17/03/2026
*भारत के इस सपूत ने कर दिखाया कमाल•••करोड़ों की एमआरआई मशीन अब 40% सस्ती••••!*
*अक्सर हम विदेशी तकनीक और वैज्ञानिकों की तारीफ करते नहीं थकते!*
*लेकिन जब कोई भारतीय इंजीनियर अपने देश लौटकर कुछ बड़ा करता है!*
*तो मीडिया उसे नजरअंदाज कर देती है!*
*आज बात उस शख्स की, जिसने 12 साल की तपस्या के बाद भारत को स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है!*
*अर्जुन अरुणाचलम जिन्होंने अमेरिका में अपना शानदार रिसर्च कैरियर छोड़ दिया ताकि भारत के लिए कुछ कर सकें!*
*बैंगलोर बेस्ड स्टार्टअप-'VoxelGrids'•••12 साल की मेहनत के बाद भारत का अपना स्वदेशी एमआरआई स्कैनर तैयार किया!*
*विदेशी मशीनों से 40% सस्ती और बेहतर!*
*किफायती निर्माण: यह मशीन विदेशों से आयात होने वाली मशीनों की तुलना में ~40% सस्ती है!*
*हीलियम-मुक्त तकनीक: पारंपरिक एमआरआई मशीनों में बहुत महंगा 'लिक्विड हीलियम' लगता है!*
*लेकिन यह मशीन उसे इस्तेमाल नहीं करती, जिससे इसकी मेंटेनेंस और ऑपरेटिंग कॉस्ट बहुत कम हो जाती है!*
*कॉम्पैक्ट और पावरफुल: यह 1.5 टेस्ला स्कैनर है जो बिजली की खपत भी कम करता है!*
*सुलभ स्वास्थ्य: जहाँ विदेशी मशीनें ₹8-15 करोड़ तक आती हैं, यह स्वदेशी विकल्प छोटे शहरों के अस्पतालों के लिए भी मुमकिन होगा!*
*इसकी पहली मशीन महाराष्ट्र के चंद्रपुर कैंसर केयर फाउंडेशन में सफलतापूर्वक क्लिनिकल इस्तेमाल में है!*
*बड़े ऑर्डर: टाटा ट्रस्ट्स (Tata Trusts) और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन जैसे बड़े संस्थानों से इसे ऑर्डर मिल चुके हैं!*
*मशहूर भारतीय टेक कंपनी जोहो कार्पोरेशन ने इसे फंडिंग देकर आगे बढ़ाया है!*
*भारत में आज भी 90% से ज़्यादा एमआरआई मशीनें सीमेंस और जीई जैसी विदेशी कंपनियों से आती हैं!*
*क्या आपको लगता है कि मीडिया को ऐसे 'स्वदेशी नायकों' को ज़्यादा जगह देनी चाहिए!!*

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