Uttarakhand Kranti Dal Sahaspur

Uttarakhand Kranti Dal Sahaspur उत्तराखंड क्रांति दल

25/09/2026
उत्तराखंड क्रांति दल सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि उत्तराखंड के संघर्ष, स्वाभिमान और अस्मिता की पहचान है।आज कुछ लोग त...
20/09/2026

उत्तराखंड क्रांति दल सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि उत्तराखंड के संघर्ष, स्वाभिमान और अस्मिता की पहचान है।
आज कुछ लोग तरह-तरह की अफवाहों और मनगढ़ंत बातों के माध्यम से संगठन और जनता के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।
मेरी स्पष्ट अपील है—किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और बिना सत्यापन किसी बात को आगे साझा न करें।
उक्रांद एक परिवार है, और परिवार में विचारों का मतभेद हो सकता है, लेकिन हमारी एकता और उद्देश्य कमजोर नहीं होना चाहिए।
किसी भी व्यक्ति या समूह से अधिक महत्वपूर्ण उत्तराखंड के हित और हमारी सामूहिक अस्मिता है।
आइए, भावनाओं में बहकर नहीं, बल्कि तथ्यों और सच्चाई के आधार पर अपनी बात रखें।
विभाजन नहीं, संवाद चाहिए; भ्रम नहीं, सत्य चाहिए; कमजोरी नहीं, एकजुटता चाहिए।
एक कार्यकर्ता और इस परिवार का हिस्सा होने के नाते मेरी उत्तराखंड की जनता से विनम्र अपील है—उक्रांद के संघर्ष और विचारधारा को समझें, संगठन को मजबूत करें।
हमारी एकता ही हमारी ताकत है और उत्तराखंड का स्वाभिमान ही हमारा सर्वोच्च संकल्प।
जय उत्तराखंड! जय उक्रांद!

उक्रांद का जनहित ज्ञापन — विकासनगर तहसीलराज्य की लगभग 7,000 बीघा भूमि को UIIDB के अधीन लिए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ उक्...
19/09/2026

उक्रांद का जनहित ज्ञापन — विकासनगर तहसील
राज्य की लगभग 7,000 बीघा भूमि को UIIDB के अधीन लिए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ उक्रांद उठाएगा आवाज।
🌿 जल, जंगल और जमीन उत्तराखंड की पहचान हैं।
राज्य की बहुमूल्य भूमि से जुड़े इस गंभीर विषय पर पारदर्शिता, जनहित और स्पष्ट जानकारी की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
📅 दिनांक: 21 सितंबर 2026, सोमवार
⏰ समय: प्रातः 11 बजे
📍 स्थान: तहसील विकासनगर
✊ सभी केंद्रीय, जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारी तथा समस्त कार्यकर्ता अनिवार्य रूप से समय पर पहुंचें।
आइए, उत्तराखंड की जमीन और जनहित के इस महत्वपूर्ण सवाल पर एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करें।
जल • जंगल • जमीन • जनहित
उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद)
निवेदक:
जितेंद्र पंवार
जिला अध्यक्ष
उक्रांद पछवादून

15/09/2026

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनका आवास स्वीकृत हुआ, दो किस्तें भी जारी हो चुकी हैं और एमडीडीए देहरादून से भवन का नक्शा तक पास हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद उनकी जमीन पर कोई दूसरा कब्जा कर रहा थनबल और बाहुबल से
#सहसपुर_विधानसभा

