13/01/2026
ഡൽഹി കെഎംസിസിയും ഖാഇദേ മില്ലത്ത് സെൻററും ചേർന്ന് നടപ്പിലാക്കുന്ന വിദ്യാഭ്യാസ പദ്ധതിയാണ് സി എച്ച് മുഹമ്മദ് കോയ എജുക്കേഷൻ ആൻഡ് എംപവർമെന്റ് ഇനീഷ്യേറ്റീവ്.
അർഹരായ വിദ്യാർഥികൾക്ക് പ്രത്യേക പ്രവേശന പരീക്ഷ നടത്തിക്കൊണ്ട് സിവിൽ സർവീസ് പരീക്ഷകൾക്ക് വേണ്ടിയിട്ടുള്ള 100 മണിക്കൂർ തീവ്ര പരിശീലന പദ്ധതി, മോഡൽ കോച്ചിംഗ് സെൻറർ എന്നിവയാണ് പ്രോജക്ടിന്റെ ഭാഗമായി നിലവിൽ നടപ്പിലാക്കുന്നത്.
100 മണിക്കൂർ പദ്ധതിയുടെ ഭാഗമായി ഡിഗ്രി 1,2,3 വർഷ വിദ്യാർഥികൾക്ക് വേണ്ടി പ്രത്യേക പ്രവേശന പരീക്ഷ നടത്തി തെരഞ്ഞെടുക്കുന്ന 50 കുട്ടികൾക്ക് സിവിൽ സർവ്വീസ് ലഭിച്ചവരും,വിദഗ്ധരായ ഫാക്കൽറ്റികളും ആഴ്ചയിൽ ഒരുദിവസം( സൺഡേ) എന്ന നിലയിൽ 6 മാസം നീണ്ടു നിൽക്കുന്ന ക്ലാസ് നടത്തും.
*പദ്ധതിയുടെ ലോഗോ പ്രകാശനം 13/01/2026 ചൊവ്വാഴ്ച വൈകീട്ട് 5 മണിക്ക് മുസ്ലിം ലീഗ് സംസ്ഥാന പ്രസിഡണ്ട് സയ്യിദ് സാദിക്കലി ശിഹാബ് തങ്ങൾ നിർവ്വഹിക്കും.ഏവരെയും പരിപാടിയിലേക്ക് ക്ഷണിക്കുന്നു.*
*KMCC DELHI*
11/09/2025
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आज, 11 सितंबर 2025 को, भारतीय यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने दिल्ली के जंतर मंतर पर "लोकतंत्र संरक्षण मार्च" का आयोजन किया, जो भारत के संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा का प्रतीक है। इस मार्च का मुख्य संदेश है: "लोकतंत्र बचाओ, संविधान की हिफाजत करो!" IUML की यूथ विंग (मुस्लिम यूथ लीग) ने इसे लीड किया, जिसमें हजारों युवा शामिल हुए। मार्च ने वक़्फ़ बोर्ड संशोधन बिल और अल्पसंख्यक अधिकारों पर बढ़ते हमलों के खिलाफ मजबूत आवाज उठाई। IUML का मानना है कि लोकतंत्र का मतलब सिर्फ वोटिंग नहीं, बल्कि हर नागरिक के लिए समानता, न्याय, और सम्मान है।
IUML सिर्फ मुसलमानों की नहीं, बल्कि सभी अल्पसंख्यकों और कमजोर वर्गों की आवाज है।
11/09/2025
भारतीय यूनियन मुस्लिम लीग (IUML): लोकतंत्र की रक्षा, एकता की मिसाल
आज, 11 सितंबर 2025 को, भारतीय यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने दिल्ली के जंतर मंतर पर "लोकतंत्र संरक्षण मार्च" का आयोजन किया, जो भारत के संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा का प्रतीक है। इस मार्च का मुख्य संदेश है: "लोकतंत्र बचाओ, संविधान की हिफाजत करो!" IUML की यूथ विंग (मुस्लिम यूथ लीग) ने इसे लीड किया, जिसमें हजारों युवा शामिल हुए। मार्च ने वक़्फ़ बोर्ड संशोधन बिल और अल्पसंख्यक अधिकारों पर बढ़ते हमलों के खिलाफ मजबूत आवाज उठाई। IUML का मानना है कि लोकतंत्र का मतलब सिर्फ वोटिंग नहीं, बल्कि हर नागरिक के लिए समानता, न्याय, और सम्मान है।
IUML का विजन
IUML का विजन साफ है: सेकुलर भारत को मजबूत करना, अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा, और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना। 1948 में स्थापित, IUML ऑल इंडिया मुस्लिम लीग का वह हिस्सा है जो आजादी के बाद भारत में रहा। यह मिथ कि IUML का इंडो-पाक डिवाइड से कोई लेना-देना है, पूरी तरह गलत है! IUML ने हमेशा भारतीय संविधान, गांधीजी और नेहरू के सेकुलर आदर्शों को अपनाया। यह पार्टी पाकिस्तान की मुस्लिम लीग से पूरी तरह अलग है और भारत के सेकुलर फैब्रिक को मजबूत करने में लगी है। IUML सिर्फ मुसलमानों की नहीं, बल्कि सभी अल्पसंख्यकों और कमजोर वर्गों की आवाज है।
