02/05/2021
कोन है ये नड्डा अड्डा गडडा चोर चुहाड आशाराम झांसाराम तड़ीपार ,खाना हम देगा शिक्षा हम देगा दवाई हम देगा और वोट लेने टाइम तुमलोग आएगा खेला होगा खेला होबे
Social Welfare
02/05/2021
कोन है ये नड्डा अड्डा गडडा चोर चुहाड आशाराम झांसाराम तड़ीपार ,खाना हम देगा शिक्षा हम देगा दवाई हम देगा और वोट लेने टाइम तुमलोग आएगा खेला होगा खेला होबे
27/02/2021
'सिलिंडर चाची 'को ढूंढ रहा है पिछले दो महीने में दो सो रूपए सिलिंडर पर बढ़ गए !बेचारी चची पहले बहुत आवाज़ उठाया करती थी अब खामोश है पता नहीं क्यों? चची आप बहुत याद आ रही हो !
01/02/2021
झारखंड में कोई आदिवासी नेता झारखंडियत की बात करता है और पूरा बाहरी कौम उसके खिलाफ खड़ा हो जाता है। झारखंडी हित की लड़ाई लड़े हमारे झारखंड के आदिवासी,मूलनिवासी और राज करे बहरी नही चलेगा नही चलेगा।
क्यों कोई झारखंडी नेता डोमिसाइल की बात नहीं कर सकता, क्यों आदिवासियों मूलनिवासियों के हित की बात नहीं कर सकता!
इसे कब्जा नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे। कोई व्यक्ति अपने प्रदेश और समाज की घटती आबादी पर चिंता नहीं कर सकता है।
आओ रामेश्वर उरांव का समर्थन करें
20/01/2021
एक हिन्दू, दूसरा मुसलमान, फिर भी दोनों इस बात से खुश है कि भारत जीत गया अगर यही बात इस देश की जनता को समझ आ जाये तो धर्म के नाम पर चल रही राजनीति ही समाप्त हो जाएगी!
याद रखना जैसे एक मुहम्मद सिराज और ऋषभ पंत के साथ खेलने से ही "टीम इंडिया" बनती है वैसे ही हिन्दू मुस्लिम से ऊपर उठकर (इंसानियत, मानवीयता बनाये रखना) रहने से ये देश "भारत" बनता है।
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
19/01/2021
“ऐतिहासिक क्षण 👏👏”
आस्ट्रेलिया को आस्ट्रेलिया में हराकर
2-1 से बॉर्डर-गावस्कर सीरीज़ जीतने पर
पूरी को बहुत बहुत बधाई।
👏👏🥳🥳🥳
16/01/2021
मौका दीजिये अपने खून को, किसी की रगों में बहने का,
ये लाजवाब तरीका है, कई जिस्मों में ज़िंदा रहने का…!!
02/01/2021
2020 की कुछ कड़वी यादें
04/11/2020
एक शरीफ़ इंसान को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर के सही नहीं किया !
अगर बर्फ की सिल्ली पर नँगा करके इसे लिटा दिया, और लाठियाँ बरसाईं तो हम लोग भी चुप नहीं बैठेंगे !
कहेंगे और मारो !💪
23/10/2020
अब कोरोना भागेगा सबसे पहले बिहार से फिर बंगाल झारखण्ड का नंबर तो पांच साल बाद आएगा .
मिलिये इस चलते फिरते बौद्धिक आतंकवादी से, इसे क्रैक करके IAS/IPS बनने वाले मुस्लिम बच्चों को देखकर इतनी बौखलाहट हो गई है कि इसके अंदर का शैतान अनाप शनाप बकने लगा है !वो कोण सा तंत्र है जो इस गुफा के औलाद को कुछ भी बकने की आज़ादी दे रखा है !
