Roads of Kolkata where pedestrians are in danger of life

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Road but , No Road

29/11/2025

has made a significant impact in the Indian automotive market with several interesting and lesser-known facts about its operations in the country:

1. Early Entry into India: Toyota entered the Indian market in 1997 with the launch of the Toyota Qualis, a popular MPV (multi-purpose vehicle) at the time. It was one of the first foreign automakers to establish a significant presence in India.

2. Joint Venture with Kirloskar: Toyota Kirloskar Motor (TKM) is a joint venture between Toyota Motor Corporation and Kirloskar Group. This partnership began in 1997, and the company has since been a major player in the Indian automotive market.

3. Local Manufacturing Facilities: Toyota’s manufacturing plants in India are located in Bidadi, Karnataka, and at a second plant in Tamil Nadu. These plants are equipped with advanced technology and have a significant local content, contributing to Toyota's commitment to the “Make in India” initiative.

4. Toyota’s Global R&D Hub: Toyota established its Global Business Services (GBS) center in Bengaluru, which is one of the key hubs for Toyota’s global research and development activities. This center focuses on various aspects of automotive technology, including IT and engineering solutions.

5. Hybrid Technology Leader: Toyota was a pioneer in hybrid technology with the introduction of the Toyota Prius, the world’s first mass-produced hybrid car. In India, Toyota introduced its hybrid technology with the Toyota Camry Hybrid in 2013, making hybrid vehicles more accessible in the Indian market.

6. First Indian Plant to Produce Hybrid Vehicles: The Toyota Kirloskar Motor plant in Bidadi was one of the first in India to manufacture hybrid vehicles locally. This move helped reduce costs and increase the availability of hybrid technology in the Indian market.

7. Toyota’s Commitment to Sustainability: Toyota India has a strong focus on sustainability and environmental initiatives. The company has invested in various eco-friendly pr
Everyone Products

27/01/2025

Kumhar Tully

21/08/2024
01/04/2023

बैंकों को लूटकर देश छोड़कर भागे लोगों की लिस्ट:-

1. विजय माल्या

2. मेहुल चौकसी

3. नीरव मोदी

4. निशांत मोदी

5. पुष्पेश पद्य

6. आशीष जोबनपुत्र

7. सनी कालरा

8. आरती हैजा

9. संजय कालरा

10. वर्षा कालरा

11. सुधीर कालरा

12. जादिन मेहता

13. उमेश पतले

14. कमलेश पतला

15. नीलेश परिहो

16. विनय मित्तल

17. एकवचन जाली

18.चेतन जयंतीलाल दारा

19. नितिन जयंतीलाल दारा

20. दीप्तिबन चेतन

21. साविया सेठा

22. राजीव गोयल

23. अलका गोयल

24. ललित मोदी

25. रितेश जैनी

26. हितेश एन पटेल

27. मयूरीबेहन पटेल

28. आशीष सुरेशबाई

कुल डकैती: 10,000,000,000,000/- (दस ट्रिलियन रुपये)

इनमें से कोई भी ....

आरएसएस से नहीं।

बजरंग दल का कोई नहीं है।

श्री राम सेना का कोई नहीं है।

हिन्दू विजिलेंस फोरम का कोई सदस्य नहीं है।

इनमें से कोई भी बीजेपी का नहीं है।

इनमें से कोई भी विश्व हिंदू परिषद से संबंधित नहीं है।

एक और बात, इन सब नाम में से किसी ने भी 1 मई 2014 के बाद से किसी भी बैंक से कर्ज नहीं लिया है। बैंक डकैती का दौर था... 2004 - 2014 तक जब /सोनिया/वाड्रा कांग्रेस सत्ता में थी। और आज ये सभी बेशर्म कांग्रेसी मोदी को चोर कहते हैं।

जबकि...... मोदी जी के आते ही सारे खेल थम गए...

ज्यादा से ज्यादा शेयर करें... देश को बचाना है तो देशद्रोहियों का पर्दाफाश करना होगा।

अवश्य पढ़ें और शेयर करें।

जिस हाल में आज पाकिस्तान हैं, एैसे ही हाल में छोड़ के गए थे राजीव गाँधी भारत को...

सोनिया ने पर्दे के पीछे किस कदर लूट की होगी ? सोचिये...

तब 40 करोड़ के लिए सोना गिरवी रखा था... जबकि 64 करोड़ की दलाली तो सिर्फ बोफोर्स में खाई गयी थी...

RBI गवर्नर रहे Y.V रेड्डी की पुस्तक ADVISE AND DECENT से साभार...

