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Banaras or Varanasi
'बनारस' और 'काशी' भी कहते हैं। इसे हिन्द?
08/03/2025
मसान की होली (Masan Holi 2025 Varanasi) काशी के महाश्मशान (मणिकर्णिका घाट) पर खेली जाती है, जहां चिताएं दिन-रात जलती रहती हैं. इसे मृत्यु से जुड़े भय को दूर करने का प्रतीक माना जाता है. इस साल मसान होली 11 मार्च को मनाई जाएगी. मान्यता है कि काशी में स्वयं महादेव संन्यासियों और औघड़ों के साथ होली खेलते हैं.
03/10/2023
जय बाबा विश्वनाथ की जय...हर हर महादेव....
18/05/2022
14 वे शतक मे लिखे गए गुरुचरित्र ग्रंथ मे इस तीर्थ का वर्णन आया है....Om Namah Shivay
17/05/2022
1890 :: Wall of Kashi Vishwanath Temple ( Temple Was Destroyed by Mughal Emperor Aurangzeb) Now Part of Gyan Vapi Mosque , Varanasi
( Photo - ASI Archive )
17/05/2022
ज्ञानवापी मस्जिद विवाद: हिंदू पक्ष ने किया शिवलिंग होने का दावा, तस्वीरें आईं सामने
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मुस्लिम पक्ष ने दावे को किया खारिज
उधर विश्व हिंदू परिषद भी शिवलिंग के दावे को मंदिर का पुख्ता साक्ष्य मान रहा है. सर्वे में क्या मिला? शिवलिंग के दावे के बाद हर किसी के मन में ये जानने की जिज्ञासा कहीं ज्यादा बढ़ गई है. कोर्ट की हिदायत के चलते कोई भी पक्ष इस बारे में खुलकर कुछ भी नहीं कह रहा है .हिंदू पक्ष ने अपनी ओर से कुछ दावा किया तो मुस्लिम पक्ष ने दावे को गलत बता दिया.
04/02/2022
महाभारत में वाराणसी का उल्लेख
महाभारत में वाराणसी का उल्लेख अनेक स्थलों पर हुआ है। महाभारत से इस तथ्य की पुष्टि होती है कि बरना का ही प्राचीन नाम वाराणसी था। आदिपर्व में काशिराज की पुत्री सार्वसेनी का विवाह दुष्यंत के पुत्र भरत के साथ होने का विवरण मिलता है। एक अन्य स्थल पर भीष्म द्वारा काशिराज की तीन पुत्रियों- अंबा, अंबिका और अम्बालिका के स्वयंवर में जीते जाने का उल्लेख है।
काशी के शासक प्रतर्दन तथा मिथिला के शासक जनक के मध्य युद्ध की चर्चा भी महाभारत में मिलती है। व्यास की सतसाहस्त्री संहिता में काशी का उल्लेख दो प्रसंगों में हुआ है- तीर्थ के रूप में। महाभारत के युद्ध में पांडवों की ओर से लड़ने के प्रसंग में। वाराणसी में गंगा नदी के घाट रोचक है कि वाराणसी का तीर्थरूप में वर्णन सबसे पहले महाभारत में ही हुआ है।
वनपर्व में पांडवों के अज्ञातवास के अवसर पर उनके काशी आने का उल्लेख मिलता है। इसी पर्व में उल्लेखित है कि उस समय काशी में ‘कपिलाहद’ नामक तीर्थ बड़ा प्रसिद्ध था। यही तीर्थ आजकल कपिलधारा के नाम से विख्यात है और नगर के भीतर न होकर पंचक्रोशी के प्रदक्षिणा मार्ग में अवस्थित है।
महाभारत युद्ध में काशिराज का पांडवों की ओर लड़ने का प्रसंग आता है। काशिराज का युद्धक्षेत्र में सुवर्ण्य माल विभूषित घोड़ों पर चढ़ने का तथा पांडव सेना के बीच तीन हज़ार रथों के साथ स्थित रहने का उल्लेख मिलता है। उल्लेखनीय है कि यहाँ काशी के राजा का उल्लेख ‘काशिराज’ अथवा ‘काश्य’ शब्दों से किया गया है। परंतु काशी का कौन-सा राजा महाभारत युद्ध में लड़ने गया था, उसके नाम का उल्लेख नहीं मिलता।
महाभारत में एक जगह कृष्ण द्वारा वाराणसी के जलाए जाने का वर्णन है।जिसकी पुष्टि विष्णुपुराण से भी होती है।
साभार bhartdiscovery.org
19/01/2022
आया है सो जायेगा, राजा रंक फकीर ऐक सिंहासन चढ़ि चले, ऐक बांधे जंजीर।
इस संसार में जो आये हैं वे सभी जायेंगे राजा, गरीब या भिखारी,पर एक सिंहासन पर बैठ कर जायेगा और दूसरा जंजीर में बंध कर जायेगा। धर्मात्मा सिंहासन पर बैठ कर स्वर्ग और पापी जंजीर में बाॅंध कर नरक ले जाया जायेगा।
13/12/2021
माँ गंगा की गोद में उनके स्नेह ने कृतार्थ कर दिया। ऐसा लगा जैसे माँ गंगा की कलकल करती लहरें विश्वनाथ धाम के लिए आशीर्वाद दे रही हैं।
हर हर महादेव।
हर हर गंगे।
12/12/2021
कल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी काशी में बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर का लोकार्पण कर उसे देश को समर्पित करेंगे।
मोदीजी ने सदियों से उपेक्षित सनातन संस्कृति के आस्था केंद्रों का गौरव व वैभव लौटाने का भगीरथ कार्य किया है।
बाबा मशान नाथ की जय
30/11/2021
बाबा केदारनाथ का विहंगम दृश्य।
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Kash
Varanasi
221002
