22/10/2025
जोधपुर में 3 साल की बच्ची से रेप, हालत गंभीरः कुरकुरे दिलाने के बहाने बाइक पर ले गया था युवक, विरोध में बाजार बंद
जोधपुर के बिलाड़ा थाना इलाके में 3 साल की बच्ची के साथ रेप के मामले में आरोपी साजिद को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
Bhajanlal Sharma Rajasthan Patrika
21/10/2025
दीपावली की सभी भारतवासियों सनातन संस्कृति को मानने वाले सभी भाइयों बांधों को बहन बेटियों को माताओं को सादर प्रणाम जय श्री राम
20/10/2025
HAPPY DIWALI EVERYONE SANATANI HINDUS
#अयोध्या #दीपोत्सव
20/10/2025
सभी भारतवासियों को दीपावली की दीपावली पूजन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं
19/10/2025
हैरान-कर देने वाला दृश्य: अयोध्या में दीपों की नदी
आज रविवार (19 अक्टूबर 2025) को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में अयोध्या में आयोजित हो रहे दीपोत्सव ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। इस आयोजन में कुल 26.17 लाख से अधिक दीये जलाकर एक नया विश्व-रिकॉर्ड स्थापित किया गया है।
क्या हुआ?
घाटों पर, विशेष रूप से राम की पैड़ी के पास, सुबह से ही लेओन दीयों की सजावट व व्यवस्था की गई थी।
शाम होते-होंते जैसे ही सभी दीप प्रज्वलित हुए, पूरा दृश्य-भूमि रौशनी से जगमगा उठा — मानो एक नदी हो दीपों की।
इसी समारोह में 2,128 लोगों ने एक साथ पूजा-आरती भी करने का रिकॉर्ड बनाया।
इस उपलब्धि के बाद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने प्रमाण-पत्र सौंपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्राप्त किया।
इसका महत्व
यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा — यह विश्वास, संस्कृति और धरोहर का प्रतीक बना है।
दीपों से बनी यह “रौशनी की लहर” यह संदेश देती है कि अयोध्या अब सिर्फ एक पवित्र नगरी नहीं, बल्कि एक विकासशील धार्मिक-पर्यटन केंद्र भी बन रही है। योगी जी ने भी कहा कि “जहाँ कभी गोलियाँ चली थीं, आज वहीं दीप जल रहे हैं।”
इस आयोजन के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार ने यह दिखाया है कि धार्मिक उत्सव कितने भव्य तरीके से मनाए जा सकते हैं — आधुनिक-प्रौद्योगिकी, सुरक्षा व संस्कृति का संगम हुआ है
प्रत्येक दीये की गिनती-व्यवस्था बहुत व्यवस्थित थी: ड्रोन से एरियल निगरानी, ज़ोन-बंटवारे के साथ स्टूअर्ड्स द्वारा सत्यापन।
बहु-सांस्कृतिक व अन्तरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए स्थापना की गयी विभिन्न तकनीकी-सुविधाएँ।
समारोह में सिर्फ रोशनी नहीं थी — साथ में भव्य शो, लेज़र-लाइट, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और राजस्व-पर्यटन को बढ़ावा देने वाले तत्त्व भी शामिल थे।
यह रिकॉर्ड सिर्फ एक शुरुआत है। अयोध्या के लिए यह संकेत है कि धार्मिक-आस्था और पर्यटन को मिलाकर कैसे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति दी जा सकती है।
यही नहीं — इस तरह के आयोजन से दूसरी-देशों से आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है, जो शहर की पहचान को और उँचा उठाएंगे।
#अयोध्या #दीपोत्सव
18/10/2025
Yes or No. Aapka jawab comment box mein
18/10/2025
जो तुम्हे रैली में जाने के लिए पैसा देते हैं
उनसे एक बार कॉलेज की फीस मांग कर देखना...!