12/09/2026

उत्तराखण्ड क्रान्ति दल की एक दिवसीय विशेष बैठक केन्द्रीय कार्यालय में सम्पन्न हुई। दल के केन्द्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दल के जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारी, मंडल प्रभारी सहित प्रदेश भर से केन्द्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में दल के सर्वोच्च नेता काशी सिंह ऐरी, संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चन्द्र शेखर कापड़ी, संरक्षक डा शक्ति शैल कप्रवाण आदि उपस्थित थे।
दल के सर्वोच्च नेता काशी सिंह ऐरी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सोसल मीडिया पर भ्रम फैलाने वालों से विचलित होने की आवश्यकता नहीं है, नाही ऐसे लोगों को जबाब देकर समय बर्बाद न करें। ऐसे लोगों के खिलाफ केवल विधिक कार्रवाई ही विकल्प है।
केन्द्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती ने कहा कि दल की छबि को धूमिल करने वाले लोगों के दरवाज़े दल ने बंद कर दिये है।
दल के केन्द्रीय महामंत्री मीडिया देवेन्द्र चमोली ने जानकारी देते हुते बताया कि बैठक में आसन्न विधानसभा चुनावों को देखते हुए विधानसभा वार दावेदारों के बीच ,समन्वय बनाने विधान सभा से आने वाले दावेदारों के आवेदन पत्र , प्रभारियों की भूमिका, जिलाध्यक्षों व विभिन्न प्रकोष्ठों की भूमिका ओर उनके उत्तरदायित्वों पर चर्चा की गयी।
बैठक में सोसल मीडिया पर दल के वरिष्ठ नेताओं पर अनर्गल तथ्य विहीन बयानबाजी कर भ्रम का माहौल बनाकर दल की छबि खराब करने, के प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की समीक्षा की गई।
दल का मानना है कि दल के बढ़ते जनाधार से बैचैन राष्ट्रीय दलों द्वारा प्रायोजित कुछ अराजक प्रवृत्ति के लोग दो तीन वर्ष पूर्व दल में आते हैं और एक संगठित गिरोह बनाकर चुनावों के समय दल को छति पहुंचाने की बदनियती से सोसल मीडिया को माध्यम बनाकर उक्रांद नेताओं के खिलाफ भ्रामक बयानबाजी कर दल को नुक्सान पहुंचाने के प्रयास में जुटे हैं। दल ऐसे अराजक तत्वों को चिन्हित कर रहा है और ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा। जिसके लिये विधि प्रकोष्ठ को अधिकृत किया गया है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय दलों के एजेंट बने कुछ अराजक लोग द्वारा सोसल मीडिया पर लाइव बयानों से साफ क्षलक रहा है कि ये सारा प्रकरण राष्ट्रीय दलों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
उक्रांद का कहना है कि उत्तराखण्ड निष्ठा वान ओर समर्पित कार्यकर्ताओं का संगठन है, जिनकी बदौलत आज दल मजबूती से आगे बढ़ रहा ओर राष्ट्रीय दलों के लिये चुनौती दे रहा है। दल का मानना है कि , केवल सोसल मीडिया को ही वे जनाधार मान लेने वाले अराजक लोग बेनकाब हो रहे हैं। इस अवसर पर सोसल मीडिया में प्रत्याशियों की एक फर्जी सूचि जिन लोगों के नाम थे उन्होंने भी उपस्थित होकर इसे फर्जी वाड़ा बताया ओर एक स्वर में कहा कि ऐसे अराजक लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। बैठक में भारी संख्या में दल के पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद थे।

Kashi Singh Airy Surendra Kukreti Ganesh Prasad Kala

विचारधारा मजबूत होगी, तभी संगठन मजबूत होगाकिसी भी संगठन की असली ताकत उसके पद, व्यक्ति या संख्या में नहीं, बल्कि उसकी विच...
07/09/2026

विचारधारा मजबूत होगी, तभी संगठन मजबूत होगा

किसी भी संगठन की असली ताकत उसके पद, व्यक्ति या संख्या में नहीं, बल्कि उसकी विचारधारा, अनुशासन और एकता में होती है। जब कार्यकर्ता संगठन के मूल सिद्धांतों को समझकर उन्हें अपने आचरण में उतारते हैं, तभी संगठन मजबूत और प्रभावशाली बनता है।

व्यक्ति आते-जाते रहते हैं, पद बदलते रहते हैं, लेकिन संगठन की विचारधारा स्थायी होती है। इसलिए व्यक्तिगत मतभेदों और स्वार्थों से ऊपर उठकर संगठन के हित को सर्वोपरि रखना आवश्यक है।

एकता का अर्थ यह नहीं कि सभी की राय एक जैसी हो; बल्कि अलग-अलग विचारों के बावजूद संगठन के लक्ष्य और सिद्धांतों के प्रति एकजुट रहना ही सच्ची एकता है।

याद रखिए—व्यक्ति से बड़ा संगठन, संगठन से बड़ी विचारधारा और विचारधारा से बड़ा जनहित है।

संगठन मजबूत होगा, तभी संघर्ष मजबूत होगा और तभी हमारा लक्ष्य सफल होगा।

जय उत्तराखंड!

