Uttar Pradesh State Disaster Management Authority, Govt of Uttar Pradesh

Uttar Pradesh State Disaster Management Authority, Govt of Uttar Pradesh

Share

UP SDMA

Photos from Uttar Pradesh State Disaster Management Authority, Govt of Uttar Pradesh's post 22/02/2026

माननीय मुख्य मंत्री, उत्तर प्रदेश, श्री योगी आदित्यनाथ जी के करकमलों द्वारा प्रदेश में संचालित युवा आपदा मित्र परियोजना के अंतर्गत आपदा मित्रों को 3 वर्षीय बीमा पॉलिसी, मुख्य मंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदान की गई। कार्यक्रम में के उपाध्यक्ष, प्रमुख सचिव राजस्व, राहत आयुक्त एवं अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Photos from Uttar Pradesh State Disaster Management Authority, Govt of Uttar Pradesh's post 02/01/2026

✨ “आपदा प्रबंधन की दूरदर्शी तैयारी - प्रतिक्रिया ही नहीं, शमन और रोकथाम है जरूरी”

सचिव, NDMA, श्री मनीष भारद्वाज (IAS) के UPSDMA भ्रमण एवं समन्वय बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में आपदा न्यूनीकरण, क्षमता निर्माण, AI-आधारित SEOC, स्थानीय मौसम चेतावनी प्रणाली, युवा आपदा मित्र, सिटी हीट एक्शन प्लान एवं शहरी आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक एवं सार्थक विचार-विमर्श हुआ।

सशक्त संस्थान, प्रशिक्षित मानव संसाधन और तकनीक का सही उपयोग—लचीले समाज की नींव !

UPSDMA द्वारा 75 जनपदों में DEOC, 24×7 निगरानी प्रणाली और समुदाय आधारित प्रतिक्रिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन में राष्ट्रीय रोल मॉडल की दिशा में ठोस कदम उठा रहा हैं।

Photos from Uttar Pradesh State Disaster Management Authority, Govt of Uttar Pradesh's post 23/12/2025

भीड़ प्रबंधन पर आधारित राज्यस्तरीय टेबल टॉप अभ्यास (TTEx) का सफल आयोजन

राज्य एवं जनपदस्तरीय अधिकारियों ने किया प्रतिभाग, केस स्टडी/बेस्ट प्रैक्टिस के माध्यम से साझा की गयी जानकारी

उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा कोबरा ऑडिटोरियम, न्यू कैंट, जनपद प्रयागराज में आयोजित 02 दिवसीय भीड़ प्रबंधन तथा 03 संवेदनशील आपदाओं- डूबना, शीतलहर एवं अग्नि दुर्घटना विषय पर Symposium cm Table-Top Exercise (TTEx) का आज समापन किया गया |

इस दो दिवसीय आयोजन में 200 से अधिक राज्य एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया, जिसमें मुख्य रूप से मेला प्राधिकरण, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, भारतीय सेना, भारतीय रेलवे, एन०डी०आर०एफ०, एस०डी०आर०एफ०, टेलिकॉम विभाग तथा 26 प्रतिभागी जनपदों के अपर जिलाधिकारी(वि०/रा०), पुलिस अधिकारी, अग्निशमन अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से आपदा विशेषज्ञों उपस्थित रहें |

कार्यक्रम के समापन सत्र में माननीय उपाध्यक्ष महोदय ने बताया कि यह संगोष्ठी एवं अभ्यास न केवल आपदा प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है बल्कि फोर्सेस, एजेंसियों और विभिन्न प्रत्युत्तर बलों/संस्थानों एवं विभागों के बीच समन्वय एवं तत्परता को और सुदृढ़ करता है। यह दो दिवसीय कार्यक्रम नीति, योजना एवं फील्ड-स्तर पर कार्यान्वयन के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम है |

