Sikhwal Pragati Samaj

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"सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास"

06/04/2026

भावार्थ:
हे बुद्धिमान लोगों,
कभी कड़वे वचन मत बोलिए, जैसे स्वादिष्ट भोजन में नमक की डली गिर जाने से सारा स्वाद बिगड़ जाता है, वैसे ही कड़वे बोल रिश्तों का रस खत्म कर देते हैं...!

#1223 Ekantik Vartalaap & Darshan/02-04-2026/ Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj 02/04/2026

एकांतिक वार्तालाप एवँ दर्शन...,
श्रीहित प्रेमानन्दजी गोविंद शरण जी महाराज #1223 गुरुवार 2 अप्रैल 2026

#1223 Ekantik Vartalaap & Darshan/02-04-2026/ Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj 00:00 - राधा नाम 02:30 - क्या आपको पहले से पता चल गया था कि यह सब होने वाला है?04:19 - दैनिक जीवन में पूर्ण समर्पण का स्वरूप कैसा हो...

02/04/2026

हनुमानजी की पूजा का चमत्कारिक असर होता है, बहुत कम लोग जानते होंगे कि हनुमानजी की किस मूर्ति की पूजा का क्या फल मिलता है, आइए जानते हैं...!🏵️🏵️✍️

🚩 पूर्वमुखी: हनुमान जी का पूर्व की तरफ जो मुँह है उसे "वानर" कहा गया है, जिसकी प्रभा करोड़ों सूर्यो के तेज समान हैं, इनका पूजन करने से समस्त शत्रुओं का नाश हो जाता है, इस मुख का पूजन करने से शत्रुओं पर विजय पाई जा सकती है...!🏵️🏵️✍️

🚩 पश्चिममुखी: हनुमान जी का पश्चिम की तरफ जो मुंह है, उसे 'गरूड़" कहा गया है, यह रूप संकटमोचन माना गया है, जिस प्रकार भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ अजर-अमर हैं, उसी तरह इनको भी अजर-अमर माना गया है...!🏵️🏵️✍️

🚩 उत्तरामुखी हनुमान: उत्तर दिशा देवताओं की मानी जाती है, यही कारण है कि शुभ और मंगल की कामना उत्तरामुखी हनुमानजी की उपासना से पूरी होती है, उत्तर की तरफ जो मुँह है, उसे "शूकर" कहा गया है, इनकी उपासना करने से अबाध धन-दौलत, ऐश्वर्य, प्रतिष्ठा, लंबी आयु तथा निरोगी काया प्राप्त होती है...!🏵️🏵️✍️

🚩 दक्षिणामुखी हनुमान: हनुमानजी का दक्षिण की तरफ जो मुँह है, उसे "भगवान नृसिंह" कहा गया है, यह रूप अपने उपासको को भय, चिंता और परेशानीयों से मुक्त करवाता है, दक्षिण दिशा में सभी तरह की बुरी शक्तियों के अलावा यह दिशा काल की दिशा मानी जाती है, यदि आप अपने घर में उत्तर की दीवार पर हनुमानजी का चित्र लगाएंगे, तो उनका मुख दक्षिण की दिशा में होगा, दक्षिण में उनका मुख होने से वह सभी तरह की बुरी शक्तियों से हमें बचाते हैं, इसलिए दक्षिणामुखी हनुमान की साधना काल, भय, संकट और चिंता का नाश करने वाली होती है...!🏵️🏵️✍️

🚩 ऊर्ध्वमुख: हनुमानजी का ऊर्ध्वमुख रूप "घोड़े" के समरूप है, यह स्वरूप ब्रह्माजी की प्रार्थना पर प्रकट हुआ था, मान्यता है कि हयग्रीवदैत्य का संहार करने के लिए वे अवतरित हुए थे...!🏵️🏵️✍️

🚩 पंचमुखी हनुमान: राम लक्ष्मण को अहिरावण से मुक्त कराने के लिए हनुमानजी ने पंचमुखी रूप धारण किया था, पांचों दीपक को एक साथ बुझाने पर अहिरावन का वध हो जाएगा, इसी कारण हनुमानजी ने पंचमुखी रूप धरा, उत्तर दिशा में वराह मुख, दक्षिण दिशा में नरसिंह मुख, पश्चिम दिशा में गरुड़ मुख, आकाश की तरफ हयग्रीव मुख एवं पूर्व दिशा में हनुमान मुख...!🏵️🏵️✍️

