relaxation and join after 35 year of age and reemployed exsm who served less than 25 years of service receive pro rata pension below 50% of the average Basic Pay from the last 12 months before retirement as pension.
3. *_Family Pension_*: In the event of an employee's death, their spouse receives 60% of the pension.
4. *_Minimum Pension_*: Provides a minimum guaranteed pension of ₹10,000 per month for employees with shorter service tenures.
5. *_Inflation Adjustment_*: Pension, family pension, and minimum pension are indexed to inflation, similar to DA adjustments.
6. *_Gratuity and Additional Payment_*: Provides a one-time payment in addition to gratuity. Employees receive 1/10th of their monthly salary (Pay + DA) for every six months of service at the time of retirement.

All three pension scheme features and assessment based on info as available in case of UPS
UPS is a contributory pension scheme. Employee has to contribute @ 10%

25/08/2024

Why UPS?
Why not OPS?

18/05/2024

.👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से; ड्राइविंग लाईसेंस 250 मे बनता था अब 5500 में बनता है!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से; स्टील की कीमत 3600 रुपये से अब 6500 रुपए हो गई!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से; जो सिलेंडर 350 रु. में था अब वही 1000 रुपए में है!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से; देश में 55 लाख करोड़ का कर्ज़ था अब वही 205 लाख करोड़ है!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से बेरोजगारी 2% से 65% हो गई!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से गरीबी रेखा 40 करोड़ थी अब 80 करोड़ है!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से सरसों का तेल 70 में था अब 200 में है!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 20 से अधिक चीनी मिलें बंद हो गई!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से पेट्रोल 70 में था अब 100 में है!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से छात्र छात्राओं की शिक्षा छींन ली गई!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से गरीबों पर अत्याचार होते हैं!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 4.5 लाख युवाओं की नौकरी छिन लि गई!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से बलात्कारीयों का हौसला बढ़ गया!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से गुंडो का राज कायम है!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 24 घंटे बिजली कितनी बार आती जाती है किसी को नही पता!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से हर साल 10 लाख रोजगार देने का वादा था लेकिन उसके बजाय इन्हौनें लोगों की लाखों नौकरियां छींन ली!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से रेलवेे बेच दिया गया!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से एयरपोर्ट बेच दिये गए!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से; किसानों को गन्ने की फसलों का समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से किसानों को सिंचाई के लिए मंहगी बिजली मिल रही है!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से; अयोध्या में गरीबों के घरों पर बुल्डोजर चलवा दिये गए!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से किसान सड़कों पर आ गये; और 870 किसान मारे गए!
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से; पुलवामा में देश के 50 जवानों पर अटैक करवाया गया।
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से थानों में दरोगा; गरीबों से बदसलूकी करते हैं।
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से;पूरे उत्तर प्रदेश की जनता बेरोजगार हो गई।
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से कितनी कंपनी बंद हो गई।
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 3.5 लाख युवा; जो संविदा पर नौकरी कर रहे थे इन्हौनें वो छींन ली।
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से प्रदेश में 3 लाख करोड़ का निवेश आया; उसको लूट लिया और हजम कर गये।
👉 ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से कोरोना महामारी मे प्रदेशवासियों को मरने के लिए रोड पर छोड़ दिया गया।
👉ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से बैंक प्रइवेट कर दिया गया; और इनका विकास हिन्दू मुस्लिम; मन्दिर मस्जिद पाकिस्तान यहीं तक सीमित रह गया।
बीजेपी हटाओ⚡ देश बचाओ!!

16/04/2024

Bas 2047 aur sabhi ko Apna Ghar aur rojgaar mil jayega. Desh hit me 23 Saal Facebook pe reel dekh Kar aur memes Bana Kar nikal de

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