R k dubey

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Editor R.k.Dubey

21/03/2026

कोविड के बाद का सबसे बड़ा लॉकडाउन आने वाला है, और वे आपको तब तक चेतावनी नहीं देंगे जब तक बहुत देर न हो जाए।

यह युद्ध के बारे में नहीं है।

यह इस बारे में है कि युद्ध आपकी ज़िंदगी पर क्या असर डाल रहा है।

यहाँ वह 'डोमिनो चेन' है जिसके बारे में कोई बात नहीं कर रहा है:

तेल की कीमत बढ़कर $110, $150, $175 प्रति बैरल हो जाती है।

एयरलाइंस अपनी उड़ानें कम करना शुरू कर देती हैं। यूनाइटेड ने इसी हफ़्ते 5% उड़ानें कम की हैं।

उनके CEO 2027 के आखिर तक तेल की कीमत $175 रहने की योजना बना रहे हैं।

ट्रकिंग का खर्च बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है। हर दुकान में हर चीज़ महंगी हो जाती है।

होरमुज़ जलडमरूमध्य से खाद की आवाजाही रुक जाती है। किसानों को ज़्यादा पैसे देने पड़ते हैं। खाने-पीने की चीज़ें महंगी हो जाती हैं।

गैस की कीमत बढ़कर $5, $6, $7 प्रति गैलन हो जाती है। आप गाड़ी चलाना कम कर देते हैं।

फिर सरकारें आपको गाड़ी कम चलाने के लिए 'कहना' शुरू कर देती हैं।

जापान अभी ईंधन की राशनिंग कर रहा है।

दक्षिण कोरिया अभी ईंधन की राशनिंग कर रहा है।

बांग्लादेश। फिलीपींस। सभी राशनिंग कर रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया की सरकार लोगों से कह रही है कि वे "गैर-ज़रूरी यात्राओं से बचें।"

ठीक यही बात उन्होंने कोविड के समय भी कही थी।

"गैर-ज़रूरी यात्रा से बचें।"

"घर से काम करें।"

"केवल ज़रूरी कामों के लिए ही बाहर निकलें।"

2020 में उन्होंने इसे 'स्वास्थ्य उपाय' कहा था।

2026 में वे इसे 'ऊर्जा उपाय' कहेंगे।

नतीजा वही होगा।

आप बिना इजाज़त के अपने घर से बाहर नहीं निकलेंगे।

और वे इसे कभी भी 'लॉकडाउन' नहीं कहेंगे।

21/03/2026

दूसरों का बैलेंस चेक करने वाले SBI का खुद का बैलेंस अब इनकम टैक्स विभाग चेक कर रहा है!

इनकम टैक्स वालों ने 6,338 करोड़ का नोटिस थमा दिया है।

SBI वाले बोल रहे हैं कि इस नोटिस से उनके काम पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वो इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे।

आम आदमी लंच ब्रेक के नाम पर SBI के चक्कर काटता है, अब उसे खुद इनकम टैक्स के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे।

20/03/2026

ईरान ने अभी-अभी बिग टेक और हेल्थकेयर को गंभीर खतरे में डाल दिया है।

कतर का विशाल हीलियम प्लांट (जो दुनिया की 33% सप्लाई पैदा करता है) हालिया तनाव में प्रभावित हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नुकसान के कारण पूरी तरह से उत्पादन फिर से शुरू होने में 5 साल तक लग सकते हैं।

12 देश कतर के हीलियम पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं, और उनके पास असल में कोई तत्काल विकल्प भी नहीं है।

इसके मुख्य असर अभी से दिखने लगे हैं:

🇬🇧 UK — NHS अस्पतालों में MRI मशीनें चलाने के लिए हीलियम की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है (UK में हीलियम का घरेलू उत्पादन बिल्कुल भी नहीं होता)।

🇨🇳 China — सेमीकंडक्टर बनाने और मेडिकल इमेजिंग के लिए आयात पर निर्भर है।

🇹🇼 Taiwan — दुनिया की 18% चिप्स यहीं बनती हैं; इस प्रक्रिया में हीलियम बहुत ज़रूरी है।

🇰🇷 South Korea — कतर से आयात होने वाले कुल हीलियम का 64.7% हिस्सा, जिसकी कीमत सालाना $226.9 मिलियन है। Samsung अपने डिवाइस बनाने में इसका इस्तेमाल करता है।