वास्तुविज्ञान के अनुसार पंचमुखी हनुमानजी की मूर्ति जिस घर में होती है, वँहा उन्नति के मार्ग में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं, और धन संपत्ति में वृद्घि होती है, पंचमुखी हनुमानजी का उपरोक्त चित्र भी अच्छा है, यदि आपको लगता है कि आपके घर पर नकारात्मक शक्तियों का असर है, तो आप पंचमुखी हनुमानजी का चित्र मुख्य द्वारा के ऊपर लगा सकते हैं, या ऐसी जगह लगाएं जहां से यह सभी को नजर आए, ऐसा करने से घर में किसी भी तरह की बुरी शक्ति प्रवेश नहीं करेगी...!🏵️🏵️✍️

🚩 एकादशी हनुमान: श्रीहनुमानजी रुद्र यानी शिव के ही ग्यारहवें अवतार माने गए हैं, ग्यारह मुख वाले कालकारमुख नामक एक भयानक बलवान राक्षस का वध करने के लिए श्रीराम की आज्ञा से हनुमानजी ने एकादश मुख रूप ग्रहण करके चैत्र पूर्णिमा (हनुमान जन्मोत्सव) के दिन उस राक्षस का उसकी सेना सहित वध कर दिया था, एकादशी और पंचमुखी हनुमानजी पूजा से सभी देवी और देवताओं की उपासना के फल मिलते हैं...!🏵️🏵️✍️

🚩 वीर हनुमान: जैसा की नाम से ही विदित है कि इस नाम से हनुमानजी की प्रतिमा की पूजा जीवन में साहस, बल, पराक्रम और आत्मविश्वास प्रदान कर सभी कार्यों की बाधाओं को दूर करती है...!🏵️🏵️✍️

🚩 भक्त हनुमान: राम की भक्ति करते हुए आपने हनुमानजी का चित्र या मूर्ति देखी होगी, इस चित्र या मूर्ति की पूजा से जीवन के लक्ष्य को पाने में आ रहीं अड़चनें दूर होती है, साथ ही यह भक्ति जरूरी एकाग्रता और लगन देने वाली होती है, इस मूर्ति या चित्र में हनुमानजी हाथ में करताल लेकर राम की भक्ति करते नजर आएंगे...!🏵️🏵️✍️

🚩 दास हनुमान: हनुमानजी रामजी के दास हैं, सदा रामकाज करने को आतुर रहते हैं, दास हनुमानजी की आराधना से व्यक्ति के भीतर सेवा और समर्पण की भावना का विकास होता है, धर्म, कार्य और रिश्तों के प्रति समर्पण और सेवा होने से ही सफलता मिलती है, इस मूर्ति या चित्र में हनुमानजी प्रभु श्रीरामजी के चरणों में बैठे हुए हैं...!🏵️🏵️✍️

🚩 सूर्यमुखी हनुमान: शास्त्रों के मुताबिक श्री हनुमानजी के गुरु सूर्यदेव हैं, सूर्य पूर्व दिशा से उदय होकर जगत को प्रकाशित करता है, सूर्यमुखी हनुमान की उपासना से ज्ञान, विद्या, ख्याति, उन्नति और सम्मान मिलता है, सूर्यमुखी हनुमान को ही पूर्वमुखी हनुमान कहते हैं...!🏵️🏵️✍️

🚩 किस दिशा में लगाएं हनुमानजी का चित्र...?
वास्तु के अनुसार हनुमानजी का चित्र हमेशा दक्षिण दिशा की ओर देखते हुए लगाना चाहिए, यह चित्र बैठी मुद्रा में लाल रंग का होना चाहिए, दक्षिण दिशा की ओर मुख करके हनुमानजी का चित्र इसलिए अधिक शुभ है, क्यूँकि हनुमानजी ने अपना प्रभाव सर्वाधिक इसी दिशा में दिखाया है...!🏵️🏵️✍️

हनुमानजी का चित्र लगाने पर दक्षिण दिशा से आने वाली हर बुरी ताकत हनुमानजी का चित्र देखकर लौट जाती है, इससे घर में सुख और समृद्धि बढ़ती है...!🏵️🏵️✍️
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02/04/2026

अद्भुत प्रसंग: रावण की आचार्य दक्षिणा 🚩

जब रावण यज्ञ करके चलने लगा तो, भगवान श्री राम ने पूछा: "आचार्य दक्षिणा...!"

