Mithilanchal Mukti Morcha Rajasthan

Mithilanchal Mukti Morcha Rajasthan

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This is the page of "MITHILANCHAL MUKTI MORCHA" for RAJASTHAN. Twitter- http://www.twitter.com/mithilanchalmuk Our country needs better leadership.

“Mithilanchal Mukti Morcha” is a Political Party registered by The Election Commission of India, New Delhi.

“Mithilanchal Mukti Morcha(MMM)” has been formed for the purpose of making India free from inflation, corruption, unemployment, illiteracy, poverty, terrorism, naxalism, casteism, communalism and inequality. Currently, all the political parties have strayed off their policies and principles

07/02/2019

निरंतर जपिये

राधे कृष्ण राधे कृष्ण कृष्ण कृष्ण राधे राधे।
राधे श्याम राधे श्याम श्याम श्याम राधे राधे।।

युवाओं को रोजगार मिले।ताकि आम युवाओं को बेरोजगारी से मुक्ति मिल सके।

बहुत हुई बेरोजगारी की मार।
अबकी बार मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा की सरकार।।

जय जय श्री राधे।
जय जय श्री कृष्ण।।

सरोज चौधरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा

25/12/2017

राधे कृष्ण राधे कृष्ण कृष्ण कृष्ण राधे राधे।
राधे श्याम राधे श्याम श्याम श्याम राधे राधे।।

समस्त देशवासियों को "तुलसी पूजन दिवस" की हार्दिक-हार्दिक शुभकामनाएँ एवं ढेर सारी बधाईयाँ।

ब्रह्माण्ड नायक भगवान श्री कृष्ण को तुलसी दल सबसे प्रिय है इसीलिए हमलोग प्रतिवर्ष 25 दिसंबर को "तुलसी पूजन दिवस" मनाते हैं।

जय जय श्री राधे - जय जय श्री कृष्ण।

सरोज चौधरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा

Photos from Mithilanchal Mukti Morcha's post 17/12/2017

प्रेषक- सरोज चौधरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा
संपर्क सूत्र- 9006329462, 8709892450

प्रेषित- आदरणीय मुख्यमंत्री जी।
बिहार सरकार, पटना।

विषय- आमजनों के बुनियादी एवं ज्वलंत समस्याओं के सम्बन्ध में।

महोदय,

सूचित करना है कि निम्नलिखित माँगों को लेकर दिनाँक- 14 दिसंबर 2017 (बृहश्पतिवार) को "मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा" मधुबनी जिला के द्वारा जयनगर अनुमंडल मुख्यालय स्थित निर्धारित धरना स्थल पर "एक दिवसीय धरना सह सामूहिक उपवास" कार्यक्रम किया गया। इस कार्यक्रम में सौभाग्य से मुझे भी शामिल होने का अवसर प्राप्त हुआ।

हमारी माँगें :-

1) बाढ़ का स्थायी निदान हो एवं बाढ़ पीड़ितों के लिए शीघ्र पुनर्वास की व्यवस्था हो।
2) किसानों को शीघ्र फसल क्षति मुआवजा का भुगतान हो एवं किसानों का कर्ज माफ़ हो।
3) सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज की व्यवस्था हो।
4) सरकारी स्कूलों में बेहतर पढ़ाई की व्यवस्था हो एवं छात्र/छात्राओं को समय पर किताब उपलब्ध करवायी जाय।
5) ग्रामीण सड़कों का पुनर्निर्माण हो। जयनगर से खजौली एवं सिंगराही से डोरवार (भाया- टेरहा) सड़क का पुनर्निर्माण हो।
6) ग्रामीण क्षेत्रों में भी चौबीस घंटे बिजली मिले।
7) आमजनों को पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध करवायी जाय।
8) युवाओं को रोजगार मिले तथा पलायन बंद हो।
9) राज्य के बंद पड़े सभी कल-कारखाने अविलम्ब चालु हों।
10) आमजनों को महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अफसरशाही से मुक्ति मिले।

