23/04/2026
अंतरराष्ट्रीय जाट संसद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में श्री नीरज सिंह जी को ‘राष्ट्रीय महासचिव’ (नीति अनुसंधान एवं रणनीति) नियुक्त करने पर बधाई, शुभकामनाएँ।
Connecting Society Beyond Borders | Founder President - Ramavatar Palsaniya | National President - Manu Choudhary 'Dantal'
23/04/2026
अंतरराष्ट्रीय जाट संसद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में श्री नीरज सिंह जी को ‘राष्ट्रीय महासचिव’ (नीति अनुसंधान एवं रणनीति) नियुक्त करने पर बधाई, शुभकामनाएँ।
जाट समाज को बचाना है, तो सामाजिक कुरीतियों का बहिष्कार करना पड़ेगा।
पद, प्रतिष्ठाओं, रूपयों-पैसो व राजनीतिक लोगों के प्रभाव से बाहर निकल कर जाट समाज को बचालो वर्ना ये तथाकथित समाज के ठेकेदार, स्वार्थी राजनेता समाज को पिछले 50 सालों से बेच रहे हैं। कोई नौजवान गाँव-देहात से निकलकर अच्छी उच्च शिक्षा प्राप्त कर ‘वेलक्वालिफाइड’ होकर समाज के लिए काम कर रहा है। जिसने पुरी दुनिया में जाट समुदाय का दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक नेटवर्क खड़ा कर दिया हो, समाज के उत्थान की बात करता हो, समाज को गोत्रवाद, क्षेत्रवाद से बाहर निकाल कर अलग-अलग प्रदेशों में व देशों में जाट समाज का अंतरराष्ट्रीय मंच तैयार कर दिया और मात्र 36 साल की उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद को मनु चौधरी ‘दाँतल’, उत्तर प्रदेश व चौधरी चरण सिंह जी की भूमि को समर्पित कर दिया लेकिन स्वच्छ प्रतिस्पर्धा करने की बजाय, काम की लकीर लंबी करने की बजाय ओछी व घटिया मानसिकता से ग्रस्त लोगों ने समाज के काम को रोकने की कोशिश की, सामाजिक कुरीतियों पर पर्दा डालने की नाकाम कोशिशें की। सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए मेरा अभियान जारी रहेगा समाज को जागरूक करेंगे समाज को इस बात का अहसास दिलायेंगे कि कौन समाज का शुभचिंतक है।
जीवन में ग़लतियाँ किसी से भी हो सकती है, लेकिन अपनी ग़लतियाँ समाज पर थोपना ग़लत है और अपने आपको सही साबित करने के लिए सामाजिक कुरीतियों का महिमा मंडन करना गलत है और वो भी जाट समाज की संस्थाओं के पदों पर बैठकर फिर किस बात का संगठन चलाते हो। दूसरे समाज व दूसरे प्रदेशों में जाकर ऐसी बातें करो जहाँ जाट नहीं है, तब पता चले जाट समुदाय क्या होता हैं। जाट बाहुल्य इलाक़ों से राजनीति करते हो, जाटों के संगठन चलाते हो जहां जाट नहीं वहाँ जाकर विधायक-सांसद ही नहीं पार्षद का चुनाव लड़कर देखना फिर पता चलेगा तुम कितने सामाजिक भाईचारे के नेता हो या वहाँ जाट संगठन चला कर देखो एक दिन में इन तथाकथित ठेकेदारों की दुकान बंद ना हो जाए तब बताना।
इसलिए हमें पता है, तुम क्यूँ बौखला रहे हो तुम्हारी पोल खुल गई है, लोगों को हकीकत पता चल रही हैं, तुम से सवाल जवाब हो रहे हैं, इसलिए तुम्हारी बौखलाहट जायज़ है, लेकिन समाज का तो नुक़सान मत करो और इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जो आवाज बुलंद कर रहा है उसका समर्थन नहीं कर सकते तो, कम से कम अपने घर चुपचाप बैठ जाओ जिससे तुम्हारी बेइज़्ज़ती के मजे दूसरे समाज के लोग तो ना लें। सारे जाट समाज से व अपने परिवार से डिफॉल्टर, तथाकथित ठेकेदार एक होकर अपनी और अपने परिवार की इज़्ज़त बचाने के लिए मेरे खिलाफ एक हो गए - चौर-चौर मौसेरे भाई बन गए, लेकिन समाज के हक़, अधिकारों व मान सम्मान और स्वाभिमान के लिए संघर्ष करते हुए इस लड़ाई की आवाज़ को बुलंद करेंगे जिसके समझ आ जाए ठीक है नही आए तो अपनी बहन-बेटियों को बेशर्मी के साथ जहाँ मर्ज़ी हो शादियाँ करो मुझे क्या तकलीफ़।
➡️ समाज के प्रबुद्ध लोगों व समाज के लिए चिंतित रहने वाले लोगों से मेरे कुछ सवाल……?
