16/06/2025
जनपद जालौन, 16 जून 2025 सूची विभाग प्रकाशनार्थ।
किसानों और मत्स्य पालकों को योजनाओं से जोड़ें – डीएम
भूमि संरक्षण, पशुपालन, मत्स्यपालन समेत कई विभागों की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में भूमि संरक्षण, सहकारिता, उद्यान, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं दुग्ध विकास विभागों की समीक्षा बैठक संबंधित कर विभागीय अधिकारियों को शासन की योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हेतु सक्रियता बरतने के निर्देश दिए।
भूमि संरक्षण विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि खेत-तालाब योजना, एनएमएसए तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना जैसी योजनाओं का लाभ अधिकाधिक किसानों को मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पिछले वर्ष किए गए कार्यों के सत्यापन हेतु जांच समिति गठित की गई है, जो निर्धारित समय पर सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
मत्स्यपालन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में कई योजनाएं जैसे मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, निषाद राज बोर्ड सब्सिडी योजना, प्रधानमंत्री मत्स्य संविदा योजना, एवं एरिऐटर स्थापना योजना मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम समाज के तालाबों का चिन्हांकन कर राजस्व विभाग के माध्यम से मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही मत्स्य पालक कल्याण कोष को जन-जागरूकता के साथ संचालित किया जाए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद की सभी गौशालाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि गोवंशों को हरा चारा, पानी एवं अन्य जरूरी सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध हों। इसके साथ ही कृत्रिम गर्भाधान, बधिया-करण एवं टीकाकरण जैसे कार्यों की गहन समीक्षा कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम स्तर पर दुग्ध उत्पादन एवं विपणन को बढ़ावा देने के लिए दुग्ध समितियों की संख्या में वृद्धि की जाए, जिससे ग्रामीणों को अधिक लाभ मिल सके।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार अवस्थी, उप कृषि निदेशक एस.के. उत्तम, सहायक मत्स्य निदेशक डॉ. मुनीष कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी गौरव यादव, मधुवेश पाठक, अभिषेक चन्द्रा, पशुपालन एवं दुग्ध विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
16/06/2025
जनपद जालौन, 16 जून 2025 सूचना विभाग प्रकाशनार्थ।
किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान — मुख्यमंत्री ने दी 561.86 करोड़ की सौगात, जालौन के 50 परिवारों को मिला सहारा
"किसान का दुःख प्रदेश का दुःख है" इसी संकल्प को साकार करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 11,690 कृषक आश्रित परिवारों को 561.86 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके खातों में प्रेषित की। जनपद अंबेडकर नगर से आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जनपद जालौन सहित पूरे प्रदेश में किया गया। जालौन के विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार, पूर्व मंत्री भानु प्रताप सिंह, जल शक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद चौहान तथा विधान परिषद सदस्य के प्रतिनिधि मयंक त्रिपाठी ने भाग लिया और मुख्यमंत्री के उद्बोधन को सुना।
इस अवसर पर जालौन जनपद के 50 लाभार्थी कृषक परिवारों को ₹2 करोड़ 11 लाख रुपए की डेमो चेक वितरित की गई। वास्तविक सहायता राशि DBT माध्यम से सीधे पात्रों के बैंक खातों में भेजी गई। यह योजना उन किसानों और उनके परिवारों के लिए आशा की किरण है, जिन्होंने अकाल दुर्घटनाओं में अपनों को खोया है। जनपद की सभी तहसीलों में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें संबंधित उपजिलाधिकारी, तहसीलदार व सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे। प्रत्येक स्थान पर लाभार्थियों को योजना के बारे में जानकारी दी गई और शासन की संवेदनशीलता का एहसास कराया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा, “यह योजना न केवल आर्थिक सहारा है, बल्कि प्रदेश सरकार का उन किसानों के प्रति कर्तव्यबोध है, जिनका जीवन खेतों से जुड़ा है।”
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कुमुदेन्द्र कलाकर सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संजय कुमार, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी नेहा ब्याडवाल भारतीय जनता पार्टी की जिला अध्यक्ष उर्विजा दीक्षित आदि सहित संबंधित अधिकारी व प्रतिनिधि व लाभार्थी मौजूद रहे।