अतः हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि आप इस दिशा में सकारात्मक, ठोस एवं निर्णायक कदम जरूर उठाएंगे। यह व्यापक जनहित एवं राज्यहित में होगा।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

Photos 03/05/2017

"हमारा तो है बस एक ही सपना- पूर्ण शिक्षित, पूर्ण विकसित एवं शक्तिशाली हो मातृभूमि अपना।"

"हम जाति-धर्म में नहीं बटेंगे- पीड़ित मानवता की सेवा करेंगे।"

भारत एक विशाल आबादी वाला देश है, परन्तु आबादी के बहुत बड़े हिस्से को आज भी स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी केंद्र और राज्य की सरकार उपलब्ध नहीं करा पायी है।

हालत यह है कि देश के आम लोग एक तरफ स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो दूसरी तरफ महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, गरीबी, अशिक्षा, पिछड़ापन, पलायन, बाढ़-सुखाड़, जातिवाद, सम्प्रदायवाद, असमानता, आतंकवाद, नक्सलवाद और बेहद खराब क़ानून व्यवस्था जैसी अनेक ज्वलंत समस्याओं से जूझने को विवश हैं।

आमजनों को इन्हीं बुनियादी एवं ज्वलंत समस्याओं से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से "मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा" का गठन किया गया है। "मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा" भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के द्वारा पंजीकृत एक राजनैतिक दल है। आने वाले समय में "मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा" सम्पूर्ण देश में न सिर्फ चुनाव लड़ेगा बल्कि आमजनों को एक बेहतर राजनैतिक विकल्प देने का प्रयास करेगा।

जगत जननी जानकी माता, भगवान राम और कृष्ण की पावन धरती भारत का गौरवशाली इतिहास रहा है। इस पवित्र भूमि पर जन्म लेकर हमलोग अपने आप को गौरवान्वित और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। परन्तु सरकारी उदासीनता के कारण जिन समस्याओं से हमारे पूर्वजों को जूझना पड़ा और हम सब जूझ रहे हैं, कम-से-कम उन समस्याओं से हमारे आने वाली पीढ़ियों को अर्थात हमारे बच्चों को नहीं जूझना पड़े, इसके लिए हमलोगों को एकजुट होकर प्रयास करना होगा।

भारत को इस बेहद ख़राब स्थिति से निकालने के लिए नई सोच और नए नजरिये वाले नेताओं की जरूरत है, जो भारत को न सिर्फ पूर्ण शिक्षित, पूर्ण विकसित और शक्तिशाली देश बना सके, बल्कि बेस्ट देश के साथ-साथ भारत को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ देश भी बना सके।

जाहिर है, इसके लिए हमें संकीर्णता को त्याग कर उदारता को अपनाना होगा। हमें जाति और धर्म के दल-दल से बाहर निकलकर एक ऐसे नेता को तलाशना होगा जो न सिर्फ कर्मठ, योग्य और ईमानदार हो, बल्कि भारत को समृद्धशाली देश बनाने का सोच भी रखता हो।

वर्त्तमान में देश में कार्यरत जितने भी राजनैतिक दल हैं उनका सोच और नजरिया हमलोगों के सामने है। वे अपने सोच और नजरिये से जितना कर सकते थे, कर चुके हैं। ये तमाम दल अपने वही पुराने सोच और नजरिये के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं और सदा घूमते रहेंगे। जिसमे जाति, धर्म, अगड़ा, पिछड़ा, दलित, महादलित, आरोप-प्रत्यारोप, झूठे वादे और शब्दवाण के अलावा हम किसी बेहतर हालात की उम्मीद नहीं कर सकते।

यदि हमें आपका सहयोग, समर्थन और आशीर्वाद मिला, तो हम इस दिशा में ठोस, निर्णायक और ईमानदार प्रयास जरूर करेंगे।

