आज, 2 अक्टूबर को, हम उन अदम्य साहस वाले शहीदों और घायल हुए आंदोलनकारियों को नमन करते हैं जिन्होंने अपने जीवन की आहुति देकर उत्तराखंड की आज़ादी की राह आसान बनाई।
इस दिन 1994 में शांतिप्रिय आंदोलनकारियों पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने बर्बर कार्रवाई की और कई शहीद हुए।
उनके बलिदान और संघर्ष की याद हमें यह सिखाती है कि अधीनता और अन्याय के खिलाफ साहस और एकता कितनी अहम होती है।
🙏 शहीदों को कोटि-कोटि नमन।
उनकी वीर गाथा सदैव हमारे दिलों में ज्यों की त्यों बनी रहे। उनके सपनों के अनुरूप उत्तराखंड की प्रगति एवं न्याय की माँग हमारी प्रतिबद्धता हो।
जय उत्तराखंड।
Hamaru Garhwal - हमरू गढ़वाल
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09/12/2023
: उज्जवल भविष्य की बहुत-बहुत शुभकामनाएं, आप पर पूरे उत्तराखंड को गर्व है। 💐🎉
09/12/2023
: माल्टे का महीना (11 दिसम्बर-14 जनवरी)
विश्व पहाड़ दिवस 11 दिसम्बर गांधी पार्क,देहरादून, शाम 3 बजे उत्तराखण्ड के फल उत्पादकों के समर्थन में जन समर्थन मूल्य पर माल्टे रु 40/- नारंगी रु 60/-पर खरीदने के लिए सादर आमंत्रण।
सर्दियों के साथ पहाड़ में माल्टे,गलगल और नारंगी के पेड़ एक बार फिर लदने लगे है। यह फल अपने खट्टे मीठे स्वाद के साथ एक पूरी पीढ़ी के जेहन में मौजूद रहे है। इसलिए जहां विटामिन सी और अनेक तरह से त्वचा, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता के लिये फायदेमंद रहे इन फलों को अपने खट्टे मीठे स्वाद के साथ देश दुनिया के बाजार तक जाना था और एक बडी आय का जरिया बनना था।वहीं हुआ यह कि पहाड़ की नैसर्गिक वातावरण में पैदा हुए यह फल आज स्थानीय लोगों के आहार से भी लगभग गायब हो चले हैं।
इसलिए इसके उत्पादकों के लिए यह फल आज एक उम्मीद के बजाय चिंता और प्रश्न खड़े कर रहा है।
उत्तराखण्ड में हर वर्ष औसतन नब्बे हजार से एक लाख मीट्रिक नींबू प्रजाति ( माल्टे, नारंगी, गलगल) का उत्पादन होता है। सरकारी खरीद ₹7-10 प्रति किलो तय की जाती रही है जो लागत से कहीं कम होने के कारण अव्यवहारिक है और उसमे उत्पादकों की हिस्सेदारी न के बराबर है। वहीं बाजार तक जाने की उचित व्यवस्था के अभाव के चलते उसका अधिकांश हिस्सा खराब हो रहा है।
इसलिए पहाड़ी फलों और उनके उत्पादकों के समर्थन में धाद के फंची कार्यक्रम के अंतर्गत पहाड़ी फलों और उनके उत्पादकों के समर्थन में नागरिक पहल करते हुए हमने माल्टे का महीना मनाने का तय किया है। जिमसें हम पहाड़ी फल उत्पादन और उसके बाजार के सवालों पर एक माह विभिन्न सामाजिक गतिविधि करेंगे।
■ इस माह माल्टा ₹40 नारंगी ₹60 में लोग खरीद सकेंगे। जिसमें उसे देहरादून में घर तक पहुँचाने की व्यवस्था फंची द्वारा की जाएगी और अन्य स्थानों पर मांग के अनुसार भेजा जाएगा।
■ हम विश्व पहाड़ दिवस पर माल्टे और नारंगी के ज़न समर्थन मूल्य(खरीद+ढुलाई) पर बिक्री के साथ गांधी पार्क देहरादून में अपराह्न 3 बजे माल्टे के महीने का शुभारंभ करेंगे।
आप सब इस अभियान में हिस्सेदारी हेतु सादर आमंत्रित है।
साकेत रावत,संयोजक - 9837046489,
किशन सिंह,सचिव - 9412935561
मंजू काला, संयोजक, कल्यो - 9027407164,
अर्चना,कार्यक्रम संयोजक - 8865007034,
तन्मय, सचिव, धाद - 9219510932
सौजन्य से : धाद
05/12/2023
: मेधावी छात्र/छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति। कल (3 दिसंबर) के अमर उजाला हिंदी दैनिक के पृष्ठ 15 पर छपी है ये सूचना। ध्यान से इसे पढ़िए, समझिए और पात्र हों तो लाभ भी लीजिए। और संभव तो अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंचाएं।
