Rajendra sameeja

Rajendra sameeja

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Legal Advisor, Environmentalist, Forensic Expert

10/11/2024

अन्नदाता हुकुम एकलिंग दीवान, हिंदुआ सूरज, श्रीजी हुजूर महाराणा महेंद्र सिंह जी मेवाड़ को सादर नमन।
💐💐💐👏👏👏

Photos from Rajendra sameeja's post 06/09/2024

सुरेश जटीया निवासी बांसडा पुलिस थाना खेरोदा , वल्लभनगर जिला उदयपुर ( राज.) तीन साल पहले साऊदी अरब मे ड्राईवर की नोकरी सोच पेसा कमाने गया वहा उसे भारत से भेजने वाले कबुतर बाजो ने शेख के गुलाम के रूप मे भेज दिया चरवाहे का काम पकडा दिया ।
तीन साल तक पेसो के नाम क्या मिलता एक गुलाम को ?
सुरेश जेसे तेसे वहा से भागा दुसरी जगह नोकरी लगा पर शेख ने शिकायत कर दी सुरेश को साऊदी पुलिस ने जेल मे डाल दिया । मामला साऊदी कोर्ट मे चला शेख के पक्ष मे न्यायालय ने 20,000 रियाल 4.5 लाख का
हर्जाना भरने का आदेश हुआ ‌।
जब बात उदयपुर पहुँची तो हमारे साथी L.D शर्मा जी पुर्व पासपोर्ट अधिकारी ने जिम्मा लिया कि न्यायालय की प्रक्रिया , दुतावास की प्रक्रिया , भारत वापसी का प्रक्रिया का तकनीकी पुर्ती करेगें ।
शेष व्यवस्था टीम करेगी । पंजाब के
राज्यपाल कटारिया जी ने वल्लभनगर विधायक महोदय को सहयोग के लिए निर्देश दिए आर्थीक मदद के तोर पर उदयलाल जी डांगी ने 2.5 रूपयो का सहयोग करवाया।
शेष जिम्मेदारी हमारी टीम ने ली भामाशाहो प्रेरित किए व स्वयं के स्तर पर योगदान दिया ।
मेरे छोटे से अनुरोध पर चन्द्र प्रकाश जी मादरेचा वल्लभनगर , हमारे युवा खोज परिवार के दिनेश जी गरासिया , श्री शक्ति सिह जी झांझड( AEN ) ने हाथ बटाया ।
शेष CMHO दिनेश जी खराडी , चन्द्र सिह जी कोठारी पुर्व महापौर , वेणी राम जी सलावी , देवेन्द्र जी जावलिया पुर्व पार्षद , सुरेश जी खटीक ( RAS) ने योगदान दिया ।रियाद मे भारतीय दुतावास , विदेश मन्त्रालय , अप्रवासी भारतीय संघ की ओर से सहयोग रहा जिन्होंने रियाद से उदयपुर पहुँचने के यात्रा व्यय की व्यवस्था की । आज सुरेश जटीया उदयपुर एयरपोर्ट पहुँचे परिवार जन ओर हम लोगो ने स्वागत किया ।
एक विदेश मे फसे भारतीय को उदयपुर लाने का जो अभीयान था सफल हुआ सभी
का आभार 🙏
अब उन कबुतरबाजो के खिलाफ कार्यवाही
होगी जो भोले भाले ग्रामीणो को शिकार बनाते हे ।
" समाज ,जाति पाति , धर्म , से उपर उठ कर मानवाता की सेवा का एक कदम था जो सफल रहा "
🙏

Photos from Rajendra sameeja's post 29/06/2024

आज महारज कुमार विश्व राज सिह जी मेवाड विधायक नाथद्वारा से मेवाड के पर्यावरण ( झीलो ओर अरावली पर्वतमाला ) को लेकर कानूनी ओर जनहित के मुद्दो पर चर्चा
हुई

26/01/2023

मां‌ सरस्वती का आशिर्वाद सदा बना रहे ,
जिन्होंने मुझे ईश्वर की उपस्थिति मनुष्य मे होने का अहसास करवाया ।
दरिद्र नारायण की सेवा का सौभाग्य दिया ।
आज बसन्त पंचमी पर नमन करते हुए पुनः आपके चरणो मे निवेदन हे कि
आप की कृपा बनी रहे वाणी ,कलम , ओर मष्तिष्क मे आप बिराज मान रहे ।