"हमने यह ठाना है - फिर से राम राज लाना है।"

"आइये, मिलकर अभियान चलायें - भारत को पूर्ण शिक्षित, पूर्ण विकसित एवं शक्तिशाली राष्ट्र बनायें।"

शब्दों को विराम - आपश्री को सादर जय सिया राम।

जय हिन्द। बहुत-बहुत धन्यवाद।

सरोज चौधरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा

Photos 27/04/2017

"शिक्षित बनें - विकसित बनें।"
"जो पढ़ेगा - वही बढ़ेगा।"
"बढ़ना है तो - पढ़ना होगा।"

शिक्षा हमें सोचना सिखाती है। जब तक हम दूसरों के सोच पर काम करते हैं तब तक दुःख ही पाते हैं। जब हम खुद सोचने लगते हैं तब हमें सुख की अनुभूति होती है।

हमें अपने बारे में जरूर सोचना चाहिए परन्तु दूसरों के बारे में भी गम्भीरतापूर्वक विचार करना चाहिए ताकि हम बेहतर समाज और बेहतर राष्ट्र का नव-निर्माण कर सकें।

हम जैसा सोचते हैं ठीक वैसा ही बन जाते हैं इसलिए हमें हमेशा अच्छा और बड़ा सोचना चाहिए। साहस, शक्ति और सहनशीलता ही सफलता का मूलमंत्र है।

याद रखें, हम अपने जीवन में जो कुछ करते हैं, उसे उपहास, विरोध और अंत में समर्थन के दौर से गुजरना ही पड़ता है इसलिए दुसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं इस बात की चिंता कभी नहीं करनी चाहिए।

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि, दुसरे लोग हमारे बारे में क्या सोचते हैं। हम अपने बारे में क्या सोचते हैं इससे हम पर जरूर फर्क पड़ता है।

"विश्वास कीजिये आप अपने आप पर, आप राष्ट्र निर्माता हैं।
आपके जैसा व्यक्तित्व पृथ्वी पर एक बार ही आता है।।"

आप यदि खुद पर विश्वास नहीं करेंगे तो, दुसरे आप पर कभी विश्वास नहीं करेंगे। और इसीलिए हमें अपने आप पर पूर्ण विश्वास करना चाहिए।

"हमने यह ठाना है - फिर से राम राज लाना है।"

"आइये, मिलकर अभियान चलायें - बेहतर समाज और राष्ट्र बनायें।"

शब्दों को विराम - आपश्री को सादर जय सियाराम।

जय हिन्द। बहुत-बहुत धन्यवाद।

सरोज चौधरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा

09/09/2015

"आइये, मिलकर अभियान चलायें- भारत को पूर्ण शिक्षित, पूर्ण विकसित एवं शक्तिशाली राष्ट्र बनायें।"

जातिवाद, सम्प्रदायवाद, असमानता, बेतहाशा बढ़ती जनसंख्याँ और अफसरशाही पूर्ण शिक्षित, पूर्ण विकसित एवं शक्तिशाली भारत के नव-निर्माण में सबसे बड़ी बाधा है। शक्तिशाली भारत के नव-निर्माण में अपना सकारात्मक एवं रचनात्मक योगदान देना हमसबों की जिम्मेदारी है।

यदि वास्तव में हम शक्तिशाली भारत के नव-निर्माण के पक्षधर हैं, तो हमें एकजुट होकर इन बुराईयों के खिलाफ आवाज बुलंद करना होगा।

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, कि हम किस जाति, किस धर्म, किस जिला और किस राज्य के हैं। यह देश हमारा है इसे हम सबको ही बेहतर बनाना होगा।

जय हिन्द। बहुत-बहुत धन्यवाद।

सरोज चौधरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा

Photos 22/05/2015

एक साल भाजपा सरकार
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"आइये, मिलकर अभियान चलाएँ- बेहतर समाज और राष्ट्र बनाएँ।"

