24/02/2025
शुभ प्रभात मित्रों,
हम कितना भी तेज दौड़ लें लेकिन समय से आगे नहीं निकल सकते । क्योंकि समय से मुलाक़ात हर क्षण होगी हर पल होगी । समय से आगे कैसे निकल सकते हैं। क्योंकि हम समय के नियंत्रण में हैं समय हमारे नियंत्रण में नहीं ।अतः समय हर क्षण हमे सिखाता है कि हमारे साथ चलो साथ जियो । जीवन में दौड़ने से किसको क्या कुछ मिला है । कुछ भी तो नहीं । दौड़ने से भी व्यक्ति मृत्यु के क़रीब ही पहुंचता है । अर्थात् हर पल को हर समय को जीना सार्थक है उससे दौड़ नहीं। Divided by a political party united by friendship बीते कल Md Shabbir Khan भाई के कार्यक्रम मे उनके साथ..
08/03/2024
कर्पूर गौरमं कारुणावतारं, संसार सारम भुजगेंद्र हारम |
सदा वसंतां हृदयारविंदे, भवम भवानी साहितम् नमामि ||
भगवान शिव और माता पार्वती के वैवाहिक दिवस महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं ।
05/01/2024
अयोध्या में निर्माणाधीन श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की विशेषताएं:
1. मंदिर परम्परागत नागर शैली में बनाया जा रहा है।
2. मंदिर की लंबाई (पूर्व से पश्चिम) 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट तथा ऊंचाई 161 फीट रहेगी।
3. मंदिर तीन मंजिला रहेगा। प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई 20 फीट रहेगी। मंदिर में कुल 392 खंभे व 44 द्वार होंगे।
4. मुख्य गर्भगृह में प्रभु श्रीराम का बालरूप (श्रीरामलला सरकार का विग्रह), तथा प्रथम तल पर श्रीराम दरबार होगा।
5. मंदिर में 5 मंडप होंगे: नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना मंडप व कीर्तन मंडप
6. खंभों व दीवारों में देवी देवता तथा देवांगनाओं की मूर्तियां उकेरी जा रही हैं।
7. मंदिर में प्रवेश पूर्व दिशा से, 32 सीढ़ियां चढ़कर सिंहद्वार से होगा।
8. दिव्यांगजन एवं वृद्धों के लिए मंदिर में रैम्प व लिफ्ट की व्यवस्था रहेगी।
9. मंदिर के चारों ओर चारों ओर आयताकार परकोटा रहेगा। चारों दिशाओं में इसकी कुल लंबाई 732 मीटर तथा चौड़ाई 14 फीट होगी।
10. परकोटा के चारों कोनों पर सूर्यदेव, मां भगवती, गणपति व भगवान शिव को समर्पित चार मंदिरों का निर्माण होगा। उत्तरी भुजा में मां अन्नपूर्णा, व दक्षिणी भुजा में हनुमान जी का मंदिर रहेगा।
11. मंदिर के समीप पौराणिक काल का सीताकूप विद्यमान रहेगा।
12. मंदिर परिसर में प्रस्तावित अन्य मंदिर- महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज, माता शबरी व ऋषिपत्नी देवी अहिल्या को समर्पित होंगे।
13. दक्षिण पश्चिमी भाग में नवरत्न कुबेर टीला पर भगवान शिव के प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है एवं तथा वहां जटायु प्रतिमा की स्थापना की गई है।
14. मंदिर में लोहे का प्रयोग नहीं होगा। धरती के ऊपर बिलकुल भी कंक्रीट नहीं है।
15. मंदिर के नीचे 14 मीटर मोटी रोलर कॉम्पेक्टेड कंक्रीट (RCC) बिछाई गई है। इसे कृत्रिम चट्टान का रूप दिया गया है।
16. मंदिर को धरती की नमी से बचाने के लिए 21 फीट ऊंची प्लिंथ ग्रेनाइट से बनाई गई है।
17. मंदिर परिसर में स्वतंत्र रूप से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, अग्निशमन के लिए जल व्यवस्था तथा स्वतंत्र पॉवर स्टेशन का निर्माण किया गया है, ताकि बाहरी संसाधनों पर न्यूनतम निर्भरता रहे।
18. 25 हजार क्षमता वाले एक दर्शनार्थी सुविधा केंद्र (Pilgrims Facility Centre) का निर्माण किया जा रहा है, जहां दर्शनार्थियों का सामान रखने के लिए लॉकर व चिकित्सा की सुविधा रहेगी।
19. मंदिर परिसर में स्नानागार, शौचालय, वॉश बेसिन, ओपन टैप्स आदि की सुविधा भी रहेगी।
20. मंदिर का निर्माण पूर्णतया भारतीय परम्परानुसार व स्वदेशी तकनीक से किया जा रहा है। पर्यावरण-जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुल 70 एकड़ क्षेत्र में 70% क्षेत्र सदा हरित रहेगा
26/12/2023
देह शिवा वर मोहि इहै, सुभ करमन ते कबहूं न टरौं !!