👉 समाज को जोड़ने की बात नहीं करनी चाहिए।
👉 सामाज को सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक नहीं करना चाहिए।
👉 समाज को अपने वंश DNA को नहीं बचाना चाहिए।
👉 अपनी बहन-बेटियाों की शादियां जाट समाज में करने की बात नहीं करनी चाहिए।
👉 अंतर्जातीय विवाह का विरोध नहीं करना चाहिए।
👉 समाज को उच्च शिक्षा व व्यापार के रास्ते पर ले जाने की बात नहीं करनी चाहिए।
👉 समाज के 80% नौजवान आज भी ग्रामीण अंचलों में मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
👉 समाज के नाम से संगठन क्यूँ बना रखे हैं…? जब जाट समाज की बहन-बेटियों की शादियां ही दूसरे समाज में धूमधाम से करेंगे तो फिर जाट-जाट करना बंद करो और जाट समाज के नाम के संगठनों की दूकानो पर ताले लगा दो। किस बात का जाट संगठन है फिर आपका।
पद, प्रतिष्ठाओं, रूपयों-पैसो व राजनीतिक लोगों के प्रभाव से बाहर निकल कर जाट समाज की सोचो——— हर जाट चाहता है, भगत पैदा हो, लेकिन पड़ोसी के घर में, समाज बंधुओं इस संकीर्ण मानसिकता से बाहर निकलना होगा। आप लोग नहीं लड़ सकते तो आपका बेटा, आपका भाई रामावतार पलसानिया व अंतरराष्ट्रीय जाट संसद इस जाट समुदाय के हक़, अधिकार, मान, सम्मान और स्वाभिमान के लिए लड़ेगी, आप हमारा साथ दो। कलयुग में संगठन में ही शक्ति हैं।
नोट - बहुत से लोगों को मेरे से व्यक्तिगत रूप से ईर्ष्या होंगी, मेरे काम से तकलीफ़ होगी, बहुत से लोग मेरे से अच्छा नहीं कर पा रहे, इस कारण मेरे से चिढ़ते होंगे, अंतरराष्ट्रीय जाट संसद क्यूँ अच्छा कर रही है, इस बात की तकलीफ़ होगी, आप सबकी तकलीफ़ों व समस्याओं को मैं व्यक्तिगत रूप से समझ सकता हूँ, लेकिन आपकी तकलीफ़ों के कारण मैं जाट समाज का काम करना तो बंद नहीं कर सकता। इसलिए जो तकलीफ़ मिटा कर साथ चलना चाहते हैं, उनका सम्मान है, स्वागत है, और जो तकलीफ़ रखना चाहते हैं वो तकलीफ़ जीवन भर रखें, इसका इलाज धरती पर कहीं भी नहीं है। छल, कपट, स्वार्थ, ईर्ष्या व चरित्र-हनन की समाज सेवा तुम्हें मुबारक।
मैं ना डरने वाला, ना झुकने वाला, ना समझौता करने वाला अब जाट क़ौम के अस्तित्व की लड़ाई में हर उस जाट बंधु का साथ चाहिए जो समाज हित की सोच रखता हैं। राजा का बेटा, राजा नहीं बनेगा, जो हकदार होगा, वही राजा बनेगा, और वो आम जाट तय करेगा।
रामावतार पलसानिया
(संस्थापक अध्यक्ष-अंतरराष्ट्रीय जाट संसद)
भाई अमित जागलान को न्याय दिलाओ।
कस्बा पतला थाना निवाड़ी मोदीनगर गाजियाबाद मे पुलिस के तथाकथित वर्दीधारी गुँडो ने भाई अंकित जागलान को पुलिसकर्मियों से बहस करने की सजा अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ी और घरवालों को पुलिस कुर्मी झूठ बोलकर बरगलाते रहे कि अमित उनको घायल अवस्था में गन्ना तोल केंद्र के पास बेहोशी की अवस्था में घायल पड़ा हुआ मिला और उसे हमने यशोदा हॉस्पिटल गाजियाबाद जाकर एडमिट करा दिया , समाज के सभी जागरूक नागरिकों से अपील है की भाई अमित जागलान को न्याय दिलाने कल 20 अप्रैल 2026 को कस्बा पतला अधिक से अधिक संख्या में पहुंचे।
