हमारे पड़ोसी छत पर और घर के अन्दर मरम्मती कार्य और झाड़ू साफ सफाई भी नहीं करने देते I
कानूनी और उचित सलाह दें
GSKVM Jharkhand
Since its formation in1990 it has been working with the sole objective of alleviating the condition of the
poor villagers, most of them are poor.
03/12/2024
दिव्यांगता एक चुनौती है, लेकिन यह आपको रोक नहीं सकती- हशमत ।
ग्रामीण समाज कल्याण विकास मंच द्वारा अपने कार्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें सरकारी और गैर -सरकारी स्तर पर दिव्यांग जनों के लिए , दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षा स्वास्थ्य के साथ नवजवान दिव्यांग जनों के लिए स्किल प्रशिक्षण देने की जरूरत है I
इस अवसर पर मंच के सचिव मो. हशमत रब्बानी ने कहा कि पलामू में दिव्यांग जनों का कोई संस्थान न होना चिंता का विषय है, दिव्यांग बच्चों के लिए सभी स्कूलों में विशेष शिक्षक की जरूरत है जिसकी कमी है, उन्होंने दिव्यांग जनों को संबोधित करते हुए कहा कि "आपकी विकलांगता आपकी पहचान नहीं है। आप एक अद्वितीय और क्षमतावान व्यक्ति हैं, आप अपनी क्षमता को पहचानें ।"
दिव्यांग जनों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान की जाए- स्वर्ण लता रंजन
मंच के कोषाध्यक्ष सुश्री स्वर्ण लता रंजन ने बताया कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो संबोधन मन की बात में कहे थे कि शारीरिक रूप से अशक्त लोगों के पास एक दिव्य क्षमता होती है उनके लिए विकलांगता शब्द की जगह दिव्यांग शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए तब से सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के द्वारा दिव्यांग शब्द का प्रयोग किया जाता है भारत सरकार के विकलांग व्यक्ति अधिनियम के अनुसार विकलांगता के रूप में अर्हता प्राप्त करने के लिए विकलांगता की सीमा कम से कम 40% निर्धारित की गई हैI
एक आंकड़े के अनुसार 2022 में झारखंड राज्य में लगभग 12 लाख दिव्यांग व्यक्ति थे जिसमें 48% ही साक्षर थे भारत में कुल आबादी का दो से तीन प्रतिशत किसी ने किसी प्रकार के गंभीर मानसिक शारीरिक विकलांगता से ग्रसित है लगभग तीन करोड़ दिव्यांग व्यक्ति रहते हैं हमारे देश में , उनके लिए विशेष प्लान की कमी पाई जाती है हम प्रशासन और गैर सरकारी संस्थान के पदाधिकारियों से अनुरोध करते हैं कि दिव्यांग व्यक्तियों को अवसर प्रदान की जाए, पलामू में बंद पड़े विकलांग आवासीय विद्यालय को पुनः चालू की जाए, उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान की जाए और सभी विभागों का समन्वय हो ताकि विकलांगता की घटना में कमी लाई जा सके I
06/10/2024
दत्तक माता-पिता को गोद लेने के लिए कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए
–हशमत रब्बानी
✍️परित्यक्त बालिका को मिला परिवार
06/10/2024
If you have an unwanted child, do not discard them. Instead, please leave them in a government hospital or at a designated cradle location like SAA, GSKVM Lohardaga.
If you find a newborn girl and are unable to care for her, please do not abandon her; instead, give her to us.
Adoption agencies will ensure that these girls are cared for by loving mothers."
Donation to GSKVM Jharkhand is tax exempted
30316361332 IFSC Code:SBIN0003144
Payphone 9431972633
SAA Slogans:
1. "Choose Love, Not Abandonment."
2. "A Safe Cradle Awaits—Leave with Care."
3. "Your Decision Can Change a Life—Choose to Give."
4. "Together, We Nurture Hope for Every Child."
5. "Don’t Discard; Support a New Beginning."
6. "In Your Hands, Their Future—Choose Compassion."
