29/01/2023
All India OBC Railway Employees Association, Central Railway
Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from All India OBC Railway Employees Association, Central Railway, Government Organization, Parcel Bldg. 3rd floor CST, Mumbai.
29/01/2023
27/09/2022
*ऑल इंडिया ओबीसी* *रेलवे एम्प्लाईज* *असोसिएशन के* *अथक प्रयास अखिर* *सफल हुए।*
नैशनल पेंशन स्कीम ( एनपीएस ) न्यू पेंशन स्कीम् के अंतर्गत कर्मचारी के मृत्यु पश्चात परिवार को पारिवारिक पेंशन केवल *₹9000/-+DA ही प्राप्त होती थी* ! परंतु ओबीसी एसोसिएशन के अथक प्रयासों द्वारा अब पुरानी पेंशन (OPS ) ओल्ड पेंशन स्कीम् के तहत जो की *(50% of Last Basic Pay +DA)* परिवार को प्राप्त होगी ।
*यह ओबीसी एसोसिएशन पुणे मंडल के लगातर अथक प्रयासों द्वारा ही संभव हो सका है* ।
*ऑल इंडिया ओबीसी* *एसोसिएशन* *जिंदाबाद*
*नोट:-* यदि इसके संदर्भ मे किसी को और जानकारी चाहिए तो निम्न फोन पर संपर्क कर सकते है-
1) P V Mali (zonal secretary)
7738068702 / 8600100290
2) Jaywant Bhujbal (Founder Divisional Wkg. President) 7387634655
3) Rakesh Ranjan (Divisional President)
7410086852
4) S R Batwal (Divisional secretary)
7219613365
```साथियों जय ओबीसी```
दिनांक *15 अगस्त 71वे स्वतंत्रता दिवस* के अवसर पर *ध्वजारोहण* का कार्यक्रम झोनल महामंत्री श्री अहवेश कुमार जी तथा झोनल अध्यक्ष श्री अनिल यादव जी की उपस्थिति मे सभी पदाधिकारीयो के साथ हमारे राष्ट्र ध्वज को सलामी दी.
स्थान :- झोनल अॉफिस रेल्वे हॉस्पीटल के पास कल्याण पूर्व
तथा सी.एंड.डब्ल्यु. ब्रांच अॉफिस रेल्वे स्टेशन के पास कल्याण पूर्व
21/12/2016
आपसे अनुरोध है आँल इंडिया ओ.बी.सी. रेल्वे एम्प्लॉइज असोसिएशन भुसावल मंडल का द्विवाषिक अधिवेशन का दि 23/12/16 को कष्णचद सभागृह मे 10.00 बजे मा.श्रीमती रक्षाताई खडसे सासंद मा.श्री एकनाथराव खडसे भु.राजस्व मंत्री मा.श्री संजय सावकारे विधायक मा श्री रमण भोळे नगराध्यक्ष मा.श्री अहवेश कुमार झोनल महामंत्री मा. श्री अनिल यादव झोनल अध्यक्ष मा.श्री सुधिरकुमार गुप्ता DRM BSL इनके गरीमामय उपस्थिती मे आयोजित किया गया है। आप सभी रेल के साथी सभा मे उपस्थित होकर अपनी एकता का परीचय दे.
08/03/2016
जागतिक महिला दिन की हार्दिक शुभकामनाएँ
26/11/2015
जय ओबीसी
प्रिय साथियों
दि. 28/11/2015 और
दि. 29/11/2015
को झोनल ओबीसी असोसिएशन का द्वि-वार्षिक अधिवेशन का आयोजन किया गया है
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सुनिल कुमार सुद जी ( रेल महाप्रबंधक मध्य रेलवे )तथा श्री बी के बिहानी जी ( सी. पी. ओ.-आई.आर. ) है
इसके साथ ही 28/11/2015 को महात्मा ज्योतिबा फुलेजी की 125वी पुण्यतिथि भी मनायी जाएगी
स्थान- माटुंगा कारखाना सभागृह
2nd foor केन्टीन हॉल. मुंबई
समय- 10.00बजे से
अतः आप सभी से निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या मे उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाएँ
धन्यवाद
अहवेश कुमार
AIOBCREA झोनल महामंत्री
निवेदक
R.S.Geete
झोनल संयुक्त सचिव
28/07/2015
भारत रत्न एपीजे अब्दुल कलाम का निधन
on July 27, 2015, 9:02 p.m.
