NEET पेपर लीक के मामले में मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ:
इस देश का युवा लाचार नहीं है, वह सिर्फ अपनी शक्ति को पहचान नहीं रहा है।
हमारे हाथों में वो ताकत है जो इस देश में किसी और के पास नहीं है। लेकिन दुर्भाग्य से हम भ्रष्ट और पुरानी सोच वाले नेताओं के बाहरी आवरण को देखकर खुद को कमजोर समझ बैठे हैं।
सच ये है कि आज संसद में युवाओं का सच्चा प्रतिनिधित्व करने वाला कोई नहीं है।
मैं गारंटी के साथ कहता हूँ — जिस दिन 25-30 साल का कोई युवा संसद या विधानसभा में पहुँचेगा, जो शिक्षा व्यवस्था की खामियों, पेपर लीक, भर्ती घोटालों और युवा बेरोजगारी की बात रखेगा, उस दिन सदन को सुनना पड़ेगा। क्योंकि सदन जनता की आवाज को नजरअंदाज नहीं कर सकता।
चेहरा कोई बड़ा नहीं होता, जनता उसे बड़ा बनाती है।
अब फैसला आपको करना है —
या तो आप धरनों पर बैठकर जिंदगी भर इंतजार करते रहेंगे, या फिर अपने जैसे युवाओं को विधानसभा और लोकसभा में भेजेंगे।
जब तक हम अपना प्रतिनिधित्व खुद नहीं करेंगे, तब तक हमारी बात कोई नहीं सुनेगा।
युवा शक्ति को अब जागना होगा।
अपने लोगों को सदन में भेजो — धरने पर नहीं।
Akhil Bhartiya Jan Sangh - Rajasthan
Official account of Akhil Bharatiya Jana Sangh Rajasthan.
Akhil Bharatiya Jana Sangh is Bharat's old political party. 1951
अखिल भारतीय जनसंघ राजस्थान का आधिकारिक अकाउंट।
अखिल भारतीय जनसंघ यू के का पुराना राजनैतिक दल है। 1951
सी जे आई साहब से एक प्रश्न तिलचट्टा या कॉकरोच कौन?
कुछ तिलचट्टे
पुरानी फाइलों के अंबार पर
बैठे रहते हैं।
फाइलें नम होती हैं, मसमसाती हैं,
फफूंद उग आती है।
वादी, विवादी, प्रतिवादी—
सब निपट जाते हैं,
मगर कॉकरोच जिंदा रहते हैं।
एक के बाद दूसरी खेप,
पीढ़ी दर पीढ़ी।
जिन्हें जज बनने के लिए
न मेरिट चाहिए, न प्रतियोगी परीक्षा—
बस एक अदद सही “खानदान”।
उनके रोजगार या पेशे में
कोई समस्या नहीं है।
समस्या होती है
गरीब, मजबूर, लाचार
या समय पर टैक्स भरने वालों के बच्चों को।
वे कॉकरोच हो सकते हैं,
क्योंकि वे सोने की चम्मच लेकर नहीं पैदा होते।
📢 गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री इस देश के यशस्वी प्रधानमंत्री से अपने देशवासियों के समक्ष एक सवाल पूछ रहे हैं:
क्या प्रधानमंत्री जी में इन प्रश्नों का उत्तर देने की क्षमता है,
या उनका एकमात्र लक्ष्य जनता को भ्रमित करना ही है?
वीडियो जरूर देखें 👇
#भारत_की_राजनीति #प्रधानमंत्री #जनता_का_सवाल
🌟 श्री शनि देव जी की जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं 🌟
आज न्याय के देवता, कर्मफल के साक्षात स्वरूप भगवान श्री शनि देव जी की पावन जयंती है।
मैं पूरे देश के सभी नागरिकों को शनि जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ। 🙏
एक विचार आपके सामने रखना चाहता हूँ —
भारत के सभी न्यायालयों में आज जो न्याय की देवी (Lady Justice) ताराजू लेकर, आँखों पर पट्टी बाँधे खड़ी हैं, उनके स्थान पर न्याय के सच्चे देवता श्री शनि देव जी की मूर्ति की स्थापना क्यों नहीं होनी चाहिए?
