14/02/2017
राष्ट्रगान पर खड़े नहीं होने वाले बुजुर्ग की पिटाई!!!
मुंबई, प्रेट्र। महानगर के एक सिनेमाघर में फिल्म के दौरान राष्ट्रगान बजने पर खड़े नहीं होने वाले बुजुर्ग की एक व्यक्ति ने पिटाई कर दी। पुलिस के मुताबिक घटना बुधवार शाम उपनगरीय गोरेगांव इलाके के सिनेमाघर में हुई।
पुलिस ने बताया कि 59 वर्षीय अमलराज दासन फिल्म 'दंगल' देखने थियेटर गए थे। फिल्म के एक दृश्य में राष्ट्रगान बजने पर खड़े न होने पर एक शख्स ने उनके चेहरे पर घूंसा मार दिया।
फिल्म के इस दृश्य में महावीर फोगाट (आमिर खान का किरदार) की बेटी के स्वर्ण जीतने पर राष्ट्रगान बजाया जा रहा था। आरोपी की पहचान शिरीष मधुकर के रूप में हुई है। पुलिस ने मधुकर के खिलाफ आइपीसी की धारा 323 और 504 के तहत मामला दर्ज किया है।!!!
08/02/2017
Updated Feb 8, 2017, 08:35PM
क्षेत्रीय पार्टियों के महागठबंधन का वक्तः शिवसेना
भाषा |
मुंबई
महाराष्ट्र सरकार को 'नोटिस पीरियड' में रखा गया है वाली टिप्पणी के अगले ही दिन शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बुधवार को कहा कि अब समय आ गया है कि राष्ट्रीय दलों से टक्कर लेने के लिए क्षेत्रीय दलों के महागठबंधन पर विचार किया जाए। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, 'नीतीश कुमार, ममता बनर्जी और जयललिता जैसे बीजेपी के कई मित्र रहे हैं जिन्होंने अतीत में एनडीए से अलग होकर अपने बलबूते चुनाव लड़ा और विजयी रहे।'
उन्होंने कहा, 'लेकिन हम मासूम हैं। अच्छे दिन की आस और हिंदुत्व के भले के लिए हम बने रहे।' ठाकरे ने यह कहते हुए अपने आक्रामक तेवर और हमलावर कर लिए कि उनकी पार्टी ने बार बार जो मुद्दे उठाए हैं उन पर यदि वरिष्ठ सहयोगी बीजेपी अपना रुख साफ करने में विफल रहती है तो वह राज्य मंत्रिमंडल से समर्थन वापस ले सकते हैं। उन्होंने कहा, 'हम बीजेपी के दुश्मन नहीं हैं और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम उसके विरोधी के तौर पर देखे जाते हैं। यदि आने वाले दिनों में वह विभिन्न मुद्दों पर अपना रुख साफ नहीं करती तो हम सरकार से समर्थन वापस ले सकते हैं।'
गृह राज्य महाराष्ट्र के बाहर कदम बढ़ाने वाली शिवसेना के नेता ने कहा, ' पहले राज्य के बाहर चुनाव नहीं लड़ना हमारी गलती थी, उसके बाद अन्य राज्यों में हमारे कार्यकर्ता दूसरे दलों में शामिल हो गए।' उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर से कन्याकुमारी तक हिंदुत्व की भावना का अभाव दिखता है। ठाकरे ने कहा, 'मैं क्षेत्रीय पार्टियों को साथ लाकर महासंघ बनाने पर विचार कर रहा हूं क्योंकि सभी राष्ट्रीय पार्टियों को बस अपनी चिंता होती है। वे वोट तो मांगते हैं लेकिन स्थानीय लोगों के विकास एवं कल्याण की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।'
08/02/2017
रेनकोट पहनकर नहाने की कला मनमोहन से सीखें: मोदी
2 घंटे पहले
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए मोदी
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी घेरा.
मोदी ने कहा कि उनके कार्यकाल में इतने भ्रष्टाचार हुए, लेकिन उन पर एक दाग़ तक नहीं लगा. मोदी ने कहा कि बाथरूम में रेनकोट पहनकर नहाने की कला तो कोई डॉक्टर साहब से सीखे. मोदी के इस बयान के बाद कांग्रेस राज्यसभा से वॉकआउट कर गई.