🇯🇵 Japan — चिप बनाने और MRI मशीनें बनाने का एक बड़ा केंद्र है, जिसके पास हीलियम का सिर्फ़ 60 दिनों का रिज़र्व स्टॉक बचा है।

17/03/2026

राजनीति की दुनिया में अक्सर युद्ध का फैसला वातानुकूलित कमरों में बैठे वे लोग लेते हैं जिनका खुद का परिवार कभी मोर्चे पर नहीं जाता। स्पेनिश राजनेता इरीन मोंटेरो ने डोनाल्ड ट्रंप को संबोधित करते हुए एक ऐसी बात कही जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो नेता युद्ध की बातें करते हैं उन्हें सबसे पहले अपने बेटों और बच्चों को सीमा पर लड़ने के लिए भेजना चाहिए। यह बयान उन लाखों आम परिवारों के दर्द को दर्शाता है जिनके बच्चे नेताओं के फैसलों के कारण युद्ध की आग में झोंक दिए जाते हैं। मोंटेरो का यह तर्क युद्ध की विभीषिका और नेताओं के पाखंड पर एक बहुत बड़ा प्रहार है जो जनता को सोचने पर मजबूर करता है। अक्सर गरीब के बच्चे सरहद पर जान देते हैं जबकि युद्ध का आह्वान करने वाले सुरक्षित महलों में बैठकर राजनीति करते हैं। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया क्योंकि यह नैतिकता और जवाबदेही की एक नई परिभाषा तय करता है। अगर युद्ध की स्थिति में नेताओं के परिवार को अग्रिम पंक्ति में रहना अनिवार्य हो जाए तो शायद दुनिया में जंग हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। सच की यह आवाज़ आज पूरी दुनिया में गूँज रही है।

15/03/2026

LPGUpdate | गैस कनेक्शन नियमों में बदलाव

Ministry of Petroleum and Natural Gas ने LPG नियमों में संशोधन किया है, अब PNG कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ता घरेलू LPG सिलेंडर के पात्र नहीं होंगे।

जिनके पास PNG और LPG दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें LPG सरेंडर करना होगा, और आगे रिफिल की अनुमति नहीं होगी। यह नियम Essential Commodities Act के तहत राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित होने के बाद लागू होगा।

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13/03/2026

ध्यान दें: ग्लोबल फाइनेंशियल इमरजेंसी! ग्लोबल करेंसी रीसेट आ गया है!

दुनिया एक भयानक फाइनेंशियल गिरावट से गुज़र सकती है! ग्लोबल करेंसी रीसेट (GCR), NESARA GESARA, और क्वांटम फाइनेंशियल सिस्टम (QFS) अब सिर्फ़ अफ़वाहें नहीं हैं। तूफ़ान आ गया है, और ताकतवर लोग सच्चाई का पता चलने से पहले नुकसान को फैलने से रोकने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं!

ब्लैक स्वान इवेंट हमारे ठीक सामने हो रहा है! दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी टूट चुकी हैं! U.S., कनाडा, यूरोप, जापान, इज़राइल, U.K., ताइवान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड अब अपना कर्ज़ नहीं चुका पा रहे हैं। इकॉनमी बिखर रही है, और एक बहुत बड़ा बदलाव आने वाला है जो हर चीज़ पर असर डालेगा!

द ग्रेट रीसेट या द पीपल्स रीसेट?

वे आपको बिज़ी रखना चाहते हैं जबकि वे चुपके से फाइनेंशियल ऑर्डर बदल रहे हैं। QFS उस करप्ट बैंकिंग सिस्टम की जगह लेने जा रहा है जिसने हमें सैकड़ों सालों से जंजीरों में जकड़ रखा है! लोग कहते हैं कि यह सिस्टम सोने से चलता है और पूरी तरह से डीसेंट्रलाइज़्ड है। इससे सेंट्रल बैंकों और दुनिया के पैसे पर उनके क्रिमिनल कंट्रोल से छुटकारा मिलेगा।

एलीट जानते हैं कि उनके लिए समय निकलता जा रहा है। उन्हें क्रैश वैसे ही चाहिए जैसा वे चाहते हैं। उन्हें चाहिए कि आप तैयार न हों। लेकिन हम उनके झूठ को देख सकते हैं!

इमरजेंसी ब्रॉडकास्ट सिस्टम (EBS) आने वाला है!