शनि देव न्याय के मूल स्वरूप हैं। वे कर्म के अनुसार फल देते हैं, किसी का पक्षपात नहीं करते, न किसी को डराते हैं और न किसी को छोड़ते हैं। उनकी दृष्टि सदा सत्य और न्याय की ओर होती है।
मेरा समस्त देशवासियों से विनम्र आवाहन है कि हम सब मिलकर प्रयास करें कि हमारे न्यायालयों में न्याय की देवी के स्थान पर भगवान शनि देव की दिव्य प्रतिमा प्रतिष्ठित हो।
न्याय सच्चा तभी होगा, जब न्याय के असली प्रतीक की स्थापना हो।
जय श्री शनि देव 🙏
जय भारत 🇮🇳
आप सभी क्या सोचते हैं? अपना विचार कमेंट में अवश्य लिखें।
16/05/2026
शनि जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
न्याय के देवता भगवान शनिदेव आप पर सदैव प्रसन्न रहें, सभी बाधाएँ दूर हों और आपके हर प्रयास को सफलता मिले।
जय शनिदेव!
भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद हो!
2014 से 2026 तक कुल 25 बार विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। हर बार पेपर लीक का मतलब है — हजारों-लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार में धकेल दिया जाना। NEET हो या कोई और परीक्षा, बार-बार होने वाले इन लीक से साफ है कि यह सरकार न तो संवेदनशील है और न ही जवाबदेह।
यह सरकार भ्रष्टाचार रोकने में नहीं, बल्कि उसे बढ़ावा देने में पूरी प्रखरता से काम कर रही है। पहले भ्रष्टाचार छिपकर होता था, अब इस सरकार में खुलेआम और संगठित भ्रष्टाचार बढ़ने लगा है। ‘अदानी सरकार’ देश के युवाओं को मजदूर बनाने पर तुली हुई है — उनकी मेहनत पर पानी फेरकर उन्हें सिर्फ खाने-कमाने में व्यस्त रखना चाहती है, ताकि वे कुछ सोच न सकें।
यह एक बहुत बड़ा सुनियोजित षड्यंत्र है। अगर इस देश को बचाना है तो वर्तमान सरकार को बदलना अब अति अनिवार्य हो चुका है।
परिवर्तन के लिए ये कदम जरूरी हैं:
- सदन में पुराने चेहरे न हों — अधिकतम नए, ईमानदार विधायक और सांसद चुने जाएं।
- चुनावों में भारी धनखर्च पर सख्त रोक लगे।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े से कड़े कानून बनाए और लागू किए जाएं।
जब जनता और नेता दोनों ईमानदारी की राह पर चलेंगे, तभी देश का भविष्य संवर सकेगा।
देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए अब जागने और बदलाव लाने का समय है!
कल यूजीसी मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।
कल क्या फैसला आता है, यह देखना बेहद महत्वपूर्ण है। क्या कोर्ट तारीख देगा या फिर इस बार भी "मामला सवर्णों का है" कहकर टाल दिया जाएगा?
मेरा स्पष्ट पक्ष यह है कि सरकार की कार्यशैली अब पूरी तरह साफ हो चुकी है — या तो समयबद्ध तरीके से सुनवाई होगी और तारीख मिलेगी, या फिर यूजीसी लागू किया जाएगा।
लेकिन अफसोस इस बात का है कि पूरा समाज इस मुद्दे पर चुपचाप सोया हुआ है।
जागृति की जरूरत है।
🇮🇳 राष्ट्र हित में एक अपील
प्रिय देशवासियों,
अभी हाल ही में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारा देश युद्ध के कारण गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। डॉलर भंडार घटने की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने अपील की कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर गाड़ी न निकालें, पेट्रोल-डीजल का खर्च कम से कम करें, ताकि देश का विदेशी मुद्रा विदेश न जाए। साथ ही एक वर्ष तक सोने की अनावश्यक खरीदारी पूरी तरह बंद कर दें।