16/06/2025
प्रेस विज्ञप्ति
उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा क्रान्ति की ओर अग्रसर
उरई दिनांक 16 जून 2025(सू0वि0)।
आज विश्व के हर क्षेत्र में विकास करने के लिये विद्युत जरूरी है। बिना विद्युत के कोई भी यन्त्र, उपकरण, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण यातायात वाहन, घरेलू प्रकाश आदि नही चल पाते है। विद्युत उत्पादन, विद्युत शक्ति, जल से. कोयले आदि की उष्मा से, नाभिकीय अभिक्रियाओं से, पवन शक्ति से. पेट्रोलियम/प्राकृतिक गैस आदि से होती है। किन्तु यह संसाधन धीरे-धीरे खत्म हो रहे है। इसलिये मानव को विद्युत आवश्यकताओं के लिये सौर ऊर्जा व अन्य विद्युत उत्पादन संसाधनों पर निर्भर होना पड़ेगा। विश्व भौगोलिक क्षेत्र में सूर्य ऊर्जा का सबसे बड़ा श्रोत है। सूर्य की ऊर्जा के कारण ही मौसम एवं जलवायु का श्परिवर्तन होता है। धरती पर सभी प्रकार के जीवन, जीव-जन्तु, पेड-पौधे आदि को सूर्य की ऊर्जा का ही सहारा है। इसी सूर्य की ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलने को ही मुख्य रूप से सौर ऊर्जा कहा जाता है। सौर ऊर्जा वास्तव में अक्षय ऊर्जा श्रोत है जिसका उपयोग छोटे स्तर से लेकर बडे स्तर तक किया जा सकता है। सूर्य की उष्मा से प्राप्त सौर ऊर्जा उत्पादन में कोई प्रदूषण नहीं होता है। इससे संचालित उपकरणों का जीवन लम्बा होता है और रख-रखाव की कम आवश्यकता होती है। सौर ऊर्जा आधुनिक जीवन में महत्वपूर्ण होता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्त्व में उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हो रहे है। सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश में सर्वाेच्च प्रदर्शन करने वाले राज्यों की श्रेणी में हो गया है। प्रदेश में 3840 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता के 09 सोलर पार्कों की स्थापना की जा रही, इसमें से 528 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है। सौर ऊर्जा की प्राकृतिक संभावना वाले सर्वश्रेष्ठ चार राज्यों राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश के पश्चात उत्तर प्रदेश देश में पांचवें स्थान पर है, जहां पर सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में बृहद स्तर पर कार्य किया जा रहा, प्रदेश के बुंदेलखंड और अन्य क्षेत्रों में सोलर पार्कों की स्थापना की जा रही है। प्रदेश में सौर ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से सोलर पार्कों की स्थापना के लिए बड़े पैमाने पर निवेश प्राप्त हुआ है। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने बड़े ठोस कदम बढ़ाए हैं। इनमें सोलर पार्क के अतिरिक्त घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर लगाना, सोलर नगरों की स्थापना, कृषि फार्म को सौर ऊर्जा से बिजली देना, पंप स्टोरेज एवं जैव ऊर्जा का उत्पादन शामिल हैं। बायोमास ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत प्रदेश में 25 लाख घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहें है। इससे लोगों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी। प्रदेश में सौर ऊर्जा से 22 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य है। इसमें 6 हजार मेगावाट निजी व सरकारी भवनों में सोलर रूफटॉप संयंत्रों की स्थापना करके की जा रही है। तथा 14 हज़ार मेगावाट क्षमता की सौर उपयोगिता परियोजनाएं व सोलर पार्क स्थापित किये जायेंगे। राज्य में 3871.17 मेगावाट ग्रिड से जुड़ी नवीकरणीय क्षमता स्थापित की गई है। साथ ही कैप्टिव उपयोग, तीसरे पक्ष की बिक्री और डिस्कॉम, यूपीपीसीएल को बिजली की खुली बिक्री के तहत 2594 मेगावाट की ग्राउंड माउंटेड परियोजना स्थापित की गई। प्रदेश के 1.21 लाख घरों में 450 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। प्रदेश में पीएम कुसुम योजना के तहत 16.17 मेगावाट ग्रिड ट्यूबवेल को सौर ऊर्जा से संचालित किया गया है। 2000 से अधिक पम्पों का सोलराइजेशन किया गया है। किसानों के निजी ऑनग्रिड पम्प का सोलराइजेशन के साथ पृथक कृषि विद्युत फीडरो का भी सोलराइजेशन कराया जायेगा। प्रदेश के 61 जिलों के गांवों में 886 मेगावाट के पेयजल पंपिंग स्टेशन सौर ऊर्जा से संचालित किए गए। पिछले एक वर्ष में 528 मेगावाट ग्राउंड माउंटेड यूटिलिटी स्केल चालू किया गया है। 6800 मेगावाट यूटिलिटी स्केल परियोजनाओं को स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। 2653 मेगावाट से अधिक क्षमता की परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो गया है।