टेबल टॉप अभ्यास (TTEx) का संचालन प्राधिकरण के वरिष्ठ सलाहकार कर्नल संदीप मेहरोत्रा एवं समन्वय श्री प्रवीन किशोर (ट्रेनिग कोऑर्डिनेटर) द्वारा किया गया | टेबल टॉप अभ्यास (TTEx) के दौरान विभिन्न परिकल्पित स्थितियों जैसे - धार्मिक स्थलों पर भीड़ का प्रबंधन, घाटों और नदी तटों पर भीड़ का प्रबंधन, रेलवे स्टेशन/बस स्टैंड पर पैदल यात्रियों की आवाजाही का प्रबंधन और विभिन्न सांस्कृतिक/खेल/मनोरंजन कार्यक्रमों/मेले/पर्यटन स्थलों पर एकत्रित लोगों का प्रबंधन की स्थिति में सामूहिक प्रतिक्रिया का अभ्यास किया गया। इसमें मंडलवार टीमों के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की । अभ्यास के दौरान विभागों द्वारा अपने-अपने दायित्व, समन्वय तंत्र, संसाधनों की उपलब्धता, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (IRS), संचार व्यवस्था तथा भीड़ प्रबंधन के नियंत्रण के उपायों पर प्रतिक्रिया दी गयी ।

टेबल टॉप अभ्यास के दौरान 26 जनपदों ने अपने अपने जनपद में आयोजित होने वाले प्रमुख आयोजनों जैसे मेले, महोत्सव, धार्मिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिती इत्यादि में भीड़-प्रबंधन के लिए Case Study एवं Best Practices साझा किया । इस अभ्यास में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित इन्सिडेन्ट रीस्पान्स सिस्टम (IRS–Incident Response System) के अनुसार विभागीय कार्यवाहियाँ को भीड़ प्रबंधन में उपयोग करने पर विशेषबल दिया गया |

जनपद – प्रयागराज ने माघ मेला के दृष्टिगत अपनी तैयारियों को बताया, गोरखपुर ने खिचड़ी मेला के प्रबंधन के दौरान यातायात प्रबंधन, श्रद्धालुओं के आने जाने के मार्गों का प्रबंधन, जनपद वाराणसी ने घाट एवं नाव प्रबंधन तथा जनपद अयोध्या ने श्री राम जन्म भूमि व हनुमानगढ़ी के प्रबंध पर जानकारी दी, बाराबंकी द्वारा देवा मेला का भीड़ प्रबंधन बताया गया, मिर्जापुर द्वारा शारदीय नवरात्रि में लगने वाले मेले का भीड़ प्रबंधन एवं सहारनपुर जनपद में शारदीय नवरात्रि मेला के भीड़ प्रबंधन की जानकारी दी ।

मेजर जनरल अमित सोहल, वी०एस०एम०, बार, जी०ओ०सी० पूर्वी यूपी एवं एम०पी सब एरिया के ने बताया कि भीड़ प्रबन्धन के लिए ऐसे आयोजना से सेना एवं प्रशासन के मध्य सामंजस्य बढता है और प्रशासन को आवश्यकता पड़ने पर सेना अपने भी अपनी मेडिकल टीम, क्विक रिस्पांस टीम बेहतर प्रबंधन के लिए उपलब्ध करा सकती है | मेजर जनरल सुनील शेवरान, सेना मेडल, बार ने बताया कि भीड़ प्रबंधन शासन प्रशासन एवं आयोजकों के लिए एक चुनौती है इसके लिए चरणवार योजना बनाया जाना तथा इसमें सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है |

Photos from Uttar Pradesh State Disaster Management Authority, Govt of Uttar Pradesh's post 22/12/2025

माघ मेला के दौरान बेहतर आपदा प्रबंधन के उद्देश्य से महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय संगोष्टी सह टेबल टॉप एक्सरसाइज का आयोजन 26 जनपदों के राजस्व, पुलिस, अग्निशमन एवं आपात सेवाएं, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी कर रहे प्रतिभाग |

उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा दिनांक 22-23, दिसंबर 2025 को कोबरा ऑडिटोरियम, न्यू कैंट, जनपद प्रयागराज में भीड़ प्रबंधन तथा 03 संवेदनशील आपदाओं- डूबना, शीतलहर एवं अग्नि दुर्घटना विषय पर Symposium cm Table-Top Exercise (TTEx) का आयोजन किया जा रहा है | इस दो दिवसीय आयोजन में प्रथम दिवस में टेक्निकल सेशन एवं द्वितीय दिवस में 26 जनपदों के अधिकारियों के साथ टेबल टॉप एक्सरसाइज किया जाएगा |
संगोष्टी प्राधिकरण के माननीय उपाध्यक्ष,लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, पी.वी.एस.एम, ए.वी.एस.एम, वी.एस.एम,(से.नि.) एवं लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. शेखावत, पी.एस.एम, ए.वी.एस.एम, एस.एम, जी.ओ.सी. मध्य भारत एरिया की अध्यक्षता में मेला अधिकारी, जिलाधिकारी प्रयागराज, पुलिस विभाग, भारतीय सेना, भारतीय रेलवे, एन०डी०आर०एफ०, एस०डी०आर०एफ०, अग्निशमन विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी तथा 26 प्रतिभागी जनपदों के अपर जिलाधिकारी(वि०/रा०), पुलिस अधिकारी, अग्निशमन अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से आपदा विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है |

टेक्निकल सेशन के प्रथम सत्र में पुलिस विभाग द्वारा भीड़ की गतिशीलता, जोखिम कारकों और भीड़ प्रबंधन के लिए संगठन और चुनौतियाँ पर केस स्टडी के साथ प्रतिभागियों को बताया जाएगा | प्राधिकरण द्वारा भीड़ प्रबंधन के लिए इन्सिडेन्ट रिस्पांस सिस्टम, अग्निशमन एवं आपात सेवाएं, द्वारा आग की घटनाएँ – रोकथाम, तैयारी और प्रतिक्रिया, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल द्वारा डूबने के जोखिम का प्रबंधन और बचाव अभियान तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वक्ताओं द्वारा शीतलहर की तैयारी – पूर्वानुमान, आश्रय और स्वास्थ्य प्रतिक्रिया के संबंध में केस स्टडी/बेस्ट प्रैक्टिस के माध्यम से संगोष्टी में व्याख्यान दिया जाएगा |

द्वितीय सत्र में जनपद प्रयागराज द्वारा माघ मेला हेतु भीड़ प्रबंधन के दृष्टिगत की गयी तैयारियों पर जानकारी तथा जनपद हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, गोरखपुर एवं मथुरा के अपर जिलाधिकारी/पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा जनपद में भीड़ प्रबंधन की तैयारियों एवं केस स्टडी पर चर्चा किया गया |

विशेष उद्बोधन में (ऑनलाइन मोड से जुड़े) पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, श्री राजीव कृष्ण, आई0पी0एस0 ने कहा कि भीड़ प्रबंधन केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि यह बहु-विभागीय समन्वय, वैज्ञानिक योजना, जोखिम आकलन तथा त्वरित निर्णय क्षमता पर आधारित एक समग्र प्रक्रिया है। जनसंख्या के दृष्टि से प्रदेश में आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं खेल-कूद आदि कार्यक्रमों के आयोजन में भीड़ प्रबंधन एक चुनौती पूर्ण कार्य है | यूपीएसडीएमए द्वारा सभी स्टेकहोल्डर को एक मंच पर लाना और विशेषकर माघ मेला के दौरान भीड़ प्रबंधन तथा अन्य संवेदनशील आपदाओं जैसे- डूबना, शीतलहर एवं अग्नि दुर्घटना विषय पर संगोष्टी सह टेबल टॉप एक्सरसाइज का आयोजन फील्ड स्तर पर कार्य कर रहे अधिकारियों के लिए लाभकारी होगा |
बैठक को संबोधित करते हुए माननीय उपाध्यक्ष महोदय ने बताया कि प्रदेश में भीड़ प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के शमन के उपाय, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण और हितधारकों की सहभागिता बहुत आवश्यक है | भीड़ प्रबंधन योजना बनाते समय खतरे, जोखिम और नाजुकता का महत्त्व समझना बहुत आवश्यक है, साथ ही प्रदेश आयोजित होने वाले बड़े धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजनों में जनसुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

