11/08/2026
Rahul Kaswan
आज केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री श्री C R Paatil जी से मुलाकात कर चूरू संसदीय क्षेत्र के सिंचाई और पेयजल से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उनके समक्ष रखा।
मैंने माननीय मंत्री जी को बताया कि नोहर फीडर व JSN सिस्टम के लिए BBMB के द्वारा 226 क्यूसेक पानी आवंटित किया गया है, लेकिन पिछले 2 माह से भी अधिक समय से इस क्षेत्र के किसानों को मात्र 60 क्यूसेक पानी ही उपलब्ध करवाया जा रहा है, जबकि पंजाब के द्वारा हरियाणा और राजस्थान का पूरा 2000 क्यूसेक पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है, उसके बावजूद हरियाणा द्वारा राजस्थान के हिस्से का पूरा पानी नहीं दिया जा रहा है।
नोहर फीडर व सिधमुख कैनाल के लिए पूरा 850 क्यूसेक पानी आवंटित किया गया है। पूरी उपलब्धता होने के बावजूद भी यहां के किसानों को उनके हिस्से का पूरा पानी नहीं मिल पा रहा है। इस समय हालात ये हो चुके हैं कि पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने के लिए किसानों के खेतों के मोघे बंद किये जा रहे हैं। सिंचाई का पानी तो दूर की बात है इस क्षेत्र को पीने का पानी भी पूरा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। क्षेत्र के किसान आंदोलित और आक्रोशित हैं। अत: इस गंभीर समस्या को देखते हुए तुरंत इसका समाधान किया किया जाये और नोहर फीडर व सिद्धमुख कैनाल के लिए आवंटित पूरे पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जावे अन्यथा किसानों का आंदोलन और तेज व व्यापक होगा।
🔹जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वीकृत योजना धन्नासर फीडर का मुद्दा मंत्री जी के समक्ष रखते हुए बताया कि चूरू संसदीय क्षेत्र के लगभग 200 से अधिक गांवों को पेयजल उपलब्ध करवाए जाने हेतु यह योजना बनाई गई, जिसके लिये 231 करोड़ ₹ की राशि के टेंडर भी जारी किये जाने प्रस्तावित थे। इस कार्य हेतु चूरू जिला मुख्यालय से टेंडर की स्वीकृति जारी कर मुख्य अभियंता, जल स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग राजस्थान सरकार को स्वीकृति हेतु भिजवाए गए थे, जिसे काफी अधिक समय हो चुका है, लेकिन आज दिनांक तक इसकी स्वीकृति जारी नहीं की जा सकी है, जिसके कारण क्षेत्र के 200 से अधिक गांव अभी भी इस योजना के लाभ से वंचित हैं।
अतः राजस्थान सरकार को निर्देशित कर जल्द से जल्द उक्त कार्य के कार्यादेश जारी करवाए जावें, ताकि क्षेत्र के आमजन को इस योजना का लाभ मिल सके।
🔹 साथ ही चूरू संसदीय क्षेत्र की में जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वीकृत बजट में डेविएशन आने के चलते लम्बित पड़े कार्यों का मुद्दा भी मंत्री जी के समक्ष उठाया। सादुलपुर में JJM अंतर्गत 19 टंकियों का निर्माण कार्य होना था, जिनमें से 17 टंकियों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन निर्मित टंकियों में से अधिकांश टंकियां पाईप लाइन से नहीं जुड़ पाने के कारण संबंधित गांवों में गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। कुछ गांवों की टंकियों में तो मात्र कुछ मीटर पाईप लाइन की ही आवश्यकता है। इस कार्य में 38 करोड़ ₹ की अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता है, जो विगत 2 वर्षों से नहीं मिल पा रही है।
इसी प्रकार सुजानगढ़ और रतनगढ़ में जल जीवन मिशन के अंतर्गत टंकियों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है, लेकिन निर्मित टंकियों को पाईप लाइन से नहीं जोड़े जाने के कारण अनेकों गांवों में पेयजल का संकट बना हुआ है। स्वीकृत बजट में डेविएशन आने के कारण लगभग 45 करोड़ ₹ की अतिरिक्त राशि की आवश्यकता है, जो 2 सालों से स्वीकृत नहीं हो पा रही।
अत: उक्त डेविएशन के बजट की स्वीकृति जारी कर इन तहसीलों के गांवों तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।