13/06/2025
जनपद जालौन, 13 जून 2025 सूचना विभाग प्रकाशनार्थ।
"राजस्व वसूली में लाएं गति, बनाएं ठोस कार्य योजना – जिलाधिकारी"
"लक्ष्य के अनुरूप करें सत-प्रतिशत वसूली, लापरवाही पर होगी कार्रवाई"
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को राजस्व वसूली, अतिक्रमण हटाने एवं प्रवर्तन कार्यों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने भू-राजस्व, परिवहन, स्टांप, वन, आबकारी, खनिज, नगर निकाय, वाणिज्य कर, मंडी तथा विद्युत विभाग की राजस्व वसूली की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।वाणिज्य कर व स्टांप विभाग की वसूली प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष कम पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने निर्देशित किया कि जीएसटी विभाग द्वारा जारी की गई आरसी का मिलान तत्काल किया जाए तथा स्टांप आरसी की वसूली में ठोस प्रगति सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे राजस्व वसूली में व्यक्तिगत रुचि लें और प्रगति में वृद्धि करें, अन्यथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्टांप चोरी व कर अपवंचन पर प्रभावी कार्यवाही हेतु विभागीय सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए। खनन एवं परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया कि वे प्रवर्तन कार्यों में सक्रियता बढ़ाएं और अवैध परिवहन, बिना रॉयल्टी व नंबर प्लेट के वाहन तथा ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध सघन अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करें। उप जिलाधिकारियों व तहसीलदारों को 3 और 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों के प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। सरकारी भूमि, तालाब, चारागाह व अन्य संपत्तियों पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध तत्काल सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। अंश निर्धारण में त्रुटियों के संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि संबंधित अधिकारी विशेष अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का निष्पक्ष और शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें।जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के समग्र विकास एवं शासन की प्राथमिकताओं को प्राप्त करने के लिए पारदर्शिता, सक्रियता व उत्तरदायित्व की भावना से कार्य करना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक योगेंद्र सिंह, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ उप जिलाधिकारी नेहा ब्याडवाल, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
13/06/2025
प्रेस विज्ञप्ति
विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर पुरस्कार हेतु आवेदन
उरई दिनांक 13 जून 2025(सू0वि0)।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि 03 दिसम्बर ‘‘विश्व दिव्यांग दिवस’’ के अवसर पर दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों/संस्थाओं को विभिन्न श्रेणी के अन्तर्गत राज्य स्तरीय पुरस्कार दिये जाते हैं। जिसके निमित्त विभाग द्वारा राज्य स्तरीय पुरस्कार नियमावली-2017 प्रख्यापित की गयी है। नियमावली में राज्य पुरस्कारों हेतु 12 विभिन्न श्रेणियों की व्यवस्था की गयी है- दक्ष दिव्यांग कर्मचारी/स्वनियोजित दिव्यांगजन, दिव्यांगजन हेतु सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता तथा सर्वश्रेष्ठ प्लेसमेंट अधिकारी या एजेंसी के लिए सेवायोजकों को, दिव्यांगजन के निमित्त कार्यरत सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति तथा सर्वश्रेष्ठ संस्था के लिए, प्रेरणास्रोत हेतु, दिव्यांगजन के जीवन सुधारने के निमित्त सर्वश्रेष्ठ नवीन अनुसंधान या उत्पाद विकास हेतु, दिव्यांगजन हेतु बाधामुक्त वातावरण के सृजन हेतु सर्वश्रेष्ठ कार्य हेतु, दिव्यांगजन को पुनर्वास सेवाएं प्रदान करने वाले सर्वश्रेष्ठ जिला के लिए, सर्वश्रेष्ठ सृजनसशील दिव्यांग वयस्क व्यक्तियों एवं सर्वश्रेष्ठ बालक/बालिका हेतु, सर्वश्रेष्ठ ब्रेलप्रेस के लिए, दिव्यांगजन के लिए सर्वोत्तम अनुकूल वेबसाइट हेतु, सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग खिलाड़ियों हेतु एवं दिव्यांगजन के सशक्तीकरण हेतु कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी को राज्य स्तरीय पुरस्कार दिया जायेगा।