EBS इस सारी अफरा-तफरी के बीच जाने के लिए तैयार है! क्यों? दुनिया फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस के एक नए दौर में तब जाएगी जब मार्केट क्रैश होंगे, बैंक डूबेंगे, और NESARA GESARA का सच सामने आएगा।

हम उस पॉइंट पर पहुँच गए हैं जहाँ से वापसी नहीं हो सकती। फेडरल रिजर्व अब नहीं रहा। IMF जल्दी में है। डॉलर टूट रहा है, और फिएट मनी सिस्टम आग की लपटों में जल रहा है। राख से क्या निकलेगा? एक सही सिस्टम जो एसेट्स से सपोर्टेड हो और लोगों को पावर वापस दे!
फिएट मनी से तुरंत छुटकारा पाएं। सोना, चांदी और क्रिप्टोकरेंसी (XRP, XLM, XDC) नया मनी बेस होंगे!

12/03/2026

**वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum - WEF) क्या है?**

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम एक **स्वतंत्र, नॉन-प्रॉफिट** संगठन है। इसे **1971** में स्विट्जरलैंड के जेनेवा में **क्लॉस श्वाब** ने स्थापित किया था। इसका मुख्यालय जेनेवा में है और न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को, बीजिंग, टोक्यो में ऑफिस हैं।

इसका मिशन है: दुनिया भर के लीडर्स (बिजनेस, सरकार, सिविल सोसाइटी, अकादमिया) को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ना ताकि ग्लोबल चैलेंजेस (जैसे क्लाइमेट चेंज, टेक्नोलॉजी, इकोनॉमिक स्टेबिलिटी) पर चर्चा हो और सहयोग बढ़े। यह **पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप** का फोरम है, कोई सरकार या कानूनी अथॉरिटी नहीं।

मुख्य एक्टिविटी: हर साल **दावोस** (स्विट्जरलैंड) में एनुअल मीटिंग, जहां प्रधानमंत्री, CEO, NGO आदि आते हैं। इसके अलावा साल भर रिपोर्ट्स (जैसे Global Competitiveness Report), इनिशिएटिव्स और सेंटर चलाता है।

**भारत को WEF कैसे "कंट्रोल" करता है?**
**संक्षेप में: यह कंट्रोल नहीं करता।**
यह एक आम **कॉन्स्पिरेसी थ्योरी** है कि WEF दुनिया या भारत को कंट्रोल करता है (जैसे "Great Reset" या Agenda 2030 के नाम पर)। लेकिन **कोई तथ्य या सबूत** नहीं है।

WEF कोई सुपर-गवर्नमेंट नहीं है। यह सिर्फ **डिस्कशन प्लेटफॉर्म** है। भारत **स्वेच्छा** से भाग लेता है और **फायदा** उठाता है।

**भारत-WEF का असली रिलेशन (फैक्ट्स):**
- **40+ साल** पुराना पार्टनरशिप।
- **2018** में **Centre for the Fourth Industrial Revolution (C4IR) India** मुंबई में शुरू किया गया, **NITI Aayog** और Reliance Industries के साथ। यह AI, स्मार्ट सिटी, एग्रीकल्चर, हेल्थ जैसे क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी यूज करने पर काम करता है।
- भारतीय कंपनियां पार्टनर हैं: GAIL, NTPC, Godrej, Dabur, GMR Infrastructure आदि।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय डेलिगेशन नियमित **दावोस** जाते हैं और भारत की ग्रोथ, इन्वेस्टमेंट, AI, एनर्जी ट्रांजिशन पर अपनी बात रखते हैं।
- भारत G20 प्रेजिडेंसी, क्लाइमेट एक्शन आदि में WEF के साथ सहयोग करता है, लेकिन **अपनी शर्तों पर**।

भारत एक **संप्रभु देश** है। अपनी नीतियां (जैसे FDI, डेटा प्रोटेक्शन, कृषि कानून आदि) खुद बनाता है। WEF सिर्फ सुझाव दे सकता है, लागू करने का फैसला भारत सरकार का है।
आगे का भाग कमेंटबॉक्स में पढ़ें

12/03/2026

अब, जब आपका रिचार्ज प्लान खत्म हो जाएगा, तो आपका SIM कार्ड डीएक्टिवेट नहीं होगा।
इनकमिंग कॉल सर्विस बिना किसी रुकावट के चलती रहेंगी। इस बारे में एक बड़ा अपडेट आने वाला है।
चाहे आप Jio यूज़र हों, Airtel यूज़र हों, या Vi यूज़र—यानी Vodafone Idea यूज़र—
या...
अगर आप BSNL यूज़र हैं—मतलब, अगर आप इनमें से किसी भी कंपनी का SIM कार्ड इस्तेमाल करते हैं: Jio, Vodafone, Idea, Airtel, या BSNL—
एक अहम अपडेट लाया जा रहा है ताकि यह पक्का हो सके कि आपकी इनकमिंग कॉल सर्विस चालू रहें।