22/08/2020
#झारखण्ड राज्य में जब भी #स्थानीयता और #आरक्षण की सीमा बढ़ाने की बात होती है, गैर-झारखंडी/दिकू लोग संविधान की दुहाई देने लगते हैं l वहीं दुसरे राज्यों में सरकारें धड़ल्ले से मूलवासियों के लिए 100% आरक्षण लागू कर रहीं है, उसपर किसी को आपति नहीं है l
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य की सरकारी नौकिरयों में स्थानीय लोगों को 100 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा की है। इससे पहले 9 जुलाई 2019 को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी मध्य प्रदेश के स्थानीय लोगों के लिए निजी क्षेत्र की नौकरियों में 70 फीसदी आरक्षण की घोषणा की थी।
आंध्र प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने मूलवासियों को सरकरी और निजी नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण की घोषणा की। इसके लिए मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने 22 जुलाई 2019 को विधानसभा सदन में 'आंध्र प्रदेश एंप्लॉयमेंट ऑफ लोकल कैंडिडेट इन इंडस्ट्रीज/फैक्ट्रीज एक्ट 2019' पारित कराया। आन्ध्र प्रदेश के बाद तेलंगाना सरकार ने भी इस नीति को अपनाया l
छत्तीसगढ़ राज्य में आदिवासी बाहुल बस्तर संभाव के सात जिलों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरियों में मूलवासियों को शत-प्रतिशत आरक्षण दिया है। राज्य में 1 नवंबर 2019 से 31 अक्टूबर 2024 तक नई औद्योगिक नीति के तहत प्रदेश में खुलने वाले सभी उद्योगों में स्थानीय लोगों को मजदूर श्रेणी में 100 फीसदी कुशल श्रेणी में 70 फीसदी और प्रबंधकीय व प्रशासनिक श्रेणी में 40 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था है।
हरियाणा सरकार ने जुलाई 2020 को मूलवासियों को निजी क्षेत्र की नौकरियों में 70 फीसदी आरक्षण लागू किया है। इसके लिए हरियाणा ने स्टेट इंप्लाइमेंट ऑफ लोकल कैंडिडेट्स ऑर्डिनेंस 2020 लागू किया है।
हिमाचल सरकार ने जुलाई 2020 को राज्य के मूलवासियों को निजी क्षेत्र की नौकरियों में 80 फीसदी आरक्षण देने का एक कानून बनाया है। इसके लिए हिमाचल सरकार ने "स्टेट इंप्लाइमेंट ऑफ लोकल कैंडिडेट्स ऑर्डिनेंस 2020" लागू किया है। इसका मकसद कोरोना काल में दूसरे राज्य से वापस लौटे स्थानीय कामगारों को राज्य के अंदर ही रोजगार के अवसर देना है।
गुजरात में विजय रूपाणी सरकार ने निजी विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में राज्य के लोगों को नौकरी देने के लिए 80 फीसदी आरक्षण का ऐलान किया है। गुजरात में पहले से ही स्थानीय लोगों को राज्य की सरकारी नौकरियों में 85 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था है।
कर्नाटक सरकार दिसंबर 2016 से इन्फोटेक और बॉयोटेक को छोड़ निजी क्षेत्र के अन्य उद्योगों में स्थानीय कन्नड़ भाषी लोगों को 100 फीसदी आरक्षण देने पर विचार कर रही है l
सिर्फ स्थानीयता ही नहीं, विभिन्न राज्यों ने जनसँख्या के अनुपात में कोटिवार आरक्षण भी लागू किया है l पूर्वोतर राज्यों, यथा अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम में अनुसूचित जनजाति के लिए 80 फीसदी आरक्षण है।
हरियाणा में 70%, तमिलनाडु में 68%, महाराष्ट्र में 68%, राजस्थान में 54% कोटिवार आरक्षण की व्यवस्था है l
👉 क्या संविधान सिर्फ झारखण्ड के लिए बना है ?
👉या फिर गैर-झारखंडी मानसिकता वाले लोग सरकारी और निजी क्षेत्रों में झारखंडियो की भागीदारी को बढ़ने देना नहीं चाहते ताकि वे हमारी जमीनों और खनिज संसाधनों का मनमाने ढंग से दोहन कर सके ?
👉भाजपा और कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टियाँ झारखण्ड में स्थानीयों को आरक्षण का विरोध करती हैं पर दुसरे राज्यों में आरक्षण का राग अलापती है l झारखंडियों के साथ ऐसी दोहरी नीति क्यूँ ?
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