23/11/2023
#उत्तराखंड के लोकपर्व ईगास बग्वाल ( #बूढ़ी_दिवाली) की हार्दिक शुभकामनाएं।
#दीपावली के 11वें दिन यानी एकादशी को ईगास पर्व मनाया जाता है। उत्तराखंड के इस लोकपर्व को ईगास बग्वाल, ईगास दिवाली और बूढ़ी दीपावली के नाम से भी जाना जाता है। पूरे प्रदेश में ईगास धूमधाम से मनाया जाता है। ईगास पर्व के अवसर पर उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा राजकीय अवकाश घोषित किया जाता है।
#ईगास का त्योहार भैलो खेलकर मनाया जाता है। तिल, भंगजीरे, हिसर और चीड़ की सूखी लकड़ियों के छोटे-छोटे बंडल बनाकर उन्हें एक विशेष प्रकार की रस्सी से बांधकर भैलो तैयार किया जाता है। बग्वाल के दिन पूजा करने के बाद आसपास के लोग एक जगह इकट्ठा होते हैं और भैलो खेलते हैं। भैलो खेल के अंतर्गत भैलो को आग लगाकर करतब दिखाए जाते हैं, साथ ही पारंपरिक लोक नृत्य चांचरी और झुमेलों के साथ-साथ भैलो रे भैलो, कखड़ी को रेलु, उजैलु आलो अंधेरो भागलु आदि लोक गीतों का आनंद लिया जाता है।
#ऐसा भी कहा जाता है की महाभारत काल में भीम को राक्षस द्वारा युद्ध के ललकारा गया कई दिनों के युद्ध में विजय होने के बाद भीम द्वारा युद्ध विजय पर पांडवों द्वारा दीपोत्सव किया गया जिसे इगास के रूप में मनाया जाता है.
17/11/2023
: निकटवर्ती लोग जल्द-जल्द से अप्लाई करें।
08/11/2023
से ब्वारी (बहू) लाने के फायदे देख लो फ्रैंड्स। 😅😂😜
03/11/2023
: इन दिनों मौसमी फ्लू, जिसमें सर्दी-जुकाम, शरीर में दर्द और गले में संक्रमण की दिक्कत अधिक देखी जाती है। सर्दियों के मौसम में कोदा, झंगोरा, लाल चावल, भट्ट, गहत खाइए, फिट रहेंगे आप, जानिए इनके फायदे.
पहाड़ों में पैदा होने वाले अनाज जैसे झंगोरा, मंडुवा, लाल चावल, भट्ट, गहत, सोयाबीन, राजमा, उड़द इत्यादि में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं। इनका नियमित सेवन आपको कई तरह की बीमारियों से बचा सकता है। बार-बार अस्पताल के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
https://www.rajyasameeksha.com/uttarakhand/28140-mountain-grains-to-keep-the-body-healthy-in-winter?fbclid=IwAR0fcddlpE0l1t05OXybLTVed6qZnnKNHuA24J__J7o9cOvTsT_x0f_YMPw
: #पौड़ी गढ़वाल के एकेश्वर ब्लॉक के संजय सिंह बिष्ट ने #पहाड़ में पाए जाने वाले भीमल में उद्यमिता ढूंढ निकाली। आज वो भीमल से शैंपू बना रहे हैं जिसकी #उत्तराखंड ही नहीं बल्कि दिल्ली-एनसीआर में भी काफी डिमांड है। संजय सिंह ने भीमल खरीद से स्थानीय महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाया है साथ ही कई स्थानीय युवाओं को #रोजगार से जोड़ा है। संजय भाई और उनकी पूरी टीम बहुत-बहुत शुभकामनाएं एवं बधाइयां।
https://www.facebook.com/watch/?v=1437362573505486&extid=CL-UNK-UNK-UNK-IOS_GK0T-GK1C&ref=sharing&mibextid=XP3CsN
17/10/2023
: उत्तराखंड के जनमानस के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले श्रीदेव सुमन के जीवन पर बनी शानदार फिल्म 'श्रीदेव सुमन' आगामी 27 अक्टूबर को दिल्ली के Vegas Mall, द्वारका, V3S मॉल, लक्ष्मी नगर और संगम सिनेमाघर, RK पुरम में रिलीज होने जा रही है.
आप सभी से अनुरोध है सरपरिवार जाए और मित्रों को भी ले जाएं।
अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें. विक्रम पहाड़ी - 8800983255.
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