मोदी
जब मोदी मनमोहन सिंह को घेर रहे थे तो वे राज्यसभा में बैठे थे. मोदी की इस टिप्पणी पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई. इस पर मोदी ने कहा कि आप हमला बोलते हैं तो हमला सहने की क्षमता भी रखनी चाहिए.
मोदी ने कहा कि इंदिरा गांधी के वक्त में काला धन के ख़िलाफ़ एक कमेटी बनाई गई थी. इस कमेटी ने नोटबंदी की सिफारिश की थी लेकिन इंदिरा जी ने कहा कि उन्हें चुनाव लड़ना है. यह गोड़बोले की किताब में लिखा है.
बेहद आक्रामक अंदाज में मोदी ने कांग्रेस पर बोला हमला
इस पर ग़ुलाम नबी आजाद ने कड़ा ऐतराज जताया. इस पर मोदी ने तल्ख़ अंदाज में का कि अगर यह ग़लत था तो आपने गोड़बोले पर केस क्यों नहीं किया. तब क्या आप सो रहे थे. मैं होता तो केस करता.
मोदी ने कहा कि नोटबंदी का फ़ैसला भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ था न किसी राजनीति पार्टी के ख़िलाफ़. मोदी ने कहा कि नोटबंदी के कारण आतंकवाद और नक्सलवाद लगाम लगी है. उन्होंने कहा कि माओवादियों ने सरेंडर करना शुरू कर दिया.
मोदी ने कहा, ''देश की व्यवस्था में धन होना ज़रूरी है. अब बैंको के पास इतने पैसे आए हैं कि लोगों को कर्ज देने में मदद मिलेगी. श्रमिकों को नोटबंदी के फ़ायदा मिलने वाला है. इतना बड़ा फ़ैसला कभी हुआ नहीं था. दुनिया के अर्थशास्त्री इसका अंदाज़ा नहीं लगा पा रहे हैं. देश की जनशक्ति क्या होती है यह नोटबंदी से पता चला. नोटबंदी के दौरान साफ़ दिखा कि नेता का मिज़ाज एक तरफ और जनता का मिज़ाज एक तरफ. यहां सरकार और जनता एक साथ थी.''
08/02/2017
रेनकोट पहनकर नहाने की कला मनमोहन से सीखें: मोदी
2 घंटे पहले
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए मोदी
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी घेरा.
मोदी ने कहा कि उनके कार्यकाल में इतने भ्रष्टाचार हुए, लेकिन उन पर एक दाग़ तक नहीं लगा. मोदी ने कहा कि बाथरूम में रेनकोट पहनकर नहाने की कला तो कोई डॉक्टर साहब से सीखे. मोदी के इस बयान के बाद कांग्रेस राज्यसभा से वॉकआउट कर गई.
मोदी
जब मोदी मनमोहन सिंह को घेर रहे थे तो वे राज्यसभा में बैठे थे. मोदी की इस टिप्पणी पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई. इस पर मोदी ने कहा कि आप हमला बोलते हैं तो हमला सहने की क्षमता भी रखनी चाहिए.
मोदी ने कहा कि इंदिरा गांधी के वक्त में काला धन के ख़िलाफ़ एक कमेटी बनाई गई थी. इस कमेटी ने नोटबंदी की सिफारिश की थी लेकिन इंदिरा जी ने कहा कि उन्हें चुनाव लड़ना है. यह गोड़बोले की किताब में लिखा है.
बेहद आक्रामक अंदाज में मोदी ने कांग्रेस पर बोला हमला
इस पर ग़ुलाम नबी आजाद ने कड़ा ऐतराज जताया. इस पर मोदी ने तल्ख़ अंदाज में का कि अगर यह ग़लत था तो आपने गोड़बोले पर केस क्यों नहीं किया. तब क्या आप सो रहे थे. मैं होता तो केस करता.