केंद्र की मोदी सरकार अपने अच्छे दिन आने के एक साल पूरे होने पर चाहे जितना जश्न मना ले परन्तु सवा सौ करोड़ देशवासी तो आज भी अच्छे दिन आने के इंतज़ार में बैठे हैं। भाजपा के तो अच्छे दिन एक साल पहले ही आ गए थे परन्तु आमजनों के अच्छे दिन कब आएंगे ये ठीक-ठीक बताने के लिए भाजपा के एक भी नेता उपलब्ध नहीं हैं।

एक साल पहले लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के नेताओं द्वारा महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, आतंकवाद, नक्सलवाद, कालाधन, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, अच्छे दिन लाने, राम मंदिर बनवाने, धारा 370 हटाने, कश्मीरी पंडितों को पुनर्वास दिलवाने, दाऊद को पाकिस्तान से लाने, गौ हत्या पर रोक लगवाने, गंगा की सफाई करवाने, गाँव, गरीब, किसान, मजदूर, उपेक्षित और वंचितों के हित में काम करने के साथ-साथ गुड-गवर्नेंस लाने सहित कई वादे किये गए थे जिनमे से आजतक एक भी वादे केंद्र की मोदी सरकार पूरे नहीं कर पायी है। ऊपर से किसान विरोधी भूमि अधिग्रहण अध्यादेश सरासर गलत है।

125 करोड़ देशवासियों को सिर्फ भाषण की नहीं बल्कि राशन, संसाधन और बेहतर प्रशासन की जरुरत है, परन्तु मोदी सरकार के इस एक साल के शासन काल में देशवासियों को भाषण के सिवा कुछ भी नहीं मिला।

"आइये, मिलकर अभियान चलाएँ- भारत को पूर्ण शिक्षित, पूर्ण विकसित एवं शक्तिशाली राष्ट्र बनाएँ।"

जय हिन्द...... जय भारत...... वन्दे- मातरम्...... भारत माता की जय.....

सरोज चौधरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा

Photos 21/04/2015

जेठ हो कि हो पूस, हमारे कृषकों को आराम नहीं है,
छूटे कभी संग बैलों का ऐसा कोई याम नहीं है।

मुख में जीभ शक्ति भुजा में जीवन में सुख का नाम नहीं है,
वसन कहाँ? सूखी रोटी भी मिलती दोनों शाम नहीं है।

बैलों के ये बंधू वर्ष भर क्या जाने कैसे जीते हैं,
बंधी जीभ, आँखें विषम गम खा शायद आँसू पीते हैं।

भारत एक विशाल आबादी वाला गाँव, गरीब, मजदूर एवं कृषि प्रधान देश है। यहाँ की अस्सी प्रतिशत आबादी गाँवों में रहती है जिसमे 76% लोग कृषि कार्य पर निर्भर हैं। जब तक गाँव, गरीब, मजदूर और किसान सुखी और मजबूत नहीं होंगें तब तक भारत मजबूत राष्ट्र बन ही नहीं सकता है।

आजादी से लेकर आज तक केंद्र और राज्य सरकार के गलत नीतियों के कारण इनके हालत में कुछ ख़ास सुधार नहीं हो पाया है। सरकारी उदासीनता के कारण स्थिति यह है कि किसान या तो किसानी छोड़ रहे हैं या आत्महत्या करने को विवश हैं।

आजादी के 68 साल बीत जाने के बावजूद भी गाँव, गरीब, मजदूर और किसानों के हालत में सुधार नहीं हो पाना घोर चिंता का विषय है। यदि केंद्र और राज्य सरकार वास्तव में किसानों के विभिन्न समस्याओं को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें इस दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठाने चाहिए ताकि किसानों के समस्याओं का समाधान हो सके। यह व्यापक जनहित, राज्यहित और राष्ट्रहित में होगा।