यह दो दिवसीय कार्यक्रम नीति, योजना एवं फील्ड-स्तर पर कार्यान्वयन के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने का प्रभावी मंच प्रदान करता है। तकनीकी सत्रों के माध्यम से भीड़ की गतिशीलता, जोखिम आकलन, इन्सिडेन्ट रिस्पांस सिस्टम, अग्नि सुरक्षा, डूबने की घटनाओं में बचाव तथा शीतलहर से निपटने हेतु स्वास्थ्य-आधारित तैयारियों पर आधारित केस-स्टडी एवं बेस्ट प्रैक्टिस प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। द्वितीय दिवस में आयोजित टेबल-टॉप एक्सरसाइज, विशेषकर माघ मेला जैसे विशाल आयोजन के परिप्रेक्ष्य में, जिलों की तैयारियों की समीक्षा, अंतर-विभागीय समन्वय एवं त्वरित निर्णय-क्षमता को सुदृढ़ करने में सहायक होगी। 26 प्रतिभागी जनपदों के प्रशासनिक, पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता इस अभ्यास को व्यवहारिक एवं परिणामोन्मुख बनाएगी।

मंडलायुक्त प्रयागराज, श्रीमती सौम्या अग्रवाल, आई0ए0एस0 ने कहा कि यह Symposium cm Table Top Exercise (TTEx) प्रदेश के सभी 26 जनपदों में आपदा प्रबंधन की तैयारी, प्रतिक्रिया क्षमता और विभागीय समन्वय को मज़बूत करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है साथ ही उन्होंने कहा कि इस विषय पर माक अभ्यास करने की भी आवश्यकता है जिससे सभी जनपद स्तरीय कार्य करने वाले अधिकारीयों में अधिक जागरूकता किया जा सके | सभी विभागों और जनपदों के अधिकारियों से अपेक्षा करता हूँ कि वे पूर्ण मनोयोग, तत्परता और टीम भावना के साथ इसमें भाग लेकर प्रदेश की आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं सक्षम बनाएं।

लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. शेखावत, पी.एस.एम, ए.वी.एस.एम, एस.एम, जी.ओ.सी. मध्य भारत एरिया ने बताया कि भीड़ प्रबन्धन के लिए किसी भी आयोजन स्थल के आगमन एवं प्रस्तान मार्ग का प्रबंधन अगर बेहतर है तो अधिक भीड़ होने पर भी कोई कठिनाई नहीं आयेगी | ऐसे आयोजना से सेना एवं प्रशासन के मध्य सामंजस्य बढता है और प्रशासन को आवश्यकता पड़ने पर सेना अपने भी अपनी मेडिकल टीम, क्विक रिस्पांस टीम बेहतर प्रबंधन के लिए उपलब्ध करा सकती है |
अपर पुलिस आयुक्त, प्रयागराज डॉ अजय पाल, आई0पी0एस0 ने बताया कि माघ मेला के दृष्टिगत सभी संभावित खतरों का आंकलन कर लिया गया है तथा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु पर्याप्त पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे | उन्होंने यह भी बताया की विभिन्न मार्गों से आने वाले यात्रियों हेतु पार्किंग स्थल, ट्रैफिक प्लान को यात्रियों की सुविधा अनुसार बनाया गया है| इस बार सुरक्षा के दृष्टिगत सभी पौनटून पुलों के दोनों तरफ चौकियाँ बनायी जाएंगी जिससे की किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके|

उक्त संगोष्टी का संचालन प्राधिकरण के वरिष्ठ सलाहकार कर्नल संदीप मेहरोत्रा द्वारा किया जा रहा है एवं समन्वय श्री प्रवीण किशोर, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर(ट्रेनिंग) तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, प्रयागराज द्वारा किया जा रहा है |