मोदी ने कहा कि नोटबंदी का फ़ैसला भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ था न किसी राजनीति पार्टी के ख़िलाफ़. मोदी ने कहा कि नोटबंदी के कारण आतंकवाद और नक्सलवाद लगाम लगी है. उन्होंने कहा कि माओवादियों ने सरेंडर करना शुरू कर दिया.
मोदी ने कहा, ''देश की व्यवस्था में धन होना ज़रूरी है. अब बैंको के पास इतने पैसे आए हैं कि लोगों को कर्ज देने में मदद मिलेगी. श्रमिकों को नोटबंदी के फ़ायदा मिलने वाला है. इतना बड़ा फ़ैसला कभी हुआ नहीं था. दुनिया के अर्थशास्त्री इसका अंदाज़ा नहीं लगा पा रहे हैं. देश की जनशक्ति क्या होती है यह नोटबंदी से पता चला. नोटबंदी के दौरान साफ़ दिखा कि नेता का मिज़ाज एक तरफ और जनता का मिज़ाज एक तरफ. यहां सरकार और जनता एक साथ थी.''
31/12/2016
नव वर्ष आपके जीवन में हजारों खुशियॉ लेकर आए*_
🎀🎀🎀🎀🎀🎀🎀
Happy new year☺☺☺
09/12/2016
"Happy brithday"
Soniya Gandhi
08/12/2016
"After Jayalalithaa's Death, Natarajan Is Back. And in Demand"
Chennai: The 'return' of Sasikala's husband Natarajan the day Jayalalithaa was laid to rest may have surprised many and angered a few, but those who have been watching the man closely knew this was bound to happen.
In the first place, Natarajan, who began as propaganda advisor to MG Ramachandran and was later behind the rise of Jayalalithaa and Sasikala, was not gone anywhere over the past few years. He has been merely lying low.
Natarajan has good friends in both the Congress and BJP. Highly reliable sources within the Congress say that he got in touch with a top central leader in Delhi telling him to advise Rahul Gandhi to visit Jaya in Apollo Hospital. It did come as a surprise when Rahul turned up immediately after just completing his Uttar Pradesh yatra .
What many noticed then was that he didn't go to meet Karunanidhi who was not keeping well. And DMK has been an ally of the Congress
But Natarajan's eye was not so much on the Congress which he knew was a spent force in Tamil Nadu . His eye was on something beyond that. On his own survival. It was on the BJP.
Insiders say by it was by then becoming clear Jaya's condition was serious and that even if she were to come back home she may not be her old self again. Natarajan had to move in quick to ensure he and Sasikala are not left out in the race should anything happen to Amma. This despite the fact that sasikala's clout was undeniable.
The visit by Rahul Gandhi had its desired effect. Amit Shah and other BJP leaders went to meet Jaya in hospital .
For the BJP, AIADMK has been a valuable friend and also a window to the south. With Amma gone, BJP does need AIADMK for some time. It has 48 MPs which would come in useful not just for legislative business, but also for presidential polls next year .
BJP realises that Sasikala could emerge the new power centre and it has already one weapon against her - the disproportionate assets case against Jayalalithaa also mentions Sasikala.
But why did Rahul show interest? Well he has never been comfortable with the idea of going back to doing business with the DMK after the 2014 polls.
Congress hopes that the possible disarray could give a chance for the party to sneak in. But Congress is on the wane and is failing to check the slow rise of BJP which is now opening offices in every district of Tamil Nadu.
Sources within Congress have confirmed to News18 that Rahul wants his Tamil Nadu unit to reach out to Sasikala and Paneerselvam and, if need be, Natarajan could be the man to tap. In fact, the new Tamil Congress president Thirunavakkarasu was formerly in the BJP and close to Natarajan.
What cannot be missed is the fact that while Rahul dashed to the city for Jaya's funeral, he didn't take time out to meet Karunanidhi who was admitted in hospital.
A clear message where the priorities are.
06/12/2016
Tamil Nadu chief minister Jayalalitha passed away on December 5 after suffering from a cardiac arrest. Puratchi Thalaivi Amma's funeral to be held at Marina Beach at 4.30pm.
