The Saranda

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Photos from The Saranda's post 23/03/2026

आज सदर प्रखंड अंतर्गत तुईवीर एवं किड़ीगोट गांव में आगामी 25 मार्च को चाईबासा स्थित शहीद पार्क में शहीद दिवस मनाए जाने को लेकर तैयारी बैठक आयोजित की गई। तुईवीर गांव की बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण मुंडा श्री मैथ्यू देवगम ने की, जबकि किड़ीगोट गांव में बैठक की अध्यक्षता खूंटकट्टी रैयत रक्षा समिति के अध्यक्ष श्री बलभद्र संवैयां ने की।

बैठक में दोनों गांवों के सभी रैयतों से अपील की गई कि वे अधिक से अधिक संख्या में शहीद पार्क पहुंचकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें। साथ ही, अपने वीर शहीद पूर्वजों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।

इस अवसर पर झारखंड पुनरुत्थान अभियान के केंद्रीय महासचिव श्री अमृत माझी, खूंटकट्टी रैयत रक्षा समिति के सचिव श्री केदार नाथ कालुंडिया सहित दोनों गांवों के दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।

18/03/2026

कोल्हान के शहीदों को श्रद्धांजलि देने 25 मार्च को जुटेंगे ग्रामीण

आज सदर प्रखंड अंतर्गत कातिगुटू गांव में आगामी 25 मार्च को चाईबासा स्थित शहीद पार्क में शहीद दिवस मनाए जाने के संबंध में तैयारी बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता ग्राम मुंडा श्री सिद्धयू पूर्ति ने की।

बैठक में गांव के रैयतों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें।

झारखंड पुनरुत्थान अभियान के केंद्रीय महासचिव श्री अमृत माझी ने कहा कि अंग्रेजों को इस बात का एहसास हो गया था कि कोल्हान के हो लड़ाके अपनी जान दे देंगे, लेकिन अपनी खूंटकट्टी जमीन नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि कोल्हान के आदिवासियों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। फलस्वरूप आज भी मानकी-मुंडा स्वशासन व्यवस्था विद्यमान है।

बैठक में सुरा पूर्ति, सैमुअल पूर्ति, पादरी पूर्ति, चंपाई पूर्ति, विजय पूर्ति, खूटकट्टी रैयत रक्षा समिति के सचिव केदार नाथ कालुंडिया सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।

11/03/2026

“टेकराहातु पंचायत के कुंदुबेड़ा में कचरा प्लांट का प्रस्ताव, लोगों में आक्रोश।”

09/03/2026

पति की मौत को 24 साल, फिर भी भटक रही विधवा—हाईकोर्ट आदेश के बाद भी नहीं मिला मृत्युलाभ

चाईबासा। सरकारी विभागों की लापरवाही किस हद तक जा सकती है, इसका उदाहरण एक विधवा महिला की बेबसी से समझा जा सकता है। जानकारी के अनुसार मदुई कुई नामक एक विधवा महिला के पति जिला परिषद में कार्यरत थे। वर्ष 2002 में उनकी मृत्यु हो गई थी। नियमानुसार उनकी आश्रित पत्नी को मृत्युलाभ मिलना था, लेकिन आज तक उसे पूरा लाभ नहीं मिल पाया है।

बताया जाता है कि उस समय आश्रित विधवा को लगभग 60 हजार रुपये ही दिए गए थे, जबकि शेष 2 लाख 33 हजार रुपये बाद में देने की बात कही गई थी। लेकिन साल दर साल बीतते गए और विभागीय लापरवाही के कारण विधवा महिला को अब तक यह राशि नहीं मिल सकी। न्याय की उम्मीद में वह लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटती रही।

जब विभागीय स्तर पर सुनवाई नहीं हुई, तब मजबूर होकर आश्रित विधवा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने भी विभाग को आदेश दिया कि शेष 2 लाख 33 हजार रुपये विधवा को दिए जाएं। इसके बावजूद करीब 24 वर्ष बीत जाने के बाद भी उसे यह राशि नहीं मिल सकी।

यह मामला तब सामने आया जब झारखंड पुनरुत्थान अभियान के केंद्रीय महासचिव अमृत मांझी ने इस मुद्दे को उठाते हुए उप विकास आयुक्त (DDC) से मिलकर मामले से अवगत कराया। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की उदासीनता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।

अमृत मांझी ने बताया कि इस संबंध में कई बार उप विकास आयुक्त को पत्र के माध्यम से जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांग की है कि वर्ष 2002 से लंबित 2 लाख 33 हजार रुपये मूलधन के साथ-साथ 6 लाख 83 हजार 710 रुपये ब्याज सहित विधवा को भुगतान किया जाए। उनके अनुसार मूलधन और ब्याज मिलाकर कुल राशि 9 लाख 16 हजार 710 रुपये हो चुकी है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आश्रित विधवा को ब्याज सहित मृत्युलाभ नहीं दिया गया, तो इस मामले को अनुसूचित जनजाति आयोग तथा पुनः उच्च न्यायालय तक ले जाया जाएगा और संबंधित अधिकारियों को भी इस मामले में पक्षकार बनाया जाएगा।

