01/10/2026
थोड़ा ना, खुद का भी ख्याल रख लेना।
कभी-कभी तुम जिस चीज़ से
अकेले लड़ रहे होते हो,
उसकी गहराई
तुम्हारे अलावा कोई नहीं समझ सकता।
कोई नहीं समझेगा
तुम्हारे अंदर क्या चल रहा है।
कुछ दर्द ऐसे होते हैं
जिन्हें शब्द नहीं मिलते,
बस चुपचाप साथ लेकर चलना पड़ता है।
लेकिन उस चुप्पी में
खुद को अकेला मत छोड़ देना।
सबको संभालते-संभालते
अगर कभी तुम थक जाओ,
तो थोड़ा रुक जाना।
हर चीज़ अभी ठीक करना
ज़रूरी नहीं है।
कुछ दिन
बस खुद को संभालने के लिए भी होते हैं।
दुनिया को शायद पता न हो
कि तुम किस चीज़ से लड़ रहे हो,
लेकिन तुम्हें
अपने साथ रहना है।
इसलिए...
थोड़ा ना, खुद का भी ख्याल रख लेना।
— Unknown