21/08/2026
आबकारी व्यवस्था शहर में शराब बंदी और जनहित की मांगों को लेकर शिवसेना का आंदोलन 11वें दिन समाप्त,
अगला पड़ाव भोपाल की चेतावनी
मंदसौर। जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद शिवसेना ने 11 दिनों से चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को समाप्त कर दिया। प्रशासन के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर शिवसेना ने शुक्रवार को करीब छह घंटे तक जल सत्याग्रह किया। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का अगला पड़ाव भोपाल होगा।
शिवसेना UBT के राज्य प्रमुख सुनील शर्मा के नेतृत्व में 11 अगस्त से गांधी चौराहे पर अनिश्चितकालीन धरना चल रहा था। जनहित से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान प्रशासन की ओर से तहसीलदार पटेल धरना स्थल पर पहुंचे थे और मांग-पत्र लेकर गए थे। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलनकारियों में नाराजगी बढ़ती गई।
आंदोलन के दसवें दिन शिवसेना ने सरकार जिला प्रशासन और आबकारी विभाग को सद्बुद्धि देने के लिए सद्बुद्धि यज्ञ भी किया। संगठन का आरोप है कि इसके बाद भी प्रशासन की ओर से मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई गई, जिसके चलते शुक्रवार को जल सत्याग्रह का निर्णय लिया गया।
सुबह करीब 9 बजे शिवसेना आईटी सेल के राज्य प्रमुख नाहर सिंह गौड़ एक बड़े पानी के टैंक में उतरकर जल सत्याग्रह पर बैठे। उनके समर्थन में जिलेभर से शिवसैनिक धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ कार्यकर्ताओं में खासा आक्रोश देखने को मिला।
शिवसेना नेताओं ने आरोप लगाया कि मंदसौर शहर में शराब की दुकानों को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। संगठन का कहना है कि एक ओर पुलिस प्रशासन नशा मुक्ति अभियान चलाकर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दे रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर में जगह-जगह शराब की बिक्री को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
शिवसेना ने कहा कि मंदसौर को धार्मिक एवं पवित्र नगरी के रूप में पहचान मिली है, ऐसे में शहर के प्रमुख इलाकों और चौराहों पर शराब की बिक्री होना गंभीर विषय है। संगठन ने आबकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता देने की मांग की है।
किसानों के मुआवजे पर भी उठाए सवाल
शिवसेना ने वर्ष 2020 की फसल क्षति से जुड़े किसानों के मुआवजे का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। संगठन का दावा है कि करोड़ों रुपये का मुआवजा अभी भी किसानों को नहीं मिला है। शिवसेना ने सरकार और प्रशासन से किसानों के लंबित मुआवजे का तत्काल निराकरण करने की मांग की।
जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी नाराजगी
आंदोलन के दौरान जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर भी शिवसेना ने सवाल उठाए। संगठन ने SDP मशीन के लिए स्थायी तकनीशियन, सोनोग्राफी मशीन के लिए रेडियोलॉजिस्ट तथा CT स्कैन मशीन के लिए ऑपरेटर की नियुक्ति की मांग की।
शिवसेना नेताओं का कहना है कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उनका आरोप है कि लंबे समय से मांगें उठाए जाने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
भोपाल में होगा अगला आंदोलन
करीब छह घंटे चले जल सत्याग्रह के बाद जिला प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के पश्चात शिवसेना ने अपना धरना समाप्त किया। हालांकि संगठन ने साफ कर दिया कि यह आंदोलन की समाप्ति नहीं बल्कि अगले चरण की तैयारी है।
शिवसेना ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने आश्वासन के अनुरूप मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो कार्यकर्ता भोपाल पहुंचकर सरकार के समक्ष अपनी आवाज बुलंद करेंगे। संगठन ने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक तथा उग्र लोकतांत्रिक रूप दिया जाएगा।
शिवसेना नेताओं ने प्रशासन से कहा कि जनहित की मांगों को टालने के बजाय समयबद्ध कार्रवाई की जाए, अन्यथा सरकार और प्रशासन को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
Shiv Sena Jila Mandsaur लाला नाहर सिंह गौड़