07/03/2026

“अमेरिका और इज़रायल ने स्वार्थसिद्धि के लिए मानवता को तार-तार कर दुनिया को युद्ध में झोंक दिया। अब जब खुद की बर्बादी और अपनों को खोते हुए दिखने लगा, तो ट्रंप चाचा को डर से ईश्वर याद आने लगा।”

05/03/2026

RTI कार्यकर्ता Amrit Manjhi ने अधिकारियों पर नागरिकों को भ्रामक और अधूरा सूचना देकर गुमराह करने का आरोप लगाया।

सूचना का अधिकार, यानी Right to Information Act, 2005, नागरिकों को यह अधिकार देता है कि वे सरकारी कार्यालयों से किसी भी सार्वजनिक कार्य, योजना या खर्च से संबंधित जानकारी मांग सकें। इस कानून का उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

लेकिन कई मामलों में देखा गया है कि RTI होने के बावजूद कुछ पदाधिकारी लोगों को सही जानकारी देने के बजाय उन्हें गुमराह करने की कोशिश करते हैं। कभी अधूरी जानकारी दी जाती है, कभी अस्पष्ट उत्तर देकर मामले को टाल दिया जाता है, तो कभी समय सीमा के भीतर जवाब ही नहीं दिया जाता। इससे नागरिकों के अधिकारों का हनन होता है और सरकारी व्यवस्था पर लोगों का विश्वास भी कमजोर पड़ता है।

इसी संदर्भ में RTI कार्यकर्ता Amrit Manjhi ने West Singhbhum district के विभिन्न विभागों पर नागरिक अधिकारों के दुरुपयोग और आम नागरिकों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विगत छह माह से कई विभागों के पदाधिकारियों द्वारा उन्हें भ्रामक और अधूरी जानकारी दी जा रही है, जिससे RTI के अधिकारों का हनन हो रहा है।

अमृत मांझी का कहना है कि सूचना का अधिकार कानून नागरिकों को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दिया गया है, लेकिन कुछ अधिकारी इस कानून की भावना के विपरीत काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित विभागों के पदाधिकारी सही तरीके से सूचना उपलब्ध नहीं कराते हैं, तो वे इस मामले को न्यायालय तक ले जाएंगे।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी पदाधिकारियों को सूचना का अधिकार कानून का पालन करना होगा और मांगी गई सूचनाओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराना होगा। अन्यथा उन्हें कोर्ट के माध्यम से सूचना उपलब्ध कराने के लिए बाध्य किया जाएगा, जिसमें शुल्क के साथ-साथ जुर्माना भी देना पड़ सकता है।

इस पूरे मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का मानना है कि RTI जैसे महत्वपूर्ण कानून का सही ढंग से पालन होना चाहिए, ताकि आम लोगों को अपने अधिकारों के लिए भटकना न पड़े।

Photos from The Saranda's post 03/03/2026

Punjab National Bank ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) में निःशुल्क जुट प्रोडक्ट उद्यमी प्रशिक्षण शुरू

सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए सुनहरा अवसर है। Punjab National Bank Rural Self Employment Training Institute (RSETI) द्वारा 14 दिवसीय निःशुल्क जुट प्रोडक्ट उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण भारत सरकार से मान्यता प्राप्त है तथा पूर्णतः नि:शुल्क प्रदान किया जाएगा।

इस प्रशिक्षण में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के इच्छुक युवक-युवतियाँ भाग ले सकते हैं। प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक संचालित होगा। संस्थान की ओर से प्रतिभागियों को भोजन, छात्रावास, कॉपी-किताब एवं ड्रेस निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रशिक्षण के दौरान जुट उत्पाद निर्माण की संपूर्ण जानकारी दी जाएगी तथा सफल उद्यमी बनने के लिए आवश्यक कौशल और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उनका लाभ लेने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

पंजीयन की अंतिम तिथि: 08.03.2026
प्रशिक्षण प्रारंभ तिथि: 09.03.2026

आवश्यक दस्तावेज:
5 पासपोर्ट साइज फोटो, राशन कार्ड, आधार कार्ड, आवासीय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, स्कूल प्रमाण पत्र एवं बैंक पासबुक।

स्थान: आरसेटी, पंजाब नेशनल बैंक, दवानसाईं, सरायकेला।

संपर्क नंबर: 7479717293, 9199646025, 8789471135, 7250286385, 7007609159, 6200940892.

01/03/2026

बार-बार कटे पेड़ बन रहा मौत का कारण, पर व्यवस्था मौन।

चाईबासा। चाईबासा से चक्रधरपुर जाने वाली सड़क पर शंकोसाई गाँव के पास एक कटे हुए पेड़ से टकराने के कारण तीन दिनों के भीतर दो सड़क दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं। तीन दिन पूर्व इसी स्थान पर एक व्यक्ति की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। इसके बावजूद आज तक उस कटे पेड़ को न हटाया गया है और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

यह लापरवाही किसी और बड़ी अनहोनी को आमंत्रण दे रही है। प्रशासन की चुप्पी और उदासीनता आम नागरिकों की जान पर भारी पड़ रही है। तत्काल कार्रवाई कर सड़क किनारे से हटाया जाना और उचित संकेतक लगाना आवश्यक है, ताकि आगे कोई और परिवार शोक में न डूबे।

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