14/11/2023
भरत लाल मीणा को वोट दे।
चुनाव चिन्ह - हसिया और गेहूं की बाली
विधानसभा क्षेत्र सवाई माधोपुर
Sawai madhopur
14/11/2023
भरत लाल मीणा को वोट दे।
चुनाव चिन्ह - हसिया और गेहूं की बाली
विधानसभा क्षेत्र सवाई माधोपुर
12/11/2023
सवाई माधोपुर क्षेत्र वासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं
भरत लाल मीणा
विधायक प्रत्याशी
विधानसभा क्षेत्र सवाई माधोपुर
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सवाई माधोपुर
क्या नरेंद्र मोदी ईमानदार नेता है
10/10/2023
आज का कार्टून
इंकलाब जिंदाबाद
तेलंगाना में राजभवन घेराव करते समय एआईएसएफ कार्यकर्ताओं और सीपीआई के कार्यकर्ताओं को किया गया गिरफ्तार एवं लाठीचार्ज कई कॉमरेड साथी घायल।
#तेलंगाना_सरकार_मुर्दाबाद
िंदाबाद
#सीपीआई_जिंदाबाद
#इंकलाब_जिंदाबाद
तेलंगाना सरकार अपनी कबर खुद खुद रही है
06/12/2022
6 दिसंबर 1956 को बाबासाहब की मृत्यु हुइ तो 6 लाख के करीब लोग इकट्ठा थे और रो रहे थे।
कामरेड कार्ल मार्क्स की मृत्यु हुई तो उनके पास सिर्फ 14 लोग थे
सोचो उन 14 लोगों ने मार्क्सवाद और कम्युनिस्ट विचारधारा को पूरे विश्व में फैला दिया और दूसरी तरफ़ वो 6 लाख भक्त घर गये और बाबासाहेब की मूर्ति/प्रतिमा के अगरबत्तिया करने लगे। जय भीम बोलकर अपना फर्ज निभाते रहे। क्यो कि कार्ल मार्क्स सर की मृत्यु पर जो 14 लोगे थे वे सच्चे अनुयायी थे। और बाबासाहब की मृत्यु पर जो 6 लाख थे वो भक्तो की भीड़ थी न कि अनुयाइयों की। जबकि आज की तारीख मे पूरे विश्व के एक चौथाई देशों में वामपंथी विचारधारा के लोग शासन कर रहे हैं या आडंबर और पाखंडवाद के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं
अगर इन लाखो लोगों ने बाबासाहब के विचारो का प्रचार प्रसार किया होता तो कई वर्षों पहले ही अंधविश्वास और अज्ञानता का अंत हो चूका होता तथा शिक्षा तथा क्रांति का उदय हो चुका होता। ओर बाबासाहेब का असली मकसद भी यही था।
आज भी कई भ्रमित अंबेडकरवादी सिर्फ "जय भीम" के उदघोष मात्र को ही क्रांति मानते हैं। बाबासाहेब जिस देवीकरण के विरोधी थे आज कई भ्रमित मिशनरियों ने बाबासाहेब का ही देवीकरण कर उन्हे पूजना शुरु कर दिया। जिसकी हम भारत के आजू-बाजू देशों को देखें तो वहां पर कम्युनिस्ट पार्टीया शासन कर रही है मार्क्सवाद फल फूल रहा है
चलो आओ मिलकर मार्क्सवाद अंबेडकर वाद की तर्ज पर पाखंडवाद आडंबर बाद और शोषण से मुक्ति के पथ पर अग्रसर हो और वामपंथी कम्युनिस्ट विचारधारा को आगे बढ़ाएं
बाबा साहेब को नमन 🙏
सवाई माधोपुर में भगत सिंह के नाम से आर एस एस का एजेंडा तैयार किया जा रहा है रोकना होगा इस एजेंडे को।
क्या भगत सिंह ने हिंदू राष्ट्र की कल्पना की थी ?
बौद्ध-बौद्ध ,हिंदू-हिंदू ,मुस्लिम-मुस्लिम चिल्लाने वाले लोग अपने विचारों में धर्मनिरपेक्षता का भाव कहां से लाएंगे ?
विचारणीय प्रश्न
🤔🤔🤔
11/10/2022
इंकलाब जिंदाबाद
शहीद भगत सिंह अमर रहे ।