05/10/2024
"Abandoned Girl Finds New Family – A Specialized Adoption Agency (SAA) operated by www.gskvm.1ngo.in GraminSamaj Kalyan Vikas Manch in Lohardaga, facilitated the adoption of a 9-month-old abandoned girl by a registered couple from Bangalore through Central Adoption Resource Authority (CARA). The adoption committee meeting was conduced on dated 24.09.2024 comprised District Child Protection Officer, Lohardaga, Birendra Kumar, Dr. B.K. Pandey, Coordinator, Special Adoption Agency, Imran Asad, Protection Officer Institutional Care, Anurjan Kumar, and member Jay Prakash Sharma.
Present on the occasion were Chairperson, Child Welfare Committee, Lohardaga, Kunti Sahoo, members Sushila Kumari, Pooja Kumari, Special Adoption Agency Nurse Shahin Sultana, Guard Roshni Toppo, and mothers Juli Farida, along with all supporting staff including Gramin Samaj Kalyan Vikas Manch(GSKVM), Secretary, Mohd Hashmat Rabbani. Mr.Rabbani said give home and love to orphan children. Give love and affection to abandon children -adopt them.
06/11/2023
मानव तस्करी के खिलाफ अन्तरराष्ट्रीय दिवस 2023 मनाया गया
मानव तस्कर सोंचता हैं की आलू प्याज बेचेंगेवतो 10 रु कमाएंगे और लाचार गरीब बालिका बिक गई तो 5 लाख
विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर दिनांक 30.07.2023 को संध्या समय 4 बजे दिन में गुगल मीट का आयोजन किया गया Link: https://meet.google.com/npr-bavv-jvn आयोजक : ग्रामीण समाज कल्याण विकास मंच ने किया कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता और मंच के सचिव मोहम्मद हशमत रब्बानी ने किया इस अवसर पर बिहार झारखंड छत्तीसगढ़ के दर्जनों सामाजिक संगठनों ने भाग लिया
उन्होंने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि 30 जुलाई को संपूर्ण विश्व में ‘विश्व मानव तस्करी निरोधक दिवस’ (World Day Against Trafficking in Persons) मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र (United Nations) हर साल 30 जुलाई को व्यक्तियों की तस्करी के खिलाफ विश्व दिवस के रूप में मनाता है। 2013 में, महासभा ने मानव तस्करी (Trafficking in Persons) के शिकार लोगों की स्थिति के बारे में जागरूकता बढ़ाने और उनके अधिकारों के प्रचार और संरक्षण के लिए 30 जुलाई को व्यक्तियों की तस्करी के खिलाफ विश्व दिवस (World Day against Trafficking in Persons) के रूप में नामित किया।
यह दिवस संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2013 में आरंभ किया गया था जिसे वर्ष 2010 में एक एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान पारित किया गया था। विश्व मानव तस्करी रोधी दिवस पर वर्ष 2022 की थीम “प्रौद्योगिकी का उपयोग और दुरुपयोग” था साल 2023 के लिए मानव तस्करी के खिलाफ विश्व दिवस का थीम “Reach Every Victim of Trafficking, Leave No One Behind” ट्रैफिकिंग के हर शिकार तक पहुंचें, किसी को भी पीछे न छोड़ें है।
, उज्जवला गृह उज्जवला गृह के प्रबंधक स्वर्ण लता रंजन ने बताया कि मानव तस्कर बहुत चालाक होता है वह ऐसी बालिकाओं और बच्चों को शिकार बनाता है जिसके अभिभावक नही होते उन्होने बताया कि अक्टुबर 2020 से लेकर जुलाई 2023 तक हमारे पास कुल 135 केसेज प्राप्त हुए जिसमें से 120 केस को सुलझा कर उन्हें पुनर्वासित किया गया है अभी वर्तमान में 15 बालिकाएं रह रही है, मानव तस्करी एक जघन्य अपराध स्वर्ण लता रंजन ने बताया कि विश्वभर में बड़े स्तर पर मानव तस्करी (World Anti Human Trafficking) का भयावह जाल फैला हुआ है। मानव तस्करी द्वारा मासूम जिंदगियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है। पुरुष, महिलाएं और सभी उम्र और सभी पृष्ठभूमि के बच्चे इस अपराध के शिकार हो सकते हैं। उज्जवला गृह के वार्डन श्रीमति निशा रानी ने भी अपने अनुभव शेयर की
क्यों होती है मानव तस्करी?