रावण ने हँसकर कहा कि उसके पास त्रिलोक की संपदा है, भला वनवासी राम क्या देंगे...?

परंतु रघुकुल की रीत के अनुसार बिना दक्षिणा के पूजा निष्फल होती है, इसलिए राम जी ने आग्रह किया कि आचार्य आप दक्षिणा तो माँगिये...!

रावण ने कहा कि "मैं आपसे समय पर दक्षिणा माँग लूँगा", राम ने कहा कि "मैं उस समय देने योग्य बचा न बचा, इसलिए आचार्य दक्षिणा तो बता दीजिए...!"

तब रावण ने एक अद्भुत दक्षिणा मांगी:
उस दक्षिणा के लिए रामजी की तरफ से रावण को प्रेम भेजा गया, रावण ने कहा मेरी दक्षिणा यही हैं कि "जब आचार्य का अंतिम समय आए तो मेरे दोनों यजमान (श्री राम और लक्ष्मण) मेरे सामने उपस्थित रहें...!"

हमें अपनी कुलदेवी का कोई अनुमान नहीं है, हम कैसे पता लगाएँ…? - SIKHWAL SAMACHAR 02/04/2026

"हमें अपनी कुलदेवी का कोई अनुमान नहीं है, हम कैसे पता लगाएँ...?"

हमें अपनी कुलदेवी का कोई अनुमान नहीं है, हम कैसे पता लगाएँ…? - SIKHWAL SAMACHAR "हमें अपनी कुलदेवी का कोई अनुमान नहीं है, हम कैसे पता लगाएँ…?" यदि आप में से भी किसी का यही सवाल है, तो शायद यह लेख आप सभ....

27/03/2026

!! शोक संदेश !!

अत्यंत ही दुःख के साथ सूचित किया जाता हैं कि श्री रंगलालजी उपाध्याय (खड़तावत) 70 वर्ष
सुपुत्र : स्व: श्री मांगीलालजी उपाध्याय (खड़तावत) मरुधर में धाकड़ी हाल मुकाम भाग्यनगर हैदराबाद निवासी का निधन आज शुक्रवार 27 मार्च 2026 को हो गया !

अन्तिम यात्रा: कल शनिवार 28 मार्च 2026 दोपहर: 12:30 बजे निवास स्थान: बेदरवाडी़ चांद-तारा मस्जिद के पास भाग्यनगर हैदराबाद से स्थानीय मोक्षधाम ईमलीबन शमशान वाटिका जाएगी !

शोकाकुल:
रतनलाल, श्यामलाल, नथमल, कैलाशचंद्र उपाध्याय एवं समस्त उपाध्याय (खड़तावत) परिवार धाकड़ी वाला !

📲: 97049 67822

26/03/2026

!! शोक संदेश !!

अत्यंत दु:ख के साथ सूचित किया जाता है कि कुमारी. भूमि (उन्नति) उपाध्याय 13 वर्ष सुपुत्री: गिरिराज उपाध्याय धाकड़ी वाला का निधन आज गुरुवार दि. 26 मार्च 2026 को रात्रि में हुआ !

अंतिम यात्रा: शुक्रवार दि. 27 मार्च 2026 प्रातः 11 बजे निवास स्थान: सीताराम बाग, भाग्यनगर हैदराबाद से स्थानीय मोक्षधाम ईमलीबन शमशान वाटिका जाएगी !

शोकाकुल:
शेषमल कन्हैयालाल एवँ समस्त उपाध्याय (खड़तावत) परिवार धाकड़ी वाला !
📲: 9493036231
📲: 9346879990

17/02/2026

!! शोक संदेश !!

