07/07/2025
Beauty of
NIKARIKA is a village of mirzapur (uttar pradesh)
www.facebook.com/hancock.nikarika nikarika is a beautiful village in mirzapur
07/07/2025
Beauty of
जिसे जाना है उसे जाने दो,
भूत को पीपल मिल जाए तो बरगद रोने नहीं लगते।
पब्लिक के द्वारा किए जा रहे अभूतपूर्व प्रचार से बीएसएनएल वाले भयभीत हो गए हैं 😆
अच्छा भला बिना काम के ही वेतन मिल रहा है, कहीं ग्राहक न आ जाएं😂
30/01/2024
जय श्री राम.....🚩
पाकिस्तानी क्रिकेट टीम ने वर्ल्डकप क्रिकेट में श्री लंका के खिलाफ मिली जीत को आतंकी संगठन "हमास" के नाम
किया ।
मैं विश्व की सभी क्रिकेट कमेटी से आग्रह करता हूँ कि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को अभी तुरत वर्ल्डकप से बाहर करे और जैसे कभी दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट का रंग-भेद नीति के कारण बहिष्कार किया था !
आतंकवादी नीति के कारण पाकिस्तान क्रिकेट टीम का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से बहिष्कार हो।
BCCI
(पोस्ट पे आने वालों से आग्रह है,इस मुद्दे पे आप भी पोस्ट करें)🙏🏻
10/10/2023
#ठाकुर_का_कुआँ ⚔️
कुआँ ठाकुर का ?
वलिदान देने वाले भी ठाकुर थे, उनमे खून भी ठाकुर का बहा!
तालाब ठाकुर का ?
मुगलो से तालाब बचाया भी ठाकुरो ने, अंगेजी सरकार में तालाब बनाने की हिम्मत भी ठाकुर की थी
खेत ठाकुर का ?
महनत करके फसल उगाने के बाद अंग्रेजो की गाड़ी मे फसल लद कर जाती थी, टैक्स के रूप मे, उस गाड़ी को रोकने वाला भी ठाकुर था
गली मोहल्ले गांव ठाकुर के ?
गली मोहल्ले गांव ठाकुर के थे, इसलिए नाम सुनकर अंग्रेज भयभीत रहते थे, तुम्हे सुरक्षा देने का काम ठाकुर का था
अग्नि कुंड मे वलिदान देकर जोहर करने वाली भी ठाकुर थीं, जो नारी जात को आत्मरक्षा की मिसाल देकर अमर हो गईं वो ठाकुर थीं
ठाकुर पर बड़ी कविताएं लिख गए, धन्यवाद करने की जगह?
अरे अंग्रेज तुम्हारी मा बहनो की सेवा किए थे क्या, जो उनपर तुम्हे कविताएं याद नही आईं?
अरे मुगल तुम्हारी मा बहनो बेटियो बच्चो की सेवा किए थे क्या जो उनपर तुम्हे कविता याद नही आईं ??
मै उस JHA² से पूछना चाहता हूँ, आज तूम लोगो को ठाकुरो का कुआँ दिखा रहा है, अंग्रेज और मुगल तेरे बाप थे?
या तेरी बहन के दूल्हा थे?
उनपर भी कोई कविता सुनाकर हिन्दुओ को एकजुट करने का काम करता !!
ठाकुरो का कुआँ था, तो ठाकुर ने खोदा भी होगा, उसकी सुरक्षा भी की होगी !!
(अंग्रेज और मुगलो से सभी हिन्दू-सिख समाज के सच्चे भारतीय लड़े थे, लेकिन आप ठाकुरो को इस तरह बदनाम नही कर सकते, करारा जबाव मिलेगा)
इतिहास पढ़ लो, क्षत्रीय ( सवर्ण ) समाज ने नदी, तालाब, कुओं, सड़क आदि निर्माण कराए थे, जिनको समाज के सभी लोग भोगते थे, भोगते हैं !!