नई दिल्ली (27 जुलाई): पूर्व राष्ट्रपति और अब्दुल कलाम आजाद का निधन हो गया है। वह शिलांग में एक लेक्चर देने के लिए गए थे। 83 साल के कलाम की शिलांग में आईआईएम में लेक्चर देने गए थे लेकिन वहीं पर भाषण देने के दौरान वह बेहोश होकर गिर पड़े।
जानकारी के अनुसार, उन्हें वहां के ही एक अस्पताल में 7 बजे भर्ती कराया गया था। सूत्रों ने बताया कि उनकी ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन एकदम से कम हो गई थी जिसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया।
18 जुलाई, 2002 को डॉक्टर कलाम को नब्बे प्रतिशत बहुमत द्वारा 'भारत का राष्ट्रपति' चुना गया था और इन्हें 25 जुलाई 2002 को संसद भवन के अशोक कक्ष में राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई गई। इस संक्षिप्त समारोह में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य तथा अधिकारीगण उपस्थित थे। इनका कार्याकाल 25 जुलाई 2007 को समाप्त हुआ।
भारत के अब तक के सर्वाधिक लोकप्रिय व चहेते राष्ट्रपतियों में से एक डॉ. अबुल पाकिर जैनुलआब्दीन अब्दुल कलाम ने तमिलनाडु के एक छोटे से तटीय शहर रामेश्वरम में अखबार बेचने से लेकर भारत के राष्ट्रपति पद तक का लंबा सफर तय किया है। पूर्व राष्ट्रपति अवुल पकिर जैनुल्लाब्दीन अब्दुल कलाम को पूरा देश एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से जानता था। वैज्ञानिक और इंजीनियर कलाम ने 2002 से 2007 तक 11वें राष्ट्रपति के रूप में देश की सेवा की। मिसाइल मैन के रूप में प्रसिद्ध कलाम देश की प्रगति और विकास से जुड़े विचारों से भरे व्यक्ति थे।
एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ। पेशे से नाविक कलाम के पिता ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे। ये मछुआरों को नाव किराये पर दिया करते थे। पांच भाई और पांच बहनों वाले परिवार को चलाने के लिए पिता के पैसे कम पड़ जाते थे इसलिए शुरुआती शिक्षा जारी रखने के लिए कलाम को अखबार बेचने का काम भी करना पड़ा। आठ साल की उम्र से ही कलाम सुबह 4 बचे उठते थे और नहाकर गणित की पढ़ाई करने चले जाते थे। सुबह नहाकर जाने के पीछे कारण यह था कि प्रत्येक साल पांच बच्चों को मुफ्त में गणित पढ़ाने वाले उनके टीचर बिना नहाए आए बच्चों को नहीं पढ़ाते थे। ट्यूशन से आने के बाद वो नमाज पढ़ते और इसके बाद वो सुबह आठ बजे तक रामेश्वरम रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर न्यूज पेपर बांटते थे।
कलाम ‘एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी’ में आने के पीछे अपनी पांचवी क्लास के टीचर सुब्रह्मण्यम अय्यर को बताते थे। वो कहते हैं, ‘वो हमारे अच्छे टीचर्स में से थे। एक बार उन्होंने क्लास में पूछा कि चिड़िया कैसे उड़ती है? क्लास के किसी छात्र ने इसका उत्तर नहीं दिया तो अगले दिन वो सभी बच्चों को समुद्र के किनारे ले गए, वहां कई पक्षी उड़ रहे थे। कुछ समुद्र किनारे उतर रहे थे तो कुछ बैठे थे, वहां उन्होंने हमें पक्षी के उड़ने के पीछे के कारण को समझाया, साथ ही पक्षियों के शरीर की बनावट को भी विस्तार पूर्वक बताया जो उड़ने में सहायक होता है। उनके द्वारा समझाई गई ये बातें मेरे अंदर इस कदर समा गई कि मुझे हमेशा महसूस होने लगा कि मैं रामेश्वरम के समुद्र तट पर हूं और उस दिन की घटना ने मुझे जिंदगी का लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी। बाद में मैंने तय किया कि उड़ान की दिशा में ही अपना करियर बनाऊं। मैंने बाद में फिजिक्स की पढ़ाई की और मद्रास इंजीनियरिंग कॉलेज से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई की।’