उन्होने बताया कि निर्धारित श्रेणियों के पुरस्कार से सम्बन्धित आवेदन-पत्र के प्रारूप को आवेदक कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, कलेक्ट्रेट परिसर, जिला पंचायत राज अधिकारी भवन, उरई से किसी भी कार्यदिवस में प्राप्त करते हुए आवश्यक संलग्नकों सहित दिनांक 25.06.2025 तक 02 प्रतियों में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
13/06/2025
जनपद जालौन, 13 जून 2025 सूचना विभाग प्रकाशनार्थ।
एआरटीओ कार्यालय पर डीएम-एसपी का औचक निरीक्षण, दो संदिग्ध गिरफ्तार — दलालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। कार्यालय के बाहर स्थित कैफे सेंटर का शटर बंद कर कुछ लोग भाग निकले। मौके पर मौजूद नगर मजिस्ट्रेट और एसएचओ ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है। जिलाधिकारी ने प्रवर्तन शाखा, कैश काउंटर, वाहन पंजीयन काउंटर, कॉमर्शियल सेक्शन और ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया की कार्यप्रणाली का गहन अवलोकन किया। उन्होंने सभी पटलों पर लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यालय में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए और बार-बार आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों व दलालों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाए।उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि स्वयं कार्यालय आकर कार्य संपादित करें और किसी भी दलाल के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति कार्य के नाम पर पैसे की मांग करता है या दलाली की पेशकश करता है, तो उसकी शिकायत कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम नंबर 05162-257090 पर दर्ज कराएं। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, संभागीय परिवहन अधिकारी सुरेश कुमार, एसएचओ अरुण राय आदि मौजूद रहे।
13/06/2025
प्रेस विज्ञप्ति
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से प्रदेश के 19.94 लाख से अधिक स्ट्रीट वेण्डर हुए लाभान्वित
उरई दिनांक 13 जून 2025(सू0वि0)।
प्रदेश में कोविड-19 के दौरान छोटे-बड़े शहरों में रेहड़ी वाले, पटरी व सड़क किनारे दुकान, कोई धन्धा, कारोबार करके रोज कमाने रोज खाने वाले काफी दुकानदार एवं वेण्डर्स अपनी रोजी-रोटी चलाते थे, वह लॉकडाउन के दौरान बन्द हो गया था। ये शहरी पथ विक्रेता ऐसे होते थे जो प्रतिदिन वस्तुएं खरीदते और उसे प्रतिदिन बेचते थे। ये पथ विक्रेता प्रतिदिन जो कमाते थे उससे उनके परिवार का पालन पोषण होता था। ऐसे शहरी पथ विक्रेताओं की संख्या प्रदेश में लाखों है। जो लोग दैनिक आजीविका के कारोबार करते थे, धनाभाव के कारण बन्द हो गया। कारोबार बन्द होने से शहरी पथ विक्रेताओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। शहरी पथ विक्रेताओं की इन्हीं समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए भारत के मा० प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 01 जून, 2020 से ष्प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेन्डर्स आत्मनिर्भर निधि (पी0एम0 स्वनिधि) योजनाष् का शुभारम्भ किया है, जिसके अन्तर्गत शहरी पथ विक्रेताओं को पुनः अपना कार्य शुरू कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा आर्थिक पैकेज के रूप में आसान किश्तों पर ऋण की सुविधा देकर कार्यशील पूँजी बनाने में उनकी सहायता की जा रही है। प्रदेश सरकार बेरोजगार हुए हर वर्ग के लोगों की सहायता कर रही है। प्रदेश सरकार खेतिहर, मजदूर, किसान, कारीगर, कुशल/अर्द्धकुशल श्रमिक, उद्योग-धंधों के लोगों, उद्यमी व्यवसायी सभी को आवश्यक सहायता कर रही है। जिससे उनका विकास हो और प्रदेश समृद्ध बने। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में शहरी रेहड़ी पटरी वालों व छोटी-मोटी दुकान वालों को अपना कारोबार फिर से खड़ा करने के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से प्रदेश सरकार पथ विक्रेताओं को लाभान्वित करा रही है। जो लोग पहले से वेंडिंग कर रहे है, वे वेंडर्स इस योजना से लाभ उठा रहे है। इस योजना के अन्तर्गत लाभ लेने के लिए सर्वेक्षण कराते हुए उनका पंजीयन किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के समस्त नगर निगमों, नगर निकायों से चिहिन्त पंजीकृत शहरी पथ विक्रेताओं का डाटा विवरण योजना के पोर्टल पर उपलब्ध कराये गये है। प्रधानमंत्री स्वनिधि-योजनान्तर्गत शहरी पथ विक्रेता को रू010 हजार का अनुदान आधारित प्रथम ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रथम ऋण की वापसी के उपरान्त द्वितीय ऋण रू0 20 हजार एवं द्वितीय ऋण की वापसी के उपरान्त तृतीय ऋण रु० 50 हजार बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा 19.94 लाख से अधिक पटरी पथ विक्रेताओं को ऋण वितरित करते हुये पूरे देश में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। प्रदेश के लाखांे पथ विक्रेताओं एवं उनके परिवार के सदस्यों को 8 अन्य केन्द्रीय योजनाओं से लाभान्वित कराया जा चुका है। प्रदेश में अब तक 9,45,379 पथ विक्रेताओं को डिजिटली एक्टिव कराया गया है। प्रथम 10 मिलियन प्लस शहरो में सर्वाधिक ऋण वितरण में प्रदेश के 6 शहर-लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद व आगरा सम्मिलित हैं। भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश को उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु वर्ष 2023-24 में ष्प्रेज अवार्डष् से पुरस्कृत किया गया है। प्रदेश सरकार आवेदन फार्म तथा संबंधित बैंक के बन्धक पत्र में भी आवश्यक सहयोग कर रही है, जिससे वेण्डर्स दैनिक कमाई करते हुए अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकें। प्रदेश के शहरी पथ विक्रेता इस योजना का लाभ उठाते हुए अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार करते हुए आत्मनिर्भर हो रहे हैं।
12/06/2025
प्रेस विज्ञप्ति
उरई दिनांक 12 जून 2025(सू0वि0)।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित दिव्यांगजन शादी विवाह पुरस्कार योजना का लाभ लेने हेतु ऐसे दिव्यांगजन जिनका विवाह गत वित्तीय वर्ष 2024-25 (01 अप्रैल 2024 के बाद) एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में सम्पन्न हुआ हो वे दिव्यांग व्यक्ति उक्त योजनान्तर्गत अपना आवेदन कर सकते है। ऐसे दम्पत्ति जिनमें केवल वर (पति) दिव्यांग हो को रू0 15000 की प्रोत्साहन राशि तथा ऐसे दिव्यांग दम्पत्ति जिनमें केवल वधू (पत्नी) दिव्यांग हो को रू0 20000 एवं ऐसे दम्पत्ति जिनमें पति पत्नी दोनों दिव्यांग हो को रू0 35000 की एकमुश्त पुरस्कार की राशि दोनों के संयुक्त खातो में भेजी जाती है। ऐसे दिव्यांगजन जो उक्त योजना का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें निम्न प्रपत्रों के साथ दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के वेवपोर्टल http//divyangjan.upsdc.gov.in पर आनलाइन आवेदन कराने के उपरान्त 03 दिवस के अन्दर आवेदन पत्र की हार्डकापी समस्त संलग्न प्रपत्रों के साथ कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, कलेक्ट्रेट कैम्पस उरई में जमा कराया जाना अनिवार्य है। विस्तृत जानकारी हेतु कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, कलेक्ट्रेट कैम्पस, डी0पी0आर0ओ0 बिल्डिंग में किसी भी कार्यदिवस में संपर्क कर सकते हैं। उन्होने पात्रता के संबंध में बताया कि संयुक्त नवीनतम फोटो, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हो) अथवा शादी का कार्ड, आय प्रमाण पत्र- दम्पत्ति में कोई आयकरदाता न हो, मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जारी किया गया दिव्यांगता प्रमाण पत्र (40 प्रतिशत या उससे अधिक का होना अनिवार्य है, राष्ट्रीयकृत बैंक में संचालित संयुक्त खाते की पासबुक, निवास प्रमाण पत्र, युवक एवं युवती का आयु प्रमाण पत्र (शादी के समय युवक की आयु 21 वर्ष से कम तथा 45 वर्ष से अधिक न हो। युवती की आयु 18 वर्ष से कम तथा 45 वर्ष से अधिक न हो)ए युवक एवं युवती के आधार कार्ड की छायाप्रति।
12/06/2025
जालौन, 12 जून 2025 सूचना विभाग प्रकाशनार्थ।
मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने यूपी बोर्ड टॉपर्स को किया सम्मानित, जनपद जालौन के मेधावियों ने बढ़ाया गौरव
विकास भवन सभागार में हुआ सजीव प्रसारण, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दी शुभकामनाएं
मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज राजधानी लखनऊ स्थित लोक भवन के सभागार में यूपी बोर्ड हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के टॉप विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर का सजीव प्रसारण जनपद जालौन के विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से मा0 सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, कालपी विधायक प्रतिनिधि आशुतोष चतुर्वेदी, अशोक राठौर, विभिन्न विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं ने देखा व सुना मनी मुख्यमंत्री जी के उद्देश्य उद्बोधन से प्रेरणा मिली।
मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा हाई स्कूल परीक्षा में यूपी मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले जालौन जनपद के होनहार छात्र यश प्रताप सिंह भदौरिया (प्रथम स्थान), सिमरन गुप्ता (तृतीय स्थान), शिवानी देवी (छठवां स्थान) तथा रिया (दसवां स्थान) को एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि, टैबलेट, प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। ये सभी छात्र-छात्राएं स्व. श्रीमती रसकेंद्री देवी इंटर कॉलेज, उमरी से हैं।
इसके साथ ही जालौन जनपद स्तर पर हाई स्कूल परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में शेखर आजाद (पांचवां), साक्षी तिवारी (छठवां), दीक्षा प्रजापति (सातवां), पुनीत यादव (आठवां), हर्षित राज (नवां), आस्था तिवारी और हितांशी (संयुक्त रूप से दसवें स्थान) को भी सदर विधायक एवं जिलाधिकारी द्वारा 21-21 हजार रुपये की चेक, टैबलेट, प्रशस्ति पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार इंटरमीडिएट परीक्षा में जनपद जालौन के टॉपर्स में कल्पना तिवारी (प्रथम), स्वीटी गौतम (द्वितीय), प्रियांशी कुमारी (तृतीय), नेहा (चतुर्थ), रीशु सिंह (पांचवां), अनुज कुमार (छठवां), गायत्री (सातवां), शावे आसरा (आठवां), तान्या कुमारी (नवां) और चेतन (दसवां स्थान) शामिल हैं। इन सभी विद्यार्थियों को भी 21 हजार रुपये की चेक राशि, टैबलेट, प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान किए गए।
सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा एवं जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सभी मेधावी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उनके माता-पिता एवं शिक्षकों को भी बधाई दी। सदर विधायक ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है और यह अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनेगी।
इस अवसर पर उपायुक्त स्वतः रोजगार महेंद्र चौबे, जिला विकास अधिकारी निशान्त पाण्डेय, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित, आदि सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
12/06/2025
जनपद जालौन, 12 जून 2025 सूचना विभाग प्रकाशनार्थ।
रात में डीएम ने विद्युत विभाग व जिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं–डीएम
उत्तर प्रदेश सरकार की जनहितकारी नीतियों के अनुरूप जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कल देर रात विद्युत विभाग कार्यालय व जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जनता से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सबसे पहले जिलाधिकारी विद्युत विभाग के कंट्रोल रूम पहुंचे, जहां उन्होंने उपस्थित कर्मचारियों से शिकायत निस्तारण प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों का विधिवत रजिस्टर में अंकन किया जाए तथा शिकायतकर्ताओं को समाधान के उपरांत फोन कर अवगत कराया जाए। अधिशासी अभियंता को कंट्रोल रूम में दो-दो कर्मचारियों की नियमित ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए, जिससे शिकायत निस्तारण प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
इसके पश्चात जिलाधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने इमरजेंसी वार्ड सहित विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया। भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में चार अतिरिक्त एसी स्वीकृत किए, और वार्डों में दो-दो एसी स्वीकृत किए और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि 48 घंटे के भीतर इन्हें लगवाया जाए। निरीक्षण के दौरान कूलर की साफ सफाई न होने से ठंडी हवा न होने पर, तीन एसी खराब पाए गए, जिनकी तत्काल मरम्मत के निर्देश सीएमएस को दिए गए।