14/02/2022

शनिवार 12 फरवरी 2022 को फोन पर हमें सूचना मिलती है की बेकरिया थाने मे पंचायती हो रही है, पंचायती किस बात की ? तो पता चला गैंगरेप की वो भी नाबालिग बच्ची की, घटना की पुष्टि और वास्तविक मामला जानना था । मामला गरासिया समाज का था और एक जागरूक व्यक्ति से घटना के बारे में जानकारी लेने को कहा । उन्होंने घटना की पुष्टि की ओर कहा कि श्रीमान् आप ही देख सकते हो मामला पंच पंचायती और राजनीतिक दबाव का है ।

पीड़ित परिवार से सम्पर्क हुआ जो खूब कोशिश कर उदयपुर पहुंचना चाहता था परन्तु पुलिस के दलाल निगरानी किये हुए थे, दिनांक 13/2/2022 को दोहपर उदयपुर निकलने की कोशिश भी की लेकिन मालवा का चोरा में रोक दिया , पर आज सुबह पीड़ित परिवार हमारे पास पहुंच ही गया ।

दास्ता नाबालिग गैंगरेप की एक भयानक और आत्मा को हिला देने वाली होती है । मौके से दो आरोपित को पुलिस को सौंपने के बाद थाने में पंचायती हुई । जिसके घटना मौके पर लड़के पकड़े गए वो वकील और ब्लाक अध्यक्ष ठहरा ।

सामान्यतः थाने में जो पंचायती वही होता है जिसका न्याय का पलड़ा मझबुत पक्ष में झुक जाता है । वहा पैसा और नेता का संरक्षण होता है । तोताराम जी बच्ची की ओर से एफ.आई.आर लिखते लिखते फोन आने पर थाने से खिसक लिए. कारण कुछ भी रहा हो ....... मां सरस्वती हर किसी को पीड़ित की सेवा का अवसर नही देती है......।
थानेदार जी आपसी झगड़ा बता कर समझौता बता देते है तथा आरोपित के वकील पिता खुद न्याय का देवता बन थाने में पीड़िता के बयान लिखता है ।

पर मौके से विडियो बन जाते है वो भी गैंगरेप कबुल करने का वो सबको पता नही था। फिर विडियो वायरल भी होते है थानाधिकारी , डिप्टी डिनायल मोड़ में रहते है क्योंकि संज्ञान में सबके था की बटवारा 4 लाख का होगा । 13/2/2022 तारिख को एसपी उदयपुर को पुरा वीडियो भेजा लेकिन कोई प्रतिक्रिया नही ।

14/2/2022 को पीड़ित परिवार हमारे लॉ चेम्बर पहुंचा, फिर घटनानुसार एफ.आई.आर की ड्राफ्टिंग हुई । पीड़िता के साथ हमारी‌ टीम‌ के एडवोकेट मंजु जी सोलंकी, एडवोकेट प्रवीण प्रजापत, एडवोकेट चन्द्र प्रकाश चोरडिया लॉ इंटर्न व सामाजिक कार्यकर्ता गौरव नागदा, दिव्या जोशी, गणेश वैष्णव सहित एसपी ऑफिस उदयपुर पहुंचे और एफ.आई.आर दर्ज करने के आदेश हुए है ।

पीड़िता बच्ची के साथ हुई घटना सहम गई है । खाना नही खा पा रही है पर इसके गुनाहगार नोट खा रहे है, पीड़िता ठीक से चल नही पा रही है पर इसके गुनाहगार नोटो की हवा में उड़ रहे है !
खाने ओर उडान भरने वालो के जमीन पर धूल -धुर्षित होने मे समय नही लगता हे । जब हाय उस निर्दोष नाबालिग बालिका की थी जिसको शक्ति का अवतार मान कर पुजा जाता हे । कहा तक बचते ...... याद रखे जो अपने समाज और परिवार की बच्ची की अस्मत का सौदा करा ले ऎसे लोग चाहे समाज के नेता हो, वकील हो या कोई अफसर हो । ये किसी का भला नही कर सकते है । समाज और जनमानस को जागरूक होना पड़ेगा ।

निःशुल्क पीड़ित की सेवा करने वाली हमारी लिगल टीम का बहुत बहुत धन्यवाद एवं शुभकामनाएं ।