केंद्र और राज्य सरकार से हमारी मांगें :-
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"किसानों का कर्ज माफ़ हो।"
"बाढ़ और सुखाड़ का स्थायी निदान हो।"
"प्राकृतिक आपदा में नष्ट हुए फसलों का उचित मुआवजा मिले।"
"बंद पड़े सभी नल-कूप चालू हों।"
"किसानों को सरकारी बैंकों से आसानी से कर्ज मिले ताकि उन्हें साहूकारों से मुक्ति मिल सके।"
"मजदूरों का पलायन बंद हो।"
"किसानों को अधिक-से-अधिक खाद्य और डीजल अनुदान मिले।"

सरोज चौधरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा

Photos 14/04/2015

"हमने यह ठाना है - गौ माता को बचाना है।"

जाति, धर्म और लिंग के आधार पर बिना किसी भेदभाव के हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईशाई सबके साथ सामान व्यवहार करने वाली गाय सम्पूर्ण मानवता के लिए उपयोगी और लाभदायक पशु है। इसीलिए हिन्दू धर्म को मानने वाले देश की सबसे बड़ी आबादी न सिर्फ गाय की पूजा करती है, बल्कि गाय को गौ माता भी कहती है। अतः केंद्र और राज्य सरकार को गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगानी चाहिए।

"आइये, मिलकर अभियान चलायें - गौ माता की हत्या पर पूर्ण प्रतिबंद्ध लगायें।"

सरोज चौधरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा

Photos 08/04/2015
Photos 08/04/2015

मोदी सरकार के आम बजट से आमजनों को बहुत उम्मीदें थीं। लोगों को लग रहा था कि सरकार इस आम बजट में अच्छे दिन लाने के अपने वादे पूरे करने के दिशा में ठोस, निर्णायक एवं सकारात्मक कदम जरूर उठाएगी। परन्तु ऐसा नहीं हो सका। इस आमबजट में आमजनों को उत्साहित करने वाला कुछ भी नहीं है।

वर्तमान में महंगाई देश में सबसे बड़ी समस्या है। पूरे देश के आमलोग महंगाई से परेशान हैं। लोगों को महंगाई से राहत दिलाने वाली बजट की उम्मीदें थीं। परन्तु यह तो और महंगाई बढ़ाने वाली बजट है।

इस आम बजट में गांव, गरीब, किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं के लिए कुछ भी नहीं है। इस बजट में ग्रामीण भारत और गांव में रहने वाले लोगों की घोर उपेक्षा की गई है।

सरोज चौधरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा

Photos 08/04/2015

बिलकुल ही असंतोषजनक, असंतुलित, दिशाहीन, सशंकित एवं घोर निराशाजनक है यह केंद्र सरकार का रेल बजट। इस रेल बजट में रेल यात्रियों के असुविधाओं को नजरअंदाज किया गया है। मोदी सरकार से आमजनों को जो उम्मीदें थीं उस पर खड़ा नहीं उतर पा रही है यह सरकार। रेल यात्रियों को सुविधा बढ़ाने के नाम पर रेल किराये में भारी बढ़ोत्तरी की गई थी। परन्तु आजतक आमजनों को वह सुविधा नहीं मिल पायी है जिसकी उन्हें वर्तमान केंद्र सरकार से उम्मीदें थीं। मालभाड़े में किये गए बढ़ोत्तरी से आमजनों पर एक बार फिर महंगाई का बोझ बढ़ेगा।

इस रेल बजट में एक भी नई रेलगाड़ी नहीं दी गई है जो न सिर्फ हैरान कर देने वाली पहलु है बल्कि घोर आश्चर्यजनक भी है। आशा है आगामी आम बजट में मोदी सरकार आमजनों को महंगाई से मुक्ति दिलाकर अच्छे दिन लाने के अपने वादे को पूरे करेगी।

सरोज चौधरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा

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