Way to self sufficiency on 3 wheels

Way to self sufficiency on 3 wheels

Share

Virtual Step is a 7 member team which completed the 1 year diploma course in CBPAR conducted by PUKAR

24/08/2020

A recap of our research.

21/08/2020

हम, 'वर्चुअल स्टेप रिसर्च ग्रुप' 7 सदस्यों की एक टीम है, जिसने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) की मान्यता के साथ PUKAR नामक NGO द्वारा आयोजित सामुदायिक आधारित भागीदारी कार्रवाई अनुसंधान (CBPAR) में एक वर्ष का डिप्लोमा पाठ्यक्रम पूरा किया है। हमारे शोध का शीर्षक है- “क्या महिलाएं रिक्शा चला कर आत्मनिर्भर हो सकती हैं”?

ऑटो रिक्शा भारत में सार्वजनिक परिवाहन का एक अभिन्न अंग है । मुंबई जैसे शहरों में शेरिंग रिक्शा आम आदमी का दैनिक दिनचर्या का हिस्सा है । लोकल ट्रेन से उतर कर लोग अपने घर जाने के-लिए ऑटो रिक्शा पर निर्भर है । अभी मुंबई में लगभग 2 लाख से अधिक ऑटो रिक्शा मौजूद है । इनमें से बहुत कम संख्या में महिला रिक्शा चालक को देखने मिलता है । लिंग भेदभाव (gender discrimination) हमारे समाज का एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है, इसी-को ध्यान में रखते हुए हमने लिंग आधारित विषय पर शोध किया | हमारे समाज में रूढ़िबद्ध (Stereotype) धारणाये बना रखी है कि कुछ पेशे में सिर्फ पुरुष ही काम कर सकते है । भारत के परम्परावादी परिवारों में लड़कियों को बहुत कुछ तकलीफें झेलना पड़ता है लेकिन आज भारतीय नारी ने हर क्षेत्र में सफलताएँ हासिल की है | हम आशा करते हैं कि हमारे शोध से समाज में महिलाओं को हर एक पेशे में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की प्रेरणा मिलेगी ।

Want your business to be the top-listed Government Service in Mumbai?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Website

Address

Mumbai