राजेंद्र सिंह समीजा
M., LL.B
9602603281

Photos from Rajendra sameeja's post 12/09/2021

हमारी टीम कॆ लिए यह केस एक चैलेंज था क्योंकि सामान्यत: यह अपराध सहमति से सम्बन्ध स्थापित करने का था । आईपीसी 497 और IT एक्ट तक का था व ऎसी ही सोच पुलिस अधिकारियों की थी परन्तु हमे पता था IPC 497 में माननीय उच्चतम न्यायालय का क्या फैसला था ।
अपराध की फ्रेमिंग करते समय हमे आभास हुआ कि एक नाबलिग बच्चा इस कृत्य को देख रहा है या उसे दिखा कर किया जा रहा है । साथ ही बच्चे को भी इस कृत्य में शामिल किया गया और बस यही से पोक्सो एक्ट शुरू हो गया । वीडियो बनाने और वायरल होने से चाईल्ड प्रोनोग्राफी भी शामिल हो गई । हमारे साथी , एडवोकेट प्रकाश जी लाम्बा जयपुर से, एडवोकेट ओम प्रकाश जी नागोर, एडवोकेट मंजु जी उदयपुर , के साथ जुड़कर क्राईम की फ्रेमिंग की और पुलिस थाने चितावा नागोर ओर SP कार्यालय नागोर में पीड़ित की ओर से FIR पेश हुई । यह कठिन कार्य था लेकिन अपराध की पुष्टि और उसकी फ्रेमिंग करने के बाद अपराध का सही पता चलता है । जब अपराध रिकोर्ड पर आया तो पुलिस अधिकारी सकते मे थे ,कानून की पुस्तके खंगाल रहे थे निर्देश ले रहे थे ।
अपराध की गम्भीरता का अहसास प्रस्तुत FIR से हुअ एक दुसरे को बचाने या वसुली के चक्कर मे स्वीमिंग पुल मे डुबते गए । सुना है लम्बी लाईन है । जुलाई महिने की 26 तारिख को जयपुर के कालवाड थाने मे इस विडियो का मामला दर्ज हो चुका था लेकिन उच्चाधिकारी हर स्तर पर दबाते रहे । यही हाल पुलिस थाना चितावा नागौर का रहा जहां संज्ञेय अपराध मे मुकदमा दर्ज नही किया जा रहा था । SP नागौर और जयपुर के SP को पुरी तरह मामला ध्यान मे था ।‌ पर किसी ने पोक्सो एक्ट की धारा 11(1)(2) व 12 ,13(b)(c) IT एक्ट की धारा 67 A, 67B में गम्भीर अपराध कारित हो चुका है इसकी समझ नही थी । जिन पुलिस अधिकारियों के संज्ञान मे यह मामला था या जहा FIR दर्ज करने हेतु दी गई यह पोक्सो एक्ट मे मामला दर्ज नही किया जिसमे नागोर SP ,नागोर एडिशनल एस पी राजेश मीणा , CO कुचामन मोटा राम , ओर थानाधिकारी चितावा, प्रकाश मीणा के खिलाफ पोक्सो एक्ट की धारा 19 (2) मे अपराध दर्ज होना चाहिए ।
पोक्सो एक्ट मे अपराध दर्ज नही करना भी एक पोक्सो का अपराध हे जो पोक्सो एक्ट की धारा 19 मे परिभाषित होकर धारा 21 मे दण्ड का प्रावधान हे । यही अपराध करना हरिशंकर शर्मा ACP झोटवाडा ओर SHO कालवाड गुरूदत्त सेनी पर बनता हे ।
कानुन IPC CRPC से चलता हे किसी पुलिस अधिकारी को यह गलत फहमी नही होनी चाहिए। कि उनके IPS या RPS होने से कानून चलता हे ।‌

जब वायरल विडियो और मामला DGP श्रीमान् M.L. लाठर सर तक पहुँचाया गया ‌।
श्रीमान् लाठर सर ने अपराध की गम्भीता को समझ पुलिस की स्वच्छ छवी को लेकर त्वरित कार्यवाही कर एक के बाद एक छः पुलिस अधिकारियों को निलम्बित किया । जिसमे चार RPS अधिकारी है
श्रीमान् न्यायप्रिय लाठर सर का आभार और सेल्युट । तेजाराम प्रकरण के बाद इस नागौर के प्रकरण में न्याय करने के लिए साधुवाद ।‌

