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30/03/2026

लोकतंत्र में 'कानून का शासन' या 'एजेंसियों की मनमानी'?
​मौलाना सलीम चतुर्वेदी की गिरफ्तारी ने हमारे लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक मर्यादाओं पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब रक्षक ही प्रक्रिया को ताक पर रख दें, तो आम नागरिक की सुरक्षा का क्या होगा?
​संविधान और लोकतंत्र क्या कहता है?
भारत का संविधान हर नागरिक को 'Article 21' के तहत गरिमा के साथ जीने और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है। लोकतंत्र की खूबसूरती 'चेक एंड बैलेंस' में है। कानून कहता है कि किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लेते समय उसकी पहचान स्पष्ट होनी चाहिए, गिरफ्तारी का मेमो बनना चाहिए और परिजनों को सूचित करना अनिवार्य है। बिना पहचान बताए 'अपराधियों की तरह' उठा ले जाना लोकतंत्र नहीं, तानाशाही का संकेत है।
​STF और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
यदि एसटीएफ (STF) या कोई भी एजेंसी बिना स्थानीय पुलिस को सूचित किए या बिना पहचान उजागर किए किसी को उठाती है, तो यह 'प्रक्रियात्मक अनियमितता' है। अगर गिरफ्तारी को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा, तो यह सीधे तौर पर 'Illegal Detention' (अवैध हिरासत) का मामला बनता है। क्या एजेंसियां खुद को संविधान से ऊपर मानती हैं?
ऐसे समय में परिवार को घबराने के बजाय कानूनी अधिकारों का प्रयोग करना चाहिए। परिजनों को तुरंत संबंधित थाने में गुमशुदगी या अवैध हिरासत की शिकायत दर्ज करानी चाहिए और उच्च न्यायालय में 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' (Habeas Corpus) याचिका दायर करनी चाहिए। यह परिवार का संवैधानिक हक है कि उन्हें पता हो कि उनका सदस्य कहाँ और किस हाल में है।
समाज में इस तरह की घटनाओं से असुरक्षा और अविश्वास का माहौल पैदा होता है। एक स्वस्थ समाज वही है जहाँ कानून का पालन पारदर्शी तरीके से हो। न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए।
​हम मांग करते हैं कि उच्च न्यायालय इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करे और कानून की गरिमा की रक्षा करे।
​मोहम्मद शाहिद अय्यूबी
अध्यक्ष: झारखंड मुस्लिम युवा मंच
​ #संविधान #मौलानासलीमचतुर्वेदी #अवैध_हिरासत #झारखंडपुलिस #न्याय
CM Yogi Adityanath
Asaduddin Owaisi

26/02/2026

मोदी जी ने उन बुनियादी मूल्यों को कमज़ोर कर दिया है जिनके लिए भारत कभी खड़ा था।
#इज़राइल #फ़िलिस्तीन #भातर

30/01/2026

संविधान ही सर्वोच्च है। #संविधानजिंदाबाद
भारत एक विविधताओं वाला देश है जहाँ अलग-अलग धर्म और मान्यताएं हैं। ऐसे में न्यायपालिका के लिए 'भारत का संविधान' ही वह मार्गदर्शक है जो बिना किसी भेदभाव के सबको समान न्याय सुनिश्चित करता है। संविधान की रक्षा ही लोकतंत्र की रक्षा है। 🇮🇳
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30/01/2026

Himanta Biswa Sarma
















30/01/2026

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बयान के बाद Jharkhand Muslim Yuva Manch के अध्यक्ष ने बड़ा सवाल उठा दिया... क्या के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा के इशारे पर रोक लगाया है?
Dr Nishikant Dubey
Himanta Biswa Sarma
















07/01/2026

क्या कोई नोटिफिकेशन आया है ?
भाजपा या AIMIM के कोई बड़े लीडर के हवाले से
Asaduddin Owaisi

04/01/2026

"इस्लाम हमेशा रहेगा
इस्लाम नहीं रहेगा, ऐसा सोचने वाला हिंदू सोच का नहीं है"
मोहन भागवत

04/01/2026

News Look News Madadgaar News11 Bharat

03/01/2026
17/11/2025

गोभी का खेती दिखाकर डराया जा रहा है।
हम उसे वक्त नहीं डरें जब हमारी सर और कंकाल से इमारते बनाई गई।
बिहार में 14 नवंबर को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की प्रचंड जीत के बाद असम के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और भाजपा नेता अशोक सिंघल ने सोशल मीडिया पर एक ऐसी तस्वीर पोस्ट की, जिसे 1989 के भागलपुर दंगों में मुस्लिम नरसंहार की एक सांकेतिक अभिव्यक्ति के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
#असम
#मुस्लिम

17/11/2025

: सऊदी अरब में बड़ा सड़क हादसा, उमरा के लिए मक्का से मदीना जाते वक़्त 42 भारतीयों की मौत

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