मनु चौधरी 'दाँतल'
( राष्ट्रीय अध्यक्ष- अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद )
एक और ऐतिहासिक पहल — क़ौम के गौरवशाली इतिहास को स्थापित करने की दिशा में, कैथल (हरियाणा) की जाट सरदारी को हृदय से बधाई एवं साधुवाद।
यह केवल खुशी का अवसर नहीं, बल्कि अत्यंत गर्व और आत्मसंतोष का क्षण है। आज जाट समाज के नौजवानों में अपने महापुरुषों के प्रति जो सम्मान, श्रद्धा और प्रेम जागृत हो रहा है, वह क़ौम के उज्ज्वल भविष्य का शुभ संकेत है। इतिहास व भविष्य के प्रति जागरूकता किसी भी समाज की असली ताकत होती है।
जिन चौंक-चौराहों पर आज़ादी के 75 वर्षों पहले ही हमारे महान पूर्वजों की प्रतिमाएं स्थापित हो जानी चाहिए थीं, आज वह कार्य हमारे जैसे नौजवान युवा अपने साहस, समर्पण और संकल्प से पूरा कर रहे हैं। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि आज का जाट नौजवान अपने भीतर भगत सिंह जैसी क्रांतिकारी चेतना लेकर आगे बढ़ रहा है।
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय जाट संसद द्वारा सकौती, मेरठ (उत्तर प्रदेश) में महाराजा सूरजमल जी की उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी भव्य व दिव्य प्रतिमा स्थापित की गई, और आज 13 अप्रैल – अंतरराष्ट्रीय जाट दिवस के पावन अवसर पर कैथल (हरियाणा) के तितरम मोड़ पर जाट समाज के युवाओं, क्रांतिकारी युवा संगठन, अजेय योद्धा महाराजा सूरजमल ट्रस्ट एवं अंतरराष्ट्रीय जाट संसद हरियाणा के सहयोग से महाराजा सूरजमल जी की प्रतिमा स्थापित कर एक और स्वर्णिम अध्याय रच दिया। यह केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि क़ौम के स्वाभिमान, इतिहास और पहचान का जीवंत प्रतीक है।
इस गौरवशाली एवं ऐतिहासिक कार्य में सहभागी सभी साथियों को दिल की गहराइयों से बधाई एवं शुभकामनाएँ। आप सभी क़ौम के सच्चे सिपाही हैं, जिनके प्रयासों से आने वाले समय में जाट समाज का इतिहास और भविष्य दोनों और अधिक सशक्त एवं उज्ज्वल होंगे।
इस गौरवान्वित व ऐतिहासिक कार्य में विशेष भूमिका निभाने वाले अंतरराष्ट्रीय जाट संसद हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुरेश सिरोही ‘जैलदार’ जी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मनोज चहल जी तथा सभी सहयोगियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।
रामावतार पलसानिया
(संस्थापक अध्यक्ष – अंतरराष्ट्रीय जाट संसद)
12/04/2026
मेरी जन्मभूमि फागी (जयपुर) की पावन धरा पर एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक संगम का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। अवसर था भक्त शिरोमणि संत धन्ना भगत जी के 611वें जन्मोत्सव का। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की तस्वीरें साझा कर रहा हूँ।
वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल जी प्रतिमा अनावरण एवं अंतरजातीय विवाह के विषय में संवाद
ौद….यही शब्द सुनने के लिए क्या 16 सालों से जाट क़ौम के लिए काम कर रहा हूँ, जाट समाज के लिए, देश-दुनिया के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर #“जाट” शब्द की इज़्ज़त उसके मान, सम्मान और स्वाभिमान के लिए अपनी जवानी क़ुर्बान कर दी और आज जाट समाज का ठेकेदार जाट महासभा का राष्ट्रीय महासचिव मीडिया के सामने बैठकर जाटों की बहन-बेटियों को दूसरे समाज में देने की वकालत कर रहा हैं। शर्म है, लानत है, ऐसी सोच पर, ऐसे विचारों पर। कहाँ मर गया जाट का जमीर जो ऐसे लोगों को बीच में बैठा कर, समाज को बर्बाद करने की साज़िश को अंजाम देने की मुहिम का हिस्सा बन रहे हैं।
यह ौद मुझे नहीं…. #”जाट” शब्द या हर उस युवा, हर उस बहन-बेटी को दे रहा है, जो जाट क़ौम से प्यार करते हैं, जो अपना DNA बचाना चाहते हैं। समाज बंधुओं अब भी कुछ जमीर बचा है तो इस लड़ाई को अंजाम तक पहुँचा दो वरना इतिहास में बहन-बेटियों की इज़्ज़त नहीं बचा पाने के लिए, हम सब इतिहास में काफ़िर, दलाल गद्दार कहलाएँगे।
ये महाशय 40 सालों से जाट समाज की ठेकेदारी कर रहे है और विचार है, जाट समाज के DNA को ख़त्म करने के, क्या जाट महासभा का उद्देश्य जाट समाज की बहन-बेटियों को दूसरी समाज में शादी कराने के लिए प्रेरित करना है।
कहाँ गया जाट समाज का जमीर, कहाँ गया जाट समाज का स्वाभिमान, कहाँ गए बात-बात पर धरने देने वाले, अब तुम्हारा जमीर नहीं जग रहा। यह 75 साल का बुढ़ा समाज को बर्बाद करने की बात कर रहा है। राजस्थान, हरियाणा व उत्तर प्रदेश को तोड़ने की साज़िश को अंजाम दे रहा है और अंतर्जातीय विवाह के नाम पर अपनी बंद पड़ी दुकान जाट महासभा की राजनीतिक चमकाना चाहता है।
राजस्थान वालो तुम्हारी बहन-बेटियों को कैसे खुले में ख़रीदने की बात कर रहा है, जितने भी 70 साल के ऊपर के ये सारे बुढ़े क्या जाट समाज को बर्बाद कर के ही छोड़ेंगे क्या। समझ नहीं आ रहा कि जाट समाज के युवा, इनकी मृत मानसिकता, भ्रष्ट बुद्धि , दिवालिया सोच, का इलाज क्यूँ नहीं कर रहे।
ऐसी जाट महासभा व ऐसे ठेकेदारों का बहिष्कार करना चाहिए जो जाट समाज के DNA को ही ख़त्म करने पर तुले हुए हैं। मैंने क्या गलत बोला #अंतर्जातीय_विवाह पर। हमारा खून, हमारा वजूद, हमारा वंश, हमारा DNA नहीं बचना चाहिए क्या। हमारी बहन बेटियों को कैसे दूसरे समाजों में दे दे, इज़्ज़त से बड़कर क्या होता है, कुछ नहीं होता इज़्ज़त से बड़कर। इज़्ज़त के लिए ही तो रात-दिन काम कर रहे हैं इज़्ज़त चली गई तो समझो सब कुछ ख़त्म हैं, ज़िंदा लाश है फिर हम।
जाट समाज की इज़्ज़त जाट समाज में ही रहे तो हमारा वजूद बचा रहेगा, वरना फिर हम क्यूँ जाट-जाट करते फिर रहे हैं। किस लिए जाट आरक्षण चाहिए, किस लिए जाटों के सम्मान की बात कर रहे है। बहन-बेटियों से बड़कर कोई इज़्ज़त होती है क्या….?