राजेन्द्र समीजा

Photos from Rajendra sameeja's post 27/06/2021

कोटडा प्रवास
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अनायास फोन‌ पर एक पीड़ित की ‌पीडा से लोगो से जुडाव हो ‌जाता हे ,बरसो‌ के सम्बन्ध निकल‌ आते हे ।
ऎसा ही कोटडा के‌‌ प्रवास पर अनुभव हुआ हमारे से पहले जिले के पुलिस अधिक्षक‌ मिटिग ले रहे थे शायद चुने हुए जनप्रतिनिधियो की बैठक थी या CLG की‌ हो‌ शायद वो गाँव के पीड़ित की आवाज बहुत बार नही बन पाती है।
हम‌ निर्धारित कार्यक्रम अनुसार ठेठ देहात मे 7 किलोमीटर गुजरात बोर्डर क्रोस कर आगे के राजस्थान की सीमा की पंचायत 16 km आगे महाद पहुँचे बस पुराने इतिहास की पिता से जनाकारी ले कर गया था स्टेट टाईम ‌की परम्परागत रूप से वहा के मुखी की नियुक्ति पानरवा ठिकाने से होती थी ।मेरे दाता (पिता )ने बताया कि 60.वर्ष पुर्व महाद के बडळे (वटवृक्ष ) के निचे कालु मुक्खी
( गाव का मुखिया) ‌ की पाग बन्धाई के लिए रूके थे, तब पानरवा राणा साहब मोहब्बत सिह जी‌ थे काला मुक्खी को आज भी याद किया जाता है।
आज भी मेला भरता है, हनुमान जी का मन्दिर है ।
वट की स्मृतियाँ मौन थी, पर आखों मे जीवन्त हो गई । वृक्ष और परिवार की जडे कितनी मझबुत होती हे अब समझ
आया ।
दातोड गाँव मे रमेश भाई के यहा रूकना निर्धारित था क्योंकि हमे आदिवासी अंचल मे उनकी समस्याओं समझना था ओर उन सब लोगो को अनुभव करवाना था हम उनसे अलग नही है।
एक कमरे मे सभी साथी ठहरे भोजन के बाद समस्या पर विचार विमर्श का लम्बा दोर चला । उस रात चार दिन से बिजली आई थी वो भी मात्र आधे घंण्टे के लिए गाँव के इलेक्ट्रीफाईड होने का सबुत दिया ।
बिना पंखे लाईट रात गुजारना तय था ।
राजनीतिक सक्रियता से लेकर पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था , पंचायत राज ओर धर्म परिवर्तन तक पर खुल कर चर्चा हुई ।
प्रधानमंत्री आवास के पैसे मन चाहे खाते मे जाते हे,GEO टेगिग मे भी सेंध लगती हे स्वच्छ. भारत अभियान. के कुछ टायलेट जागरूक लोगो के नजर आए ।
बाकी नशे का व्यापार नाथु के हाथ है।‌
अब नाथु कौन हे ,नही जाना । हथ कढ सामान्य प्रचलन मे है ‌।
कोटडा के हेरिटेज बिल्डिग जिसमे कोर्ट हुआ करता था, कंक्रिट की नई बिल्डिंग बन गई नई ईजिनियरिग मे विकास ऎसे ही होता होगा ।
पुरा देवला से कोटडा माहद तक घटीया गौरव पथ नजर आए ड्रेनेज नाम मात्र का था । मीणा साहब लम्बे समय से Xen है, वही जबाव देह होगे ओफिस मे सोमवार को दिखे नही मिलना नही हो पाया ‌ ।
ईसाई बने परिवार ने उदयपुर से का बर्थ डे केक लाने का अनुरोध भी हमने पुरा किया सुबह केक काटा। लोग बहुत से कनवर्ट हुए हे घर वापसी को तेय्यार हे ।
मुल संस्कृति मे कोई परिवर्तन नही हे केवल नाम थोमस , एन्थनी ,एलेकजेन्डर हे ‌।
भोपा, देवरा , राम राम वही ।