काँग्रेस के शासनकाल में सिर्फ 40 करोड़ रुपए के लिए हमें अपना 47 टन सोना गिरवी रखना पड़ा था ।

ये स्थिति थी भारतीय इकॉनॉमी की ।

मुझे याद हैं नब्बे के शुरुआती दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था को, वो दिन भी देखना पड़ा था जब, भारत जैसे देश को भी अपना सोना विश्व बैंक में गिरवी रखना पड़ा था...

राजीव गाँधी के शासनकाल में देश की तिजोरी खाली हो चुकी थी । और तभी प्रधान मंत्री राजीव गाँधी की हत्या लिट्टे के आतंकियों ने कर दी थी...

चन्द्रशेखर तब नए नए प्रधान मंत्री बने थे... तिजोरी खाली थी । वे घबरा गए । करें तो क्या करें ?

Reddy अपने पुस्तक मे लिखते हैं कि पूरे देश में एक तरह का निराशा भरा माहौल था... राजीव गाँधी ने अपने शासनकाल में कोई रोज़गार नहीं दिया था।

नया उद्योग धन्धा नहीं... एक बिजनेस डालने जाओ तो पचास जगह से NOC लेकर आना पड़ता था।

काँग्रेस द्वारा स्थापित लाइसेंस परमिट के उस दौर में, चारों तरफ बेरोज़गारी और हताशा क आलम था...

दूसरी तरफ देश में मंडल और कमंडल की लड़ाई छेड़ी हुई थी...

1980 से 1990 के दशक तक देश में काँग्रेस ने Economy को ख़त्म कर दिया था... उसी दौरान बोफोर्स तोपों में दलाली का मामला सामने आया...

किताब में Reddy लिखते हैं कि, गाँधी परिवार की अथाह लूट ने, देश की अर्थ व्यवस्था को रसातल में पहुँचा दिया था।

Reddy अपनी किताब में लिखते हैं कि, उन दिनों भारत का विदेशी मुद्रा भंडार इतना कम हो गया था कि रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने अपना सोना विश्व बैंको में गिरवी रखने का फैसला किया... हालात ये हो गए थे कि देश के पास तब केवल 15 दिनों का आयात करने लायक ही पैसा था।

तब तत्कालीन प्रधान मंत्री चन्द्रशेखर के आदेश से, भारत ने 47 टन सोना बैंक ऑफ़ इंग्लैंड में गिरवी रखा था...

उस समय एक दिलचस्प और भारतीय जनमानस को शर्म सार करने वाली घटना घटी... RBI को बैंक ऑफ़ इंग्लैंड में 47 टन सोना पहुँचाना था। ये वो दौर था जब मोबाइल तो होते नहीं थे और लैंड लाइन भी सीमित मात्रा में हुआ करती थी।

नयी दिल्ली स्थित RBI का इतना बुरा हाल था की बिल्डिंग से 47 टन सोना नयी दिल्ली एयर पोर्ट पर एक वैन द्वारा पहुँचाया जाना था. वहां से ये सोना इंग्लैंड जाने वाले जहाज पर लादा जाना था, खैर बड़ी मशक्कत के बाद ये 47 टन सोना इंग्लैंड पहुँचा और ब्रिटेन ने भारत को 40.05 करोड़ रुपये कर्ज़ दिये।

भारतीय अर्थ व्यवस्था से जुडी इस पुरानी तथा मन को दुःखी करने वाली घटना का उदाहरण मैंने इसलिए दिया ताकि, लोगों को पता चले कि काँग्रेस के जो बेशर्म नेता और समर्थक, मोदीजी के ऊपर, देश की अर्थ व्यवस्था चौपट करने का इल्जाम लगाते हैं, उस कमअक्ल लुटेरे गाँधी परिवार की लापरवाही की वजह से ही, देश को अपना सोना महज़ 40 करोड़ का कर्ज पाने के लिए गिरवी रखना पड़ा था ।

किसी देश के लिए इससे ज्यादा अपमान और शर्म की बात क्या हो सकती हैं ।

मुझे बेहद हँसी, हैरानी और गुस्सा आता हैं जब, देश को महज़ 40 करोड़ रुपये के लिए गिरवी रखने वाले लोग कहते हैं कि, मोदीजी ने भारत की अर्थ व्यवस्था को बर्बाद कर दिया.

श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय, एक मशहूर कम्पनी, एनरॉन नें, महाराष्ट्र के दाभोल में कारखाना लगाने की प्लानिंग की ..!!

लेकिन, यह स्थानीय लोगों के प्रतिरोध के कारण, हो न सका !!

