09/01/2026
साथियों, जय भीम! जय हिंद! इंकलाब जिंदाबाद!
आज 9 जनवरी है। दुनिया इसे 'प्रवासी दिवस' कह रही है, लेकिन मेरे लिए यह दिन एक संकल्प का दिन है। आज ही के दिन महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका में मजदूरों की लड़ाई जीतकर भारत लौटे थे। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि उसी दौर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि 'मजदूरों की कोई जाति नहीं होती, उनका सिर्फ हक होता है।'
आज मैं, विजय कुमार साव, Indian National Trades Union Congress Federation West Bengal Unit के इस मंच से दहाड़ कर कहना चाहता हूँ—कि जिसे दुनिया 'प्रवासी' कहती है, वो मेरे समाज का वह दलित, ओबीसी, आदिवासी और माइनॉरिटी का भाई है, जो अपनी मिट्टी छोड़कर बंगाल की जूट मिलों या दूसरे राज्यों के कारखानों में खटने को मजबूर है।
अक्सर लोग पूछते हैं कि ट्रेड यूनियन का राजनीति से क्या लेना-देना? मैं कहता हूँ, ट्रेड यूनियन का लेना-देना 'इंसानियत' से है! हम बाबा साहेब के उस मंत्र को मानते हैं—'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।' हम गांधीजी के उस रास्ते पर चलते हैं जहाँ सत्य के लिए अड़ जाना ही सबसे बड़ी शक्ति है।
साथियों, आज का प्रवासी दिवस केवल उनके लिए क्यों हो जो हवाई जहाजों में उड़ते हैं? उन करोड़ों भाइयों के लिए क्यों नहीं, जो पटरियों पर चलकर अपने घर पहुँचते हैं? हमारे संगठन की लड़ाई उस 'आखिरी पायदान' पर खड़े व्यक्ति के लिए है। जब तक मेरे आदिवासी भाई को जंगल का हक नहीं मिलता, जब तक मेरे पिछड़े और दलित भाई को कारखाने में बराबर का सम्मान और पूरी मजदूरी नहीं मिलती, और जब तक अल्पसंख्यकों को सुरक्षा का अहसास नहीं होता—तब तक विजय साव चैन से नहीं बैठेगा!
याद रखिये, इंटक फेडरेशन किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि हर उस दबे-कुचले इंसान की ढाल है जिसका पसीना इस देश की नींव में लगा है। हम संविधान की रक्षा करेंगे, हम गांधी के अहिंसा के मार्ग पर चलेंगे, लेकिन हम बाबा साहेब के अधिकारों को छीनने वालों को ईंट का जवाब पत्थर से देना भी जानते हैं!
उठो, संगठित हो और अपने हक के लिए आवाज़ उठाओ!
मजदूर एकता—जिंदाबाद!
जय भीम, जय भारत!
महात्मा गांधी—अमर रहें!"
Vijay Kumar Shaaw
President
Indian National Trades Union Congress (Federation) INTUC, West Bengal Unit
7596096913

01/01/2026