यह समय टीका-टिप्पणी या आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है। यह समय है देश के वर्तमान और भविष्य को संभालने का। युद्धकाल में देश को सुरक्षित रखना हमारी साझा जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री जी की इस अपील को हम सबको गंभीरता से लेना चाहिए।
मेरा आप सभी से विनम्र निवेदन है:
- अनावश्यक रूप से गाड़ी का प्रयोग न करें। पेट्रोल-डीजल बचाएँ इसके बजाए इलेक्ट्रिक गाड़ी का प्रयोग करें।
- शौकिया सोने की खरीदारी एक वर्ष के लिए स्थगित कर दें।
(बेटी के विवाह जैसी मजबूरी में सोना खरीदना अलग बात है – परिवार भी उतना ही महत्वपूर्ण है।)
- अपने घर का धन सुरक्षित रखें, पर्याप्त नकदी और खाने-पीने का सामान स्टॉक कर लें।
- एक वर्ष तक विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगाएं।
- परिवार की मजबूरी समझते हुए भी शौक पर लगाम लगाएं
सरकार की कुछ कमियों को मैं भी स्वीकार करता हूँ। भविष्य की चिंता किए बिना वर्तमान को खतरे में डाला गया। लेकिन अब पछताने का समय नहीं। “चिड़िया चुग गई खेत” वाली कहावत को याद रखते हुए अब आगे बढ़ना होगा।
देश बिगड़ेगा तो जनता का, बनेगा तो जनता का। भ्रष्टाचार की जड़ चुनावी खर्च में है। जब तक हम साधारण, ईमानदार और कम खर्च वाले नेतृत्व को नहीं चुनेंगे, तब तक ईमानदारी का रास्ता मुश्किल रहेगा।
आइए, इस संकट की घड़ी में हम सब मिलकर देश को मजबूत बनाएं। अनावश्यक खर्च रोकें, संसाधनों का संरक्षण करें और संयम से रहें।
देश पहले।
जनता पहले।
संयम ही सुरक्षा है।
जय हिंद 🇮🇳
जय भारत 🇮🇳
12/05/2026
अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🌟❤️
आज १२ मई २०२६ को हम सब आप जैसे समर्पित नर्सों को दिल से सलाम करते हैं!
आपकी अथक मेहनत, दिन-रात की सेवा, मरीजों के प्रति अपार प्यार और उनकी पीड़ा में सहारा बनने वाली देखभाल की वजह से यह दुनिया हर रोज़ बेहतर हो रही है। आप सचमुच फ्लोरेंस नाइटिंगेल के सपनों को साकार करने वाले असली फरिश्ते और जीवन के सुपरहीरो हैं!
आप सभी को ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएँ। हमेशा स्वस्थ, मजबूत और खुश रहें। 🙏
आपके इस महान कार्य के लिए हृदय से धन्यवाद! 💉✨
मित्रों,
बीजेपी वाली गंगा-स्नान कर लिया है ना?
अब ताप भी सह लेंगे।
चाहे जितने भ्रष्टाचारी हों —
बीजेपी की गंगा में नहा लोगे तो
मेरे इस ताप को भी बर्दाश्त कर लोगे।
नहीं तो याद आ जाएगा…
मेरा अल्फाबेट — A B CBI,D,ED!
कितने अच्छे थे वे दिन,
जब हम उनके हर वाक्य और हर उच्चारण पर झूम उठते थे।
आँखें खुलीं तो सच्चाई सामने आई —
यहाँ तो सिर्फ़ “जुमला” का खेल है।
कुर्सी पर बैठो तो जुमला,
मंच पर जाओ तो जुमलों का हमला।
दुर्भाग्य से कुछ लोगों को अभी भी ये दिखाई नहीं दे रहा।
और जब दिखेगा… तब तक बहुत देर हो चुकी होगी।
अब समय सोचने का है।
#जुमला #सच्चाई #वक्त_की_मांग
वर्तमान सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार-मुक्ति पर कार्य कर रही है?
क्या सचमुच आज की सरकार भ्रष्टाचार मुक्ति की दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठा रही है?
क्या भ्रष्टाचार में लिप्त व्यक्तियों को मंत्री या मुख्यमंत्री बनाकर उनकी विचारधारा स्वतः बदल जाएगी?
और सबसे चिंताजनक सवाल — जनता सब कुछ जानते हुए भी क्यों नहीं जाग रही? क्यों चुपचाप सब कुछ सह रही है?
समय आ गया है कि हम इन सवालों पर खुलकर और गंभीरता से चर्चा करें।
आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं।
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