05/09/2026

भाजपा सरकार का मन भू-माफिया, खनन माफिया और शराब माफिया के हाथों उत्तराखंड के प्राकृतिक एवं सार्वजनिक संसाधन बेचने से भी नहीं भरा क्या, जो अब सरकार खुद ही ‘प्रॉपर्टी डीलर’की भूमिका में उतर आई है?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने पहले एक कमजोर और जनविरोधी भू-कानून बनाया और अब Uttarakhand Investment and Infrastructure Development Board (UIIDB) के नाम पर निवेश के बहाने सरकारी विभागों की जमीनें पूँजीपतियों के हाथ बेचने की तैयारी कर रही है।

अल्मोड़ा में मुनाफे में चल रही सरकारी कंपनी IMPCL और उसकी बेशकीमती जमीन को कौड़ियों के भाव एक पूँजीपति को सौंप दिया गया। अब क्या उत्तराखंड के विभिन्न विभागों की सरकारी जमीनों को भी इसी तरह बेचने की तैयारी है?

सवाल सीधा है—

क्या ‘निवेश’ के नाम पर भाजपा सरकार के पास सरकारी जमीन बेचने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है?

तीन साल पहले करोड़ों रुपये खर्च कर आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में मुख्यमंत्री धामी ने 3 लाख करोड़ रुपये के निवेश के दावे किए थे।

लेकिन आज जनता जानना चाहती है—

🔴 अब तक उत्तराखंड में वास्तव में कितना निवेश आया?
🔴 कितनी नई कंपनियाँ धरातल पर स्थापित हुईं?
🔴 कितने लोगों को स्थायी रोजगार मिला?
🔴 निवेश के नाम पर हुए दावों का वास्तविक परिणाम क्या रहा?
🔴 क्या भाजपा सरकार ने इन सवालों का आज तक कोई स्पष्ट और सार्वजनिक जवाब दिया है?

उत्तराखंड की जमीन उत्तराखंड की जनता की धरोहर है, किसी सरकार की निजी संपत्ति नहीं।

निवेश के नाम पर सरकारी संपत्तियों की नीलामी, जमीन बेचने और निजीकरण का यह खेल तुरंत बंद किया जाए।

हमारी स्पष्ट मांग:

सरकारी जमीनों की नीलामी बंद करो!

Uttarakhand Investment and Infrastructure Development Board (UIIDB) को तत्काल भंग करो!

उत्तराखंड की जमीन बचाओ — उत्तराखंड का भविष्य बचाओ।
Kashi Singh Airy
Uttarakhand Kranti Dal

Uttarakhand Kranti Dal Sahaspur

04/09/2026

उत्तराखंड की जमीन पर फैसला… जनता से सवाल क्यों नहीं?

उत्तराखंड की सरकारी जमीन को 90 साल की लीज पर देने और वह भी सर्किल रेट के आधार पर, सरकार के इस निर्णय ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अगर पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार और पारदर्शी है, तो सरकार नियम, शर्तें और पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करने से क्यों हिचक रही है?

सरकारी जमीन किसी व्यक्ति या सरकार की निजी संपत्ति नहीं—
यह उत्तराखंड की जनता की अमानत है।

इतनी लंबी अवधि की लीज से पहले यह सुनिश्चित होना चाहिए कि इसका लाभ जनता को मिले, किसी चुनिंदा व्यक्ति या समूह को नहीं।

हमारी मांग स्पष्ट है—
पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो, सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए और जनहित के विपरीत कोई भी निर्णय तत्काल रोका जाए।

सरकार को प्रदेश की जनता के सामने सिर्फ एक सवाल का जवाब देना चाहिए—

**सरकारी जमीन आखिर किसके हित में?

जनता के हित में या चुनिंदा लोगों के हित में?**

उत्तराखंड की जमीन हमारी धरोहर है, इसे किसी भी कीमत पर निजी हितों की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा।

#उत्तराखंड #उत्तराखंडकीजमीन #भूअधिकार #जनहित
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