11/12/2025

प्रदेश के 26 जनपदों हेतु 22–23 दिसम्बर 2025 को प्रयागराज में प्रस्तावित State Level Symposium cm Table Top Exercise (Crowd Management, Drowning, Cold Wave & Fire Incidents) के संदर्भ में मा. उपाध्यक्ष, उ.प्र. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्षता में 11 दिसम्बर 2025 को पूर्व-तैयारी बैठक आयोजित हुई।

स्थल भ्रमण के दौरान Maj Gen A. S. Sohal (GOC-PUP & MPSA), ADM (F/R) Prayagraj एवं अन्य हितधारक उपस्थित रहे।

Photos from Uttar Pradesh State Disaster Management Authority, Govt of Uttar Pradesh's post 03/12/2025

प्रदेश में भीड़-प्रबंधन एवं संवेदनशील आपदाओं—डूबना, शीतलहर, अग्नि दुर्घटना—से निपटने हेतु 22–23 दिसंबर, 2025 को प्रयागराज में आयोजित होने वाले Symposium cm Table-Top Exercise (TTEx) की तैयारियों पर Orientation & Coordination Conference आयोजित हुई।

माननीय उपाध्यक्ष ले. ज. योगेंद्र डिमरी (से.नि.) ने बड़े आयोजनों में भीड़-प्रबंधन की चुनौतियों पर सभी विभागों को IRS आधारित समन्वय व त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

अपर मुख्यकार्यपालक अधिकारी डॉ. हृषिकेश भास्कर याशोद ने TTEx को 26 जनपदों में आपदा तैयारी, प्रतिक्रिया क्षमता व विभागीय समन्वय को मज़बूत करने की अति महत्वपूर्ण पहल बताया।

NDRF, SDRF, PAC, Police, Fire, Health, Railways, Army सहित सभी स्टेकहोल्डर्स ने व्यापक तैयारी व साझा प्रयासों पर चर्चा की।

UPSDMA का लक्ष्य—सुरक्षित उत्तर प्रदेश, सक्षम आपदा प्रतिक्रिया।

25/11/2025

❄️ उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शीतलहर एडवाइजरी ❄️
सर्दियों में सुरक्षित रहे।

🧣 मौसम की अपडेट लेते रहें
🧥 गर्म कपड़ों की कई परतें पहनें
🧤 सिर–हाथ–पैर ढककर रखें
🏠 ठंडी हवाओं से बचें
💊 लक्षण दिखें तो डॉक्टर से सलाह लें
📦 जरूरी सामान तैयार रखें

आपदा की स्थिति में कॉल करें: 1070, एम्बुलेंस: 102

उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अपील

27/10/2025

🌞 छठ महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं 🌞

छठ पूजा लोक आस्था, श्रद्धा और प्रकृति के प्रति सम्मान का पर्व है।
इस पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं से निवेदन है कि सूर्योपासना के दौरान
सुरक्षा नियमों का पालन करें, जलाशयों के पास सावधानी बरतें,
और स्वच्छता बनाए रखें।

आइए, श्रद्धा और सुरक्षा—दोनों का संगम बनाएं।
“सुरक्षित रहें, सतर्क रहें, और छठ पूजा को सफल बनाएं।”

🙏 उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) 🙏
#छठपर्व #छठपूजा #सुरक्षा_के_साथ_श्रद्धा

20/10/2025

🌟 दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं! 🌟
रोशनी का ये पर्व लाए खुशियाँ,
पर याद रखें — सुरक्षा ही असली उजाला है।
पटाखे संभलकर चलाएं, बिजली के तारों से दूरी बनाएं,
और अपने घर की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

सुरक्षित दीपावली, खुशहाल दीपावली! 💛

#आपदासेचेतरहे

18/10/2025

धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं!
सुरक्षा ही सबसे बड़ा धन है,
सुरक्षित रहें, सतर्क रहें!

