Md sadrul khan

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समाज एवं देश सेवा हर पल देशवासियों के ? मुखिया जी

31/05/2026

बेटी को पढ़ाइये, बीबी को नहीं पढ़ाना है!!!
वैशाली जिले के हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र से एक BPSC शिक्षिका (गुंजन कुमारी) द्वारा अपने पति (अमन कुमार) और 10 साल के बेटे को छोड़कर अपने प्रेमी संग फरार होने का मामला सामने आया है।पति का दावा है कि उन्होंने अपनी पैतृक जमीन तक बेचकर पत्नी को पढ़ाया-लिखाया और बीपीएससी शिक्षक की नौकरी दिलाई, जिसके बाद वह अपने दो साल पुराने प्रेमी के साथ चली गई। इस घटना को लेकर आज तक (Aaj Tak) और नवभारत टाइम्स (NBT) की विस्तृत रिपोर्ट्स में पूरे घटनाक्रम को दिखाया गया है।
भारत मे ऐसी घटना लगातार हो रही है। इसी लिए कहते है बेटी को पढ़ाइये बीबी को नहीं😊
महिलाओं के नाम पर कलंक है ऐसी महिला जो सफलता के बाद सबसे पहले हसबैंड को ही धोखा दे देती है।

29/05/2026

नीतीश कुमार की पत्नी मंजु सिन्हा का संभवतः एकमात्र इंटरव्यू जिसमें निशांत कुमार के भी वक्तव्य हैं। यह इंटरव्यू उसी दिन का है जिस दिन 2005 ने गांधी मैदान में नीतीश कुमार जी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

अखबार के इस कतरन को नीतीश आर्काइव के साथ साझा करने के लिए लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा के सिंटू जी का बहुत बहुत धन्यवाद।
नीतीश आर्काइव एक सामूहिक प्रयास है जो आप लोगों के सहयोग के बिना सफल नहीं हो पाएगा।

18/05/2026

मीनापुर के सबको पसंद आने वाले पूर्व प्रमुख सुरेश राय जी के लड़के ने अमेरिका में लहराया परचम मीनापुर ने कहा जियो मेरे लाल उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं सदरुल खान मुखिया जी सोशल वर्कर बिहार मुजफ्फरपुर मेरे छोटे भाई
अनीश कुमार ने अमेरिका की प्रतिष्ठित University of New Haven** से Master of Science in Construction Engineering and Management की उच्च तकनीकी शिक्षा सफलता प्राप्त की

01/05/2026

माँ की ममता और शक्ति का इस संसार में कोई मूल्य नहीं लगाया जा सकता बरगी डेम के दर्दनाक हादसे के 15 घंटे बाद सामने आई यह हृदयविदारक तस्वीर पूरे समाज को झकझोर देने वाली है, यह केवल एक तस्वीर नहीं, बल्कि माँ के निस्वार्थ प्रेम, त्याग और अटूट ममता का जीवंत प्रमाण है.
आज भले ही माँ और बेटा हमारे बीच न रहे हों, लेकिन यह दृश्य उस भयावह क्षण की कहानी कह रहा है जब मौत सामने खड़ी थी, तब भी माँ ने अपने लाल का साथ नहीं छोड़ा, अंतिम सांस तक उसे अपनी बाहों में समेटे रखा.
माँ केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि ईश्वर का सबसे पवित्र स्वरूप है, जो हर संकट में अपने बच्चे की ढाल बन जाती है.
ऐसी महान, त्यागमयी और ममतामयी माँ को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम मां तुझे सलाम

26/04/2026

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा एलान बिहार में सरकारी जमीन पर बने घर, तालाब से अतिक्रमण हटाया जाएगा। हमने विभाग को निर्देश दे दिया है। जल्द से जल्द बुलडोजर चला कर खाली करवाया जाए।

18/04/2026

कोई कुछ भी कहे....
राजनीति में संस्कार और सम्मान की मिसाल: सम्राट चौधरी का लालू यादव से आशीर्वाद लेना

बिहार की राजनीति में आज एक बेहद सकारात्मक और भावनात्मक तस्वीर देखने को मिली, जब बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने मुख्यमंत्री बनने के बाद राष्ट्रीय जनता दल के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। यह दृश्य केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं था, बल्कि बिहार की राजनीतिक संस्कृति में सम्मान, संस्कार और संबंधों की गहराई को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण क्षण था।

राजनीति में अक्सर मतभेद और विचारों का टकराव देखा जाता है, लेकिन आज का यह क्षण इस बात का प्रमाण बना कि राजनीतिक रास्ते अलग हो सकते हैं, परंतु रिश्तों और सम्मान की परंपरा कायम रहनी चाहिए। सम्राट चौधरी का राजनीतिक जीवन भी कई उतार-चढ़ावों से गुजरा है। एक समय वे Rashtriya Janata Dal के साथ जुड़े रहे और उस दौर में लालू प्रसाद यादव का स्नेह और मार्गदर्शन उन्हें मिलता रहा। लालू यादव अपने कार्यकर्ताओं और साथियों को परिवार की तरह मानने के लिए जाने जाते रहे हैं, और सम्राट चौधरी भी उसी स्नेह का हिस्सा रहे।

मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी का लालू यादव से मिलकर आशीर्वाद लेना यह दर्शाता है कि भारतीय राजनीति में आज भी गुरु–शिष्य की परंपरा और बड़े-बुजुर्गों के प्रति सम्मान जीवित है। यह कदम राजनीतिक परिपक्वता और विनम्रता का प्रतीक माना जा सकता है।

