APS, UP आदर्श पशुपालक सोसाइटी (पशुपालकों के उत्थान, संरक्षण को समर्पित एक रजिस्टर्ड सोसाइटी)
जिन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संस्था काम करेगी उनकी एक झलक निम्न प्रकार है। ���
सोसाइटी के उद्देश्य:
1) लावारिस गौधन के बांझपन, बीमारियों, संरक्षण तथा उससे होने वाले लाभों के विषयों मे किसानों व अन्य सभी मे जागरूकता पैदा करना।
2) संस्था द्वारा पशुपालकों को पशुओ के रखरखाव के बारे मे नवीनतम जानकारियां उपलब्ध कराना।
3) दुधारू पशुओं के संरक्षण के लिए नीति निर्धारण मे योगदान करना।
4) पशुओ से संबंधित
गौमूत्र, गोबर इत्यादि से लाभ लेने के बारे मे पशुपालकों को उनके उत्पाद के बारे मे जानकारी देना।
5) दुधारू पशुओं से जुड़ी बीमारियों के निस्तारण जैसे टीकाकरण, दवाएं, फ्रोजन सीमेन, न्यूट्रिशन (पोषण पदार्थो) इत्यादि उपलब्ध कराना तथा उनके बारे मे पशुपालकों को जागरूक करना।
6) दूध / दूध से बने पदार्थो के निर्माण, विपणन मे किसानों का सहयोग करना।
7) सरकारी सहायता जैसे सस्ते ऋण, अनुदान योजनाओं जैसी जानकारियों के बारे मे पशु पालकों को जागरूक करना ओर उन्हें ऐसे फायदों को लेने मे मदद करना।
8) डेरी फार्मर्स की जानकारियों को बढ़ाने के लिए उनको देश-विदेश मे प्रोग्रेसिव डेरी यूनिट्स/सेमिनार/प्रदर्शनी/ट्रेनिंग इत्यादि के भृमण प्रोग्राम बनाना की व्यवस्था करना।
9) पशुपालन से संबंधित मार्किट मे बिकने वाले उत्पादों की विवेचना करके अपने सदस्यों को जागरूक करना तथा किसी उत्पाद के प्रमाणित स्तर से खराब मिलने पर प्रशाशनिक संस्थाओं को उनकी जानकारी देना।
10) आम उपभोक्ताओं को दूध व दूध उत्पादों के बारे मे मिलावट के खिलाफ जागरूक करना। तथा मिलावट की जानकारी शाशन-प्रशाशन के साथ साझा करना।
11) सोसाइटी के सदस्यों को उनकी पशुपालन सम्बंधित या दूध/दूध पदार्थो के विपणन मे आ रही समस्याओं के लिए कानूनी सहायता उपलब्ध कराना तथा उनके हितों की रक्षा के लिए सोसाइटी की तरफ से सामूहिक कानूनी वाद डालना व आवश्यकता पड़ने पर हर प्रकार की कानूनी सहायता करना।
12) समाज मे पिछड़े वर्ग, निराश्रित व महिलाओं को पशुपालन मे विशेष मदद करना।
13) निराश्रित पशुओ के लिए आश्रय स्थलों की स्थापना, प्रबंधन करना और इस तरह के आश्रय स्थलों की मदद करना।
14) देश / प्रदेश या विदेश की सम उद्देश्य संस्थाओं के साथ मिलकर उन उद्देश्यों की पूर्ति करना।
15) पशुपालकों के लिए मिल्किंग कम्पटीशन, मेले, प्रदर्शनी इत्यादि आयोजित करना व समाचार/जानकारी पत्रिका निकलना, सेमिनार आयोजित करना।
16) पशु पोषण के लिए जरूरी दवा, मिनरल मिक्सचर, फीड, सीमेन, addictives इत्यादि की क्वालिटी जांच करना/कराना तथा किसानों को उपरोक्त चीजे उपलब्ध कराने की देश-विदेश से व्यवस्था करना।
17) संस्था द्वारा समय समय पर पशुपालकों के हितों के लिए नए निर्णय लेकर अन्य संबंधित काम करना।
18) दुधारू पशुओं की नस्ल सुधार के कार्यक्रम चलाना तथा अच्छे दूध देने वाले पशुओ को चिन्हित करके उनका दूध रिकॉर्ड करना और उन पशुओ के मालिकों को प्रोत्साहन स्वरूप सर्टिफिकेट, शील्ड, कैश धनराशि इत्यादि देना।
19) रिकॉर्ड होल्डर/ अच्छी पेडिग्री वाले पशुओ को संस्थान की वेबसाइट से प्रमोट करना।
20) पशुपालकों को पशुओ की खरीद फरोख्त के समय उनके ट्रांसपोर्टेशन मे मदद करना तथा सड़क मार्ग के लिए जरूरी कागजात बनवाने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति दिलाने मे मदद करना।
21) उत्तरप्रदेश मे लगने वाले पशु मेलो, पैठ मे पशुओ के स्वास्थ्य स्टैंडर्ड्स पर नजर रखना, बीमारियों के फैलने से रोकने की संभावनाएं तलाशना, पशु क्रूरता के प्रति आम समाज को जागरूक करना।
22) डेरी फार्मिंग या डेरी प्रोसेसिंग, डेरी उत्पाद विपणन इत्यादि से संबंधित ट्रेनिंग संस्थान खोलना, किसानों को डेरी से संबंधित कोर्स जैसे ब्रीडिंग, आर्टिफिशियल इंसमिनाशन, एनिमल हस्बेंडरी इत्यादि कराने मे मदद करना
23) विदेशी या देश के सरकारी टेक्निकल संस्थान , वेटिनरी यूनिवर्सिटी , ICAR, कंपनियों, संस्थाओं इत्यादि से डेरी टेक्नोलॉजी के बारे मे टेक्नोलॉजी ट्रांसफर लेने या देने का करार करना।