• गरीबी और अशिक्षा है सबसे बड़ा कारण
• मांग और आपूर्ति का सिद्धांत
• बंधुआ मज़दूरी
• देह व्यापार
• सामाजिक असमानता
• क्षेत्रीय लैंगिक असंतुलन
• बेहतर जीवन की लालसा
• सामाजिक सुरक्षा की चिंता
मानव तस्करी के 4 प्रकार कौन से हैं?
मानव तस्करी के तीन सामान्य प्रकार हैं: देह व्यापार, जबरन श्रम और घरेलू दासता । मानव तस्करी से सबसे अधिक लाभ कमाने वाले आर्थिक क्षेत्र कृषि, रेस्तरां, विनिर्माण, घरेलू कार्य, मनोरंजन, आतिथ्य और वाणिज्यिक सेक्स उद्योग हैं।
मानव तस्करी हर जगह होती है।
कोई महाद्वीप, कोई देश, कोई राज्य अपवाद नहीं है। मानव तस्करी, या आधुनिक गुलामी, घरेलू और वैश्विक दोनों मोर्चों पर होती है। जहां तात्कालिक प्रभाव स्थानीय होता है, वहीं दीर्घकालिक परिणाम व्यापक और दूरगामी होते हैं।
मानव तस्करी का सबसे आम रूप क्या है?
यौन शोषण और जबरन श्रम
राष्ट्रीय अधिकारियों द्वारा पता लगाया गया मानव तस्करी का सबसे आम रूप यौन शोषण के उद्देश्य से तस्करी है।
इन उपायों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) अति संवेदनशील समुदायों के लिए जीविकोपार्जन और शैक्षणिक कार्यक्रम चलाना, (ii) तस्करी को रोकने के लिए विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों और योजनाओं के कार्यान्वयन को आसान बनाना, और (iii) तस्करी के निवारण को सुनिश्चित करने के लिए कानून और व्यवस्था संबंधी फ्रेमवर्क बनाना।
'आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2013' के माध्यम से भारतीय दंड संहिता की धारा 370 और 370 (A) में मानव तस्करी से निपटने हेतु उपयुक्त प्रावधान किये गए हैं। इसके तहत यौन शोषण, दासता, सेवा या अंगों के व्यापार हेतु मानव तस्करी आदि को शामिल किया गया है।
स्वर्ण लता रंजन ने बताया की प्रेम जाल में फंसाकर नाच गान और उज्जवल भविष्य का सपना दिखाकर लड़कियों का तस्करी हो रहा है बालिका स्कूल कॉलेज में जागरूकता करते रहें सोशल मीडिया का सदुपयोग करें समझें की शुरुआत है मंजिल दूर है प्रयास करते रहें, रामजीवन ठाकुर ने बताया की नाबालिग बालिकाएं दिखावे के चक्कर में उज्जवल भविष्य की लालसा में दलाल की बातों में फंस जाती हैं पटना की समाज सेविका अनामिका जी ने कहा कि झारखंड और नेपाल की लड़कियों का दिल्ली के माध्यम से तस्करी कर विदेशों में बेचा जा रहा है जिसका मूल्य 3 से 5 लाख तक होता है एनजीओ वाले कोई लड़की को छुड़ाते है तो पुलिस वाले कहते हैं की मूर्ख हो तुम जो तस्करी का केस लाते हो, जब लालची अभिभावक को दलाल से पैसे नहीं मिलते तो एफआईआर करना चाहता है या समाज को बताता है संजय जी को अररिया जिले के नेपाल बॉर्डर पर एनजीओ जागरण कल्याण भारती के द्वारा जागरूकता फैला रहे हैं वे कहते हैं की मानव तस्करी आजादी के पहले से ही व्यापार था परंतु चकाचौंध जिंदगी में और बढ़ी है मानव तस्कर का नेटवर्क मजबूत और समाज का नेटवर्क कमजोर हो गया है जिससे तस्कर आसानी से अपने कामों में सफलता प्राप्त कर लेते हैं, हमारे समाज में पश्चिमी सभ्यता का गुण आ गया है मानव तस्कर सोंचता हैं की आलू प्याज बेचेंगेवतो 10 रु कमाएंगे और लाचार गरीब बालिका बिक गई तो 5 लाख, उन्होंने कहा कि पश्चिमी यूपी राजिस्थान पंजाब हरियाणा में सेक्स राशियों लिंग अनुपात में अंतर के कारण गरीब मां बाप की बेटी को पैसे देकर शादी कर लेते है और वहां दारोपदी वाली स्थिति हो जाती है अगर उन लोग 5 भाई है तो यह बच्ची पांचों की बीवी बन जाती है जो चिंतनीय विषय है