इमरजेंसी कक्ष में तैनात डॉक्टर अमरीश द्वारा मरीज का परीक्षण करते समय जिलाधिकारी ने रजिस्टर देखा और स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीज को देखने का समय अवश्य अंकित किया जाए तथा समुचित रजिस्टर मेंटेन किया जाए। जिलाधिकारी ने वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधा संवाद भी किया। उन्होंने दवा व भोजन की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली, जिस पर तीमारदारों ने बताया कि दवाएं अस्पताल परिसर से ही उपलब्ध कराई जा रही हैं और भोजन समय पर मिल रहा है। हालांकि, सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाई गई। सफाई कर्मचारी फिनायल का प्रयोग नहीं कर रहे थे, जिस पर जिलाधिकारी ने सीएमएस को निर्देश दिया कि सफाई के दौरान फिनायल का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए। निरीक्षण के दौरान एक वाटर कूलर से ठंडा पानी नहीं निकल रहा था। इस पर सीएमएस ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण समस्या आई है, जिसे शीघ्र ठीक कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल के सभी वाटर कूलर दुरुस्त रखें जाएं और मरीजों एवं तीमारदारों को ठंडा पानी उपलब्ध हो। इसमें किसी भी प्रकार की उदासीनता स्वीकार्य नहीं होगी।
इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नरेंद्र देव शर्मा, सीएमएस आनंद उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
12/06/2025
प्रेस विज्ञप्ति
प्रदेश सरकार मातृ एवं शिशु कल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं तथा नवजात शिशुओं को दे रही है स्वास्थ्य सुरक्षा
उरई दिनांक 12 जून 2025(सू0वि0)।
भारत सरकार के मा० प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश की गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए स्थानीय स्तर पर पूरी स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करने की व्यवस्था की है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश में सबको स्वास्थ्य सेवा सम्बन्धी पूरी सुविधा दी है। आम जनता को सभी रोगों के इलाज की सुविधा दी जा रही है। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना एवं मुख्यमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश के गरीब परिवारों के सदस्यों को रू० 5 लाख तक की मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। प्रदेश सरकार गांवों तथा शहरों की गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं की देख-रेख एवं स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रही है।
जननी सुरक्षा योजना राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत प्रदेश के समस्त जनपदों में संचालित की जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत राज्य स्तरीय राजकीय चिकित्सालय के जनरल वार्ड में संस्थागत प्रसव कराने वाली महिलाओं को ग्रामीण क्षेत्र में रू० 1400.00 व शहरी क्षेत्र में रू० 1000.00 एवं बी०पी०एल० श्रेणी के घरेलू प्रसव हेतु रू० 500.00 सहायता राशि के रूप में दिये जाते हैं। आशा कार्यकर्ती पंजीकरण से लेकर प्रसव पूर्व, प्रसव कालीन व प्रसवोत्तर सभी सेवायें उपलब्ध करवाती है। आशा को इस कार्य हेतु ग्रामीण क्षेत्र में कुल रू0 600.00 एवं शहरी क्षेत्र में कुल रू० 400.00 दिये जाते हैं। वर्तमान सरकार के 08 वर्ष के कार्यकाल में लगभग दो करोड़ महिलाओं को लाभान्वित किया गया है।
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम प्रदेश के समस्त जनपदों में लागू है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रसव हेतु आने वाली गर्भवती महिलाओ को ळनंतंदजममक ब्ंेीसमेे क्मसपअमतल सेवा प्रदान करना है इस योजना के अन्तर्गत सभी गर्भवती महिलाओं एवं प्रसूताओं को समस्त औषधियां एवं जॉच-ब्लड, यूरिन, अल्ट्रासोनोग्राफी आदि स्वास्थ्य सेवायें निःशुल्क प्रदान की जा रही है। साथ ही सभी गर्भवती महिलाओं एवं प्रसूताओं (सामान्य एवं सिजेरियन प्रसव) को चिकित्सालय में भर्ती रहने के दौरान निःशुल्क भोजन प्रदान किया जा रहा है। निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराने हेतु प्रति लाभार्थी रु० 150 प्रति दिन की अधिकतम दर तक धनराशि व्यय की जा सकती है, जिसमें सुबह का नाश्ता एवं दो समय का भोजन सम्मिलित होता है। गर्भवती महिला को प्रसव पूर्व घर से चिकित्सा इकाई तक एवं प्रसवोपरान्त चिकित्सा इकाई से घर तक निःशुल्क एम्बुलेन्स 102 के माध्यम से पहुँचाया जा रहा है।
प्रसवों के उपरान्त मां की 42 दिन तक और बच्चे की एक वर्ष तक पूरी देखभाल / टीकाकरण/बीमार होने पर निःशुल्क चिकित्सा व्यवस्था, घर से चिकित्सा इकाई तक एवं चिकित्सा इकाई से घर तक एवं चिकित्सा इकाई से अन्य चिकित्सा इकाई तक पहुंचाने की निःशुल्क सुविधा एम्बुलेंस 102 के माध्यम से दी जा रही है। इस योजनान्तर्गत प्रदेश में करोड़ों महिलाओं को भोजन, गर्भवती महिलाओं की जाँच एवं उनका उपचार किया गया है।