1962 में कलाम इसरो में पहुंचे। इन्हीं के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहते भारत ने अपना पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 बनाया। 1980 में रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा के समीप स्थापित किया गया और भारत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष क्लब का सदस्य बन गया। कलाम ने इसके बाद स्वदेशी गाइडेड मिसाइल को डिजाइन किया। उन्होंने अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइलें भारतीय तकनीक से बनाईं। 1992 से 1999 तक कलाम रक्षा मंत्री के रक्षा सलाहकार भी रहे। इस दौरान वाजपेयी सरकार ने पोखरण में दूसरी बार न्यूक्लियर टेस्ट भी किए और भारत परमाणु हथियार बनाने वाले देशों में शामिल हो गया। कलाम ने विजन 2020 दिया। इसके तहत कलाम ने भारत को विज्ञान के क्षेत्र में तरक्की के जरिए 2020 तक अत्याधुनिक करने की खास सोच दी गई। कलाम भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार भी रहे।
1982 में कलाम को डीआरडीएल (डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट लेबोरेट्री) का डायरेक्टर बनाया गया। उसी दौरान अन्ना यूनिवर्सिटी ने उन्हें डॉक्टर की उपाधि से सम्मानित किया। कलाम ने तब रक्षामंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. वीएस अरुणाचलम के साथ इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम (आईजीएमडीपी) का प्रस्ताव तैयार किया। स्वदेशी मिसाइलों के विकास के लिए कलाम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई।
इसके पहले चरण में जमीन से जमीन पर मध्यम दूरी तक मार करने वाली मिसाइल बनाने पर जोर था। दूसरे चरण में जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल, टैंकभेदी मिसाइल और रिएंट्री एक्सपेरिमेंट लॉन्च वेहिकल (रेक्स) बनाने का प्रस्ताव था। पृथ्वी, त्रिशूल, आकाश, नाग नाम के मिसाइल बनाए गए। कलाम ने अपने सपने रेक्स को अग्नि नाम दिया। सबसे पहले सितंबर 1985 में त्रिशूल फिर फरवरी 1988 में पृथ्वी और मई 1989 में अग्नि का परीक्षण किया गया। इसके बाद 1998 में रूस के साथ मिलकर भारत ने सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने पर काम शुरू किया और ब्रह्मोस प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की गई। ब्रह्मोस को धरती, आसमान और समुद्र कहीं भी दागी जा सकती है। इस सफलता के साथ ही कलाम को मिसाइल मैन के रूप में प्रसिद्धि मिली और उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
कलाम को 1981 में भारत सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म भूषण और फिर, 1990 में पद्म विभूषण और 1997 में भारत रत्न प्रदान किया। भारत के सर्वोच्च पर पर नियुक्ति से पहले भारत रत्न पाने वाले कलाम देश के केवल तीसरे राष्ट्रपति हैं। उनसे पहले यह मुकाम सर्वपल्ली राधाकृष्णन और जाकिर हुसैन ने हासिल किया।
21/07/2015
आल इंडिया ओ.बी.सी. रेल्वे इम्प्लाईज फेड्रेशन का वार्षिक अधिवेशन 19/07/2015 को श्री राम बदन यादवजी के अध्यक्षता मे सफलता पुर्वक सम्पन्न हुआ
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