जय भवानी 🙏🏻💪⚔️
01/09/2023
#अद्भूत 🙏
गणित में कोई भी संख्या 1 से 10 तक के सभी अंकों से नहीं कट सकती, लेकिन इस विचित्र संख्या को देखिये ..!
दरअसल, सदियों तक यह माना जाता रहा था कि ऐसी कोई भी संख्या नहीं है जिसे 1 से 10 तक के सभी अंको से विभाजित किया जा सके। लेकिन रामानुजन ने इन अंकों के साथ माथापच्ची करके इस मिथ को भी तोड़ दिया था। उन्होंने एक ऐसी संख्या खोजी थी जिसे 1 से 10 तक के सभी अंकों से विभाजित किया जा सकता है। यानी भाग दिया जा सकता है। यह संख्या है 2520,
संख्या 2520 अन्य संख्याओं की तरह वास्तव में एक सामान्य संख्या नही है, यह वो संख्या है जिसने विश्व के गणितज्ञों को अभी भी आश्चर्य में किया हुआ है।
यह विचित्र संख्या 1 से 10 तक प्रत्येक अंक से भाज्य है। ऐसी संख्या जिसे इकाई तक के किसी भी अंक से भाग देने के उपरांत शेष शून्य रहे, बहुत ही असम्भव/ दुर्लभ है - ऐसा प्रतीत होता है।
अब निम्न सत्य को देखें :
2520 ÷ 1 = 2520
2520 ÷ 2 = 1260
2520 ÷ 3 = 840
2520 ÷ 4 = 630
2520 ÷ 5 = 504
2520 ÷ 6 = 420
2520 ÷ 7 = 360
2520 ÷ 8 = 315
2520 ÷ 9 = 280
2520 ÷ 10 = 252
महान गणितज्ञ अभी भी आश्चर्यचकित है : 2520 वास्तव में एक गुणनफल है《7 x 30 x 12》का। उन्हे और भी आश्चर्य हुआ जब प्रमुख गणितज्ञ द्वारा यह संज्ञान में लाया गया कि संख्या 2520 हिन्दू संवत्सर के अनुसार एकमात्र यही संख्या है जो वास्तव में उचित बैठ रही है, जो इस गुणनफल से प्राप्त हैः
सप्ताह के दिन (7) x माह के दिन (30) x वर्ष के माह (12) = 2520
यही है भारतीय गणना की श्रेष्ठता 🙏
वर्षों तक बातचीत चली, पांडव आधी जिंदगी वन में रहे,
किन्तु मुद्दे हल नहीं हुए..
जिस दिन कुरुक्षेत्र में आ गए 18 दिन में ही समस्या खत्म..!!⚔️💪
9090902024
मिस काल करके यूनिफार्म सिविल कोड को सपोर्ट करे !
बचपन में रसोई घर में कुछ नही मिलने पर,
चीनी या गुड़ की भेली खाने का आनंद किसने किसने लिया है😁😍
04/07/2023
"बड़े बड़े दिग्गज बह जायेंगे। छोटे-मोटे की तो बात ही क्या है ! तुम लोग कमर कसकर कार्य में जुट जाओ, हुंकार मात्र से हम दुनिया को पलट देंगे। अभी तो केवल मात्र प्रारम्भ ही है। किसी के साथ विवाद न कर हिल-मिलकर अग्रसर हो - यह दुनिया भयानक है, किसी पर विश्वास नहीं है। डरने का कोई कारण नहीं है, माँ मेरे साथ हैं - इस बार ऐसे कार्य होंगे कि तुम चकित हो जाओगे। भय किस बात का? किसका भय? वज्र जैसा हृदय बनाकर कार्य में जुट जाओ।"
- स्वामी विवेकानन्द
राष्ट्रीय प्रेरणा के सतत् स्रोत पूजनीय स्वामीजी को उनकी पुण्यतिथि 4 जुलाई पर शत शत नमन 🙏🏻