Photos from Uttar Pradesh State Disaster Management Authority, Govt of Uttar Pradesh's post 20/09/2025

उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा 34 जनपदों के जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों की सहभागिता में दिनांक 19 सितम्बर 2025 को भूकंप के प्रति संवेदनशील प्रदेश के 34 जनपदों की 157 तहसीलों में एक साथ “भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) और आग के खतरे” पर राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज़ का आयोजन किया गया |

मॉक एक्सरसाइज़ सुबह 10:00 बजे राज्य नियंत्रण कक्ष से शुरू हुई । अलर्ट मिलने पर, सभी जनपदों द्वारा जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) में निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को सक्रिय किया और घटना प्रतिक्रिया प्रणाली (Incident Response System -IRS) को सक्रिय किया । जनपदों ने तहसील स्तर पर विभिन्न परिदृश्यों जैसे – भूकंप आपदा (School, Hospital, High Rise Building, Railway/Bridge, आदि), अग्निकांड (Mall, Hospital, Office Building, आदि) एवं औद्योगिक दुर्घटना (MAH/Non-MAH Unit, On-site एवं Off-site) के अंतर्गत Evacuation Drill, Fire Safety, Medical Response एवं Search & Rescue Drill का अभ्यास किया गया । जनपद के अस्पतालों में प्राथमिक चिकित्सा उपचार, मरीजों के लिए बेड की कमी होने पर तत्काल त्वरित चिकित्सकीय सहायता हेतु फील्ड हॉस्पिटल भी स्थापित कर मरीजों का उपचार करने की कार्यवाही का भी प्रदर्शन किया गया ।

मॉक एक्सरसाइज़ के दौरान सभी 34 जनपदों ने उत्तर प्रदेश राज्य आपदा मोचन बल, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राजस्व विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, पुलिस (रेडियो), नागरिक सुरक्षा विभाग, औद्योगिक क्षेत्रों के सेफ़्टी टीम, आपदा मित्रों के समन्वय से अपनी-अपनी तहसीलों में सम्पन्न कराया गया ।

प्राधिकरण के मा० उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, पी.वी.एस.एम, ए.वी.एस.एम, वी.एस.एम, (से.नि.) द्वारा अपने सम्बोधन में कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आपदा प्रबंधन की कार्यवाहियों को सुदृढ़ करने हेतु जनपदों के जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के साथ मॉक एक्सरसाइज कराया जाता है, जिसके माध्यम से राज्य स्तर पर प्रत्येक विभाग और उसके जिलों की आपदा प्रबंधन योजना की समीक्षा की जाती है तथा जिले में आपातकालीन सहायता कार्यों के बीच समन्वय का निरीक्षण किया जाता है । मीडिया को सम्मिलित करके व्यापक रूप से आम जनमानस में जन-जागरूकता की कार्यवाही भी की जाती है तथा यदि संसाधनों, जनशक्ति, संचार, प्रतिक्रिया क्षमताओं आदि में कोई अंतराल हो तो उसकी पहचान कर उसे मजबूत करने मे इस प्रकार के मॉक एक्सरसाइज से सहायता भी मिलती है |

माननीय उपाध्यक्ष महोदय द्वारा जनपद मेरठ की समस्त तहसीलों में विभिन्न परिदृश्यों पर संचालित मॉक एक्सरसाइज़ संबंधी कार्यवाहियों का निरीक्षण किया गया । उन्होंने बताया कि ऐसे अभ्यास हमारे आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं तथा जिला प्रशासन, आपात संचालन केन्द्र, विभागों, विद्यालयों, अस्पतालों, औद्योगिक इकाइयों एवं समुदायों की क्षमता को वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने योग्य बनाते हैं ।