फलस्वरूप, बदलती विषम परिस्थितियों से नाराज एनरॉन नें, भारत सरकार पर ₹38,000 करोड़ के नुकसान की भरपाई का मुकदमा दायर कर दिया ..।।

वाजपेयी सरकार ने हरीश सालवे (सालवे जी नें, कुलभूषण जाधव का मुकदमा इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में लड़ कर जीता ..) को भारत सरकार का वकील नियुक्त किया ..।।

पर आप जान कर चोंक जाएंगे कि, एनरॉन के वकील पी. चिदंबरम बनें ..!! यानी, पी चिदंबरम भारत के विरुद्ध ..।।

समय बीतता चला गया ..!! बादमें 'यूपीए' सरकार बनी ..!! कैबिनेट मंत्री चिदंबरम, एनरॉन की तरफ से मुकदमा नहीं लड़ सकते थे ..!! पर वो कानूनी सलाहकार बने रहे और, वो मुकदमे को एनरॉन के पक्ष में करने में सक्षम थे ..।।

😠 *अगला खुलासा* *और चौकानें वाला* *है* !!

चिदंबरम ने तुरंत हरीश सालवे को एनरॉन केस से हटा दिया ..।। हरीश साल्वे की जगह, खबर कुरेशी को नियुक्त किया गया ..।।आप ठीक समझे, ये वही पाकिस्तानी वकील है जिसनें, कुलभूषण जाधव केस में, पाकिस्तान सरकार का मुकदमा लड़ा ..!!

कांग्रेस ने भारत सरकार कि तरफ से, पाकिस्तानी वकील को ₹1400/- करोड़ दिये वकील कि फीस के रुप में ..।। अंततः भारत मुकदमा हार गया और भारत सरकार को ₹38,000/- करोड़ का भारी भरकम मुआवजा देना पड़ा ..।। लेकिन, लुटीयन मिडिया ने ये खबर या तो गोल दी या सरसरी तौर पर नहीं दिखाई !!

अब सोचिए कि ₹38000/- करोड़ का मुकदमा लडने के लिए फीस कितनी ली होगी ..?? जो पाठक किसी क्लेम के केस मे वकील कि फीस तय करते है उन्हें पता होगा कि, वकील केस देखकर दस प्रतिशत से लेकर साठ प्रतिशत तक फीस लेता है ..।।

--- *सोचिए इस पर* *कोई हंगामा नही हुआ ..??*

अगर ये केस मोदी के समय मे होता, और भारत सरकार कोर्ट में हार जाती तो ..?? चमचो की छोड़िए, भक्त भी डंडा लेकर मोदी के पीछे दोड़ते ..।।

और एक मजेदार बात .. जिन कम्पनियों का एनरॉन मे निवेश करके यह प्रोजेक्ट केवल फाईल किया था उनका निवेश महज मात्र 300 मिलियन डालर .. याने उस वक्त कि डालर रुपया विनियम दर के हिसाब से, महज ₹1530/- करोड़ था, और वह भी बैठे बिठाये ..।। महज सात साल मे ₹38,000/- करोड़ का फायदा ..!! वो भी एक युनिट बिजली का संयंत्र लगाये बिना ..??

😠 *कांग्रेस हमारी सोचने की* *क्षमता से भी ज्यादा* *विनाशकारी है !!*

(यह थी 'विश्व प्रसिद्ध' अर्थशास्त्री, अनुभवी और पढे लिखे लुटेरो की सरकार ..!!) *जिस किसी को भी कोई शंका* *हो वो गूगल में जाकर देख सकता है।*

🔥जन जागरण अभियान के लिए जारी किया गया।

आज जितने भी लोग मोदीजी को और उनकी सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं उस समय सब मौन धारण करे हुए थे वो सब ये बात जानते थे कि कांग्रेस क्या कुछ कर सकती है।

अगर आज ऐसे लोग सुरक्षित हैं तो केवल मोदीजी के कारण, *आज भारत का विदेशी मुद्रा भंडार विश्व में चौथे स्थान पर है* मगर ग़ुलाम कहते हैं कि Modi ने किया ही क्या है।

*आदरणीय बन्धुओ कांग्रेस नें जो* *गद्दारी देश के साथ की* है *, इनके कुकर्मो का* *ढिंढोरा सोशल मीडिया पर खूब* *वायरल करना चाहिए,* *जिससे हमारी युवा* *पीढ़ी को भी जानकारी* *होनी चाहिए, कि देश अन्य देशों से* *इन 70 सालों में पीछे कैसे* *रह गया.*

*हम लोग इतना तो कर ही सकते है*

🇮🇳🇮🇳🇮🇳 *जय हिन्द जय भारत* 🚩🚩🚩.

10/12/2019

Tell us about a way in our city where walking is difficult .

10/12/2019

This is Costly area of Ballygunj there is no road for the sidewalk. Corporations tax is very very high but facilities just like undeveloped village . This Narrow road become two ways After 10 pm up to 7am maximum road cover by either car parking and newly setup KACHRA seller and Bike repair shop on phutpaath. Anytime a big assistant can be on this thin road. LOCATION:- Besides MAX MULLER /MANIPUR BHAWAN. kolkata-700020.

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