नेशनल हेडक्वार्टर और प्रोग्राम्स
IUML का नेशनल हेडक्वार्टर, "क्वैद-ए-मिल्लत सेंटर", नई दिल्ली में है, जिसका उद्घाटन अगस्त 2025 में हुआ। यह उत्तर भारत में पार्टी की गतिविधियों का केंद्र है। यहां होने वाले प्रोग्राम्स में प्रमुख नेता जैसे वरिष्ठ वकील और सांसद कपिल सिब्बल, केसी वेणुगोपाल, और अन्य शामिल होते हैं। कपिल सिब्बल ने IUML की तरफ से वक़्फ़ एक्ट संशोधन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की और अगस्त 2025 के IUML कॉन्फ्रेंस में सरकार पर "चोरी के वोट" और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। हाल ही में, हरीश वीरन, एक युवा और प्रभावशाली नेता, IUML के समर्थन से अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में एक प्रोग्राम में शामिल हुए, जहां उन्होंने AMU छात्रों के साथ एकजुटता दिखाई। यह प्रोग्राम 13 अगस्त 2025 को हुआ, जिसमें हरीश वीरन ने AMU के अल्पसंख्यक दर्जे और छात्रों के अधिकारों की रक्षा की बात कही।
यूपी में IUML की गतिविधियां
IUML उत्तर प्रदेश में अपनी पहुंच बढ़ा रही है, खासकर अल्पसंख्यक और कमजोर वर्गों के बीच। अप्रैल 2025 में मेरठ में स्टेट जनरल काउंसिल मीटिंग हुई, जहां लोकतंत्र और अल्पसंख्यक अधिकारों पर जोर दिया गया। 2017 में मुजफ्फरनगर दंगों के पीड़ितों को IUML ने 61 घर दिए, जो इसकी वेलफेयर स्कीम्स का हिस्सा है। पार्टी सांभल मस्जिद सर्वे और सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ अभियान चला रही है। यूपी में IUML हाउसिंग, एजुकेशन, और जागरूकता प्रोग्राम्स पर फोकस कर रही है, ताकि केरल के सेकुलर मॉडल को यहां लागू किया जा सके। हरीश वीरन जैसे नेताओं की AMU जैसे संस्थानों में भागीदारी IUML की यूपी में बढ़ती सक्रियता का प्रतीक है।
इंडो-पाक डिवाइड का मिथ तोड़ना
IUML को अक्सर गलतफहमी का शिकार बनाया जाता है कि यह पाकिस्तान से जुड़ी है। यह सरासर झूठ है! IUML 1948 में बनी, जब ऑल इंडिया मुस्लिम लीग बंटवारे के बाद दो हिस्सों में बंटी। IUML ने भारत में रहकर संविधान को अपनाया और सेकुलरिज्म को बढ़ावा दिया। इसके संस्थापक जैसे मोहम्मद इस्माइल साहब ने भारत की एकता को प्राथमिकता दी। आज IUML केरल में एक मजबूत सेकुलर ताकत है और यूपी जैसे राज्यों में भी अपनी जड़ें जमा रही है। यह मिथ BJP और हिंदुत्ववादी ग्रुप्स द्वारा फैलाया जाता है, जो मुस्लिमों को "पाकिस्तानी" बताकर बदनाम करते हैं। IUML का जवाब है: हम भारतीय हैं, और भारत के लिए काम करते हैं!
IUML का "लोकतंत्र संरक्षण मार्च" और क्वैद-ए-मिल्लत सेंटर जैसे प्रयास दिखाते हैं कि यह पार्टी भारत के सेकुलर और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हरीश वीरन जैसे युवा नेताओं का AMU में शामिल होना IUML की यूपी में बढ़ती ताकत का सबूत है।
यह पार्टी न सिर्फ अल्पसंख्यकों, बल्कि सभी कमजोर वर्गों की आवाज है। लोकतंत्र को मजबूत करें, IUML को सपोर्ट करें!
Dr. M.P Abdussamad Samadani
The Muslim Rajput
Muslim Youth League
11/09/2025
ये कूचे, ये नीलम-घर दिलकशी के
ये लुट-ते हुए कारवां जिंदगी के
कहाँ हैं, कहाँ हैं, मुहाफिज खुदी के?
जिन्हे नाज़ है हिंद पर वो कहाँ हैं?