कोटडा CO भुपेन्द्र जी से मुलाकात की
नए है, पुलिस मे ज्यादा अपेक्षा नही कर सकते ‌ पुरी कोटडा वृत की पुलिस महिला कानूनो से अनभिज्ञ नजर आई ।
वेसे अपडेशन होना चाहिए ।
सुबह पीडितो से मिलना हुआ शायद लोग सोच नही पाए की हम शहर से लोग उनके पास आ सकते हे ‌।
गजब का उत्साह ओर विश्वास था उनमे अचरज भी था ये लोग हमारे लिए उदयपुर कोर्ट मे बयान करवाने आ सकते ओर हमारे गाँव हमारी पीडा जानने भी आ सकते हे ।
रमेश भाई , सोहन भाई , ईशु भाई के लिए कृष्ण सुदामा का मिलन कहे ।
कृष्ण ये लोग हे ,जो इतने लोगो की पहुँच मे है। जो बन पडे सेवा करते है ,और पीड़ित की आवाज बनते है।
हम. ठहरे सुदामा शहर की बोल चाल व्यवहार की दरिद्रता तो है ही, जो पीड़ित से संवाद के लिए ट्रांसलेटर की जरूरत पड रही थी ।
पीडित का हमारे लिए शबरी का परिवार के समान था निश्छल प्रेम अनन्त
आशाएं लिए आया था.......
एक RI किस तुनक मिजाजी मे था कि उसके जाति प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर नही कर रहा था . ....
पीडित प्रतिकर का मामला था संवेदन हीनता इसी को कहते है।
सात दिन से तहसील मे चक्कर काट रहा परिवार CO कोटडा को मामला अवगत करवाया ।
एक गरीब व्यक्ति पोपतट जोगी का अनोखा मामला आया उसकी पत्नी की दुर्घटना मे मृत्यु होने पर उसके प्रतिकर की राशी वकील दबा कर बेठा हे ।
बेंक डायरी, चेक बुक ,ATM , FD. सब कुछ वकील के पास ........ मन चाहे तब तीन पाँच हजार दे देता हे ‌।
उसे भी रूपये दिलाने हे बुढी आखो‌ मे आशा कभी निराशा मे नही बदलना ही हनारा मिशन हो जता हे ।
लड़कियों का बेचान बहुत बडी समस्या थी दिलावर के कारनामे बताए 50. से ज्यदा बच्चिया बेच दी बताते हे पुलिस मे सेटिंग है। कोई कुछ नही बोलता अबकी बार सही से फाईल खुली है, चाह कर कोई नही बचा सकता ‌ ।
रमेश भाई सोहन जी गमार ईश्वर जी जागरूक लोग है,पर उन्हे ‌ लगता हे उन्हे हमारे सहयोग की आवश्यकता हे ‌ ।
ये साथी हमसे ज्यादा समझ रखते है ‌‌.....
वास्तव मे हमसे ज्यादा व्यवहारिक समझ उनमे थी ।
‌रमेश भाई पाचवी पास है, पर समझ मे ग्रेजुएट है ।
सही मे हम उन्हे विश्वास दिलाने महाद तक पहुँचे ‌। ‌वही उन्ही के घर का ‌ बनाया ओर सब के साथ बेठक भोजन का आनन्द अलग था । मक्का की रोटी उडद की दाल और खरड पर पिसी लाल मिर्च ओर लहसुन की चटनी । विश्राम के बाद लगा कोटडा के सफर बहुत बाकी है ‌ ।‌
हमारे साथ जामुन, मुंग, खजुर साथ बाधे थे। ‌‌स्मृतियों के लिए
कोटडा के वनवासी आतिथ्य को नमन🙏

24/05/2021

मेरे द्वारा 1 मई 2019 को तत्कालीन जिला कलेक्टर श्रीमती आनन्दी को लिखित ज्ञापन देकर UIT पेरिफेरी के 46 तालाबो मे अतिक्रमण को हटाने लिखा था ।‌
8 मई 2019 को जिला कलेक्टर के आदेश पर एक कमेटी गठीत कर तत्कालीन गिर्वा तहसीदार श्रवण सिह ,UIT तहसीलदार , बडगाव तहसीलदार व जल संसाधन विभाग के अधिषाशी अभियन्ता को 9 दिन मे अतिक्रमण चिन्हित करने को लिखा गया उस समय 15 तालाबो मे अतिक्रमण चिन्हित हो गए थे कुल
31 तालाबो का शेष था
तब चुनाव होने ओर बाद श्रीमती आनन्दी का स्थानांतरण होने से काम रूक गया ।‌
तब बडे बडे माफियाओ के बेदला ,बडगाव, भुवाणा , सोभागपुरा मे अतिक्रमण चिन्हित हुए थे ।‌
पर इस रिकोर्ड को सार्वजनिक नही किया गया न अतिक्रमण हटाए गए ये प्राकृतिक बहाव को अवरोध पेदा किया या उसकी दिशा परिवर्तन की या पाट दिया तो माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय अब्दुल रहमान बनान राजस्थान भ के निर्णय की अवमानना होती हे यह जल श्रोत्र 1947 की स्थिति मे पुनः लाने का सरकार का दायित्व हे
उदयपुर अपने पहाडो झीलो ओर तालाबो से जाना जाता हे इसका रिकार्ड सार्वजनिक होना चाहिए । चाहे आहड नदी पेटे या झील तालाबो मे अतिक्रमण हो या पहाड विनियम 2018 हो UIT ओर नगर निगन के पोर्टल पर होने चाहिए ‌‌।
पर सब गयाब सूचनाएँ भुमाफियाओ की सूविधाओ के अनुसार प्रदर्शित करते हे ओर प्रदान करते हे ।