न डरौं अरि सों जब जाइ लरौं, निश्चय कर अपनी जीत करौं
मातृभूमि, धर्म और स्वाभिमान के लिए अपने प्राणों का बलिदान करने वाले, श्रद्धेय गुरु गोबिंदसिंह जी के दोनो लाल शहीद जोरावर सिंह जी और शहीद फतेह सिंह जी के बलिदान दिवस 'वीर बाल दिवस' पर उन्हें कोटि-कोटि नमन व भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
#वीर_बाल_दिवस
23/03/2023
Pvt. School मे हर वर्ष इन सभी लगने वाले charges का क्या तात्पर्य है अगर कोई बच्चा पिछले 6 वर्षो से पढ़ रहा हो तो...
19/05/2022
#आखिर_कौन_थे_?
#सम्राट_पृथ्वीराज_चौहान
पूरा नाम :- पृथ्वीराज चौहान
अन्य नाम :- राय पिथौरा
माता/पिता :- राजा सोमेश्वर चौहान/कमलादेवी
पत्नी :- संयोगिता
जन्म :- 1149 ई.
राज्याभिषेक :- 1169 ई.
मृत्यु :- 1192 ई.
राजधानी :- दिल्ली, अजमेर
वंश :- चौहान (राजपूत)
आज की पीढ़ी इनकी वीर गाथाओ के बारे मे बहुत कम जानती है..!!
तो आइए जानते है.. सम्राट पृथ्वीराज चौहान से जुडा इतिहास एवं रोचक तथ्य,,,
'(1) प्रथ्वीराज चौहान ने 12 वर्ष कि उम्र मे बिना किसी हथियार के खुंखार जंगली शेर का जबड़ा फाड़ डाला था।
(2) पृथ्वीराज चौहान ने 16 वर्ष की आयु मे ही महाबली नाहरराय को युद्ध मे हराकर माड़वकर पर विजय प्राप्त की थी।
(3) पृथ्वीराज चौहान ने तलवार के एक वार से जंगली हाथी का सिर धड़ से अलग कर दिया था।
(4) महान सम्राट प्रथ्वीराज चौहान की तलवार का वजन 84 किलो था, और उसे एक हाथ से चलाते थे ..सुनने पर विश्वास नहीं हुआ होगा किंतु यह सत्य है..
(5) सम्राट पृथ्वीराज चौहान पशु-पक्षियो के साथ बाते करने की कला जानते थे।
(6) महान सम्राट पुर्ण रूप से मर्द थे, अर्थात उनकी छाती पर स्तंन नही थे ।
(8) प्रथ्वीराज चौहान 1166 ई. मे अजमेर की गद्दी पर बैठे और तीन वर्ष के बाद यानि 1169 मे दिल्ली के सिहासन पर बैठकर पूरे हिन्दुस्तान पर राज किया।
(9) सम्राट पृथ्वीराज चौहान की तेरह पत्निया थी। इनमे संयोगिता सबसे प्रसिद्ध है..
(10) पृथ्वीराज चौहान ने महमूद गोरी को 16 बार युद्ध मे हराकर जीवन दान दिया था..
और 16 बार कुरान की कसम का खिलवाई थी।
(11) गोरी ने 17 वी बार मे चौहान को धोखे से बंदी बनाया और अपने देश ले जाकर चौहान की दोनो आँखे फोड दी थी ।
उसके बाद भी राजदरबार मे पृथ्वीराज चौहान ने अपना मस्तक नहीं झुकाया था।
(12) महमूद गोरी ने पृथ्वीराज चौहान को बंदी बनाकर अनेको प्रकार की पीड़ा दी थी और कई महीनों तक भूखा रखा था..
फिर भी सम्राट की मृत्यु न हुई थी।
(13) सम्राट पृथ्वीराज चौहान की सबसे बड़ी विशेषता यह थी की वे शब्द भेदी बाण की कला जानते थे, जो कि अयोध्या नरेश "राजा दशरथ" के बाद..केवल उन्ही मे थी।
(14) पृथ्वीराज चौहान ने महमूद गोरी को उसी के भरे दरबार मे शब्द भेदी बाण से मारा था। गोरी को मारने के बाद बही वे दुश्मन के हाथो नहीं मरे..
अर्थात अपने मित्र के हाथो मरे दोनो ने एक दुसरे को मार लिया.. क्योंकि और कोई विकल्प नहीं था ।
दुख होता है कि इतिहास की पुस्तकों में टीपू सुल्तान, बाबर, औरँगेज, अकबर जैसे हत्यारो से भर दिया और पृथ्वीराज जैसे योद्धाओ को नई पीढ़ी को पढ़ने नही दिया बल्कि इतिहास छुपा दिया।
05/05/2022
त्याग
रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अम्बानी के राइट हैंड और रिलायंस इंडस्ट्रीज के वाइस प्रेसिडेंट, श्री श्री प्रकाशभाई शाह मुंबई में विगत 25 अप्रैल को जैन दीक्षा लेकर सन्यासी बने।!इस महानायक ने पुनः सिद्ध किया कि पैसा सबकुछ नहीं होता है। ज्ञात हो कि इनकी सेलरी 75 करोड रूपया सालाना है।
जिस देश मे भारत की संस्कृति को बार बार घायल करने वाले अमिताभ बच्चन जैसे धन के भूखे लोग रहते हैं,उसी देश मे ऐसे ऐसे महानायक भी है, सोच सोचकर मन श्रद्धा से भर उठता है।