नई राह सोसायटी के धर्मेंद्र भगत ने बताएं की ट्रैफिकेर स्थानीय लड़की को ही दलाल बनाते हैं, लड़की कुटुंब बनकर पहाड़िया भाषा जानती है ,स्थानीय ट्राइबल बालिकाएं बड़ा मोबाइल जींस शर्ट पैंट देखकर आकर्षित हो जाती है, महिला दलाल और स्थानीय भाषा के वजह से वह जल्द दलाल के चंगुल में फंस जाती हैं ,दलाल उन्हें पाकुड़ लाकर स्पेशल बोलोरो के माध्यम से दिल्ली ले जाता है जहां गोंडा टोकी सिनेमा हॉल के पास रखकर रेड लाइट एरिया या कोठी में बेच देता है स्थानीय दलाल का नेटवर्क पहाड़िया-देवी- सर्विस प्रोवाइडर-कोठी- रेड लाइट रांची के किशोर बताया की झारखंड से तेजी से मानव तस्कर पनपे हैं, जागरुकता करने पर आवाज उठाने पर लोकल ट्रैफिकर दुश्मन बन जाते हैं
विश्व मानव तस्करी निषेध दिवसः भारत को बच्चों के लिए और सुरक्षित बनाना होगा
एक अनुमान के मुताबिक 2016 में करीब 8 हजार मानव तस्करी के मामले सामने आए। करीब 23 हजार पीड़ितों को छुड़ाया गया, जिनमें 61 फीसदी के करीब बच्चे शामिल हैं।
साल 2013 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने 30 जुलाई को मानव तस्करी निषेध दिवस घोषित किया ताकि मानव तस्करी के शिकार लोगों के बीच जागरूकता आ सके। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक साल 2016 में मानव तस्करी के मामलों में 20 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। एक अंदाज के मुताबिक करीब 8 हजार मानव तस्करी के मामले सामने आए, वहीं करीब 23 हजार पीड़ितों को छुड़ाया गया, जिनमें 61 फीसदी के करीब बच्चे शामिल हैं। मानव तस्करी भारत के लिए इतनी बड़ी समस्या बन चुकी है कि इस संबंध में अमेरिका की वार्षिक रिपोर्ट में भारत को टियर-2 में रखा गया है।
06/11/2023
Acquired immunodeficiency syndrome (AIDS) is a chronic, potentially life-threatening condition caused by the human immunodeficiency virus (HIV). By damaging your immune system, HIVinterferes with your body's ability to fight infection and disease. HIV is a sexually transmitted infection (STI).
Acquired immunodeficiency syndrome (AIDS) is a chronic, potentially life-threatening condition caused by the human immunodeficiency virus (HIV). By damaging your immune system, HIV interferes with your body's ability to fight infection and disease.
HIV is a sexually transmitted infection (STI). It can also be spread by contact with infected blood and from illicit injection drug use or sharing needles. It can also be spread from mother to child during pregnancy, childbirth or breastfeeding. Without medication, it may take years before HIV weakens your immune system to the point that you have AIDS.