21/11/2016
नोट बंदी से उद्योगों पर मंडराए संकट के बादल
✍✍
शामली। नोट बंदी को लेकर मची हाय तौबा में उद्योग जगत को भारी झटका लगा है। बाजार से सामान की डिमांड नहीं आ रही, तो कच्चा माल भी मिलना मुश्किल हो गया है। पेपर मिल से लेकर स्टील उद्योग, सभी पर इसका असर दिखाई दे रहा है। 12 दिन के अंदर ही उद्यमियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। फैक्ट्रियां बंदी के कगार पर पहुंच गई हैं।
आठ नवंबर की रात प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी ने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोटबंदी का निर्णय देशवासियों को सुनाया। इसके बाद से ही छोटे व्यापारियों ने पुराने नोट लेने बंद किए, तो उद्यमियों के सामने भी विपदा खड़ी हो गई। पेपर मिलों को कच्चा माल (वेस्ट पेपर) नहीं मिल पा रहा। क्योंकि वेस्ट पेपर कबाड़ियों से खरीदकर ठेकेदार फैक्ट्रियों को सप्लाई करते हैं। फैक्ट्री संचालक उन्हें चेक से भुगतान तो करा रहे हैं, मगर बैंक से निर्धारित रकम ही निकल पाने की वजह से मजदूरों से खरीदे गए वेस्ट पेपर का भुगतान नहीं हो पा रहा। वहीं, पेपर मिलों में बायलर चलाने के लिए खोई और लकड़ी की सप्लाई भी प्रभावित हो गई है।
यही हालत स्टील उद्योग की है। स्क्रैप मिलना बंद हो गया। बाजार से माल की डिमांड नहीं हो रही है, जिस कारण उत्पादन भी घट गया है। अधिकांश
उद्यमियों का कहना है कि नोट बंदी के कारण 50 से 70 प्रतिशत तक उत्पादन घट गया है। फैक्ट्रियों में माल स्टाक हो गया है, जिससे कारोबार बुरी तरह प्रभावित हैं।
बीते 12 दिन के अंदर उद्योग जगत को करोड़ों रुपये का फटका लगा है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल है। क्योंकि बाजार में नई करेंसी की किल्लत और डिमांड घटने की वजह से फिलहाल बाजार पटरी पर लौटता नजर नहीं आ रहा है।
बंद करनी पड़ेगी मशीन
वेस्ट पेपर मिल नहीं रहा। हमारी फर्म का 70 प्रतिशत तक उत्पादन घट गया है। 30 से 40 लाख रुपये कीमत का वेस्ट पेपर और बायलर चलाने के लिए रॉ मेटिरियल की खरीद की जाती थी, मगर नोट बंदी के बाद से महज 30 प्रतिशत वेस्ट पेपर ही मिल रहा है। हमारी फैक्ट्री में दो मशीनें हैं, एक मशीन सोमवार से बंद करनी पड़ेगी। - राजेश्वर बंसल, संचालक, मारूति पेपर मिल।
21/11/2016
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जायदाद की गिनती की गयी,
जिसमे
६ पँट (2 DRDO युनिफोर्म)
४ शर्ट (2 DRDO युनिफोर्म)
३ सुट (1 पश्चिमी, 2 भारतीय)
२५०० किताबे
१ फ्लैट (संशोधन के लिए दान)
१ पद्मश्री
१ पद्मभूषण
१ भारतरत्न
१६ डॉक्टरेट
१ वेबसाईट
१ ट्विटर
१ इमेल
TV, AC, गाडी, जेवर, शेअर्स, जमीन-जायदाद, बैंक बैलेंस कुछ नही. पिछले 8 सालों से पेंशन की भी रकम अपने गाँव की ग्राम पंचायत को दान दे दी।
शर्म आ रही है।
आँखो में नमी है।
असली महात्मा और राष्ट भक्त तो ये थे,.. सम्राट कलाम साहब.....क्या ऐसे भी कोई नेता होते है?
यहां तो चपरासी भी करोड़पति होते है।
आपने तो इंसानियत की परिभाषा ही बदल दी...l
I Really Salute to
Apj kalam Sir...👏