मॉक एक्सरसाइज़ का संचालन एवं समन्वय मुख्यालय पश्चिम उ.प्र. सब एरिया, मेरठ कैंट के सभागार से कर्नल संदीप मेहरोत्रा (से.नि.), वरिष्ठ सलाहकार एवं श्री प्रवीन किशोर, प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर (ट्रेनिंग) तथा श्री मानवेंद्र प्रताप सिंह, प्रोजेक्ट एक्सपर्ट (सिस्मोलॉजी) उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा किया गया ।

Photos from Uttar Pradesh State Disaster Management Authority, Govt of Uttar Pradesh's post 16/09/2025

उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और भारतीय सेना के मुख्यालय मध्य कमान द्वारा आज दिनांक 16 सितम्बर 2025 को पश्चिम उ0 प्र0 सब एरिया, मेरठ कैंट में प्रदेश के 34 भूकम्प आपदा के प्रति संवेदनशील जनपदों के साथ "संगोष्ठी सह टेबल टॉप अभ्यास (Symposium cm Table Top Exercise – TTEx)" का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का उद्देश्य भूकंप, रासायनिक दुर्घटना एवं अग्नि आपदा जैसी आपात स्थितियों के प्रभावी प्रबंधन हेतु सभी संबंधित विभागों, सुरक्षा बलों एवं विशेषज्ञ संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्राधिकरण के माननीय उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, पी.वी.एस.एम, ए.वी.एस.एम, वी.एस.एम, (से.नि.) द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथियों में श्री राजेन्द्र सिंह, सदस्य एवं प्रमुख, NDMA, डॉ दिनेश कुमार असवाल, सदस्य NDMA, लेफ्टिनेंट जनरल डी.जी. मिश्रा, एवीएसएम, जीओसी, यूबीए, श्री भानु भास्कर (आई०पी०एस०), अपर पुलिस महानिदेशक (मेरठ जोन) तथा मेजर जनरल सुमित राना, GOC, PUPSA, द्वारा विशेष संबोधन दिया गया |

अपने सम्बोधन में श्री राजेंद्र सिंह ने बताया कि भूकंप एक ऐसी आपदा है जिसकी कोई प्रारंभिक चेतावनी नहीं है, परंतु हमें ऐसी परिस्थितियों के लिए अभी से तैयार रहना होगा | इस आपदा के कारण विभिन्न दुर्घटनाएं और भी होती है जैसे-अग्निदुर्घटना, कारखानों में केमिकल की घटना इत्यादि जिनका प्रभाव भी हम सब पर पड़ता है |

टेबल टॉप अभ्यास की शुरुआत भूकम्प, केमिकल और अग्नि खतरों के प्रबंधन पर चर्चा से शुरू की गयी तथा डॉ एच०एस० मण्डल, वैज्ञानिक-एफ ने भूकंप की निगरानी, पूर्व चेतावनी के संबंध में व्याख्यान दिया | डा. अदिति उमराव, परियोजना निदेशक (इमरजेन्सी ऑपेरेशन), UP SDMA ने प्रदेश की HRVCA, प्रतिक्रिया तंत्र एवं IRS प्रणाली की भूमिका पर प्रकाश डाला|
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में प्रदेश की आपदा के दृष्टिगत क्षमताएँ एवं चुनौतियाँ पर उत्तर प्रदेश फायर एंड इमरजेंसी सर्विस
ने भूकंप, रासायनिक एवं अग्नि आपदाओं से निपटने की राज्य की क्षमता पर विवरण दिया | श्री चेतन तनेजा, IRTS, भारतीय रेलवे ने रेलवे की संवेदनशीलता और आपदा प्रतिक्रिया क्षमताएँ, श्री मनोज कुमार शर्मा, कमांडेंट, 11वीं बटालियन, NDRF ने NDRF की विशेषज्ञ क्षमताओं (CSSR, Chemical & Fire) का प्रस्तुतीकरण दिया | डा. अनुज त्रिपाठी, सलाहकार, स्वास्थ्य विभाग, उ.प्र. बड़े पैमाने पर आपदा की स्थिति में चिकित्सा आपात योजना। डा. अजय चौरसिया, प्रमुख वैज्ञानिक एवं समन्वयक,CBRI, रुड़की संरचनात्मक लचीलापन और शहरी सुरक्षा पर जानकारी । डा. मिहिर पालित, वैज्ञानिक-F, DRDO, ग्वालियर औद्योगिक (रासायनिक) दुर्घटनाओं में प्रतिक्रिया और चुनौतियाँ तथा कर्नल के.डी.एस. शक्तावत, HQ सेंट्रल कमांड यूपी एवं तराई क्षेत्र हेतु सेना की भूमिका पर व्याख्यान दिया |