मातृ मृत्यु समीक्षा कार्यक्रम के अन्तर्गत एस०आर०एस० सर्वे के अनुसार 2011-13 की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश का मातृ मृत्यु अनुपात 285 प्रति 1 लाख जीवित जन्म था। वर्ष 2017-19 की एस०आर०एस० सर्वे के अनुसार उत्तर प्रदेश का मातृ मृत्यु अनुपात घटकर 167 प्रति 1 लाख जीवित जन्म हो गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत प्रदेश में वर्ष 2020 तक इसे 170 प्रति 1 लाख जीवित जन्म तक लाने का लक्ष्य रखा गया था, जो प्रदेश में अच्छी एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराते हुए एक वर्ष पूर्व ही अर्जित कर लिया गया। समस्त जनपदों में मातृ मृत्यु को कम करने के लिए पी0पी0एच0 प्रबन्ध प्रशिक्षण कराया गया। सतत् विकास लक्ष्य के अन्तर्गत वर्ष 2030 तक मातृ मृत्यु को 70 से कम किये जाने के लिए कार्य किये जा रहे है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अन्तर्गत प्रत्येक माह की 9 तारीख को ब्लॉक स्तरीय चिकित्सालयों में यह कार्यक्रम चलाया जाता है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (च्डैड।) का मुख्य उद्देश्य निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं को सभी गर्भवती महिलाओं तक पहुंचाना और उन्हें सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करना है, जिसमें द्वितीय व तृतीय त्रैमास की गर्भावस्था वाली महिलाओं को न्यूनतम एक जाँच चिकित्सक द्वारा प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अन्तर्गत समस्त जनपदों के 100 से अधिक प्रसव भारवाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर पी०पी०पी० मोड पर गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउण्ड की सुविधा माह सितम्बर, 2017 से प्रारम्भ की गई है, जिसके अन्तर्गत लाखांे महिलाओं की अल्ट्रासाण्उड की गई। प्रदेश सरकार गर्भवती महिलाओं को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवायें प्रदान कर रही है।
12/06/2025
स विज्ञप्ति
उरई दिनांक 12 जून 2025(सू०वि०)।
उप जिलाधिकारी कालपी ने बताया कि ग्राम पंचायत मसगांया में कार्यरत उचित दर विक्रेता द्वारा वितरण में बरती गयी अनिमित्ताओं के दृष्टिगत उनका अनुबन्ध पत्र निरस्त कर दिये जाने के कारण उचित दर दुकान से रिक्त हुई ग्राम पंचायत मसगायां में उचित दर दुकान हेतु ग्राम सभा की खुली बैठकों में आम सहमति न बन पाने के कारण शासनादेश दिनाँक 05 अगस्त 2019 के प्रस्तर-6 में निहित व्यवस्था के अनुसार उक्त ग्राम पंचायत हेतु निर्धारित आरक्षण अनारक्षित वर्ग (महिला) के अन्तर्गत आवेदन-पत्र आमंत्रित किये जा रहे हैं। उचित दर विक्रेता हेतु अनिवार्य अर्हतायें एवं शर्ते निम्न प्रकार हैं- अभ्यर्थी के खाते में कम से कम रू० 40,000/ उपलब्ध हों, ताकि वह अपनी दुकान हेतु आवंटित एक माह की सामग्री का एक बार में उठान करने के लिये आर्थिक रूप से सक्षम हो। अभ्यर्थी द्वारा अपने आवेदन के साथ जिलाधिकारी द्वारा निर्गत चरित्र प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया जायेगा। अभ्यर्थी की शैक्षिक योग्यता कम से कम हाईस्कूल अथवा उसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण हो। अभ्यर्थी की आयु 21 वर्ष से अधिक हो और परिवार में किसी अन्य सदस्य के नाम कोई उचित दर दुकान आवंटित न हो। अभ्यर्थी स्थानीय निवासी हो। अभ्यर्थी द्वारा रूपये 1000/- की अर्नेस्ट मनी का बैंक ड्राफ्ट जिला पूर्ति अधिकारी, जालौन के पक्ष में जमा किया जायेगा। उचित दर दुकान की नियुक्ति की स्थिति में अभ्यर्थी को रूपये 10,000/- की प्रतिभूति जमा करनी होगी तथा रूपये 100/- का नान ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर लगाना होगा। अभ्यर्थी के विरूद्ध कोई भी आपराधिक मामले पंजीकृत न हो और न ही वह किसी आपराधिक मामले में दण्डित किया गया हो। अभ्यर्थी अथवा उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम पूर्व में आवंटित उचित दर दुकान अनियमितता के कारण निरस्त न हुई हो और उसके विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा-3/7 के अन्तर्गत अथवा आपराधिक दण्ड संहिता के अन्तर्गत कारित किसी जघन्य अपराध में विधिक कार्यवाही न हुई हो।
उपरोक्तानुसार अनिवार्य अर्हतायें धारित करने वाले उचित दर दुकान हेतु इच्छुक व्यक्ति अपना आवेदन वाँछित पूर्ण प्रपत्रों सहित दिनाँक 10-06-2025 से दिनांक 17-06-2025 की सायं 05:00 बजे तक आपूर्ति कार्यालय, कालपी में स्वयं उपस्थित होकर अथवा रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से अपना आवेदन प्रस्तुत करें। उक्त निर्धारित समयावधि के उपरान्त किसी आवेदन पर विचार किया जाना सम्भव नहीं होगा।