जैसा कि आप सभी जानते हैं, जिसके पास भी दो SIM कार्ड हैं, उसे अभी दोनों को रिचार्ज करवाना पड़ता है।
इससे बहुत ज़्यादा परेशानी होती है क्योंकि, अगर आप रिचार्ज नहीं करवाते, तो आपकी इनकमिंग कॉल सर्विस बंद हो जाती है।
और एक बार जब इनकमिंग कॉल बंद हो जाती हैं, तो आप आउटगोइंग कॉल भी नहीं कर पाते और न ही SMS भेज पाते हैं।

कई लोगों के लिए तो हालात और भी बुरे हैं: कॉल करना तो दूर की बात, उन्हें कोई इनकमिंग कॉल या मैसेज भी नहीं आते।
ये वो अलग-अलग परेशानियाँ हैं जिनका लोगों को सामना करना पड़ता है।
क्या इस मुद्दे पर लोकसभा में चर्चा हुई है?
संसद में इस मामले पर क्या चर्चाएँ हुईं? यह एक बहुत ही अहम बात है।

ज़रा सोचिए: जब एक आम भारतीय नागरिक को बुनियादी सुविधाएँ नहीं मिल पातीं, तो उसके पास क्या चारा बचता है?
सिर्फ़ अपनी इनकमिंग कॉल सर्विस चालू रखने के लिए, उन्हें—मजबूरी में—249, 199, 399, या इसी तरह की कीमतों वाले रिचार्ज प्लान खरीदने पड़ते हैं।
शुरुआत में, BSNL और Jio जैसी कंपनियों ने एक साल तक मुफ़्त सर्विस दी थी।
उसके बाद क्या हुआ? धीरे-धीरे, लोग मुफ़्त कॉलिंग और मुफ़्त डेटा के आदी हो गए।

इसके बाद, Jio ने अपने टैरिफ बढ़ाना शुरू कर दिया। उन्होंने कम कीमतों से शुरुआत की, फिर उन्हें बढ़ाया, और बाद में फिर से मुफ़्त सर्विस देना शुरू कर दिया।
नतीजतन, दूसरी टेलीकॉम कंपनियाँ असल में बाज़ार से बाहर हो गईं।

Telenor बाज़ार से बाहर हो गई; MTS बाहर हो गई; असल में, कई कंपनियों को बंद होना पड़ा।
इसके चलते, बाकी बची कंपनियों—जैसे Airtel और Vodafone—की सर्विस काफ़ी महँगी हो गईं।

12/03/2026

Bank New Rule 2026 सेविंग अकाउंट में इतना पैसा जमा किया तो घर आएगा Income Ta कैश ट्रांजेक्शन पर सरकार की नजर कैसे रहती है और SFT (Statement of Financial Transaction) के जरिए बैंक रिपोर्ट भेजता है।

हैलो फ्रेंड्स। क्या आप भी उन करोड़ों भारतीयों में से एक हैं जिनका किसी न किसी बैंक में सेविंग अकाउंट है?
अगर हाँ, तो आपके लिए सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि एक बड़ी चेतावनी है।

आप बैंक जाते हैं, पैसे जमा करते हैं, निकालते हैं और सोचते हैं कि ये मेरा पैसा है, मैं जो चाहूँ करूँ, सरकार को क्या लेना-देना?
लेकिन रुकिए! अगर आप ऐसा सोचते हैं तो आप बहुत बड़ी भूल में हैं।

2025 और 2026 के बैंकिंग रूल्स अब पूरी तरह बदल चुके हैं। सरकार और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब आपकी हर पाई पर नजर रख रहा है।

आज मैं आपको एक ऐसी सच्चाई बताने जा रहा हूँ जो आपको चौंका सकती है।
क्या आप जानते हैं कि आपके अपने अकाउंट में पैसे जमा करने की भी लिमिट है?
अगर आप उस लिमिट को पार कर गए, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस सीधे आपके घर आ सकता है। हाँ, बिल्कुल सही सुना आपने।

आजकल सोशल मीडिया पर हर जगह चर्चा है कि बैंक से पैसे जमा करने-निकालने के नियमों में भारी बदलाव हुआ है। लोग परेशान हैं कि क्या अब हम बैंक में कैश रख भी नहीं सकते? घर में रखा पैसा भी सुरक्षित नहीं रहा? ED और इनकम टैक्स वाले घर पर भी छापा मार सकते हैं?

