17/08/2026
देशभर से सरकारी स्कूलों की बदहाली, जर्जर भवनों, बुनर्नद सुविधाओं की कमी और शिक्षा व्यवस्था की खामियों के वीडियो लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे समय में
सबसे पहले भाजपा शासित राजस्थान सरकार का सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति प्रवेश, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक लगाने का यह तुगलकी फरमान बेहद चिंताजनक और सवाल खड़े करने वाला है।
ASP
राजकीय उच्च प्राथमिक विधालय
सरकार ने इस आदेश के लिए "In Loco Parentis" (अभिभावक के समान दायित्व) और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत बच्चों की सुरक्षा, गरिमा, निजता एवं कल्याण का हवाला दिया है।
लेकिन सवाल है, बच्चों की सुरक्षा की याद तब क्यों नहीं आती, जब जर्जर और जानलेवा स्कूल भवनों के गिरने की खबरें सामने आती हैं? गरिमा की बात तब क्यों नहीं आती, जब बच्चों को ऐसा भोजन परोसा जाता है, जो मानवीय गरिमा के अनुकूल नहीं होता? और निजता की बात तब क्यों आती है, जब कई स्कूलों के शौचालयों में दरवाजे तक नहीं होते?
अगर सरकार वास्तव में बच्चों के कल्याण को लेकर गंभीर है, तो उन्हें सुरक्षित भवन, स्वच्छ शौचालय, पौष्टिक भोजन, पर्याप्त शिक्षक और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराए।
और सबसे बड़ा सवाल, "In Loco Parentis" यानी अभिभावक के समान दायित्व निभाने वाली सरकार क्या अपने बच्चों कों ऐसे जर्जर और बदहाल स्कूलों में पदने भेजेगी?
बच्चों की सुरक्षा चाहिए
या हकीकत छुपानी है?
"जवाबदेही से पलायन का तुगलकी फरमान !"
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ा_जवाबदेही_से_भागना