अत्यन्त दुःख के साथ सूचित किया जाता है कि मरुधर में निम्बी जोधाँ निवासी श्री बिहारीलाल जी ओझा सुपुत्र स्व. श्री प्रहलादराय जी ओझा अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण करके मंगलवार दिनांक 17 फरवरी 2026 को प्रभु चरणों में लीन हो गये !

अंतिम यात्रा: निज निवास निम्बी जोधाँ से कल बुधवार दि. 18 फरवरी 2026 को प्रातः 9 बजे स्थानीय मोक्षधाम के लिए रवाना होगी।

शोकाकुल:
राजाराम, हरिनारायण, रमेश कुमार (भ्राता), अशोक कुमार (भतीजा), संदीप कुमार (बबलू) (पुत्र), आर्यन, करण (पौत्र) समस्त ओझा परिवार निम्बी जोधाँ (लाडनूं) नागौर निवासी ।

📲: 9717852791

17/01/2026

!! शोक सन्देश !!

श्री रामेश्‍वरलाल जी व्यास उम्र 72 वर्ष
सुपुत्र: स्व. श्री चंपालालजी व्यास
बलूंदा (बड़ा बास) वाला का निधन आज शनिवार 17 जनवरी 2026 को प्रातःकाल में हुआ ।

अंतिम यात्रा: आज शनिवार 17 जनवरी 2026 दोपहर 12 बजे निवास स्थान फीलखाना हैदराबाद से स्थानीय मोक्षधाम ईमलीबन शमशान वाटिका जायेगी ।

शोकाकुल: समस्त मंडोरिया व्यास परिवार बलुन्दा (बड़ा बास) वाला

14/01/2026

स्व. श्री मदनलाल जी उपाध्याय की पुण्यस्मृति में
गोकुलचंद, ओमप्रकाश, सत्यनारायण, रमेश कुमार, प्रकाशचंद, आशीष एवं समस्त पेमावत उपाध्याय परिवार नोलकी वाला ने एक अनूठी परम्परा का शुभारंभ करते हुए न्यात की लेण न देकर उसके एवज में समाज हितार्थ श्रृंग ऋष्य भवन में 50 केवी का सोलार प्लांट लगवाने का महत्वपूर्ण योगदान देकर समाज सुधार में अहम निर्णय लिया, समाज ऐसे भामाशाहों का हमेशा ऋणी रहेगा ...!

सिखवाल प्रगति समाज कि और से समाज हित में लिये गये इस पुनीत कार्य के लिए उपाध्याय परिवार का हार्दिक आभार एवँ अभिनंदन👏

02/01/2026

!! शोक सन्देश !!

श्री मदनलाल उपाध्याय उम्र 90 वर्ष
सुपुत्र: स्व. श्री मगराजजी उपाध्याय
जैतारण (नोलकी) वाला का स्वर्गवास आज शुक्रवार 2 जनवरी 2026 को साँयकाल में हुआ ।

अंतिम यात्रा: कल शनिवार 03 जनवरी 2026 दोपहर 12:00 बजे निवास स्थान शाहइनायत गंज, एल.एम.जी स्कूल हैदराबाद के पास से स्थानीय मोक्षधाम ईमलीबन शमशान वाटिका जायेगी ।

शोकाकुल: पेमावत उपाध्याय परिवार जैतारण (नोलकी) वाला

16/12/2025

!! शोक सन्देश !!

श्रीमती गंगादेवी तिवारी (83) वर्ष
धर्मपत्नी: स्व. श्री मिश्रीलाल जी तिवारी नागौर वाला का निधन सोमवार 15 दिसंबर 2025 को रात्रि में हुआ ।

अंतिम यात्रा: आज मंगलवार 16 दिसंबर 2025 को प्रात: 11:00 बजे निवास स्थान: कराची बेकरी लाइन, मुख्तार पान शॉप के सामने से स्थानीय मुक्ति धाम ईमलीबन शमशान वाटिका जायेगी।

शोकाकुल: तिवारी परिवार नागौर वाला

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