21/09/2026
फॉरबिसगंज, अररिया के गाँव बोचहाभाग निवासी अभिषेक सिंह, पिता—उमेश प्रसाद सिंह, की एक पान की दुकान चलाते थे और वहाँ हुए मामूली विवाद के कारण २ मुस्लिम युवकों ने उनकी निर्मम ह*त्या कर दी ।
अभिषेक अपनी माँ का इकलौता सहारा था। तीन महीने पहले ही उसके पिता का निधन हुआ था। वह तीन बहनों का इकलौता भाई था। आज उसका परिवार बेहद कठिन परिस्थिति से गुजर रहा है।
परिजनों के अनुसार, घटना के बाद अभिषेक का मोबाइल और वाहन भी गायब हैं, जिनका अब तक पता नहीं चल पाया है। परिवार का आरोप है कि मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
सिंह सेना प्रशासन से स्पष्ट रूप से माँग करती है कि—
- पूरे मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जाँच हो।
- सभी दोषियों की पहचान कर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
- अभिषेक का मोबाइल और वाहन बरामद किया जाए।
- पीड़ित परिवार को सुरक्षा एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
किसी की जान की कीमत उसकी जाति, धर्म या आर्थिक स्थिति से तय नहीं होनी चाहिए। हर पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
हम प्रशासन से अपील करते हैं कि मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ठोस कार्रवाई की जाए।
अगर इसके बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं होती है, तो सिंह सेना पीड़ित परिवार के इंसाफ़ के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर उतरकर अपनी आवाज़ बुलंद करेगी।
हमारी लड़ाई किसी आम व्यक्ति या समुदाय से नहीं, बल्कि अन्याय और व्यवस्था की लापरवाही के ख़िलाफ़ है।