ये समाज का ठेकेदार हैं और इसके विचार सुने #अंतर्जातीय_विवाह के बारे में मुझे तो शर्म आ रही हैं, उन लोगों पर जो अभी तक चुप हैं, अब तो जाग जाओं मेरे भाईयों बचा लो इस जाट क़ौम की इज़्ज़त को।
चौधरी सर छोटूराम जी ने सामाजिक कुरीतियों के विरोध में कितने जाट अधिवेशन किए, कितनी जाट संस्थाओं के नाम जाट रखे, कितनी जाट स्कूल व कॉलेज बनाए, उन्होंने कभी “जाट” शब्द हटाने की वकालत क्यूँ नहीं करी, हमेशा चौधरी सर छोटूराम जी ने स्वयं जाट कॉलेज रोहतक (हरियाणा) जाट कॉलेज बडौत (उत्तर प्रदेश) जाट कॉलेज मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) जाट कॉलेज संगरिया, हनुमानगढ़ (राजस्थान) जाट हॉस्टल आगरा (उत्तर प्रदेश) जाट धर्मशाला पुष्कर (राजस्थान) कितने संस्थाएं स्वयं चौधरी छोटूराम जी ने बनवाई या सहयोग किया यह सब सोचना पड़ेगा आप लोगों को।
इसलिए #“जाट” शब्द एक नाम ही नहीं है जाट शब्द इज़्ज़त सम्मान और स्वाभिमान के साथ जुड़ा है और इससे भी आगे बढ़कर अपने वजूद, अपनी पहचान व DNA के साथ जुड़ा हैं। अगर इस #“जाट” शब्द के लिए और अपनी ेटियों की #इज़्ज़त के लिए जान भी क़ुर्बान करनी पढ़े तो हँसते-हँसते अपनी क़ुर्बानी कर दूँगा मेरा पूर्वज भगतसिहं है।
जितने भी लोग मेरे खिलाफ बोल रहे हैं, उनको दिक़्क़त रामावतार पलसानिया से इसलिए है की गाँव-देहात, ग़रीबी से निकला, पढ़ा-लिखा, जर्नलिज़्म से पीएचडी, जर्नलिज़्म से मास्टर, एलएलबी, पॉलिटिक्स साइंस से मास्टर, योग साइंस से मास्टर, NCC से ‘C’ सर्टिफिकेट हासिल कर पिछले 16 सालों में पुरी दुनिया में इतना बड़ा काम जाट समाज के लिए कर दिया 36 कौम को जोड़ने की बात करता है, दिल्ली, जयपुर, चंडीगढ़, लखनऊ सहित पुरी दुनिया में रामावतार पलसानिया के काम की सराहना तारीफ़ और चर्चा होती हैं। बड़े बड़े मंचों पर पलसानिया को बुलाया जा रहा है, कई ये इन ठेकेदारों से आगे ना निकल जाए, कई ये गरीब जाट का बेटा बड़ा आदमी ना बन जाए, गरीब किसान का बेटा हमारे बराबर क्यूँ बैठने लग गया। पुरी दुनिया का जाट रामावतार पलसानिया को इज़्ज़त सम्मान लाड़ प्यार क्यूँ दे रहा है, तकलीफ़ सिर्फ़ इस बात की है साथियों अब आप लोगों को तय करना है कि रामावतार पलसानिया ने क्या गुनाह किया है क़ौम की इस लड़ाई को लड़कर।
रामावतार पलसानिया अगर घर बेठ गया तो समझ लेना सदियों में कोई भी जाट का बेटा, फिर जाट कौम के वजूद की इस लड़ाई में, DNA को बचाने की इस लड़ाई की आवाज कोई नहीं उठाएगा। अगर मेरे काम से दिक़्क़त है, मेरे से व्यक्तिगत दिक़्क़त है, तो फिर कभी भी लड़ लेना मेरे से, मेरी फिर कभी भी टांग खींच लेना, लेकिन इस वजूद की लड़ाई में मेरा साथ दे दो, भविष्य में कभी आप लोगों को ज़रूरत पड़े तो मैं मेरी क़ुर्बानी आप लोगों के लिए देने को हमेशा तैयार रहूँगा। इस से ज़्यादा ना कुछ बोल सकता ना लिख सकता।
विनम्र गुज़ारिश है - पिछले एक हफ़्ते से मेरे साथ क्या-क्या किया जा रहा है, आप सब लोगों को सब पता हैं, मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है, परेशान किया जा रहा है, मेरा चीर हरण किया जा रहा है, अब मेरी इज़्ज़त मेरा वजूद आपके हाथों में है। इन जाट समाज के ठेकेदारों व मगरमच्छों को समझ लो वरना ये जाट क़ौम की इज़्ज़त को भरे चौराहे पर बेचने के लिए तैयार हैं और ख़रीददार बुला रहे हैं, खुलेआम, खुले मंचों से। आप तय कर लो अब क्या करना है, इन ठेकेदारों व मगरमच्छों का 🙏
पगड़ी सँभाल जट्टा। इंकलाब ज़िंदाबाद।
रामावतार पलसानिया
(आपका बेटा, आपका भाई, जाट क़ौम का सेवक)
06/04/2026
राष्ट्रीय ताऊ, पूर्व उप प्रधानमंत्री, किसान मसीहा चौधरी देवीलाल जी को पुण्यतिथि पर सादर नमन।
05/04/2026
मैं जाट हूँ। यह एक लेख नहीं जाट समुदाय की आत्मा का स्वरूप हैं जिसमें आदि काल से वर्तमान और भविष्य की चुनौतियाँ साथ ही हम क्या हैं क्यूँ हैं क्या होगा। जरूर पढ़ें समाज कहाँ खड़ा है।