फ्रेंड्स, मैं आपको डराने नहीं, जागरूक करने जा रहा हूँ। बताऊंगा वो लक्ष्मण रेखा कौन सी है जिसे पार करने पर आप सरकार के रडार पर आ जाते हैं।

कृपया पोस्ट की अंत तक जरूर पढ़ें क्योंकि अधूरी जानकारी हमेशा खतरनाक होती है और यहाँ बात आपके मेहनत की कमाई की है।

सबसे पहले बात करते हैं उस नियम की जिससे हर आम आदमी डरता है।

हमारे देश में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास एक बहुत ताकतवर हथियार है – SFT यानी Statement of Financial Transaction। इसे आप सरकार का जासूस भी कह सकते हैं।

पहले के जमाने में बैंक आपकी जानकारी सरकार को तभी देते थे जब कोई बड़ा स्कैम होता या बहुत बड़ी रकम का ट्रांजेक्शन होता। लेकिन अब जमाना डिजिटल हो गया है। आपका PAN कार्ड और आधार आपका बैंक अकाउंट से लिंक है।
पूरी खबर कमेंटबॉक्स में है

11/03/2026

ELON MUSK ने आखिर कार बहुत बड़ी हिम्मत दिखा ही दी.

विश्व में पोर्न इंडस्ट्री की शुरुआत अमेरिका से हुईं थी.. हर देश में पोर्न को घर घर पहुंचा पाने का श्रेय अमेरिका को ही जाता है.

इंटरनेट पर SITES के अतिरिक्त किसी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोर्न उपलब्ध नहीं था.

खासकर X इसके लिए बदनाम हो चुका था..
फेसबुक इंस्टा पर अश्लीर कंटेंट रख सकने की आजादी तो थी, पर खुलेआम पोर्न सिर्फ X यानि ट्विटर पर ही अपलोड होता था.

अब ELON MUSK ने X से सभी तरह के पोर्न और एडल्ट कंटेंट को हटाने का निर्णय लिया है.

यानि कोई भी यूजर पोर्न कंटेंट, फोटो या वीडियो X पर अपलोड नहीं कर सकता.

इससे ज्यादा नुकसान किस देश का होगा?

जवाब - अमेरिका, क्योंकि ज्यादातर पोर्न इंडस्ट्री यहीँ से आती है और करोड़ों की तादाद में VIEWER यहीँ के ही हैँ.

इस तरह के कंटेंट से लाखों करोड़ों रूपये कमाने वाले लोगों को भारी नुकसान होगा.
Elon का विरोध भी हो रहा होगा,

देश की इकॉनमी भी तो प्रभावित होगी
पर इस बंदे ने X को साफ सुथरा प्लेटफार्म बनाने की कोशिश की पूरी कोशिश कर रहा है.