There's no cure for HIV/AIDS, but medications can control the infection and prevent progression of the disease. Antiviral treatments for HIV have reduced AIDS deaths around the world, and international organizations are working to increase the availability of prevention measures and treatment in resource-poor countries. Toll Free: 1097
Md.Hashmat Rabbani with TI Staff Full Kumari, PM,Vinay ,M&E,Mantu Manjhi,Kanti and others at DEOGHAR,Saheb Pokhar Road,VIP Chauk,DEOGHAR-814112
08/03/2020
नारी के बिना समाज का सृजन नहीं हो सकता -लता
महिलाओं को संगठित होकर संघर्ष करने की जरुरत -इंदू भगत
महिलाओं की इज्जत सभी दिन करें -हशमत
महिलाओं को क़ानूनी जानकारी जरुरी- वीणा मिश्रा
फ़र्ज़ फेमिनिस्ट इंडिया,अमन और ग्रामीण समाज कल्याण विकास मंच के संयुक्त तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन मंच कार्यालय पुलिस लाइन रोड में किया गया जिसका उदघाटन मंच के सचिव मो.हशमत रब्बानी ,फ़र्ज़ के सचिव स्वर्णलता रंजन .प्रख्यात महिला अधिवक्ता वीणा मिश्रा और समाजसेवी इंदु भगत ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया इस अवसर पर सैंकड़ों की संख्या में महिलायें उपस्थित हुयी कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती वीणा मिश्रा ने की एंव सञ्चालन फ़र्ज़ के सचिव सुश्री स्वर्णलता रंजन ने किये , इस मौके पर ग्रामीण समाज कल्याण विकास मंच के सचिव मो.हशमत रब्बानी ने कहा की महिलाओं की इज्जत सिर्फ 8 मार्च नहीं बल्कि सभी दिन करें साथ ही उन्होंने अल्पसंख्यक महिलाओं को शिक्षित होने पर बल दिया
समाज सेवी श्रीमती इंदू भगत ने कहा की महिलाओं को संगठित होकर संघर्ष करने की जरुरत तभी घरेलु और हर जगह महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को रोका जा सकता है
कार्यक्रम का संचालन कर रहे फ़र्ज़ के सचिव सुश्री स्वर्णलता रंजन ने कहा कि महिला ही जननी है नारी के बिना समाज का सृजन नहीं हो सकता अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष, 8 मार्च को मनाया जाता है।उन्होंने कहा कि विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्यार प्रकट करते हुए इस दिन को महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य में 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस उत्सव के तौर पर मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) केवल एक दिन नहीं है, बल्कि आधी आबादी की पूरी कहानी को जश्न के रूप में मनाने का दिन होता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2020 की थीम : हर कोई एक सामान रखी गई है।
धरती से लेकर पाताल तक हर क्षेत्र के निर्माण में महिलाओं का अतुलनीय योगदान है। महिलाएं ही बिजनस, उद्यमी कार्यों और वेतनरहित श्रम के रूप में अर्थव्यवस्था में काफी बड़ा योगदान देती हैं। कॉरपोरेट्स जगत की बात करें तो आज हर बड़े पद पर महिलाओं का ही वर्चस्व है। भारत से पुरुष प्रधान देश में भी महिलाओं ने अपने कौशल कार्य से अपनी अलग पहचान बनाई और साथ ही मां, बहन, बेटी, पत्नी, प्रेमिका और दोस्त के रूप में अहम् भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम कि अध्यक्षता कर रहे महिला अधिवक्ता श्रीमती वीणा मिश्रा ने कहा कि महिलाओं को क़ानूनी जानकारी जरुरी है उन्होंने शिक्षा पर जोर डालते हुए कहा कि शिक्षा स्वयं एवं अन्य महिलाओं को सशक्त बनाने के सबसे महत्वपूर्ण माध्यमों में से एक है। शिक्षा, कौशल एवं आत्मविश्वास विकास की प्रक्रिया के महत्वपूर्ण अंग हैं। शिक्षा महिलाओं को चयन करने की शक्ति देती है, जिससे उनका कल्याण, स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित होती है एवं सतत परिवारों का विकास होता है। साथ ही शिक्षा महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरुक बनाती है, उनका आत्मविश्वास बढ़ाती है और उन्हें अपने अधिकार हासिल करने का अवसर देती है।
इस अवसर पर सुनीता कुमारी ने कहा कि कोई भी ब्यक्ति स्त्री के बिना हीरो नहीं , हीरो में हर है साथ ही उदय प्रसाद कृष्ण मोहन शाही ने भी अपने विचार रखे , नाज़िद अली , सरिता कुमारी रज़िया न्याजी आदि ने सहयोग किया इस अवसर पर काफी संख्या में संस्था के वालंटियर्स उपस्थित हुए
11/10/2014
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