बिहार की जनता के लिए भी यह संदेश महत्वपूर्ण है कि विकास और प्रगति के रास्ते पर चलते हुए राजनीतिक दलों के बीच संवाद और सम्मान बना रहना चाहिए। मतभेद लोकतंत्र की आत्मा हैं, लेकिन आपसी सम्मान लोकतंत्र की मजबूती का आधार होता है।

आज की यह मुलाकात बिहार की राजनीति में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है। यह बताती है कि सत्ता बदल सकती है, राजनीतिक दल बदल सकते हैं, लेकिन संस्कार और संबंधों की गरिमा हमेशा बनी रहनी चाहिए।

सम्राट चौधरी का यह कदम आने वाली पीढ़ी के नेताओं के लिए भी एक प्रेरणा बन सकता है—कि राजनीति केवल सत्ता का खेल नहीं, बल्कि सामाजिक संबंधों और मानवीय मूल्यों को निभाने की जिम्मेदारी भी है।

राजेश निराला

17/04/2026

नीतीश कुमार को दिल्ली के लुटियंस जोन में टाइप-8 श्रेणी का सरकारी बंगला आवंटित किया गया है. यह बंगला वीवीआईपी क्षेत्र में स्थित है, जहां कई बड़े नेताओं के भी आवास मौजूद हैं.

31/03/2026

सद्दाम हुसैन को फांसी हुई
गद्दाफी ने साफ लफ़्ज़ों में कहा था
मुस्लिम हुक्मरानों से अमीरका का साथ ना दें
अमरीका हम सबको खत्म करता जायेगा हमें ही लड़ा कर एक दूसरे से
गद्दाफी समझ गया था सद्दाम हुसैन को फसा कर अमरीका झूठ फैला कर मरना चाहता है
ये बात गद्दाफी आईने की तरह समझ गया था बस अमरीका को बहाना नहीं मिल रहा था
आज गद्दाफी को बदनाम किया जाता है जो खुद का एक घर नहीं बनाया दुनियाँ में होने के बाद भी ना ऐसो आराम के लिए कुछ अपने लिया किया
इसी बात से और चिढ़ गया अमरीका नहीं चाहता था गद्दाफी इस्लाम के रास्ते पर चले गद्दाफी के देश में कोई सूद नहीं खाता
उसका बड़ा कारण था उसका अपना घर ही नहीं था बैंक से लॉन लेने पर एक रुपया भी सूद नहीं नो टैक्स
अमरीका सद्दाम के बाद गद्दाफी को ही टारगेट किया

25/03/2026

परमाणु बम का धमाका होने पर सबसे पहले तीव्र प्रकाश, भीषण गर्मी और ऊर्जा की एक लहर पैदा होती है. हिरोशिमा में धमाके के समय इतनी गर्मी पैदा हुई थी कि लोग खड़े-खड़े भाप बन गए थे, लेकिन जो लोग धमाके के केंद्र से दूर होते हैं, उनके लिए सबसे बड़ा दुश्मन 'रेडिएशन' (विकिरण) होता है.

रेडिएशन हवा के जरिए कई किलोमीटर तक फैलता है और इंसानी शरीर के सेल्स को नष्ट कर देता है. यह अदृश्य मौत है, जो तुरंत नहीं तो कुछ दिनों या महीनों बाद इंसान को तड़पाकर मारती है. इसलिए, परमाणु हमले की स्थिति में बचाव के लिए चंद सेकंड ही मिलते हैं और सही जानकारी ही जान बचा सकती है.ज्यादातर लोग सोचते हैं कि परमाणु धमाका देखते ही दूर भागना सही है, लेकिन हकीकत में ऐसा करना जानलेवा हो सकता है. रेडिएशन की लहर बहुत तेज होती है, इसलिए बाहर भागने के बजाय अंदर जाएं, 'अंदर रहें और जानकारी में रहें' का नियम अपनाना चाहिए.धमाके की खबर मिलते ही किसी पक्की ईंट या कंक्रीट की मजबूत इमारत के भीतर चले जाएं. अगर इमारत में बेसमेंट या तहखाना है, तो वह सबसे सुरक्षित जगह है. कंक्रीट की मोटी दीवारें रेडिएशन को काफी हद तक रोकने में सक्षम होती हैं. खिड़कियों और दरवाजों से जितना हो सके दूर रहें क्योंकि कांच टूटने और रेडिएशन अंदर आने का खतरा सबसे ज्यादा वहीं होता है.यदि धमाके के समय आप बाहर थे और फिर सुरक्षित जगह पर पहुंचे हैं, तो सबसे पहले अपने बाहरी कपड़ों को उतार दें. रेडियोएक्टिव कण धूल की तरह आपके कपड़ों पर चिपक जाते हैं. इन कपड़ों को तुरंत उतारकर एक प्लास्टिक बैग में बंद कर दें और उसे घर के ऐसे कोने में रखें जहां इंसान या जानवर न जा सकें.इसके बाद गुनगुने पानी और साबुन से अच्छी तरह नहाएं. ध्यान रखें कि त्वचा को बहुत जोर से न रगड़ें, क्योंकि इससे रेडिएशन के कण जख्मों के जरिए शरीर के अंदर जा सकते हैं. अपनी आंखों, नाक और कानों को गीले साफ कपड़े से पोंछ लें. यह प्रक्रिया आपके शरीर पर मौजूद 90% तक रेडिएशन को कम कर सकती है.रेडिएशन से बचने के लिए हवा के संपर्क को कम करना बहुत जरूरी है. घर के सभी खिड़की-दरवाजे बंद कर दें और एसी, पंखे या हीटर जैसे उपकरणों को बंद कर दें जो बाहर की हवा को अंदर खींचते हैं. कम से कम 24 से 48 घंटे तक घर के अंदर ही रहना चाहिए, क्योंकि शुरुआती 24 घंटों में रेडिएशन का स्तर सबसे घातक होता है.

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