इस बात के लिए VERY WELL DONE.. 🙏

04/03/2026

अब देखते हैं दुनिया क्या कह रही है। अमेरिका के प्रेसिडेंट ने कहा, "ईरान की आक्रामकता को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम अपने सहयोगियों के साथ खड़े हैं।" यूएस नेवी का फ्लीट पर्सियन गल्फ में तैनात हो गया है। इजरायल ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने फिर ट्राई किया, तो तेहरान पर डायरेक्ट स्ट्राइक होगा।
रूस और चीन ने संयम बरतने की अपील की। रूस, जो ईरान का सपोर्टर है, ने कहा कि ये "पश्चिमी साजिश" है। चीन ने ट्रेड रूट्स की सुरक्षा पर जोर दिया, क्योंकि उनका बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट प्रभावित हो सकता है। यूरोपियन यूनियन ने डिप्लोमेसी का रास्ता सुझाया।
भारत की तरफ से? विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को ईरान और गल्फ से दूर रहने की एडवाइजरी जारी की। पीएम मोदी ने सऊदी और ईरान दोनों से बात की, ताकि तनाव कम हो। इंडिया के लिए ये बैलेंसिंग एक्ट है—ईरान से ऑयल, सऊदी से इन्वेस्टमेंट।
आगे क्या हो सकता है? एनालिसिस
दोस्तों, मेरा एनालिसिस ये है: शॉर्ट टर्म में, गल्फ देश मिलिट्री रिस्पॉन्स देंगे लेकिन सीमित। सऊदी के पास F-35 जेट्स हैं, यूएई के पास ड्रोन आर्मी। लेकिन वो फुल वॉर नहीं चाहते, क्योंकि ईरान के पास 3 लाख रॉकेट्स हैं। लॉन्ग टर्म में, ये इजरायल-ईरान वॉर को गल्फ में खींच सकता है।
इकोनॉमिक इंपैक्ट: ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर पार, स्टॉक मार्केट्स डाउन। इंडिया का GDP ग्रोथ 0.5% कम हो सकता है। जियोपॉलिटिकल रूप से, अमेरिका का इन्फ्लुएंस बढ़ेगा, लेकिन चीन का भी। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने कहा है कि "हमारी क्रांति अब रुकने वाली नहीं।"
क्या पीस पॉसिबल? हां, अगर UN मीडिएट करे। लेकिन हिस्ट्री बताती है—2019 के हूथी अटैक्स के बाद भी तनाव कम नहीं हुआ।
कनेक्शन टू इंडिया और कॉन्क्लूजन
भारत के लिए ये क्या मतलब? हमारी चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट ईरान में अटक सकता है। गल्फ में 80 लाख भारतीय काम करते हैं उनकी सेफ्टी प्रायोरिटी। सरकार को डिप्लोमेसी पर फोकस करना चाहिए।

04/03/2026

दोस्तों, मिडिल ईस्ट का ये संकट कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाल के दिनों में ये आग की तरह फैल गया है। कल रात ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित गल्फ नेशंस की मिलिट्री बेस और ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर कई मिसाइलें और ड्रोन दागे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये हमले इजरायल के हाल के एयरस्ट्राइक्स का जवाब थे, जहां इजरायल ने ईरान के प्रॉक्सी ग्रुप्स जैसे हिजबुल्लाह और हौथी रिबेल्स को निशाना बनाया। लेकिन ईरान ने इसे सीधे गल्फ देशों पर शिफ्ट कर दिया, क्योंकि वो अमेरिका के साथी मानते हैं इन देशों को।
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के पास एक ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें मामूली नुकसान तो हुआ लेकिन कोई जानमाल का नुकसान नहीं। यूएई के अबू धाबी में भी एक मिलिट्री साइट हिट हुई। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इसे "स्व-रक्षा" का नाम दिया है, लेकिन गल्फ काउंसिल ऑफ कोऑपरेशन (GCC) ने इसे "आक्रामकता" करार दिया। ट्रिगर क्या था? इजरायल-ईरान प्रॉक्सी वॉर का एस्केलेशन, जहां ईरान ने कहा कि वो किसी भी "अमेरिकी कठपुतली" को बख्शेगा नहीं।
गल्फ देशों की प्रतिक्रिया
अब आते हैं मुख्य पॉइंट पर: गल्फ नेशंस क्या करेंगे? सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। उन्होंने कहा, "हमारी संप्रभुता पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी विकल्प खुले हैं।" यूएई ने अमेरिका से तुरंत मिलिट्री सपोर्ट मांगा है, क्योंकि उनके पास पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम है लेकिन ईरान के हाइपरसोनिक मिसाइल्स से मुकाबला मुश्किल।
बहरीन, जो GCC का हेडक्वार्टर होस्ट करता है, ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया। कतर ने तटस्थ रहने की कोशिश की, लेकिन उनके अल जजीरा चैनल पर ईरान की निंदा हो रही है। कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि ये "क्षेत्रीय युद्ध" न बने। कुल मिलाकर, GCC देश न्यूट्रल रहना चाहते हैं लेकिन दबाव में हैं। क्यों? क्योंकि ईरान के हमले से तेल उत्पादन 5% गिर गया, और ग्लोबल ऑयल प्राइस 10% ऊपर चढ़ गया। इंडिया के लिए ये चिंता की बात है, क्योंकि हम 80% ऑयल इंपोर्ट करते हैं।
दोस्तों, अगर ये तनाव बढ़ा, तो होर्मुज स्ट्रेट बंद हो सकता है, जो दुनिया के 20% ऑयल का रूट है। इससे इंडियन रिफाइनरीज प्रभावित होंगी, और पेट्रोल प्राइस 100 रुपये पार कर सकता है।

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