Chanchal yadav
प्रवक्ता,समाजवादी पार्टी
भारत 24 की लोकप्रिय एंकर पत्रकार Pooja Yadav जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। 🎂💐
आपकी कलम की धार और आपकी आवाज़ का असर केवल खबरों तक सीमित न रहे, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा बनकर नई मिसाल कायम करे। ईश्वर आपको निरंतर सफलता, सम्मान और खुशियों से नवाजे। 🎂💐✨
Akhilesh Yadav
Dimple Yadav
Dharmendra Yadav
Samajwadi Party
"खान सर का अंजना ओम कश्यप को करारा जवाब— 'हम सच बोलने में विश्वास रखते हैं, किसी के तलवे ..... में नहीं। पत्रकारिता का धर्म सवाल पूछना है, सत्ता की चापलूसी करना नहीं।'"
भाजपा याद रखे कि जिस हिंसक राजनीति को वह पाल-पोस रही है, वही एक दिन लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकती है। राजनीतिक विरोध का जवाब तर्क और जनसमर्थन से दिया जाता है, हिंसा और हमलों से नहीं। वयोवृद्ध तृणमूल सांसद Kalyan Banerjee पर हुआ जानलेवा हमला बेहद निंदनीय और चिंताजनक है। किसी जनप्रतिनिधि पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता की आवाज पर हमला माना जाना चाहिए।
लगातार बढ़ती राजनीतिक हिंसा यह संकेत देती है कि असहमति को दबाने की प्रवृत्ति मजबूत हो रही है, जो किसी भी लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि राजनीतिक मतभेद सड़कों पर हिंसा का रूप लेने लगें, तो लोकतंत्र कमजोर होता है और कानून के राज पर सवाल खड़े होते हैं।
लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को इस गंभीर घटना का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो ताकि यह स्पष्ट संदेश जाए कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। राजनीतिक दलों को भी अपने कार्यकर्ताओं को संयम, संवाद और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पाठ पढ़ाना चाहिए। लोकतंत्र बहस से मजबूत होता है, हिंसा से नहीं।
चुनौती और 'क्या उखाड़ लेंगे'
ओपी रातभर
"समाजवादी पार्टी की महिला सभा की चंदौली जिला अध्यक्ष गार्गी पटेल पर हुआ जानलेवा हमला बेहद निंदनीय और शर्मनाक है। इस घटना में शामिल आरोपी भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं, तो भाजपा को इस मामले पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए और दोषियों को बचाने के बजाय उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद का जवाब हिंसा नहीं हो सकता। किसी महिला पदाधिकारी के साथ मारपीट और जानलेवा हमला कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि यदि प्रशासन और पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने में देरी करते हैं, तो अपराधियों के हौसले और बढ़ते हैं।
हमारी स्पष्ट मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और सभी दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। आरोपी किसी भी जाति, धर्म, वर्ग या राजनीतिक दल का क्यों न हो, कानून सबके लिए समान होना चाहिए। अपराधी की पहचान उसकी जाति, धर्म या पार्टी नहीं, बल्कि उसका अपराध होता है। न्याय के नाम पर किसी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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