11/03/2021

" बत्तमीजी का विरोध करना सीखे "
चाहे पुलिस हो ,अफसर हो नेता हो ,या कोई ओर। संविधान के अनुसार जनता मालीक हे ।
ये सब सेवक हे सेवक को उसको सेवा का अहसास कराने के लिए हमे अधिकार पुर्वक अपने मालिक होने का
भाव जगाना होगा
राजेन्द्र समीजा

30/01/2021

गाँधी जो विचारो मे जीवित हे
...............................................

"गाँधी " एक मानवीय विचार धारा हे । गाँधी मर नही सकता जब तक इन्सान जिन्दा हे ।
मेरा गाँधी जी से वैचारिक जुडाव यह भी रहा की सुटबुट वाले बेरिस्टर ने एक लंगोटी इसलिए धारण कर ली कि अपने को आम आदमी दिखाना था ।‌
अपनी मिट्टी ओर अपने लोगो से जुडना था ।
पोराणीक कथाओं मे राजा भेष बदल कर प्रजा के हालात जानते थे ।
गाँधी स्थाई रूप से भेष बदल लिया ।
वो जन सामान्य के हो कर रहे ।‌
आज जो कमी खलती हे सत्ता अपने ही नागरिकों से संवाद नही करती हे ।
सुनने की क्षमता भी सत्ता मे नही रही । जब पुरा देश गाँधी से जुडा था सुबह की प्रार्थना सभा ओर शाम के प्रवचन संवाद के माध्यम थे ।
यह संवाद एक तरफा नही होते थे सवाल जबाब ओर एक हल्का माहोल करने वाली बाते गाँधी जी किया करते थे ।
जब 565 रियासतों का एकिकरण की बात आई वल्लभ भाई केवल गाँधी जी के संवाद ओर पत्रो का माध्यम बने वास्तविक प्रेरणा श्रोत्र गाँधी जी की त्याग ओर उनकी जीवन शेली ओर विचार थे ।‌ जिससे राजे रजवाडो ने अपनी सत्ता जनता को समर्पित की ।
गाँधी जी का धेर्य मुझे सबसे ज्यादा प्रेरित करता हे 1942 भारत छोड़ो आंदोलन में कई विरोधी खड़े हुए थे जिसमें कम्युनिस्ट संघी और कई लोगों का विरोध था लेकिन गांधी अपने पथ पर आगे बढ़ते रहें उन्होंने कभी इन व्यक्तियों का दलों का और विचारधाराओं का विरोध नहीं किया यह उनका बड़प्पन था यदि गांधी उस समय राष्ट्रीय सेवक संघ यह कम्युनिस्ट हिंदू सभा या अन्य संगठनों का विरोध करते या उन्हें देशद्रोही करा देते तो यह लोग आज भी उस लेबल से छुटकारा नहीं पाया होता ।
श्री गांधी के बड़े हृदय का परिचायक है आजादी के बाद भी सत्ता के प्रति कोई मोह नही रहा ।
गाँधी ऎसा व्यक्तित्व था जो विरोधियो की विचारधाराओं मे भी जीवित रहा आज भी देश मे गाँधी के विचार प्रासंगिक हे क्योकि समाज मे मानवता के दर्शन के साथ समाज के अन्तिम व्यक्ति के प्रति उनकी सोच हमेशा उनको जीवित रखती हे । आज पुण्य तिथी पर
विनम्र श्रद्धाजंली 🙏
राजेन्द्र समीजा

01/12/2019

लोकतंत्र मे वोट देना एक एक दिन प्रक्रिया मात्र हे
सच्चा लोकतंत्र तब कहलाएगा जब सत्ता से 4 साल 363 दिन सवाल पुछने की जागृति आ जाए

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