श्री प्रमोद शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, बुलंदशहर, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस ने झाँसी अस्पताल NICU अग्निकांड (2024) के केस स्टडी से सीखी गई बातें तथा ले. कर्नल भाव्या सिरोही आपदा के समय चिकित्सा सहयोग एवं कर्नल राकेश खट्टर ने म्यांमार भूकंप के बाद इंजीनियरिंग सहायता का अनुभव साझा किया।

टेबल टॉप अभ्यास (TTEx) के दौरान विभिन्न परिकल्पित स्थितियों जैसे—भूकंप के बाद त्वरित कार्रवाई, विद्यालयों व अस्पतालों में आपदा प्रबंधन, रासायनिक गैस रिसाव/द्रव रिसाव, तथा अग्निकांड की स्थिति में सामूहिक प्रतिक्रिया का अभ्यास किया गया। इसमें मंडलवार टीमों एवं प्रतिक्रिया बलों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। टेबल टॉप अभ्यास (TTEx) का समन्वय कर्नल संदीप मेहरोत्रा (से.नि.), वरिष्ठ सलाहकार ने किया |

कार्यक्रम के समापन सत्र में विशेष संबोधन में मेजर जनरल सुमित राना, GOC, PUPSA ने कहा कि यह संगोष्ठी एवं अभ्यास न केवल आपदा प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है बल्कि फोर्सेस, एजेंसियों और विभिन्न प्रत्युत्तर बलों/संस्थानों एवं विभागों के बीच समन्वय एवं तत्परता को और सुदृढ़ करता है। उन्होंने ने बताया कि भारतीय सेना किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार है, उत्तर प्रदेश में किसी आपदा की घटना होने पर पूर्ण सहयोग किया जाएगा |

प्राधिकरण के माननीय उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने बताया कि टेबल टॉप अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सभी स्टेकहोल्डर को प्रदेश में भूकम्प, केमिकल एवं अग्नि दुर्घटना के जोखिम, संवेदनशीलता और इसके प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था, जिससे ऐसी आपदा के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय से प्रतिक्रिया करने में सक्षम रहे | पश्चिम उ0 प्र0 सब एरिया, मेरठ कैंट में आयोजन भी इसी कारण किया गया क्यूंकि प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्रों के जनपद भूकम्प संवेदनशीलता के ज़ोन-04 में आते है |

दिनांक 19 सितम्बर 2025 को सभी 34 जनपदों की 157 तहसीलों में स्कूल, अस्पताल, फैक्ट्री, रेलवे क्षेत्र, शासकीय भवन एवं शॉपिंग मॉल में मॉक एक्सरसाइज़ का प्रशिक्षण किया जाएगा | इस कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में सभी 34 जनपदों के अपर जिलाधिकारियों (वित्त/राजस्व) के साथ जनपद की तैयारियों, समन्वय एवं प्रतिक्रियाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की गयी|
प्राधिकरण की तरफ से बैठक का समन्वय श्री प्रवीन किशोर, प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर(ट्रेनिंग), श्री मानवेंद्र प्रताप सिंह, प्रोजेक्ट एक्सपर्ट (सीस्मोलॉजी) एवं भारतीय सेना की ओर से ले0 कर्नल दीपांश कपूर द्वारा किया गया |

Want your business to be the top-listed Government Service in Lucknow?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Address

B-2 Block Picup Bhawan Vibhutikhand
Lucknow
226010